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स्टूडेंट्स जरुर पढ़ें: भारत में एजुकेशन लोन की खास जानकारी

हमारे देश में अब बैंक्स भी स्टूडेंट्स को एजुकेशन लोन्स दे रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स बिना किसी फाइनेंशियल रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें हायर एजुकेशनल क्वालिफिकेशन हासिल कर सकें.

Sep 5, 2018 17:08 IST
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Education Loan Application
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यह हम सब अच्छी तरह से जानते हैं कि आजकल मनुष्य का सारा ज्ञान एजुकेशन के स्केल से नापा जाता है. भारत में इस समय लिटरेसी रेट 74.04% है. हालांकि एजुकेशन लोन का लिटरेसी रेट से कोई सीधा संबंध नहीं है तो भी एजुकेशन हरेक मायने से हमारे जीवन को सम्पूर्ण बनाती है क्योंकि इसके जरिये हमें अनुशासन और समझदारी से जीने का तरीका आ जाता है. एजुकेशन लोन स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई जारी रखने और हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ हासिल करने में काफी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं क्योंकि अक्सर भारत में स्टूडेंट्स की पढ़ाई पैसे की कमी के कारण रुक जाती है. कभी ऐसा समय था जब बेहतरीन स्कूलों और कॉलेजों में एडमिशन लेना सबके बूते की बात नहीं था. लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं. अगर आपमें टैलेंट है तो आपको अवश्य अपने जीवन में तरक्की करनी चाहिए. हालांकि यह कहना आसान है लेकिन करना काफी मुश्किल.

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हमारे देश में आजकल भी सभी पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को जो एक बात परेशान करती है, वह है एजुकेशन की निरंतर बढ़ती हुई लागत. हायर स्टडीज के लिए तो यह लागत और भी ज्यादा बढ़ जाती है. चाहे कोई कैंडिडेट किसी बढ़िया कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए टफ एंट्रेंस टेस्ट भी पास कर ले, उस कॉलेज की फीस इतनी अधिक होती है कि स्टूडेंट्स काफी लाचार हो जाते हैं. इस महंगी एजुकेशन के कारण पेरेंट्स बहुत से इन्वेस्टमेंट प्लान्स में अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं और इसके बावजूद कॉलेज की फीस देते समय उन्हें फंड्स की कमी का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में, एजुकेशन लोन ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की तरह काम करता है. एमबीए और अन्य प्रोफेशनल कॉलेजों की फीस में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए, आजकल हमारे देश में भी बैंक्स ने स्टूडेंट्स को एजुकेशन लोन्स देने शुरू कर दिए हैं ताकि स्टूडेंट्स बिना किसी फाइनेंशियल रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. 

एजुकेशन लोन पैकेज और अप्लाई करने के लिए एलिजिबिलिटी

किसी टिपिकल एजुकेशन लोन में अन्य खर्च जैसेकि, एकोमोडेशन और एग्जाम चार्जेज के साथ बेसिक कोर्स फीस शामिल होती है. जिस स्टूडेंट ने किसी ऑथोराइज्ड कॉलेज में एडमिशन लिया है, वह एजुकेशन लोन अप्लाई करने के लिए एलिजिबल होता है. इसी तरह, पेरेंट्स, सिब्लिंग्स (भाई/ बहन) या स्पाउस (पति/ पत्नी) भी स्टूडेंट की ओर से को-एप्लिकेंट्स के तौर पर अप्लाई कर सकते हैं. यह लोन खासकर उन स्टूडेंट्स को मुहैया करवाया जाता है जो भारत या विदेश में हायर स्टडीज करना चाहते हैं. डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एजुकेशन लोन्स का अमाउंट और इंटरेस्ट रेट हरेक बैंक में अलग-अलग होते हैं.

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भारत में एजुकेशन लोन्स के लिए एलिजिबल कोर्सेज

एजुकेशन लोन्स मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, मेडिसिन, हॉस्पिटैलिटी और अन्य हायर स्टडीज के लिए फुल-टाइम, पार्ट-टाइम ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन कोर्सेज के लिए उपलब्ध करवाया जा सकता है.

एजुकेशन लोन्स के लिए ये हैं जरुरी डॉक्यूमेंट्स

एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करने वाला स्टूडेंट भारतीय नागरिक होना चाहिए और सरकार या विश्वसनीय ऑथोरिटी द्वारा मान्यताप्राप्त किसी कॉलेज में उस स्टूडेंट को एडमिशन मिला हो. किसी एप्लिकेंट के लिए यह भी अनिवार्य है कि एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करते समय उस स्टूडेंट ने अपनी हायर सेकेंडरी की एजुकेशन या 12वीं क्लास पास कर ली हो. कॉलेज की प्रसिद्धि के अनुसार, कई बैंक्स एडमिशन डेट से पहले भी एजुकेशन लोन ऑफर करते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन्स के अनुसार, एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है. कुछ बैंक्स ने एजुकेशन लोन के लिए अधिकतम आयु सीमा भी निर्धारित कर दी है. कॉलेज का एडमिशन लेटर, 10 वीं क्लास और 12 वीं क्लास की मार्कशीट्स जैसे डॉक्यूमेंट्स एजुकेशन लोन के लिए जरुरी होते हैं. इसके अलावा, को-एप्लिकेंट्स की सैलरी स्लिप्स और इनकम टैक्स रिटर्न्स भी जरुरी डॉक्यूमेंट्स हैं.   

लोन फाइनेंसिंग रिक्वायरमेंट

राशि (कॉलेज फीस) के मुताबिक, बैंक्स 100% तक एजुकेशन लोन्स दे सकते हैं. अभी तक, रु. 4 लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए किसी मार्जिन मनी की जरूरत नहीं होती है. लेकिन भारत में, कुल राशि की 5% रकम एप्लिकेंट को खुद चुकानी होती है. विदेशी एजुकेशन लोन के लिए, यह मार्जिन राशि 15% तक बढ़ जाती है. रु. 4 लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए बैंक को किसी कोलैटेरल या 3रड पार्टी गारंटी की जरूरत नहीं होती है. लेकिन रु. 4 लाख से रु. 7.5 लाख रु. तक के एजुकेशन लोन के लिए किसी 3रड पार्टी गारंटी की जरूरत होती है. रु. 7.5 लाख से अधिक राशि के एजुकेशन लोन के लिए कोलैटेरल गारंटी मांगी जाती है. जैसे ही लोन स्वीकृत होता है, संबद्ध बैंक द्वारा लोन राशि कॉलेज को सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है.

एजुकेशन लोन का इंटरेस्ट रेट कैलकुलेशन कैसे करें?

एजुकेशन लोन पर इंटरेस्ट रेट निर्धारित करने के लिए, बैंक्स लेंडिंग रेट और एडिशनल स्प्रेड के आधार पर फंड्स की मार्जिनल कॉस्ट का इस्तेमाल करते हैं. वर्तमान में, एडिशनल स्प्रेड की दर 1.35% से 3% तक है.

एजुकेशन लोन की रिपेमेंट पॉलिसी

एजुकेशन लोन स्टूडेंट द्वारा चुकाया जाएगा. कोर्स पूरा हो जाने के बाद लोन का भुगतान करने के समय शुरू हो जाता है. लेकिन कुछ बैंक्स एजुकेशन लोन के भुगतान के लिए स्टूडेंट्स को स्टडी पूरी होने या जॉब प्राप्त करने के बाद 6 महीने या 1 वर्ष की छूट देते हैं. भुगतान की अवधि आमतौर पर 5 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है. लेकिन विशेष मामलों में यह अवधि बढ़ाई भी जा सकती है. एक खास बात यह भी है कि कोर्स की अवधि के दौरान बैंक लोन राशि पर सिंपल इंटरेस्ट चार्ज करता है, जिसका ध्यान स्टूडेंट्स को जरुर रखना चाहिए.

जरुरी पॉइंट:

किसी एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करते समय आप हमेशा अपने एजुकेशन लोन के प्री-पेमेंट बैंक चार्जेज और लेट पेमेंट ईएमआईज को अच्छी तरह चेक कर लें.

हम आशा करते हैं कि इस गाइड से आपको बिना किसी बाधा के एजुकेशन लोन प्राप्त करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, आप यह आर्टिकल अपने दोस्तों और जान-पहचान वाले सभी लोगों को शेयर कर सकते हैं ताकि उन लोगों को भी एजुकेशन लोन लेने की प्रोसेस के बारे में अच्छी तरह से जानकारी मिल जाए.

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