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BPSC टॉपर का इंटरव्यू: SDM राहुल सिन्हा (रैंक 92)

Feb 12, 2019 16:04 IST
BPSC Topper SDM Rahul Sinha

Jagranjosh.com ने 5 फरवरी 2019 को BPSC के उम्मीदवारों के लिए 60 वीं -62 वीं BPSC की परीक्षा के टॉपर्स में से एक मि.राहुल सिन्हा का साक्षात्कार किया है। BPSC ने 1 फरवरी 2019 को 60 वीं -62 वीं BPSC परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया जिसमें मि.राहुल सिन्हा ने 92 वीं रैंक हासिल की और उन्हें बिहार प्रशासनिक सेवा में SDM का पद आवंटित किया गया। उन्होंने BPSC मुख्य परीक्षा में 538 अंक और इंटरव्यू में 102 अंक प्राप्त किए। इंटरव्यू के लिए चयनित 1650 उम्मीदवारों में से 642 उम्मीदवारों को अंतिम मेरिट लिस्ट में योग्य घोषित किया गया है।

इस लेख में हम मि.राहुल सिन्हा के साथ लिया गया इंटरव्यू विस्तार से प्रदान कर रहे हैं।

साक्षात्कारकर्ता: मि.राहुल Jagranjosh.com में आपका स्वागत है और 60 वें -62 वें BPSC परीक्षा में आपके चयन पर Jagranjosh.com की ओर से आपको बहुत-बहुत बधाई। आपके साथ इंटरव्यू का यह मौका वास्तव में एक सम्मान की बात है।

मि.राहुल सिन्हा: बहुत बहुत धन्यवाद। यह मेरे लिए भी समान रूप से खुशी की बात है कि आपने मुझे यहां आमंत्रित किया।

साक्षात्कारकर्ता: 60 वीं -62 वीं BPSC परीक्षा में सफलता पाने के बाद आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

मि.राहुल सिन्हा: ईमानदारी से कहूं तो यह एक सपने के सच होने जैसा है। मुझे लगता है कि एक सुबह मैं उठा और मुझे मेरे चयन की खबर मिली। यह अभी भी मेरे विश्वास से परे है कि मैं सफल हो चुका हूँ। मुझे अभी भी लग रहा है कि कोई मेरे पास आएगा और मुझे इस सपने से जगाएगा।

साक्षात्कारकर्ता: आप 60 वीं -62 वीं BPSC परीक्षा में अपनी सफलता के लिए किसका धन्यवाद करना चाहेंगे और क्यों?

मि.राहुल सिन्हा: मैं अपने परिवार में सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरे माता-पिता, मेरे भैया और भाभी, मेरी पत्नी, मेरी बहन और सभी रिश्तेदार जिन्होंने मुझे इस यात्रा के लिए प्रेरित किया।

साक्षात्कारकर्ता: कृपया हमें अपनी शैक्षिक पृष्ठभूमि और परिवार के बारे में बताएं।

मि.राहुल सिन्हा: मैंने अपनी दसवीं और बारहवीं तक की शिक्षा अपने मूल स्थान बिहार से पूरी की। फिर, मैंने UPTU से मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया। मेरे परिवार में, मेरे पिता एक सेवानिवृत्त SBI अधिकारी हैं। मेरी माँ एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। मेरे बड़े भाई का गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर का कारोबार है। मेरी भाभी HR एग्जीक्यूटिव के रूप में काम कर रही हैं और वह भैया के बिजनेस में भी मदद करती हैं। मेरी एक छोटी बहन है जो SBI लाइफ में कार्यरत है और मेरी पत्नी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही है।

साक्षात्कारकर्ता: आपने सिविल सेवा में आने का फैसला कब और क्यों किया?

मि.राहुल सिन्हा: यह सब 2014 में संयोग से शुरू हुआ था। मैं एक सिविल सेवक की क्षमता से बहुत आकर्षित था। यह सत्ता का ग्लैमर नहीं है, लेकिन जिस तरह से एक अधिकारी समाज में अपनी समझदारी के साथ बदलाव ला सकता है, उसने मुझे सिविल सेवक बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

साक्षात्कारकर्ता: आपको 60 वीं -62 वीं BPSC परीक्षा में बैठने के लिए किसने प्रेरित किया?

मि.राहुल सिन्हा: मुझे शुरू से ही सिविल सेवा में अधिकारी बनने की इच्छा थी और मेरे पिता कहते थे कि सिविल सेवा में अधिकारी बनना हमेशा विशेष होता है। इन चीजों ने मुझे BPSC परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया।

साक्षात्कारकर्ता: सिविल सेवा में अधिकारी बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएँ क्या होंगी?

मि.राहुल सिन्हा: एक प्रशासनिक अधिकारी के लिए प्राथमिकताओं की सूची अंतहीन होती है। लेकिन मेरे लिए जो सबसे बड़ी प्राथमिकता है; वह है शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा में सुधार इत्यादि। आने वाले समय में मुझे चाहे जिस भी विभाग का कार्यभार मिले शिक्षा का क्षेत्र मेरी प्रमुख प्राथमिकता होगी। बिहार में काफी संभावनाएं हैं और उन्हें अच्छी तरह से विकसित करने की आवश्यकता है ताकि बिहार की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके।

साक्षात्कारकर्ता: कृपया हमें अपने शौक और रुचियों के बारे में बताएं।

मि.राहुल सिन्हा: मुझे डायरी लिखना पसंद है। लंबे समय से यह मेरी आदत रही है। इससे मुझे अपनी परीक्षाओं में भी मदद मिली है। डायरी मुझे मेरी दैनिक गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद करती है और मुझे यह जानने में मदद करती है कि मैं अपने दैनिक लक्ष्यों तक पहुंचा हूं या नहीं। मैं अपनी डायरी में Current Affairs का रिकॉर्ड भी रख सकता हूं, जिसे आवश्यकता पड़ने पर मैं रिवाइज कर सकता हूं। मैं उम्मीदवारों से यह कहना चाहता हूँ कि शौक और रूचि इस प्रकार की होनी चाहिए कि यह उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा में मदद करे।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC परीक्षा की तैयारी के लिए कितना समय देना चाहिए? आपने BPSC परीक्षा की तैयारी कब शुरू की?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC परीक्षा की तैयारी के लिए एक वर्ष का गहन अध्ययन आवश्यक है। इस अवधि के दौरान उम्मीदवारों को अच्छी तरह से अध्ययन करना चाहिए। मैंने 2014 में BPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की थी।

साक्षात्कारकर्ता: क्या BPSC परीक्षा को पास करने के लिए कोचिंग लेना अनिवार्य है?

मि.राहुल सिन्हा: नहीं, कोचिंग लेना जरूरी नहीं हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को टेस्ट सीरीज़, मॉक इंटरव्यू में शामिल होना चाहिए। वे Youtube, Jagranjosh.com पर वीडियोज देख सकते हैं, Unacademy जैसे Apps का उपयोग कर सकते हैं और नियमित आधार पर ब्लॉग पढ़ सकते हैं। सेल्फ स्टडी के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए ये चीजें काफी हैं।

साक्षात्कारकर्ता: परीक्षा की तैयारी में क्या आपने इंटरनेट का उपयोग किया था? यह कितना मददगार था?

मि.राहुल सिन्हा: यदि आप BPSC परीक्षा के सिलेबस को देखेंगे, तो आपको पता चलेगा कि केवल पुस्तकों को पढ़ना ही सफलता के लिए पर्याप्त नहीं है। परीक्षा की तैयारी में अन्य चीजों की भी जरूरत है। इसके लिए हमें इंटरनेट की मदद लेनी होगी। मैंने भी इंटरनेट की मदद ली थी। यह आपकी पढ़ाई में बहुत मददगार है। कई ब्लॉग हैं जिन्हें उम्मीदवार पढ़ सकते हैं। इंटरनेट की मदद से उम्मीदवार करंट अफेयर्सअपडेट कर सकते हैं। कई बार, उम्मीदवारों को इंटरनेट पर कुछ सर्च करने की जरूरत होती है। इसलिए, हम परीक्षा की तैयारी में इंटरनेट की उपयोगिता को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC परीक्षा की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

मि.राहुल सिन्हा: उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के दौरान कई बातों का ध्यान रखना होता है। थोड़ी सी चूक से परिणाम पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, उनके लिए यह हमेशा वांछनीय होता है कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है। मेरे हिसाब से उन्हें अभ्यास पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अगर वे अच्छा अभ्यास करते हैं तो उनके लिए चीजें आसान हो जाएंगी। उन्हें मानक पुस्तकों को पढ़ना चाहिए और करंट अफेयर्स से अपडेटेड रहना चाहिए। उन्हें Group Discussion में शामिल होना चाहिए। उन्हें क्या नहीं करना चाहिए के जवाब में, मैं कहना चाहूँगा कि उम्मीदवार को अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्हें समय का अच्छा संतुलन बनाए रखना चाहिए।

साक्षात्कारकर्ता: इंटरव्यू के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए?

मि.राहुल सिन्हा: मैं उम्मीदवारों को सुझाव दूंगा कि वे पहले संभावित प्रश्नों की सूची बना लें। फिर उन्हें अपने उत्तरों को स्वयं ही तैयार करना चाहिए और यदि उत्तर उपयुक्त हैं तो इन उत्तरों का मूल्यांकन स्वयं करें। कुछ उत्तरों का मूल्यांकन वे विशेषज्ञों द्वारा करवा सकते हैं। इसके अलावा, मॉक इंटरव्यू में शामिल होना हमेशा एक प्लस होता है। उम्मीदवार अपने परिवार के सदस्यों को सवाल पूछने के लिए कह सकते हैं। मैंने वही रणनीति अपनाई थी जहां मैं अपने पिता और बहन से मुझसे सवाल पूछने के लिए कहता था। इससे मुझे अपने इंटरव्यू की तैयारी में बहुत मदद मिली है। इसके अलावा, उम्मीदवार अपने दोस्तों के साथ Group Discussion कर सकते हैं। इससे इंटरव्यू की तैयारी में भी मदद मिलती है।

साक्षात्कारकर्ता: कृपया हमें अपने इंटरव्यू के बारे में जानकारी दें। इसकी अवधि क्या थी, इंटरव्यू पैनल में सदस्यों की संख्या कितनी थी आदि।

मि.राहुल सिन्हा: मेरा इंटरव्यू 23 नवंबर 2018 को मि.नौशाद यूसुफ के बोर्ड में निर्धारित किया गया था। इंटरव्यू 25 मिनट चला । इंटरव्यू पैनल में चार सदस्य थे।

साक्षात्कारकर्ता: कृपया हमें इंटरव्यू में पूछे गए प्रश्नों के बारे में बताएं।

मि.राहुल सिन्हा: इंटरव्यू हॉल में मेरे प्रवेश करने के साथ मेरा इंटरव्यू शुरू हुआ जहां मुझे एक लंबी मेज के किनारे पर बैठना था। स्थिति ऐसी थी कि मुझे सभी जगह से देखा जा सकता था। मेरे पैरों की गति, हावभाव और मुद्रा सब कुछ देखा जा सकता था। मुझे लगता है कि पैनल के सदस्यों में से एक को इन गतिविधियों को ही नोटिस करना था।

पहला सवाल मेरे परिचय और फिर मेरी योग्यता से हुआ। मेरे मैकेनिकल इंजीनियर होने पर उन्होंने पूछा कि मैं प्रशासनिक सेवाओं में कैसे उपयुक्त हो सकता हूं। इसके जवाब में, मैंने कृषि के कैलिफोर्निया मॉडल के साथ उत्तर दिया। मैंने उन्हें उत्तर दिया कि बिहार संसाधनों में व्यापक रूप से समृद्ध है, लेकिन कृषि उत्पादन फिर भी कम है। अगर हम तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो हम पैदावार बढ़ा सकते हैं।

प्रश्न का उत्तर देते समय, पैनल के सदस्यों में से एक ने मुझसे पूछा कि क्या मैं ठीक हूँ और मुझे पानी की आवश्यकता तो नहीं। इसके जवाब में मैंने कहा कि सब ठीक है सर। शायद वे जाँचना चाहते थे कि मैं चौकस था या नहीं।

एक अन्य प्रश्न के जवाब में, मैंने भारत सरकार की UDAAN योजना के बारे में बात की। मैंने कहा कि यह योजना निवेश लाने में बहुत मददगार रही है। निवेशक के पास समय की कमी होती है और अगर हम अच्छे हवाई अड्डे बना सकते हैं तो वे अपनी परियोजनाओं की अच्छी तरह से निगरानी कर पाएंगे और इससे राज्य को निवेश लाने में मदद मिलेगी।

इंटरव्यू पैनल के सदस्य बहुत सौहार्दपूर्ण और सहायक थे। उन्होंने मुझे कम्फर्ट ज़ोन प्रदान किया और एक बार जब मुझे कम्फर्ट ज़ोन मिल गया, तो मेरे लिए यह सब बहुत आसान था। मेरे इंटरव्यू में यही सब हुआ था।

साक्षात्कारकर्ता: इंटरव्यू के समय उम्मीदवारों को कैसी मानसिकता रखनी चाहिए?

मि.राहुल सिन्हा: उम्मीदवारों को इंटरव्यू के समय सकारात्मक मानसिकता रखनी चाहिए। यदि उम्मीदवार सकारात्मक नहीं हैं तो इंटरव्यू के परिणाम अच्छे नहीं हो सकते हैं। साथ ही, वे सच बोलें और कृत्रिम होने की कोशिश न करें। पैनल के सदस्यों को इन सभी को नोटिस करने के लिए पर्याप्त अनुभव होता है। उन्हें इसके लिए भुगतान किया जाता है और उन्होंने कई उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया होता है। इसलिए, पैनल के सदस्यों के सामने स्मार्ट बनने की कोशिश ना करें।

हर कोई नर्वस हो जाता है। यह बहुत स्वाभाविक है। इसलिए, पैनल के सदस्य उम्मीदवारों को कम्फर्ट ज़ोन प्रदान करते हैं। हमेशा याद रखें कि इंटरव्यू उम्मीदवार के ज्ञान की कोई जाँच नहीं है। इंटरव्यू उम्मीदवारों के व्यक्तित्व का परीक्षण है। इसलिए उम्मीदवारों को हमेशा शांत रहना चाहिए।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC परीक्षा के इच्छुक उम्मीदवारों को आप क्या सुझाव देना चाहेंगे?

मि.राहुल सिन्हा: सभी BPSC उम्मीदवारों को मेरा सुझाव है कि एक बार जब वे पूरा सिलेबस पढ़ लें तो उन्हें अभ्यास पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्हें अध्ययन और अभ्यास का अनुपात 20:80 रखना चाहिए। उन्हें यह मानना चाहिए कि अभ्यास परिपूर्ण बनाता है। अभ्यास और अध्ययन का सही संतुलन उम्मीदवारों की तैयारी को बेहतर बनाती है। BPSC परीक्षा की तैयारी का यह सबसे अच्छा तरीका है।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC Prelims परीक्षा पैटर्न में बदलाव के बारे में आप क्या सोचते हैं?

मि.राहुल सिन्हा: पहले, BPSC Prelims परीक्षा में केवल चार विकल्प हुआ करते थे। अब, BPSC Prelims में प्रत्येक प्रश्न के पाँच विकल्प हैं। कुछ छात्रों ने इस बदलाव का स्वागत किया है जबकि कुछ इसे सही नहीं मानते हैं।

परीक्षा पैटर्न में बदलाव अच्छा हो या बुरा, उम्मीदवारों को इसे स्वीकार करने की जरूरत है। सही विकल्प चुनने में उन्हें अब सावधान रहना होगा। उन्हें प्रश्न को अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए और फिर उन्हें अपने उत्तर चुनने चाहिए क्योंकि एक प्रश्न के दो से अधिक संभावित विकल्प भी हो सकते हैं।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC Prelims पास करने में Group Discussion कितनी सहायक होती हैं?

मि.राहुल सिन्हा: Group Discussion महत्वपूर्ण है यदि इसे उद्देश्य के साथ किया जाए। यदि उम्मीदवार अनावश्यक बातों में शामिल होते हैं तो यह बेकार हो जाती है। इसका उद्देश्य विभिन्न बिंदुओं को सामने लाना है जो समूह के प्रत्येक सदस्य के मन में है। Group Discussion उपयोगी है अगर इसे उद्देश्य के साथ किया जाए अन्यथा यह ठीक नहीं है।

साक्षात्कारकर्ता: आपने BPSC Prelims परीक्षा की तैयारी कब शुरू की?

मि.राहुल सिन्हा: मैंने BPSC परीक्षा की तैयारी 2014 में शुरू की थी।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC Prelims परीक्षा के लिए आपकी क्या रणनीति थी?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC Prelims परीक्षा के लिए, उम्मीदवारों को लगभग सभी विषयों की तैयारी करनी होती है। इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति, करंट अफेयर्स आदि से प्रश्न होंगे। मेरी रणनीति यह थी कि एक बार पूरा सिलेबस समाप्त होने पर अभ्यास करूँ। अधिक अभ्यास से मुझे परीक्षा से पहले परीक्षा जैसा अनुभव मिला। अभ्यास के दौरान यदि कोई प्रश्न मुझे नहीं पता रहता तो मैं उन प्रश्नों के उत्तर ढूंढता था। इस तरह मैंने BPSC Prelims परीक्षा के लिए तैयारी की।

साक्षात्कारकर्ता: आपने BPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए GS Papers की तैयारी कैसे की?

मि.राहुल सिन्हा: यह एक गलत धारणा है कि उम्मीदवारों को Prelims और मुख्य परीक्षा के लिए अलग से GS पेपर की तैयारी करनी चाहिए। GS Paers की तैयारी प्रीलिम्स परीक्षा से शुरू होती है और उम्मीदवारों को केवल मानक पुस्तकों को पढ़ना चाहिए।

व्यक्तिगत रूप से, मैंने इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम, बिहार समग्र, Current Affairs के लिए समाचार पत्रों को पढ़ा। Stats के लिए मैंने पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र को पढ़ा। इनके अलावा, Polity के लिए लक्ष्मीकांत उपयुक्त पुस्तक है। अर्थशास्त्र के लिए मैंने बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण को पढ़ा। समाचार पत्रों से विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रश्न तैयार करने में मदद मिलती है।

साक्षात्कारकर्ता: आपने BPSC प्रीलिम्स सिलेबस के विभिन्न सेक्शंस के बीच संतुलन कैसे बनाया?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC Prelims परीक्षा में विभिन्न सेक्शंस हैं और उम्मीदवारों को मेरिट में आने के लिए काफी अच्छा स्कोर करना होता है। सिलेबस के विभिन्न सेक्शंस के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। यह BPSC के पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करके किया जा सकता है।

साक्षात्कारकर्ता: आप BPSC प्रीलिम्स के भावी उम्मीदवारों को क्या सुझाव देंगे?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC के भावी उम्मीदवारों के लिए मेरा सुझाव है कि उन्हें अपने अध्ययन और अभ्यास के बीच एक सही संतुलन बनाना चाहिए। यदि वे ज्यादा अभ्यास नहीं करते हैं तो उनकी सफलता की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, विश्वास बनाए रखें और घबराएं नहीं। अगर उम्मीदवार शांत रहेंगे तो चीजें ठीक ही होंगी।

साक्षात्कारकर्ता: आप BPSC मुख्य परीक्षा के पैटर्न के बारे में क्या सोचते हैं?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC मुख्य परीक्षा का पैटर्न बदल गया है। पहले ऑप्शनल पेपर का बोलबाला हुआ करता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। GS पेपर I और II ने उम्मीदवारों के लिए चीजों को बेहतर बनाया है। अब ऑप्शनल पेपर GS पेपर के बराबर ही है।

इसके अलावा, एक क्वालीफाइंग पेपर जनरल हिंदी भी है जो स्वागत योग्य बदलाव है। क्वालीफाइंग पेपर में, उम्मीदवारों को 100 में से 30 अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है जो वे आसानी से कर सकते हैं क्योंकि उम्मीदवारों ने अपने स्कूल के दिनों में हिंदी का अध्ययन किया है।

साक्षात्कारकर्ता: आपने BPSC मुख्य परीक्षा की तैयारी कब शुरू की?

मि.राहुल सिन्हा: जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि यह एक गलत धारणा है कि उम्मीदवारों को प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा के लिए अलग से तैयारी करनी चाहिए। GS पेपर की तैयारी Prelims परीक्षा से शुरू होती है। इसलिए, मैंने Prelims परीक्षा के साथ ही मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

साक्षात्कारकर्ता: आपने क्वालीफाइंग पेपर कैसे तैयार किया?

मि.राहुल सिन्हा: उम्मीदवारों को क्वालीफाइंग पेपर के बारे में ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों में क्वालीफाइंग पेपर का अध्ययन किया है, इसलिए उन्हें थोड़े अभ्यास की जरूरत है। सामान्य हिंदी का पेपर क्वालीफाइंग करना आसान है।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC मुख्य परीक्षा में आपका ऑप्शनल पेपर क्या था?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC मुख्य परीक्षा में मेरा ऑप्शनल पेपर दर्शनशास्त्र था।

साक्षात्कारकर्ता: क्या आपको लगता है कि BPSC मुख्य परीक्षा में ऑप्शनल पेपर चुनने में उम्मीदवारों की शैक्षिक पृष्ठभूमि का सीधा संबंध है?

मि.राहुल सिन्हा: हां, मेरा मानना है कि ऑप्शनल पेपर चुनने में उम्मीदवारों की शैक्षिक पृष्ठभूमि का सीधा संबंध है। यह कहा जाता है कि उम्मीदवार को उस विषय का मास्टर होना चाहिए जिसे वह ऑप्शनल पेपर के रूप में लेता है। तो ऑप्शनल पेपर के रूप में समान विषय की शैक्षिक पृष्ठभूमि होने से फायदा मिलता है।

साक्षात्कारकर्ता: आपने ऑप्शनल पेपर कैसे तैयार किया और किन पुस्तकों का अध्ययन किया?

मि.राहुल सिन्हा: पहली बात यह कि उम्मीदवारों को ऑप्शनल पेपर में रुचि होनी चाहिए। यदि उनकी रुचि कम है तो उनके लिए अच्छी तैयारी करना मुश्किल होगा। ऑप्शनल पेपर की तैयारी के दौरान मैंने जो कुछ किया, उसका अध्ययन मैंने पतंजलि IAS की अध्ययन सामग्री के माध्यम से किया। मैंने C D Sharma और Y Masih की पुस्तकों को भी पढ़ा। यह ऑप्शनल पेपर के लिए पर्याप्त था।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC मुख्य परीक्षा में GS पेपर I और II के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

मि.राहुल सिन्हा: जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि यह एक सामान्य गलत धारणा है कि उम्मीदवारों को Prelims और मुख्य परीक्षा के लिए अलग से GS पेपर की तैयारी करनी चाहिए। GS पेपर की तैयारी Prelims परीक्षा से शुरू होती है और उम्मीदवारों को केवल मानक पुस्तकों को पढ़ना चाहिए।

व्यक्तिगत रूप से, मैंने इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम, बिहार समग्र, Current Affairs के लिए समाचार पत्रों को पढ़ा। Stats के लिए मैंने पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र को पढ़ा। इनके अलावा, Polity के लिए लक्ष्मीकांत उपयुक्त पुस्तक है। अर्थशास्त्र के लिए मैंने बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण को पढ़ा। समाचार पत्रों से विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रश्न तैयार करने में मदद मिलती है।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC मुख्य परीक्षा में उत्तर देते समय किन पहलुओं पर प्रकाश डाला जाना चाहिए?

मि.राहुल सिन्हा: BPSC मुख्य परीक्षा में उत्तर देते समय उम्मीदवारों को अच्छा नहीं बल्कि सबसे अच्छा उत्तर लिखना होता है। उम्मीदवारों को सही डेटा और आंकड़ों का उपयोग करना चाहिए। उन्हें सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से डेटा पेश करना चाहिए।

इसके अलावा, एक बार जब वे तथ्यों को पेश कर चुके होते हैं तो उन्हें उस स्थिति के बारे में अपने विचार रखने चाहिए। परीक्षक यह देखना चाहता है कि आप कितने सक्षम हैं। केवल डेटा पेश करने से आपका उत्तर अच्छा नहीं बन पाएगा। इसलिए उत्तर में अपना विचार रखना बेहतर है।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC मुख्य परीक्षा में उत्तर लेखन का अभ्यास कैसे मदद करता है?

मि.राहुल सिन्हा: यदि अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा से पहले उत्तर लिखने का अभ्यास करते हैं तो यह उनके लिए बहुत उपयोगी है। वे कलम के संपर्क में रहते हैं और जब उन्हें उत्तर लिखना होता है तो उन्हें सिर्फ वही लिखना है जो उन्होंने पहले भी लिखा है।

साक्षात्कारकर्ता: BPSC मुख्य परीक्षा में समय प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है?

मि.राहुल सिन्हा: समय एक ऐसा पक्ष है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। उम्मीदवारों को ऐसा लगता होगा कि उनके पास समय कम है जिसे केवल अच्छा अभ्यास करके पूरा किया जा सकता है। पूरी तरह अभ्यास किए बिना उम्मीदवार समय की कमी को दूर नहीं कर सकते। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि समय की कमी को दूर करने के लिए उन्हें अच्छी तरह अभ्यास करना चाहिए।

साक्षात्कारकर्ता: आप jagranjosh.com के IAS और सिविल सेवा सेक्शन के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आपको लगता है कि यह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उम्मीदवारों की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है?

मि.राहुल सिन्हा: Jagranjosh.com हमेशा तैयारी में सहायक रहा है। वास्तव में, पहली बार BPSC के सिलेबस की जानकारी मुझे jagranjosh.com पर ही मिली थी।

IAS और सिविल सेवा सेक्शन के बारे में मैं कहूंगा कि यह सिविल सेवा के इच्छुक लोगों के लिए बहुत अच्छा है। उम्मीदवार सिविल सेवा से संबंधित सभी नवीनतम जानकारी jagranjosh.com पर प्राप्त कर सकते हैं।

साक्षात्कारकर्ता: Jagranjosh.com के IAS और सिविल सेवा सेक्शन में सुधार के लिए और क्या किया जा सकता है?

मि.राहुल सिन्हा: jagranjosh.com के IAS और सिविल सेवा सेक्शन को बेहतर बनाने के लिए कुछ चीजें की जा सकती हैं। Study Material और Test Papers प्रदान करने की सख्त आवश्यकता है ताकि उम्मीदवार इसे सिविल सेवाओं से संबंधित अपनी सभी जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर सकें।

साक्षात्कारकर्ता: jagranjosh.com पर प्रकाशित वीडियोज कितनी मददगार हैं?

मि.राहुल सिन्हा: jagranjosh.com पर प्रकाशित वीडियोज वास्तव में मददगार हैं। ये वीडियोज परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का मार्गदर्शन सही तरीके से करते हैं। यदि उम्मीदवार jagranjosh.com के वीडियोज को नियमित रूप से देखते हैं तो उन्हें सभी उपयोगी जानकारी मिलती है तथा टॉपर्स की युक्तियां और रणनीति भी उम्मीदवारों को बहुत मदद करती हैं।

साक्षात्कारकर्ता: आपके बहुमूल्य समय के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। वास्तव में आपने यहाँ आकर अपने अनुभवों से BPSC के युवा उम्मीदवारों का बहुत अच्छे से मार्गदर्शन किया। आप को सिविल सेवा में अधिकारी के रूप में आने वाली यात्रा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

मि.राहुल सिन्हा: आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। यहां आकर मुझे भी बहुत खुशी हुई और मुझे उम्मीद है कि jagranjosh.com आने वाले समय में भी छात्रों की सेवा इसी तरह करता रहेगा।