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आपके लिए CA बनाम CS में से कौन-सा करियर है सही?

Aug 27, 2018 15:54 IST
Major differences between CA and CS
Major differences between CA and CS

भारत में कॉमर्स पढ़ने वाले छात्रों के लिए CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और CS (कंपनी सेक्रेटरी) बड़े आकर्षक करियर विकल्प हैं और इसलिये, जब छात्रों से उनके करियर विकल्प के बारे में पूछा जाये तो ये पेशे उनकी पहली पसंद के तौर पर सामने आते हैं. प्रति वर्ष, हमारे देश के हजारों छात्र CA या CS बनने का सपना देखते हैं.

भारत एक विकासशील देश है और यहां सामान्यता कॉमर्स के क्षेत्र में और विशेष रूप से एकाउंटेंसी के क्षेत्र में पेशेवरों के लिए ढेरों अवसर मौजूद हैं. CA या CS बनने का सपना सबसे बेहतरीन पेशों में से किसी एक पेशे को अपनाने की चाहत का परिणाम है. यहां पर मुख्य मुद्दा यह है कि, CA और CS के पेशे के बीच क्या अंतर है?

बुनियादी समानताएं

ये दोनों ही पेशे काफी हद तक टेक्निकल हैं और इनमें सफल होने के लिए अविश्वसनीय हद तक  संख्यात्मक क्षमता और गणित विषय की आवश्यकता होती है. इसलिये, यदि गणित विषय में आप टैलेंटेड नहीं हैं तो आपके लिए यह बेहतर होगा कि आप इन दोनों ही पेशों से दूर रहें. CA की परीक्षा पास करने के लिए आपके पास संख्याओं और सांख्यिकी में काफी महारत होनी चाहिये. उसी तरह, CS की जॉब के लिए गणित और सांख्यिकी का संतुलित मात्रा में ज्ञान भी शामिल है. CS की जॉब में मुद्दों के कानूनी पक्ष की तरफ अधिक फोकस रहता है, लेकिन फिर भी, CS की नौकरी में कई तरह का हिसाब-किताब रखना शामिल होता है.

 

चार्टर्ड एकाउंटेंसी (CA) का A – Z

लोग शायद आपको गलत सलाह दें और CA की तैयारी करने की सलाह देकर शायद आपको कंफ्यूज कर दें. जब ऐसे लोगों से इंडस्ट्री में इस क्षेत्र के दायरे या परिपूर्णता के स्तर के बारे में पूछा जाये तो ये लोग अक्सर इस प्रश्न का जवाब देने से बचते हैं. चार्टर्ड एकाउंटेंसी एक पोस्ट ग्रेजुएशन उपाधि है जो किसी छात्र को निर्धारित कोर्सेज पूरे करने के बाद प्रदान की जाती है. इस नौकरी में वित्तीय कार्यनीतियां बनाना, लंबी अवधि के निवेश और पेंशन फंडों की योजना तैयार करना, विलय और अधिग्रहण नीतियां तैयार करना और निवेश संबंधी कार्य शामिल हैं.

प्रमुख निगमों के कई शीर्ष व्यवसायिक अधिकारियों ने चार्टर्ड एकाउंटेंट बनकर अपना करियर शुरू किया था. किसी CA में दैनिक आधार पर अंकों का अनुमान लगाने के साथ ही सांख्यिकी और आंकड़ों से निपटने की योग्यता होनी चाहिए.

भारत में चार्टर्ड एकाउंटेंसी का स्कोप

वर्तमान समय में, भारत में CA का स्कोप असीम है. विकास के अवसरों की कमी के चलते इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खो रहे हैं लेकिन छात्र अभी भी इंजीनियरिंग करने के लिए उत्सुक हैं. CA की पढ़ाई छात्रों के बीच अभी इस हद तक लोकप्रिय नहीं हो पाई है.

भारत में, CA की पढ़ाई और खिताब इंस्टिट्यूट और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा दिए जाते हैं. चार्टर्ड अकाउंटेंसी एक डिस्टेंट लर्निंग कोर्स है और हर साल मई के महीने में ICAI द्वारा इसकी  परीक्षायें आयोजित की जाती हैं. CA बनने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

कॉमन प्रोफिशियेंसी टेस्ट (CPT)

CA बनने के लिए CPT पहला कदम है. यह टेस्ट हर साल दो बार आयोजित किया जाता है. वाणिज्य में स्नातक की डिग्री जिन उम्मीदवारों के पास नहीं होती है, उनके लिए CPT  अनिवार्य है और आमतौर पर उम्मीदवार 10 + 2 के बाद CA - CPT  के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह परीक्षा हर साल जून और दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है. ऑनलाइन आवेदन फॉर्म ICAI की आधिकारिक वेबसाइट पर 500/- रुपये में उपलब्ध होते है. जबकि ऑफ़लाइन आवेदन फॉर्म ICAI भवन, इंद्रप्रस्थ मार्ग, नई दिल्ली से 1500/- रुपये में प्राप्त किए जा सकते हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म्स की कीमतों में इतने अधिक अंतर के कारण यह सलाह दी जाती है कि आप ऑनलाइन पंजीकरण करें और अपने रूपये बचाएं.

किसी भी विषय के छात्र CPT  परीक्षा दे सकते हैं, बशर्ते उन्होंने 10 + 2 कक्षा में एक विषय के रूप में गणित विषय पास किया हो. कई इंजीनियरिंग छात्र भी CPT एग्जाम देते हैं, हालांकि वाणिज्य विषय के बेसिक टॉपिक्स को समझने के लिए उन्हें आमतौर पर कोचिंग क्लासेज लेनी पड़ती हैं.

इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कॉम्पिटेंस कोर्स (IPCC)

CA बनने की दिशा में IPCC दूसरा कोर्स और अगला कदम है. इसमें विषयों के दो समूह होते हैं जिनके क्रमशः 4 पेपर होते हैं. इन पेपरों को पास करके ही उम्मीदवार आगे बढ़ सकते हैं. ये विषय CPT स्तर से थोड़े मुश्किल होते हैं और इन्हें पास करने के लिए अत्यधिक तैयारी और समर्पण की आवश्यकता होती है.

अधिकांश छात्र IPCC परीक्षा की कठिनाई के स्तर के कारण यह परीक्षा अपने पहले प्रयास में पास नहीं कर पाते हैं. वर्ष 2017 में IPCC ग्रुप 1 का पास प्रतिशत 16.19% था और ग्रुप 2 का पास प्रतिशत  21.47% था.

CA फाइनल्स

अंत में CA फाइनल्स आते हैं जो सभी पिछली परीक्षाओं में से सबसे कठिन होते हैं. CA फाइनल्स  असल में, पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर की परीक्षाओं के काफी समान होते हैं जो उम्मीदवार की तकनीकी और समस्या निवारण क्षमताओं का परीक्षण करते हैं. आमतौर पर CA फाइनल्स को पूरा करने के लिए औसतन 3-5 साल का समय लगता है और ये एग्जाम्स पास करने के लिए उम्मीदवार में बहुत अधिक प्रतिबद्धता और दृढ़ता के गुण होने चाहियें.

कंपनी सेक्रेटरी

समय बीतने के साथ CA और CS में पढ़ाये जाने वाले कई विषय एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो गये हैं, जिसके कारण वे समान प्रतीत होते हैं. हालांकि, रोजगार के बाजार में, दोनों डिग्रीयों का इस्तेमाल विभिन्न भूमिकाएं निभाने के लिए किया जाता हैं.

कंपनी सेक्रेटरी अनिवार्य रूप से एक आतंरिक कानूनी सलाहकार होते हैं जो सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों और नियमों के आधार पर कंपनी के कामकाज की सीमा तय करते हैं. कोई CS यह सुनिश्चित करता है कि कंपनियां सरकार द्वारा निर्धारित ढांचे के भीतर काम करें और उन दिशानिर्देशों का पालन अवश्य करें, जिनका पालन किया जाना चाहिए. भारत में सूचीबद्ध सभी कंपनियों को सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख प्रबंधकीय स्तर पर एक कंपनी सेक्रेटरी को अवश्य नियुक्त करना होता है.

यहां पेश हैं वे परीक्षाएं जो आपको CS  बनने के लिए अवश्य पास करनी होंगी:

फाउंडेशन प्रोग्राम

फाउंडेशन कोर्स CS बनने की ओर पहला कदम है. यह एक आठ महीने की अवधि का लंबा कोर्स है और यह भारत में इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज (ICSI) द्वारा आयोजित किया जाता है. यह छात्रों को उन बुनियादी सिद्धांतों की जानकारी देता है जो एक विशिष्ट कंपनी सेक्रेटरी को कवर करने चाहियें. इसमें कराधान, श्रम कानून, कॉर्पोरेट कानून, लेखा और वित्तीय विश्लेषण जैसे कानूनी विषय शामिल हैं. CA की तरह ही, CS एक डिस्टेंट लर्निंग कोर्स है जिसके लिए तैयारी करते समय कभी-कभी कोचिंग क्लासेज की आवश्यकता होती है.

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम एक मध्यवर्ती प्रोग्राम है और CA करते समय IPCC प्रोग्राम के समान है. कुल सात विषयों वाले दो मॉड्यूल में विभाजित, यह प्रोग्राम आगे किसी कंपनी के कामकाज के कानूनी ढांचे और इसकी गतिविधियां के क्षेत्र से संबद्ध होता है.

छात्र इस प्रोग्राम के तहत एक पेपर या दोनों पेपर एक साथ दे सकते हैं, लेकिन इन दोनों पपरों के पंजीकरण के लिए समय सीमा अलग-अलग होती है.

प्रोफेशनल कोर्स   

CS बनने के लिए प्रोफेशनल कोर्स वह अंतिम परीक्षा है जो आपको अवश्य पास करनी पड़ती है. CA फाइनल्स की तरह ही, बहुत बार अधिकांश छात्र सभी परीक्षायें पास करने के लिए कई प्रयास करते हैं. यह विशेष कोर्स केवल वे छात्र कर सकते हैं जो एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में पास हुए हों.  

CA और CS, ये दोनों ही पेशेवर अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं से निपटने में सक्षम होने चाहियें. अगर आप CA और CS की सभी परीक्षायें भी किसी तरह पास कर लें, तो भी आपको अपने पेशे में अवश्य दक्षता प्राप्त करनी होगी क्योंकि, कोई भी अपनी वित्तीय समस्याओं से निपटने के लिए किसी अर्ध-कुशल व्यक्ति को काम पर नहीं रखना चाहता है. इसलिये, CA और CS जैसे पेशेवर कॉमर्स कोर्सेज करने से पहले आपके पास आवश्यक रूप से गणित और सांख्यिकी में महारत होनी चाहिए. 

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