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कैट एग्जाम 2018 में 100 पर्सेंटाइल पाप्त करने वाले रौनक मजुमदार का जागरण जोश के साथ इन्टरव्यू

Jan 7, 2019 17:18 IST
CAT 2018 Topper Interview

वर्ष 2018 के कैट एग्जाम रिजल्ट में सीएफए लेवल 1,100 पर्सेंटाइल मार्क्स के साथ रौनक मजुमदार का नाम लिस्ट में सबसे ऊपर है. कैट 2018 का रिजल्ट आईआईएम कलकत्ता द्वारा आधिकारिक वेबसाइट iimcat.ac.in पर घोषित किया गया. रिजल्ट की घोषणा 5 जनवरी को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर की गयी.कुछ तकनीकी कारणों से कैट 2018 का रिजल्ट लीक हो जाने के कारण आईआईएमसी कैट को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. छात्र कैट 2018 का रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं.

निःसंदेह कैट रिजल्ट 2018 ने  बहुत सारे छात्रों के जीवन में खुशियों और उमंगों की शुरुआत की है,विशेषकर उन छात्रों को जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल अचीव किया है. मैनेजमेंट डोमेन में अपने करियर की शुरुआत करने के लिए भारत की कठिन परीक्षाओं में से एक कैट एग्जाम में 100 पर्सेंटाइल लाना कोई आसान बात नहीं है.

वर्ष 2018 कैट एग्जाम टॉपर रौनक मजुमदार से जागरणजोश की खासबातचीत

रौनक मजुमदार : कैट 2018 टॉपर  

जागरण जोश : कैट एग्जाम में 100 पर्सेंटाइल लाने वाले उम्मीदवारों में से एक, आपको हार्दिक बधाई. कैट एग्जाम 2018 में आपके ओवरऑल तथा सेक्शन वाइज स्कोर क्या थें ?

रौनक मजुमदार : बहुत बहुत धन्यवाद

नीचे मेरा कैट एग्जाम 2018 का ओवरऑल तथा सेक्शन वाइज स्कोर दिया गया है-

वीएआरसी : 99.95

डीआईएलआर : 99.98

क्यूए : 100

ओवरऑल : 100 पर्सेंटाइल

रिजल्ट

जागरण जोश : आपने अपने कैट एग्जाम 2018 की तैयारी कब से शुरू की ? परीक्षा से पहले कैट सिलेबस को पूरा करने के लिए आदर्श समय क्या है?

रौनक मजुमदार : मैंने अगस्त 2018 से अपने कैट एग्जाम की तैयारी सीरियसली शुरू की. मैंने दो मॉक इन्टरव्यू देने के बाद यह महसूस किया कि मेरा  फंडामेंटल पर सही पकड़ है और मुझे टाइम मैनेजमेंट और प्रोब्लम सॉल्विंग स्ट्रेटेजी पर  काम करने की आवश्यकता है.मेरा यह मानना है कि कैट एग्जाम में सफलता के लिए इन दो चीजों पर गौर करना बहुत जरुरी है. इस बात को दिमाग में रखते हुए मैंने मॉक टेस्ट देना जरी रखा तथा साथ ही टाइम मैनेजमेंट तथा प्रोब्लम सॉल्विंग स्ट्रेटेजी पर विशेष रूप से फोकस किया. साथ इसके लिए यह भी जरुरी है कि आप प्रत्येक मॉक टेस्ट देने के बाद यह विश्लेषण करें कि आपने कौन सी और किस तरह की गलती की हैं एवं उसको कैसे ठीक किया जा सकता है ?

मुझे ऐसा लगता है कि कैट एग्जाम की तैयारी के लिए एक आइडियल समय उम्मीदवार की व्यक्तिगत स्किल्स तथा क्षमता पर निर्भर करता है. तैयारी बहुत जल्दी शुरू कर देने पर ( बहुत अधिक थक जाने का डर) और देर से शुरू करने पर (अधूरी तैयारी के कारण खोए हुए अवसर पर पछतावा) इन दोनों के बीच संतुलन बनाये रखना बहुत महत्वपूर्ण है. मेरा मानना है कि क्वांटिटेटिव बैकग्राउंड वाले के लिए तैयारी का आदर्श समय जुलाई –अगस्त है जबकि नन क्वांटिटेटिव बैकग्राउंड वाले के लिए तैयारी का आदर्श समय मार्च- अप्रैल है तथा उन्हें विशेष रूप से बेसिक मैथ्स पर ज्यदा फोकस करना चाहिए.

जागरण जोश : कैट 2018 के लिए आपकी समग्र तैयारी की स्ट्रेटेजी क्या थी?

रौनक मजुमदार : मेरी तैयारी का मुख्य हिस्सा मॉक टेस्ट रहा. सप्ताह में 2 मॉक टेस्ट देने का मतलब था कि मैं अपने फंडामेंटल पर गंभीरता से काम कर रहा था और उस पर मेरी पकड़ मजबूत होती जा रही थी. क्योंकि मैं हर टेस्ट के बाद अपनी कमियों का विश्लेषण कर उसे दूर करने का प्रयास करता था. अब मुझे सारे टॉपिक्स को सिर्फ ब्रशअप करने की जरूरत पड़ती थी. परीक्षा आने के वक्त तक मैं अपनी गलतियों में बहुत अधिक सुधार कर चुका था और अब मैं कम से कम सिली मिस्टेक्स करता था. इसलिए अपने मॉक टेस्ट का विश्लेषण करने से मुझे अपनी तैयारी करने में बहुत सहूलियत मिली और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया.

जागरण जोश : क्या कोई विशेष सेक्शन / क्षेत्र था जिसमें आप कमजोर थे? आपने इस चुनौती को कैसे पार किया? उस सेक्शन में महारत हासिल करने के लिए आपने क्या स्ट्रेटेजी अपनाई?

रौनक मजुमदार : मैं इस मामले में बहुत भाग्यशाली था कि इस एग्जाम में मेरे लिए कोई ऐसा सेक्शन नहीं था जो मेरे लिए बहुत ज्यादा कठिन साबित होता. मैंने महसूस किया कि मेरी एलआरडीआई की गति में सुधार हो सकता है. इसलिए मैंने आसान सेटों की पहचान कर और अधिक स्पीड और सटीकता के साथ हल करने की स्ट्रेटेजी पर काम किया

जागरण जोश : कृपया QA, DILR और VARC के लिए अपनी सेक्शन वाइज तैयारी की स्ट्रेटेजी बताएं .

रौनक मजुमदार : मैंने VARC और QA की तैयारी में ज्यादातर इनमे की जाने वाली मौलिक गलतियों में सुधार करने का प्रयास अपने हर मॉक टेस्ट में किया. अपनी सटीकता में सुधार करते हुए निर्धारित समय में अपनी स्पीड बढ़ाना DILR तैयारी के दौरान मेरा प्राथमिक उद्देश्य था.

इसके अतिरिक्त  मुझे कई सोशल मीडिया साइटों पर कुछ अच्छे समूहों / मंचों के साथ इंटरैक्ट करने का सौभाग्य मिला तथा इन ग्रुप्स ने मुझे गंभीर रूप से सोचने के लिए चुनौती दी. इन ग्रुप्स में दिए गए डाउट्स तथा करेंट और  हॉट इश्यूज पर चर्चा से मुझे बहुत जानकारी मिली. इससे मेरे अन्दर कठिन लगने वाले प्रश्नों को भी हल करने का विश्वास तथा क्षमता विकसित हुई.

जागरण जोश : क्या आपने  किसी कोचिंग संस्थान की मदद ली ? क्या आपको लगता है कि कैट एग्जाम में सफलता के लिए कोचिंग करना जरुरी है ?

रौनक मजुमदार : मैंने अपनी तैयारी के लिए आईएमएस  की मॉक टेस्ट सीरीज़ और कुछ अन्य प्रमुख संस्थानों की मदद ली थी. इसके अतिरिक्त मैं आईएमएस थाने के शमिन्दर सर तथा कुछ महान गुरुओं से मिला जिन्होंने मेरा निःस्वार्थ मार्गदर्शन किया तथा इससे मुझे अपनी सही तैयारी रणनीति बनाने में बहुत हद तक सफलता मिली.

मेरे हिसाब से कैट एग्जाम के लिए मॉक टेस्ट देना बहुत जरुरी है. इससे सब्जेक्ट्स, सिलेबस, उसपर अपनी पकड़, अपने वीक प्वाइंट तथा फंडामेंटल आदि से सम्बंधित अपनी जानकारी का पता चल जाता है और प्रत्येक छात्र अपने विषय में जानकर अपना मूल्यांकन कर अपने हिसाब से तैयारी कर एग्जाम में सफलता हासिल कर सकता है. मेरा दृढ़ता पूर्वक मानना है कि प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट देना कैट एग्जाम में सफलता  के लिए बहुत जरूरी है. इससे आपको अपने अन्य साथियों की तुलना में अपने आपको जानने का मौका मिलता है.

उन लोगो के लिए जिनका मैथ्स, पजल्स आदि से कुछ दिनों से संपर्क टूट चुका है उनके के लिए रेगुलर कोचिंग  या नाइट कलासेज बहुत जरुरी हैं. इससे वे कैट से जुड़े प्रासंगिक विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकते हैं.

जागरण जोश : कोई विशेष पुस्तक या अध्ययन सामग्री जिसने आपको अन्य उम्मीदवारों पर बढ़त हासिल करने में मदद की?

रौनक मजुमदार : मैंने कैट के लिए विशेष रूप से किसी पुस्तक या अध्ययन सामग्री से तैयारी नहीं किया. लेकिन पढ़ने का शौकीन होने के कारण मैंने महीने में कम से कम दो अधिकांश क्लासिकल और फिक्शन टाइप किताबें पढ़ने की कोशिश की. इससे मैं अपने आप को तरोताजा महसूस करता था और इससे मेरा मन कैट एग्जाम की तैयारी में लगता था. इससे मुझे न सिर्फ VARC सेक्शन की तैयारी में मदद मिली बल्कि मुझे बहुत ज्यादा परिश्रम करने की भी जरुरत नहीं पड़ी.

जागरण जोश : आपकी सफलता में मॉक एग्जाम्स  की क्या भूमिका रही ? परीक्षा से पहले आपने कितने मॉक एग्जाम्स दिए ?

रौनक मजुमदार : मेरी तैयारी में मॉक टेस्ट ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई. मॉक टेस्ट देना मेरी तैयारी का अहम् हिस्सा था. मैंने परीक्षा से पहले लगभग 30- 35 मॉक टेस्ट दिए. मैं अमूमन हफ्ते में 1 या दो मॉक टेस्ट देता ही था.

जागरण जोश : कैट 2018 के लिए अपनी परीक्षा के दिन की स्ट्रेटेजी क्या थी ? आपकी अंतिम समय की तैयारी क्या थी ? आपने अपनी कैट एग्जाम की योजना कैसे बनाई ?

रौनक मजुमदार : मैंने डी-डे से पहले से ही अपने आप को बहुत शांत और सरल रखा. परीक्षा के एक सप्ताह पूर्व ही मैंने मॉक टेस्ट देना बंद कर दिया. इससे मुझे उस समय की असंख्य घटनाओं की विषय में जानकारी नहीं होने की बेचैनी से बचने में बहुत मदद मिली. कैट एग्जाम के लिए मैंने कोई विशेष स्ट्रेटेजी नहीं बनायीं थी. मैं सिर्फ फ्लो के अनुसार काम करता रहा. मॉक टेस्ट्स की वजह से मुझे हर परिस्थिति में सयंत तरीके से पेपर हल करने कला का ज्ञान हो गया था और मैं मानसिक रूप से इस पेपर को क्रैक करने के लिए तैयार था.

जागरण जोश : क्या आपको लगता है कि कैट एग्जाम की तैयारी में शैक्षणिक पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ? यदि हाँ तो क्यों ?

रौनक मजुमदार : नहीं, मैंने बहुत सारे ऐसे इंजीनियर्स को देखा है जिनकी वर्बल एबिलिटी बहुत अधिक स्ट्रांग होती है तथा ऐसे भी आर्ट्स स्टूडेंट्स देखें हैं जिन्हें मैथेमेटिक्स में महारत हासिल है. यह व्यक्ति का एकेडमिक बैकग्राउंड नहीं उसके स्किल्स का निर्धारण तथा परीक्षण करता है. यह एक व्यक्ति के जीवन के हर पहलू से परिभाषित होता है.

जागरण जोश : आपने किन संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है और आपने उनका ही चयन क्यों किया?

रौनक मजुमदार : मैंने IIM A, B, C, L, K, I, FMS और XLRI में प्रवेश के लिए आवेदन करने का विकल्प चुना है. ये सभी हमारे देश के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट हैं और इनके एजुकेशन क्वालिटी के बारे में कोई संदेह नहीं है. हमें इस संस्थानों के पूर्व छात्रों का वर्णन करने की जरुरत नहीं है जिन्होंने अपनी प्रतिभा तथा काबिलियत से देशा और विदेश में प्रसिद्धि पायी है.

इस संस्थानों में सहकर्मियों का समूह मुझे बौद्धिक चुनौती देने के साथ साथ व्यक्तिगत और प्रोफेशनल रूप से आगे बढ़ने में हमारी मदद करेंगे जो हर तरह से मेरे लिये लाभदायक सिद्ध होगा.

जागरण जोश : आपने पर्सनल इन्टरव्यू तथा ग्रुप डिस्कसन की तैयारी किस तरह की ?

रौनक मजुमदार : पर्सनल इन्टरव्यू के लिए हमारी रणनीति बहुत आसान थी और वह थी खुद का मूल्यांकन करना. मैंने अपने एमबीए करने की प्रेरणा को जीवंत रखा तथा उसके अनुरूप कार्य किया.

जीडी और वाट के लिए  भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक विकासों पर अपनी नजर रखना तथा उनका विश्लेषण करना बहुत जरुरी है. साथ ही उस समय की कुछ चर्चित घटनाओं की सही समझ होना भी बहुत जरुरी है.

जागरण जोश : कैट के उम्मीदवारों के लिए आपका क्या संदेश है ? आप उन्हें क्या सलाह देना चाहेंगे ? 

रौनक मजुमदार : मैं यह चाहता हूं कि कैट के उम्मीदवारों को जल्द ही एहसास हो जाए कि कैट कोई ऐसा मेक-ऑर-ब्रेक डील नहीं है.यह मूल रूप से एक शॉर्टलिस्टिंग मानदंड है. इसलिए इसके विषय में हाय तौबा मचाने की जरुरत नहीं है. इसमें औसत दर्जे के छात्र भी अपनी मेहनत तथा सही रणनीति से सफलता प्राप्त कर सकते हैं तथा आत्मविश्वास की कमी तथा सही स्ट्रेटेजी के अभाव में प्रतिभाशाली छात्रों के लिए भी यह एग्जाम टफ हो सकता है तथा संभव हो कि वे इसे क्वालीफाई नहीं कर पाएं.

जागरण जोश : एमबीए पूरा करने के बाद आपका ड्रीम करियर विकल्प क्या है?

रौनक मजुमदार : मैं अपना एमबीए करने के बाद फायनांस में करियर बनाना चाहता हूं. मैंने पिछले साल अपने चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट लेवल I कोर्स को कम्प्लीट कर लिया है और इस साल मैं लेवल II का एग्जाम देनेवाला हूँ. मुझे स्ट्रेटेजी और कंसल्टिंग क्षेत्र में बहुत रूचि है तथा एमबीए के दौरान मैं गहराई से इन विषयों पर काम करूँगा.