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जानिये कैट 2018 में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले जगेश गोलवाला से उनके सफलता का राज

Jan 17, 2019 12:30 IST

कैट 2018 का रिजल्ट 5 जनवरी 2018 को प्रातः 9 बजकर 30 मिनट पर जारी किया गया. जाहिर है इस रिजल्ट ने बहुत सारे छात्रों के जीवन में खुशियों का पैगाम लाया होगा और अगर हम कैट टॉपर की बात करें तो निःसंदेह उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा होगा. आइये आज हम आईआईटी बॉम्बे के छात्र जो इस समय इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं,जगेश गोलवाला से उनकी सफलता का राज जानते हैं.

जागरण जोश : कैट 2018 एग्जाम में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने के लिए आपको बहुत बहुत बधाई.कैट 2018 में आपके ओवर ऑल और सेक्शन वाइज स्कोर क्या थें ?

जगेश गोलवाला : धन्यवाद. ओवरऑल तथा सेक्शनवाइज मेरे स्कोर कुछ इस तरह थें-  

वीएआरसी : 99.23

डीआईएलआर : 99.99

क्वांट : 100

ओवरऑल : 100

जागरण जोश : आपने अपने कैट एग्जाम 2018 की तैयारी कब से शुरू की ? परीक्षा से पहले कैट सिलेबस को पूरा करने के लिए आदर्श समय क्या है?

जगेश गोलवाला : मैंने मॉक टेस्ट के साथ मई 2018 से अपनी तैयारी शुरू की. मॉक टेस्ट इस एग्जाम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा इससे छात्रों को सब्जेक्ट तथा सिलेबस को समझने में सहूलियत होती है. मेरे लिए कैट एग्जाम की तैयारी के लिए 6 महीने का समय पर्याप्त था. मैथ्स बैकग्राउंड होने की वजह से मुझे 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने में मदद मिली.

जागरण जोश : कैट 2018 के लिए आपकी समग्र तैयारी की स्ट्रेटेजी क्या थी?

जगेश गोलवाला : मॉक टेस्ट में मेरी बहुत रूचि है तथा मुझे मॉक टेस्ट देना बहुत अच्छा लगता है.मेरी इस रूचि ने इस परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद की और इससे मुझे प्रश्नों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगता था.

जागरण जोश : क्या कोई ऐसा सेक्शन या क्षेत्र था जिसमें आप कमजोर थे तथा उसमें आपको बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरुरत थी. अगर ऐसा था तो आपने अपनी उस कमजोरी को दुर करने के लिए क्या स्ट्रेटेजी अपनाई तथा किस तरह से उस सेक्शन में मास्टरी हासिल की?

जगेश गोलवाला :  इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के होने की वजह से वीएआरसी सेक्शन मेरे लिए पूरे एग्जाम की तैयारी के दौरान चुनौतीपूर्ण रहा. चूँकि पहले से इस विषय की मुझे पर्याप्त जानकारी नहीं थी इसलिए मैंने इस सेक्शन की तैयारी पर ज्यादा समय दिया. मैंने भारत तथा विदेशों के लीडिंग न्यूज पेपर्स जैसे हिदू तथा गार्डियन आदि न्यूज पेपर्स का एडिटोरियल पढ़ना शुरू किया तथा उनपर विश्लेषण भी करता था. इंजीनियरिंग बैकग्राउंड की वजह से क्वांट और डीआईएलआर मेरे लिए टफ नहीं थे.

जागरण जोश : क्या आपने  किसी कोचिंग संस्थान की मदद ली ? क्या आपको लगता है कि कैट एग्जाम में सफलता के लिए कोचिंग करना जरुरी है ?

जगेश गोलवाला : मैंने तीन लीडिंग कोचिंग इंस्टीट्यूट्स का मॉक टेस्ट ज्वाइन किया. इन तीनो इंस्टीट्यूट्स से लगभग 25-30 मॉक टेस्ट मैंने दिए और इससे मुझे कैट एग्जाम क्रैक करने में बहुत मदद मिली. यदि सभी सब्जेक्ट्स के फाउंडेशन पर आपकी पकड़ है तो आपके लिए कोचिंग जरुरी नहीं है. लेकिन यदि आप खुद से तैयारी नहीं कर सकते हैं, तो कैट एग्जाम में सफलता के लिए कोचिंग इंस्टीट्यूट अवश्य ज्वाइन करें.

जागरण जोश : कोई विशेष पुस्तक या अध्ययन सामग्री जिसने आपको अन्य उम्मीदवारों पर बढ़त हासिल करने में मदद की?

जगेश गोलवाला : मैंने किसी विशेष पुस्तक की मदद नहीं ली. सिर्फ मॉक टेस्ट की मदद से ही मैं अपनी तैयारी की स्ट्रेटेजी को मेंटेन रखने में सक्षम रहा.

जागरण जोश : आपकी सफलता में मॉक टेस्ट्स  की क्या भूमिका रही ? परीक्षा से पहले आपने कितने मॉक टेस्ट दिए ?

जगेश गोलवाला : मॉक टेस्ट वाकई में उम्मीदवारों की सफलता तथा नित्य प्रति की घटनाओं के विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.वास्तविक कैट एग्जाम से पहले मैंने 35-40 मॉक टेस्ट दिए. इससे परीक्षा में अच्छा करने को लेकर मेरा कॉन्फिडेंस बहुत बढ़ गया था.

जागरण जोश : कैट 2018 के लिए अपनी परीक्षा के दिन की स्ट्रेटेजी क्या थी ? आपकी अंतिम समय की तैयारी क्या थी ? आपने अपनी कैट एग्जाम की योजना कैसे बनाई ?

जगेश गोलवाला : मैंने कुछ कठिन कैट के फॉर्मूले और क्वांट सेक्शन के प्रश्न और कॉन्सेप्ट्स की एक सूची तैयार की थी,मैंने यह निश्चय किया था कि परीक्षा के एक दिन पूर्व मैं इन सभी पर एक सरसरी निगाह जरुर मार लूँगा और मैंने परीक्षा वाले दिन भी उनको एक बार देखने के बाद ही पेपर देने गया था. मैंने कैट एग्जाम 2017 के प्रश्न पत्र को भी पढ़ा था ताकि पैटर्न को लेकर पूरी तरह आश्वस्त रहूँ.

जागरण जोश : क्या आपको लगता है कि कैट एग्जाम की तैयारी में शैक्षणिक पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ? यदि हाँ तो क्यों ?

जगेश गोलवाला :  जैसा कि आप देख सकते हैं कि सभी 11 कैट टॉपर्स इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के हैं, इसलिए, परीक्षा की तैयारी में बैकग्राउंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के पास एनालिटिकल स्किल्स के साथ साथ क्वांट और डीआईआरएल सेक्शन की अच्छी समझ होती है. लेकिन उन्हें वीएआरसी सेक्शन के लिए बहुत अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होती है.

जागरण जोश : आपने किन संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है और आपने उनका ही चयन क्यों किया?

जगेश गोलवाला :  मैंने  IIM A, B, C, L, K, FMS, MDI, XLRI और SP जैन में एडमिशन के लिए आवेदन किया है. मेरा टारगेट कंसल्टिंग और फायनांस के क्षेत्र में अच्छी प्लेसमेंट प्राप्त करना है.

जागरण जोश : आपने पर्सनल इन्टरव्यू,वाट राउंड तथा ग्रुप डिस्कसन की तैयारी किस तरह की ?

जगेश गोलवाला : बी स्कूल्स के नेक्स्ट राउंड को क्लियर करने के लिए मैं अपनी रूचि के फील्ड में और अधिक बेहतर करने का प्रयास किया. मैं अपने इंजीनियरिंग के स्किल्स को भी ब्रशअप किया.इसके अतिरिक्त वर्तमान और अतीत की घटनाओं का सही विश्लेषण तथा जानकारी के लिए करेंट अफेयर्स पर फोकस करना मेरी मुख्य स्ट्रेटजी है .

जागरण जोश : कैट के उम्मीदवारों के लिए आपका क्या संदेश है ? आप उन्हें क्या सलाह देना चाहेंगे ?

जगेश गोलवाला : मैं कैट उम्मीदवारों से यह कहना चाहता हूँ कि कैट एग्जाम में अपीयर होने की प्रक्रिया अब आसान होनेवाली नहीं है, अब अच्छे दिन भी होंगे और बुरे दिन भी होंगे. अपनी तैयारी की स्ट्रेटेजी को लेकर कॉन्फिडेंट रहें और मॉक टेस्ट पर फोकस करें. अपनी गलतियों का विश्लेषण करना तथा उनसे सीखना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि जब आप अगली बार मॉक टेस्ट दें तो उन गलतियों को पुनः न दुहरायें. एग्जाम में अच्छा स्कोर करने का यह एकमात्र तरीका है.

जागरण जोश : एमबीए पूरा करने के बाद आपका ड्रीम करियर विकल्प क्या है?

जगेश गोलवाला : मुझे एक असिटेंट कंसल्टेंट के रूप में बीसीजी के साथ प्लेसमेंट मिला है और भविष्य में भी मैं कंसल्टिंग प्रोफाइल में ही कार्य करना चाहता हूँ.