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CBSE मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया: जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख

May 3, 2018 18:41 IST
CBSE Marks Verification Process

लाखो विद्यार्थी CBSE बोर्ड एग्जाम 2018 के नतीजों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. CBSE कक्षा 12वीं के नतीज़े मई महीने के अंत तक घोषित होने की उम्मीद है. कक्षा 12वीं के नतीज़े घोषित होने के कुछ दिनों बाद कक्षा 10वीं के नतीज़े घोषित होंगे.

रिजल्ट घोषित होने के बाद कई विद्यार्थियों ऐसे होते हैं जो अपने स्कोर से संतुष्ट नहीं होते और उन्हें लगता है कि उनकी उत्तर पुस्तिका ठीक से चेक नहीं हुई. ऐसे विद्यार्थियों के पास मार्क्स वेरिफिकेशन का ऑप्शन रहता है.

जिन विद्यार्थियों ने इस बार CBSE 10वीं और 12वीं की परीक्षा दी है और अपने रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं उन्हें CBSE मार्क्स वेरिफिकेशन की पूरी प्रर्किया ज़रूर जननी चाहिए

इस आर्टिकल में हम आपको CBSE की मार्क्स वेरिफिकेशन के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे.

क्या है मार्क्स वेरिफिकेशन?

मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में सवालों के उत्तरों को दुबारा नहीं जाँचा जाता है. सिर्फ अंकों के कैलकुलेशन से जुड़ी गलती चेक करी जाती है.  

मानवीय त्रुटियों की वजह से कभी-कभी अंकों को जोड़ने में गलती हो जाती है और मार्क्स वेरिफिकेशन के क्वेश्चन वाइज मार्क्स का फिर से टोटल किया जाता है. मार्क्स वेरिफिकेशन में उत्तरों को फिर से चेक नहीं किया जाता.

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कब शुरू होती है मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया?

रिजल्ट घोषित होने के कुछ दिन बाद CBSE बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मार्क्स वेरिफिकेशन के आवेदन लिए नोटिफिकेशन जारी करता है.

आवेदन में महत्वपूर्ण तिथियाँ, फीस और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी होती हैं.  कोई भी विद्यार्थी तय समय सीमा में निश्चित शुल्क जमा करके मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है.

इस बार भी यही संभावना है कि रिजल्ट आने के तीन से चार दिन बाद CBSE मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर देगा.

कैसे कर सकते हैं CBSE मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन?

CBSE ने वर्ष 2017 में मार्क्स वेरिफिकेशन के आवेदन के लिए सिर्फ ऑनलाइन अप्लाई करने का ऑप्शन रखा था और इस बार भी संभव है कि विद्यार्थी मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए सिर्फ ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे.

पिछले साल हर सब्जेक्ट के लिए कैंडिडेट को 500 रुपये देने थे. ये फीस पेमेंट गेटवे के जरिए (क्रेडिट कार्ड/डिबेट कार्ड) या ई-चालान के जरिए भरनी थी.

कैंडिडेट भारत से बाहर है तो वो डीडी (सेक्रेटरी, सीबीएसई के नाम) के माध्यम से फीस जमा कर सकता था.

पिछले साल वेरिफिकेशन का रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट पर पब्लिश किया गया था. नोटिफिकेशन के अनुसार स्टूडेंट के मार्क्स बदलने पर रीजनल ऑफिस से स्टूडेंट के नाम एक लेटर स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जाना था इस बार भी संभव है कि यही प्रकिर्या जारी रहे.

2017 में सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से आवेदन स्वीकार किये गए थे तथा अधूरी ऐप्लिकेशन और ऑफलाइन एप्लीकेशन्स मान्य नहीं थे. स्टूडेंट वेरिफिकेशन के लिए एक बार ही अप्लाई कर सकता था.

कैसे पाएं उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी?

2017 में उत्तर पुस्तिका  की फोटोकॉपी पाने के लिए सिर्फ वही कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते थे जिन्होंने मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया था. उत्तर पुस्तिका  की फोटोकॉपी पाने के लिए हर सब्जेक्ट के लिए 700 रुपये फीस देनी थी.

कैंडिडेट को वेबसाइट में दिए गए फॉरमेट में अंडरटेंकिंग भी देनी पड़ी थी और साथ ही एडमिट कार्ड भी अपलोड करना पड़ा था. कैंडिडेट को यह सर्टिफाई करना था कि फोटोकॉपी किसी भी इंस्टिट्यूशन या स्कूल को डिस्प्ले करने के लिए नहीं दी जाएगी और प्रिंट मीडिया या कमर्शियल उद्देश्य के लिए भी नहीं दी जाएगी. फोटोकॉपी को कोर्ट या फोरम में चैलेंज नहीं किया जा सकता था.

कॉपी में अगर कोई सवाल चेक नहीं है तो इसकी रिपोर्ट बोर्ड के रीजनल ऑफिस में 7 दिन के अंदर दी जानी थी. जो नंबर दिए गए हैं, उस पर बोर्ड की अथॉरिटी का फैसला ही फाइनल होगा, ऐसा 2017 के नोटिफिकेशन में दिया गया था और इस साल भी यही प्रोसेस के पालन होने की उम्मीद है.