समय के अभाव तथा पैसो की कमी है तो बेहिचक कीजिये डिस्टेंस लर्निंग कोर्सेज

अगर आप इस साल कम अंक या ऊंचे कटऑफ की वजह से किसी मनपसंद रेगुलर कोर्स में दाखिला नहीं ले सके हैं या कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते आगे रेगुलर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं, तो निराश होने की कतई जरूरत नहीं है.

Created On: Nov 8, 2017 15:29 IST
Modified On: Nov 14, 2017 18:17 IST
Distance Learning courses for working people and economicaly weak students
Distance Learning courses for working people and economicaly weak students

अगर आप इस साल कम अंक या ऊंचे कटऑफ की वजह से किसी मनपसंद रेगुलर कोर्स में दाखिला नहीं ले सके हैं या कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते आगे रेगुलर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं,  तो निराश होने की कतई जरूरत नहीं है. डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए पढ़ाई करके भी आप अपने सपने को पूरा कर सकते हैं. ओपन यूनिवर्सिटी से आप बेसिक एजुकेशन के अलावा वोकेशनल कोर्सेज भी कर सकते हैं...

एक ताजा आंकड़े के अनुसार, देश में अभी करीब एक करोड़ छात्र ओपन माध्यम से माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व हायर एजुकेशन  कर रहे हैं. हाल के वर्षों में छात्रों की यह संख्या काफी तेजी से बढ़ी है. इसकी असल वजह भारत में डिस्टेंस एजुकेशन की बढ़ती लोकप्रियता भी है. दरअसल, ओपन स्कूल्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे लोग जो खराब आर्थिक स्थिति के चलते या फिर किसी अन्य कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी करने में असमर्थ हैं, उन्हें कम पैसों में शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा, जो लोग नौकरी के चलते अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हैं, वे भी इन ओपन स्कूल्स के माध्यम से अपने फील्ड का वोकेशनल कोर्स करके संबंधित फील्ड में कुशलता हासिल कर बेहतर करियर बना सकते हैं. ओपन स्कूलिंग में यह भी सुविधा है कि आप अपनी जरूरत के अनुसार कोई भी विषय चुन सकते हैं. इसमें प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा भी नहीं होती है. इन पत्राचार कोर्सेज की मान्यता रेगुलर कोर्सेज के बराबर ही है.

बढ़ती लोकप्रियता  की मुख्य वजह

डिस्टेंस लर्निंग सेंटर्स का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. इसकी लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि इनकी पहुंच न केवल आज छोटे-छोटे शहरों में है, बल्कि इस माध्यम से पढ़ाई करना भी काफी सस्ता होता है. एक अनुमान के मुताबिक, ओपन माध्यम से अध्ययन करने वाले लोगों की संख्या अगले दशक तक दोगुनी हो जाएगी. अब तो इस माध्यम में तकनीकी प्लेटफॉर्म का भी जमकर इस्तेमाल किया जाने लगा है. दरअसल, आज डिस्टेंस एजुकेशन कॉरेस्पॉन्डेंस मैटीरियल्स तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्टूडेंट्स अब टेलीकॉन्फ्रेंसिंग, यूट्यूब और मोबाइल के माध्यम से भी डिस्टेंस एजुकेशन का लाभ उठा रहे हैं.

ओपन लर्निंग, डिस्टेंस लर्निंग, कॉरेस्पॉन्डेंस या पत्राचार में कोई फर्क नहीं है. केवल नाम इनके अलग-अलग हैं. डिस्टेंस लर्निंग नई टर्मिनोलॉजी है। इसमें ऑनलाइन कॉन्टैक्ट करने और ऑडियो-वीडियो द्वारा स्टडी मैटीरियल भेजने की सुविधा होती है. फिलहाल, देश में अभी करीब 14 ओपन और 100 से भी ज्यादा ऐसी रेगुलर यूनिवर्सिटी हैं, जो पत्राचार या डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करवाती हैं.

डिस्टेंस एजुकेशन के फायदे

कॉम्पिटिशन के इस युग में आज सिर्फ बेसिक क्वालिफिकेशन का कोई महत्व नहीं रह गया है. जब अपनी योग्यता बढ़ाने के आसान अवसर उपलब्ध हैं, ऐसे में आप रेगुलर प्रोफेशनल कोर्स करते हुए चाहें तो डिस्टेंस माध्यम से बेसिक डिग्री कोर्स कर सकते हैं. यदि आप किसी ऐसे विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, जो दूसरे शहर में है और आप अपने घर में रहते हुए ही वह कोर्स करना चाहते हैं, तो पत्राचार से अच्छा कोई माध्यम नहीं है. इसके अलावा, अगर आप जॉब में हैं और तरक्की पाना चाहते हैं, तो आपके लिए कॉरेस्पॉन्डेंस या ओपन लर्निंग कोर्स वरदान से कम नहीं है. आज के समय में ओपन यूनिवर्सिटी से बेसिक डिग्री कोर्स के अलावा, एमबीए, एमसीए और बीएड जैसे कई प्रोफेशनल कोर्स भी कॉरेस्पॉन्डेंस के माध्यम से किए जा सकते हैं.

कैसे पाएं एडमिशन  ?

ओपन यूनिवर्सिटीज में आमतौर पर अभी जो भी कोर्स संचालित हो रहे हैं, उनमें एक ही प्रक्रिया के तहत ही दाखिला दिया जाता है. इग्नू में संचालित हो रहे कोर्सेज में जून और जनवरी के दौरान दो बार विभिन्न कोर्सेज में छात्रों को दाखिला दिया जाता है. इसी तरह अन्य कॉरेस्पॉन्डेंस यूनिवर्सिटी या डिस्टेंस सेंटर में प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन पाने के लिए उनकी अनिवार्यताओं को पूरा करना पड़ता है, जैसे ग्रेजुएशन के लिए न्यूनतम आयु कम से कम 17 साल और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 20 साल होनी चाहिए. इसी तरह प्रोफेशनल कोर्स करने के लिए संबंधित क्षेत्र में कुछ वर्ष का कार्य अनुभव होना जरूरी है.

पूरी तरह छान बीन कर लें

किसी भी डिस्टेंस लर्निंग यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले इस बात की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए कि वह यूनिवर्सिटी डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल, नेशनल असेसमेंट ऐंड एक्रेडिटेशन काउंसिल से मान्यता प्राप्त है या नहीं. टेक्निकल कोर्स है, तो उसे ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए.

एकेडमिक कोर्सेज

स्टूडेंट्स आजकल बारहवीं करने के बाद डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से बीबीए, बीकॉम, बीए इन साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मास्टर ऑफ एजुकेशन, मास्टर ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ लॉ, बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन, बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग, बैचलर ऑफ सोशल वर्क, सर्टिफिकेट इन कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, सर्टिफिकेट इन फूड न्यूट्रीशन, सर्टिफिकेट इन कम्युनिकेटिव इंग्लिश, पीजी डिप्लोमा इन बैंकिंग ऐंड फाइनेंस, पीजी डिप्लोमा इन मार्केटिंग मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन ऐंड बूटिक मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन डेयरी मार्केटिंग जैसे विभिन्न पॉपुलर पाठ्यक्रमों में डिग्री, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं. इसके अलावा, एमफिल या पीएचडी आदि भी कर सकते हैं.

प्रमुख संस्थान

’ इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनविर्सिटी, दिल्ली

www.ignou.ac.in  

’ यूपी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद

www.uprtou.ac.in

’ गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार

www.ddegjust.ac.in

’ सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी, गंगटोक

http://smu.edu.in

’ उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी

www.uou.ac.in  

’ वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा

www.vmou.ac.in

’ हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला

www.hpuniv.in

Jagran Play
रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें एक लाख रुपए तक कैश
ludo_expresssnakes_ladderLudo miniCricket smash
ludo_expresssnakes_ladderLudo miniCricket smash

Related Stories

Comment (0)

Post Comment

6 + 4 =
Post
Disclaimer: Comments will be moderated by Jagranjosh editorial team. Comments that are abusive, personal, incendiary or irrelevant will not be published. Please use a genuine email ID and provide your name, to avoid rejection.