भारत में ये ड्रोन कोर्सेज करके, विभिन्न ड्रोन फ़ील्ड्स में ज्वाइन करें बेहतरीन करियर्स

भारत में ड्रोन अभी स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स, परिवहन, जन जागरूकता, पत्रकारिता और ऐसे अनेक संबद्ध क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं.

Created On: Nov 29, 2021 17:48 IST
Drone courses to provide diversified career options in India
Drone courses to provide diversified career options in India

पूरी दुनिया में इन दिनों ड्रोन का उपयोग हवाई सर्वेक्षण, फोटोग्राफी और एजुकेशनल ओबेजेक्टिव्स हासिल करने के लिए किया जाता है. भारत में स्विगी, ANRA, स्काई एयर मोबिलिटी और डन्जो जैसे बिजनेस ब्रांड्स भी आजकल ड्रोन्स को अपने बिजेस पर्पसेस के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं. भारत सरकार ने 27 अगस्त, 2018 को पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल के लिए एक नीति की घोषणा की थी और  भारत में ये नियम 01 दिसम्‍बर, 2018 से लागू हो गये हैं. भारत में विभिन्न ड्रोन फ़ील्ड्स में करियर अब भी स्टूडेंट्स और यंग प्रोफेशनल्स के बीच बहुत आम नहीं है लेकिन, आने वाले वर्षों में भारत और विदेशों में ड्रोन की विभिन्न फ़ील्ड्स में काफी आकर्षक करियर ग्रोथ होने की उम्मीद जताई जा रही है. भारत में स्टूडेंट्स और यंग प्रोफेशनल्स विभिन्न ड्रोन कोर्सेज सफलतापूर्वक पूरे करके, विभिन्न ड्रोन फ़ील्ड्स में बेहतरीन करियर्स ज्वाइन कर सकते हैं.

भारत में ड्रोन अभी स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स, परिवहन, जन जागरूकता, पत्रकारिता और ऐसे अनेक संबद्ध क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं.

अपना ड्रोन बनाना सीखकर, आप ड्रोन तकनीक के आगमन के लिए विकसित जा रहे इस विशाल उद्योग का एक उपयोगी हिस्सा बन सकते हैं. ड्रोन पायलट बनने का कोर्स करने के योग्य होने के लिए इंडियन स्टूडेंट्स ने कम से कम अपनी दसवीं कक्षा जरुर पास की हो. लेकिन, पहले आप इस आर्टिकल को पढ़कर भारत में ड्रोन्स की विभिन्न केटेगरीज़ के बारे में जान लें. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

भारत में ड्रोन्स की विभिन्न केटेगरीज़

भारत में ड्रोन्स को उनके भार और आकार के आधार पर प्रमुख 05 केटेगरीज़ में बांटा गया है:

  • नैनो ड्रोन: 250 ग्राम से कम या उसके बराबर.
  • सूक्ष्म ड्रोन: 250 ग्राम से अधिक और 02 किग्रा से कम या उसके बराबर.
  • छोटा ड्रोन: 02 किलो से बड़ा और 25 किलो से कम या उसके बराबर.
  • मध्यम ड्रोन: 25 किग्रा से अधिक और 150 किग्रा से कम या उसके बराबर.
  • बड़ा ड्रोन: 150 किलो से अधिक.

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद. भारत में ड्रोन ऑपरेटर्स और निर्माताओं की मांग बढ़ेगी.

ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने के इच्छुक स्टूडेट्स के पास आगे एक उज्ज्वल भविष्य है और भारत सहित विदेशों में भी जॉब के असंख्य अवसर पैदा हो रहे हैं. ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत ड्रोन तकनीक पर भारत सरकार के फोकस ने युवा स्टूडेंट्स के लिए ड्रोन पायलट, ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट, ड्रोन असेंबलिंग और कमीशनिंग विशेषज्ञ, ड्रोन सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और ड्रोन रिसाइकलर या स्क्रैपर्स के तौर पर अपना करियर शुरू करने के मार्ग प्रशस्त किये हैं.

भारत में उपलब्ध ड्रोन कोर्सेज

आमतौर पर विभिन्न ड्रोन कोर्सेज में निम्नलिखित पहलू शामिल होते हैं:

  • रिमोट के माध्यम से वायरलेस तरीके से कनेक्ट करने के बारे में जानकारी.
  • ड्रोन उड़ान के बारे में सारी अहम जानकारी के साथ ही, फ्रेम और रोटर नियंत्रण का संतुलन कायम करने के बारे में जरुरी जानकारी.
  • हवाई फोटोग्राफी के बारे में जानकारी.
  • अपने खुद के रिमोट नियंत्रित कैमरे से जुड़े ड्रोन को आसमान में उड़ाने की ट्रेनिंग.

भारत में ड्रोन डोमेन में कुछ कोर्सेज जो इंडियन स्टूडेंट्स चुन सकते हैं वे हैं -  ड्रोन पायलट, मानव रहित हवाई वाहन (UAV) कोर्सेज और डिजाइनिंग. ड्रोन पायलट कोर्स में पढ़ाए जाने वाले कोर्स करिकुलम में उड़ान के बुनियादी सिद्धांत, एटीसी प्रक्रियाएं, रेडियोटेलीफोनी, आपातकालीन पहचान और संचालन शामिल हैं.

भारत में ड्रोन की विभिन्न फ़ील्ड्स में उपलब्ध करियर्स

UAV डिजाइन पर कोर्सेज UAV प्रौद्योगिकी के लिए नकली/ जाली स्थिति, स्थिरता विश्लेषण और प्रोटोटाइप परीक्षण में डिजाइनिंग और आकार देने की प्रक्रिया का परिचय देता है. इस डोमेन में इलेक्ट्रॉनिक्स का ज्ञान हमेशा एक प्लस पॉइंट होता है. किसी भी पृष्ठभूमि का कोई भी व्यक्ति UAV डिजाइन का कोर्स कर सकता है. इंडियन स्टूडेंट्स ड्रोन की विभिन्न फ़ील्ड्स में बेहतरीन करियर्स चुन सकते हैं उनमें - मैकेनिकल डिजाइन, ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल डिजाइन, ड्रोन की विभिन्न उप-प्रणालियों का संयोजन और ड्रोन के ऑनबोर्ड और सहायक सॉफ्टवेयर की डिजाइनिंग शामिल है. ड्रोन आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) और डाटा विश्लेषण क्षेत्र में भी इन ट्रेंड प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं. महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए ड्रोन-आधारित डाटा का उपयोग खनन, शहरी विकास और विकास के कई अन्य क्षेत्रों में किया जाता है.

इसी तरह, भारत सरकार ने सुरक्षा मुद्दों के कारण ड्रोन उड़ान पर नए नियम पेश किए हैं. DGCA द्वारा अनुमोदित यह ड्रोन पायलट कोर्स ड्रोन लाइसेंस प्राप्त करने में मदद करता है. इस उपकरण के परीक्षण में शामिल निर्माताओं के लिए भी ये ड्रोन कोर्सेज महत्वपूर्ण हैं.

DGCA द्वारा अप्रूव्ड टॉप इंडियन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स

भारत में DGCA द्वारा अप्रूव्ड टॉप ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स की एक लिस्ट अब आपके लिए इस आर्टिकल में प्रस्तुत की जा रही है:

  • अल्केमिस्ट एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, जमशेदपुर
  • एम्बिशन्स फ्लाइंग क्लब प्राइवेट लिमिटेड, अलीगढ़
  • फ्लाईटेक एविएशन एकेडमी, सिकंदराबाद
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी
  • पायनियर फ्लाइंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड, अलीगढ़
  • रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड, बारामती
  • बॉम्बे फ्लाइंग क्लब, मुंबई
  • तेलंगाना स्टेट एविएशन एकेडमी, हैदराबाद

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