वर्क प्लेस पर सिटिंग वर्क की वजह से बढ़ते मोटापे से बचाव के कुछ सरल उपाय

कामचलाऊ जीवन शैली के बढ़ते प्रचलन की वजह से आजकल प्रोफेशनल्स के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

Jan 13, 2020 16:02 IST
Easy tips to curb obesity at workplace
Easy tips to curb obesity at workplace

कामचलाऊ जीवन शैली के बढ़ते प्रचलन की वजह से आजकल प्रोफेशनल्स के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. समय पर भोजन न करना, फ़ास्ट फूड का अधिक इस्तेमाल और अधिक समय तक सिटिंग वर्क करना आदि कारणों से लोग कई बीमारियों के शिकार होते चले जा रहे हैं. इसमें सबसे आम बीमारी है मोटापे की समस्या. एक बात गौर करने वाली यह भी है कि मोटापे की वजह से होनेवाली डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि के अतिरक्त लोगों की आम धारणा यह भी बन जाती है कि मोटे व्यक्ति आलसी तथा कम टैलेंटेड होते हैं जिसकी वजह से उनका करियर भी प्रभावित होता है. दूसरी तरफ लगातार सिटिंग वर्क करने की वजह से मोटापे की समस्या स्वतः शुरू हो जाती है. इस समस्या को ध्यान में रखते हुए हमने ऑफिस में सिटिंग वर्क करने वाले प्रोफेशनल्स किन बातों पर विशेष ध्यान दें ताकि वे पूरी तरह से स्वस्थ्य रह सकें, इस बात पर प्रकाश डालने की कोशिश की है.  

नाश्ता करना कभी न भूलें

अक्सर हम जल्दबाजी में नाश्ते को इग्नोर करते हैं. हर कोई यही सोचता है कि अरे बहुत देर हो रही है चलो नाश्ता बाद में कर लेंगे. लेकिन यदि आप चाहते हैं कि आप मोटापे के शिकार न हों, तो नाश्ता समय पर और प्रतिदिन करना हरगिज न भूलें. चूंकि नाश्ते से आपके दिन की शुरुआत होती है इसलिए उसे पौष्टिक तथा सुपाच्य होना चाहिए.

कच्ची हरी सब्जियों के जगह थोड़ी भुनी हुई सब्जियों का प्रयोग लंच में करें

अक्सर लोग यह समझकर कि हरी सब्जियां प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण आदि की मुख्य सोर्स होती हैं इसलिए इन्हें कच्चे खाना ज्यादा फायदेमंद रहेगा, उसका अधिक प्रयोग करना शुरू कर देते हैं .लेकिन हम भूल जाते हैं कि मानव शरीर प्रत्येक हरी शब्जी को पूरी तरह से पचा नहीं सकता और इससे उसका पाचन तंत्र गड़बड़ हो सकता है. इसलिए हमेशा थोड़ी भुनी हुई या पकी हुई सब्जियों का इस्तेमाल ही भोजन में करें इससे आपकी पाचन प्रणाली सही रहेगी.

दैनिक जीवन में सीआरएपी के अधिक इस्तेमाल से बचें

सीआरएएपी से अभिप्राय है- सी से कैफीन,आर से रिफाइंड सुगर,ए से एल्कोहल और पी से प्रोसेस्ड फूड. अर्थात यदि आप वाकई में यह चाहते हैं कि आप चुस्त दुरुस्त रहते हुए उर्जावान बने रहें तो दैनिक जीवन में इसके अधिक इस्तेमाल से बंचे वर्ना आपको मोटापे की बीमारी से कोई नहीं बचा सकता है. इन भोजन के ज्यादा इस्तेमाल से पेट की चर्बी बढ़ती है. इसलिए अगर फ़्लैट टमी चाहिए तो इसका प्रयोग बिलकुल कम कर दें.

शीतल पेय पदार्थों का न की मात्रा में सेवन करें

कुछ देर के लिए तो शीतल पेय पदार्थों का सेवन हमारे टेस्ट और इच्छा की पूर्ति करता है लेकिन इसका बहुत ही हानिकारक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है. सभी कार्बोनेटेड पेय पदार्थ वजन बढ़ाने के साथ साथ सुस्ती और थकान का कारण बनते हैं. अगर एक बार शीतल पेय पदार्थों की लत लग जाय तो यह जल्दी छुटती भी नहीं है.इसे छोड़ना बड़ा मुश्किल काम हो जाता है. इसकी जगह ग्रीन टी या ताजे जूस का प्रयोग करें.

प्रोबायोटिक दही

दही में मौजूद लैक्टोबैसिलस पाचन की प्रक्रिया सुचारू बनाकर मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया को सही रखता है.अपने डेली रूटीन वाले भोजन में दही को शामिल करें. इससे पेट की चर्बी कम होती है. अगर आप मीठा के शौक़ीन हैं तब भी चीनी के साथ दही का इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा. इससे त्वचा भी चमकदार रहती है.

भोजन में फिश ऑयल का प्रयोग करें

अपना खाना बनाने के लिए अधिकांश मामलों में फिश ऑयल का प्रयोग करें. इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल को कम करता है तथा ब्लड प्रेशर और सुगर जैसी बीमारियों से रक्षा करता है. लेकिन यदि आप शाकाहारी हैं अथवा आपको मछली की गंध पसंद नहीं है तो  आप कॉड-लीवर ऑयल टैबलेट का प्रयोग कर सकते हैं. इससे मोटापा भी घटता है.

रात्रि 8 बजे से पहले भोजन करने की कोशिश करें

एक कहावत है कि व्यक्ति को रजा की तरह नाश्ता, राजकुमार की तरह दिन का भोजन तथा भिखारी की तरह रात्रि का भोजन करना चाहिए. रात को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी अर्थात रात्रि के 8 बजे तक भोजन कर लेना चाहिए.वैसे आजकल के वर्किंग कल्चर में यह ज्यादातर संभव नहीं है लेकिन यदि आप ऐसा करते हैं या फिर रात को जितना जल्दी भोजन करेंगे आपकी पाचन प्रणाली उतनी ही अच्छी होगी.

इसलिए यह बहुत जरुरी है कि आप अपने बढ़ते वजन की उचित देखभाल कर उसे नियंत्रण में रखें क्योंकि मोटापा अक्सर व्यक्ति को आलसी तथा लेस प्रोडक्टिव बनाने के साथ साथ कई घातक बीमारियों का शिकार भी बनाता है.

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