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मेहनत है कामयाबी का मंत्र

Jul 13, 2018 15:54 IST
    Hard work – Your Mantra to Success
    Hard work – Your Mantra to Success
    नम्रता रेड्डी,
    सीईओ नम्रता हेम्प कंपनी

    सरकार के मेक इन इंडिया कैम्पेन ने कई उद्यमियों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया है। बेंगलुरु की नम्रता रेड्डी भी उनमें से एक हैं। इन्होंने कम कीमत पर लोगों तक अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने का फैसला लिया और नींव पड़ी नम्रता हेम्प कंपनी की। इसके जरिये इन्होंने कई वैज्ञानिक शोध के बाद किसानों की मदद से औद्योगिक हेम्प यानी भांग की खेती शुरू की और इससे हेम्प आधारित सतलिवा नामक ब्यूटी प्रोडक्ट का निर्माण किया। कंपनी की सह-संस्थापक नम्रता रेड्डी कहती हैं कि कड़ी मेहनत, धैर्य और विश्वास ही उनकी कामयाबी का मंत्र है...

    मेरे पिता फाइनेंस क्षेत्र में रहे हैं। अमेरिका की एक कंसल्टेंसी फर्म में लगभग 15 वर्ष तक काम कर चुके हैं। मां भी अमेरिका में लगभग 5 साल तक मॉन्टेसरी स्कूल की शिक्षिका थीं। उसके बाद से वह होम मेकर हैं। मैंने सैन जोस स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री लेने के बाद 2 साल तक नासा में क्वालिटी एश्योरेंस (क्यूए) इंजीनियर के रूप में काम किया। वहां का अनुभव अच्छा रहा। रिसर्च केंद्र में मैंने रोवर्स पर काम किया। इंजीनियरिंग हमेशा मेरी पहली पसंद रही है। इंजीनियर होने के नाते आपको नई चीजों को खोजना होता है।  

    परिवार के सहयोग से बढ़ी आगे

    मैं हमेशा से भारत में ही बसना चाहती थी। देश के लिए कुछ करना चाहती थी। लेकिन इंजीनियर से उद्यमी बनना आसान नहीं था। इसमें मेरे पति और परिवार ने मदद की। वे हमेशा साथ खड़े थे। इस सफर के दौरान काम के प्रति समर्पण, लोग वास्तव में कैसे एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं, ये सब जाना-सीखा। मेरे पति का आइडिया था। वे क्लीनिकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के हेड थे, जहां दवाइयों और सौंदर्य प्रसाधनों में केमिकल का उपयोग होता था। इसका शरीर पर बहुत खराब प्रभाव पड़ता था। हमने कुछ अलग करने की सोची। मार्केट रिसर्च से पता चला कि लोगों को हेम्प की खूबियों के बारे में मालूम नहीं है और न ही बाजार में इससे संबंधित अधिक प्रोडक्ट्स उपलब्ध थे। ज्यादातर ब्यूटी प्रोडक्ट्स आयात होने के कारण महंगे होते थे। तभी हमने हेम्प की मदद से प्रोडक्ट बनाने का निर्णय लिया और 2016 में एनहेम्प कंपनी की नींव पड़ी।

    बेटे पर प्रोडक्ट का परीक्षण

    हमारे सामने प्रोडक्ट के परीक्षण की चुनौती थी। इसके लिए कहीं और जाने की बजाय अपने 4 वर्ष के बेटे को चुना, जिसकी त्वचा बहुत रूखी थी। अक्सर उस पर रैशेस हो जाते थे। हमने सतलिवा का पहला परीक्षण बेटे पर ही किया। मैंने देखा कि उसकी हालत में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा था और 6 महीने बीतते-बीतते उसकी त्वचा सामान्य हो गई। हालांकि कम समय तक चलने के कारण सतलिवा को ऑर्डर पर ताजा बनाया जाता है। किसी भी नए काम या रिसर्च में सेटबैक होना आम है। हमारे सामने जब कोई सेटबैक होती है, तो हम और अधिक रिसर्च करते हैं और उसका समाधान खोजने की कोशिश करते हैं।

    बिजनेस प्रबंधन रही चुनौती

    मैं इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से थी, तो पूरे व्यवसाय चक्र और व्यवसाय प्रबंधन को समझना एक चुनौती थी। हेम्प के बारे में लोगों को विश्वास दिलाना भी आसान नहीं था, क्योंकि वे वास्तव में इसके लाभ के बारे में नहीं जानते थे। वर्तमान में हमारा पूरा फोकस ब्रांड, गुणवत्ता और नीतियों में सुधार पर है। हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मैं इसका फाइनेंस, बजट आदि संभालती हूं। इसके अलावा, हेम्प आधारित प्रोडक्ट्स के लिए एक रॉ-मैटीरियल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश है, ताकि ब्यूटी उत्पाद बनाने वाली अन्य कंपनियों को भी यह उपलब्ध हो सके। उम्मीद है कि एक एकड़ में खेती से किसानों को सालाना डेढ़ से दो लाख रुपये का फायदा होगा। फसल होने पर उसे प्रॉसेस कर निर्माताओं को उपलब्ध कराएंगे।

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