कॉलेज छात्रों के लिए आर्थिक तंगी से उबरने के 5 कारगर उपाय

कॉलेज  लाइफ का मतलब ही होता है कम से कम प्रतिबन्ध तथा अधिक स्वंत्रता की इच्छा के साथ जीवन व्यतीत करना.

Created On: Oct 24, 2017 19:18 IST
Modified On: Oct 31, 2017 15:43 IST
Helpful tricks for reducing financial stress in college
Helpful tricks for reducing financial stress in college

कॉलेज  लाइफ का मतलब ही होता है कम से कम प्रतिबन्ध तथा अधिक स्वंत्रता की इच्छा के साथ जीवन व्यतीत करना. कॉलेज में दाखिले से पहले आप जितने लापरवाह थे या जिन कार्यों की जिम्मेदारी सिर्फ आपके माता पिता या अभिभावक उठाते थें वे सारे कार्य आपको अब स्वयं करने पड़ते हैं. अपने तीनों टाइम के खानों के प्रबंध के साथ साथ रूम रेंट, कॉलेज और ट्यूशन की फ़ीस, आने जाने का किराया के अतिरिक्त ऐसे बहुत सारे खर्चें होते हैं जिन्हें आपको स्वयं मैनेज करना होता है. विशेष रूप से उन छात्रों के लिए ये सारे कार्य सही ढंग से निर्धारित बजट में पूरा करना कठिन होता है, जिन्होंने इससे पहले घर में रहकर पढ़ाई की हो तथा इससे उनका कोई लेना देना नहीं था. अचानक इस तरह के दायित्वों के निर्वाह की जिम्मेदारी आ जाने से छात्र हर कार्य में संतुलन नहीं बैठा पाते हैं तथा कहीं कहीं इससे उनका बजट भी प्रभावित होता है. इससे कभी कभी वे आर्थिक तंगी के शिकार हो जाते  हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए नीचे कुछ टिप्स दिए गए हैं जिनका अनुकरण कर अवश्य ही कॉलेज स्टूडेंट ऐसी स्थितियों से अपने आप को बाहर निकाल सकते हैं.

किसी पार्ट टाइम जॉब की तलाश कीजिये

एक पार्ट टाइम जॉब की तलाश करते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि आप एक स्टूडेंट हैं तथा आपको नौकरी के साथ साथ पढ़ाई भी पूरी करनी है. आप ऐसे जॉब की तलाश करें जिसे आप जब चाहे छोड़ सकते हों. उदहारण के लिए अगर आपके जॉब से आपकी पढ़ाई बाधित हो रही हो जिसकी वजह से आप अवसाद ग्रस्त होते जा रहे हैं तो आप तत्काल नौकरी छोड़ दीजिये. साथ ही साथ आप अपनी जॉब कॉलेज कैम्पस के नजदीक ही तलाशिये ताकि आप कॉलेज की पढ़ाई तथा जॉब दोनों बिना किसी परेशानी के कर सकें. इसके अतिरिक्त आप जिस जगह नौकरी करने जा रहे हैं वहां का माहौल आपके स्टडी के अनुकूल होना चाहिए तथा नियोक्ता को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आप कॉलेज स्टूडेंट हैं और वह समय दर समय आपकी मदद करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो.

अपना बजट  बनाइये

एक सही और संतुलित बजट बनाने की बात जितनी सुनने में आसान लगती है बनाने में उतनी आसान नहीं है. अक्सर आपने अपने माता पिता को बैठकर कैलकुलेटर पर घर का हिसाब किताब करते देखा होगा. यद्यपि आपको अभी उतना विस्तृत बजट बनाने की जरुरत नहीं है. आपको इस वक्त अपने निर्धारित आय में एक महीने के बजट को तैयार करना है. इसके लिए एक सूची बनाइये कि किस चीज पर कितना खर्च करना है ? एक बार जब मेजर खर्चे के प्लानिंग के बाद कुछ पैसे बच जाय तो आप उसे आपातकाल तथा मनोरंजन के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. इससे आप बिना किसी टेंशन के अपने सारे खर्चों को आसानी से पूरा कर पाएंगे.

बजट से अधिक खर्च नहीं करें

बजट की योजना बनाना अपने आप में एक बड़ी बात है लेकिन उससे बड़ी बात है अपने द्वारा बनाये गए बजट पर अमल करना. वास्तव में हर महीने अपने बजट के अनुकूल खर्च करना वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. बजट से अधिक खर्चा करना कोई बड़ी बात नहीं है यह तो बड़ी आसानी से हो जायेगा लेकिन इससे होने वाली परेशानी से उबरना आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा. इसलिए जानबूझकर ऐसी अनचाही स्थितियों में पड़ना सही नहीं है. इसलिए बनाये गए बजट पर दृढ़ता से अमल करें.

इच्छा की बजाय आवश्यक्ता को वरीयता दें

इच्छाओं का अंत नहीं है. एक कॉलेज स्टूडेंट के रूप में आप अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर सकते. इस बात को ध्यान में रखते हुए आप अपनी आवश्यक्ताओं को पूरा करने पर जोर दें. आवश्यक्ताओं में कमी करने से आपकी जीवनशैली तथा आपका स्वस्थ्य प्रभावित हो सकता है लेकिन इच्छाओं में कटौती से आपके व्यक्तित्व और जीवन शैली पर कुछ विशेष असर नहीं पड़ता है. इसलिए जीवन में हमेशा अपनी आवश्यक्ताओं को पूरा करने के बाद ही इच्छाओं की पूर्ति पर जोर दें.

कार्ड की जगह कैश का प्रयोग करें

कार्ड से पेमेंट करते समय ज्यादतर मामलों में आप यही नहीं जान पाते की वास्तव में कितना आपने खर्च किया. खर्चे का मैसेज आने के कुछ समय बाद वह मोबाइल से समाप्त हो जाता है. सभी खर्चे को एक साथ दिमाग में रखना मुश्किल होता है. कैश पेमेंट के समय आप चाहते हैं कि पैसे कम खर्च हों तथा अधिक से अधिक कैश आपके पास रहे. कार्ड से उसके लिमिट के हिसाब से आप अधिक खर्च कर सकते हैं जिसका भुगतान आपके लिए महंगा पड़ सकता है. इसलिए कार्ड से भुगतान करने से बचें.

आर्थिक सहयोग के लिए अप्लाई करें

बहुत सारे कॉलेज तथा विश्वविद्यालय छात्रों के लिए कई तरह से अर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं. इसके लिए कुछ विशेष क्राईटेरिया होते हैं जैसे फेमिली की निश्चित वार्षिक इनकम आदि. यदि आप ऐसे अनुदानों के लिए अप्लाई करते हैं तथा इसको पाने में कामयाब होते हैं तो इससे आपको और आपके परिवार को आर्थिक तंगी के समय बहुत बड़ी राहत मिल सकती है.

स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करें

हर कॉलेज या संस्थान अपने छात्रों को किसी न किसी तरह के स्कॉलरशिप अवश्य देते हैं. हाँ इनको देने के लिए हर संस्थान के अपने अलग पैमाने होते हैं. ये पैमाने संस्थान दर संस्थान अलग हो सकते हैं. कुछ मेरिट के आधार पर देते हैं तो कुछ आवश्यक्ता के आधार पर स्कॉलरशिप प्रदान करते हैं. वैसे आजकल भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक्स्ट्रा करिकुलर टैलेंट विशेषरूप से स्पोर्ट्स के लिए सार्वभौमिक रूप से स्कॉलरशिप प्रदान करने का प्रचालन बढ़ रहा है. एकेडमिक संस्थाओं के अतिरिक्त बहुत सारे एनजीओ तथा कार्पोरेट कम्पनियाँ भी छात्रों को उनके प्रतिभा के आधार पर स्कॉलरशिप प्रदान करती हैं. आप कॉलेज के अलावा इन क्षेत्रों में भी स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं. 

प्रारंभिक अवस्था में एक सही और संतुलित बजट बनाना थोड़ा कठिन लग सकता है लेकिन आप थोड़े से प्रयास से इस कला में प्रवीणता हासिल कर अपने आप को हमेशा आर्थिक तंगी से दूर रख सकते हैं. याद रखिये स्टूडेंट लाइफ में बनाये गए छोटे छोटे बजट आगे की जिन्दगी में बड़े बड़े बजट बनाने में आपकी बहुत मदद करेंगे.

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