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जानिये फ्रेशर्स का रिज्यूम कैसा होना चाहिए ?

हर किसी को पता है कि आप फ्रेशर हैं तथा आपको रिज्यूम की सारी बारीकियां पता नहीं है तथा आपसे किसी प्रभावशाली करियर रिकॉर्ड की भी अपेक्षा नहीं की जाती है.

Jan 16, 2019 18:53 IST
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कॉलेज पास आउट होने के बाद या फिर कोई प्रोफेशनल डिग्री लेने के बाद अक्सर छात्र अपना पहला रिज्यूम बनाने को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं.लेकिन ऐसे उम्मीदवारों को अब चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है. हर किसी को पता है कि आप फ्रेशर हैं तथा आपको रिज्यूम की सारी बारीकियां पता नहीं है तथा आपसे किसी प्रभावशाली करियर रिकॉर्ड की भी अपेक्षा नहीं की जाती है. अतः रिज्यूम लिखते समय इन बातों पर अवश्य गौर करें -

आज से लगभग दो दशक पहले हम अपने रिज्यूम में अपनी सारी योग्यताएं लिख डालते थें और नियोक्ता उन्हें पढ़ते और देखते भी थे. लेकिन अब समय बदल गया है और नियोक्ता के पास इतना समय नहीं है कि वह आपकी पूरी हिस्ट्री पढ़े. भारत में विशेष रूप से प्राइवेट सेक्टर में अब मार्केट की डिमांड के अनुसार अप्रासंगिक जानकारियों को पढ़ने का कोई मतलब नहीं रहा. अब उसे कोई नहीं पढता है.

आपके रिज्यूम एस्से या स्टोरी टाइप नहीं होना चाहिए. आपके रिज्यूम से आपकी क्वालिटी,मेरिट, डीमेरिट तथा प्रोफेशनल स्किल्स की जानकारी प्राप्त होनी चाहिए. अपने बारे में किसी भी तरह की भ्रमपूर्ण बातों का जिक्र रिज्यूम में नहीं करना चाहिए.

मार्केट तथा अपने जॉब की डिमांड के अनुसार अपना रिज्यूम तैयार करें. समय के साथ चलने की कोशिश कीजिये. व्यक्तिगत विवरण अनुभाग में नौकरी विशेष से जुड़े विशेषताओं का जिक्र करने के साथ ही कम से कम शब्दों में जरुरी बातों को कहना चाहिए. एक सही रिज्यूम बनाने के लिए कुछ सुझाव नीचे दिए गए हैं-

रिज्यूम में क्या नहीं लिखना चाहिए ?

अपने उद्देश्य को बहुत बढ़ा चढ़ा कर लिखना : हमेशा अपना रिज्यूम बनाते समय रूढ़िवादी वाक्यों और सामान्य कथनों के प्रयोग से बचना चाहिए. अपने उद्देश्य को भी बहुत बढ़ा चढ़ा कर नहीं लिखना चाहिए. यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपमें विवेक की कमी का एहसास होगा.

उपसर्ग : श्री, श्रीमती और मिस जैसे सांकेतिक उपसर्गों का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

पिता का नाम : अगर आप राशन कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर रहे हैं तो अपने पिता का नाम लिखना बिलकुल अप्रासंगिक है. इन्टरव्यूअर आपके विषय में जानना चाहते है आपके परिवार के विषय में नहीं.

धर्म और जाति : अपने रिज्यूम में अपने धर्म तथा जाति का वर्णन नहीं ही करें तो अच्छा है. ध्यान रखिये नियोक्ता को काम से जुड़े स्किल्स के अतिरिक्त आपकी जाति तथा धर्म के विषय में जानने का कोई हक़ नहीं है.

किसी भी बात को बहुत बढ़ा चढ़ा कर नहीं लिखना चाहिए : किसी भी चीज के विषय में झूठी तथा बढ़ा चढ़ा कर कुछ भी नहीं लिखना चाहिए. इन्टरव्यूअर आपके सभी बातों को डबल चेक करते हैं और इससे आपकी सच्चाई सामने आ सकती है.

युवावस्था के शौक का वर्णन नहीं करें : अपने युवावस्था के शौक का वर्णन अपने रिज्यूम में हरगिज न करें. फिलवक्त आप किस को करने से ज्यदा आनंदित होते है या आपका पैशन क्या है ? इसका जिक्र आप संक्षिप्त में कर सकते हैं. आपका प्रयास हमेशा यह होना चाहिए कि आपकी रूचि तथा करेंट जॉब प्रोफाइल के बीच एक तालमेल हो.

आपका रिज्यूम कैसा दिखना चाहिए ?

मुख्य बातों को हाइलाइट करें : अपने क्वालिफिकेशन तथा उपलब्धियों को संक्षिप्त में लिखकर उसे हाइलाइट करें

सही कीवर्ड्स का इस्तेमाल करें : आजकाल ऑनलाइन रिज्यूम कीवर्ड्स के आधार पर ही सर्च किये जाते हैं. इसलिए हमेशा सही की वर्ड्स का चयन करें.

स्किल्स और नॉलेज : उन्ही स्किल्स तथा नॉलेज का वर्णन करें जो आपके जॉब प्रोफाइल से मैच करता हो.

बुलेट्स का इस्तेमाल : कभी भी अपने रिज्यूम को एस्से की तरह नहीं लिखें. हर चीज को तोड़कर बुलेट प्वाइंट में लिखने की कोशिश करें

सिली मिस्टेक्स न करें : आपने जो कुछ भी लिखा है उसकी दुबारा जाँच कर लें. हो सके तो किसी प्रोफेशनल से उसकी प्रूफरीडिंग करा लें. सिंटेक्स, स्पेलिंग तथा ग्रैमेटिकल एरर को चेक कर लें.

इसे आकर्षक तथा कुछ अलग बनाये : स्मार्ट बनिए. स्मार्टनेस आज के वर्ल्ड की मांग बन चुकी है.आपका रिज्यूम इस तरह यूनिक होना चाहिए कि न चाहते हुए भी नियोक्ता उसकी तरफ आकर्षित हो जाए. क्रिएटिव बनिए लेकिन बहुत ज्यादा भावनात्मक प्रवाह में भी नहीं बहें.नियोक्ता यह तय करने में लगभग 6 सेकंड लेते हैं कि क्या आपका रिज्यूम पढ़ने लायक है या नहीं.

सर्वोत्तम परिणाम के लिए आपका रिज्यूम जॉब के रिक्वायरमेंट्स के अनुरूप तथा उसके इर्दगिर्द होना चाहिए. विशेष परिस्थिति में अगर आपके पास बहुत ज्यादा अनुभव और क्वालिफिकेशन नहीं है तो आप कुछ हद तक व्यक्तिगत जानकारी तथा पैशन आदि के विषय लिख दें, ऐसा सोचना गलत है क्योंकि इससे आपको जॉब मिलने में कोई सहूलियत नहीं मिलेगी.