कोई भी जॉब ज्वाइन करने के बाद ऑफिस में शुरूआती 90 दिन कैसे बिताएं?

जब आप किसी नए संगठन में प्रवेश करते हैं तो प्रारंभिक 90 दिन (लगभग 3 महीने) एक एक्साईटिंग फेज होता है.

Created On: Aug 2, 2017 02:01 IST
Modified On: Apr 9, 2018 12:15 IST
How to Ace your First 90 days at work
How to Ace your First 90 days at work

जब आप किसी नए संगठन में प्रवेश करते हैं तो प्रारंभिक 90 दिन (लगभग 3 महीने) एक एक्साईटिंग फेज होता है. यह नए परिवार से परिचित होने की तरह है जिसमें आपसे बहुत सारी उम्मीदें होती हैं और आप अपने स्तर पर सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होते हैं. यह आपको को-वर्कर, मैनेजर, ह्यूमन रिसोर्स रिप्रेजेन्टेटिव या मैनेजमेंट ऑफिसियल में से कोई भी हो सकता है जो आपके काम की निगरानी करता हो. लेकिन इन शुरुआती दिनों का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि आप आमतौर पर प्रशिक्षण अवधि में होते हैं और कंपनी आपसे यह उम्मीद नहीं करती है कि आप उन्हें शुरुआत से ही फायदा देने लंगेगे. इसलिए आपको आने वाले दिनों में अपना काम सही तरीके से करने के लिए संगठन को ठीक से समझने का हर संभव प्रयास करना चाहिए. यहां 5 बातों की एक सूची दी गई है, जिसका आपको काम के शुरुआती 90 दिनों में पालन करना चाहिए.

सक्रिय श्रोता

पहले 90 दिनों के लिए आपको एक सक्रिय श्रोता बनने की ज़रूरत है. इसके बारे में यह भी कहा जाता है कि जो दूसरों की बातें सुनता हैं उसका लोग सम्मान करते हैं. इसलिए अपने नए को-वर्कर्स की बातें सुनेंऔर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करें. इसके अलावा, संगठन के विचारों और कार्यों को सुनना भी आपको कंपनी के कल्चर को समझने में मदद करेगा.

एक्टिव लिसनिंग के लिए यहां कुछ युक्तियां दी गई हैं:

हमेशा याद रखें कि जो लोग सुनते हैं वे सही प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित कर सकते हैं. आपको अपने आइडियाज को शेयर करने का मौका मिलेगा ऐसा होने पर, अपने आइडियाज पर लोगों की प्रतिक्रिया का सामना करें क्योंकि कांस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म आपके करियर के विकास के लिए ज़रूरी है.

संगठन को समझें

जिस दिन आप किसी नए संगठन में कदम रखते हैं, वहां ढेर सारी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत होती है. तीन बुनियादी बातें जिनकी मदद से आप अपने संगठन को समझ सकते हैं.

संगठन का उद्देश्य
वर्कर
विभिन्न प्रक्रियाएं

व्यापक रूप से समझाया गया है:

संगठन में लंबे समय तक अस्तित्व और विकास के लिए इन आधारभूत चीजों के बारे में अधिक से अधिक जानने का प्रयास करना चाहिए. एक बार जब आप इन पहलुओं से परिचित हो जाते हैं, तो आपको अपने करियर  में कम कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा.

को-वर्कर्स और बॉस से बातचीत करें

अपने को-वर्कर्सबॉस से बातचीत करना दीर्घकालिक सफलता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. ये लोग करियर ग्रोथ में आपकी मदद कर सकते हैं. अपने को-वर्कर्स से अच्छे रिलेशन, काम के समय आ रही समस्याओं के समाधान में आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा इनमें से कुछ लोग अप्रेजल के दौरान आपकी परफॉरमेंस का आकलन भी कर सकते हैं. अच्छा प्रोफेशनल रिलेशन बनाना भी अप्रेजल में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. एक सौहार्दपूर्ण प्रोफेशनल रिलेशन इन फैक्टर्स पर निर्भर करता है. इसलिए अपने को-वर्कर्स और सीनियर्स के साथ रिलेशन बनाते समय इन फैक्टर्स को ध्यान में रखें

टार्गेटेड ग्रुप की आवश्यकताओं को समझें

प्रोफेशनल रिलेशन को बनाते और संगठन के वर्क कल्चर को समझते समय, टार्गेटेड ग्रुप के बारे में जानकारी हासिल करना न भूलें. आखिरकार, आपको संगठन में टार्गेटेड ग्रुप (टीजी) की एक्सपेक्टेशंस और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ही रखा गया है.

इसलिए, टार्गेटेड ग्रुप की डेमोग्राफी और उनकी आवश्यकताओं के बारे में पता करें. टार्गेटेड ग्रुप को समझने के लिए उपयोग किए जा रहे टूल के बारे में पता करें और अपने टार्गेटेड ग्रुप को समझने का प्रयास करें. इसके बाद, अपनी जॉब प्रोफाइल पर काम करने के लिए वर्क प्लान तैयार करें.

स्मार्ट टारगेट सेट करें

हाँ! सेल्फ-अप्रेजल के लिए गोल सेट करना बहद ज़रूरी है. खासकर तब जब आप अपने सीनियर्स के साथ अच्छा तालमेल बनाना चाहते हों. जो भी काम आपको सौंपा गया है उसके लिए ऐसा वर्क प्लान तैयार करें जिससे आप अपना काम 3-6 महीनों में पूरा कर लें.

नीचे दिए हुए तथ्य आपको नए संस्थान के वर्क कल्चर और पॉलिसीज के लिए पॉजिटिव दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता करेंगी.

एस – स्पेसिफिक: अपने काम की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझें
एम – मेजरेबल: आपका मैनेजर जिन मापदंडों से आपकी परफॉरमेंस को जज करेगा. अपने कार्यों को उस के अनुसार  करें .
ए – अटेनेबल: उस काम को पूरा करने का वादा न करें जिसे आप पूरा करने में सक्षम नहीं हैं.
आर –रिलेवेंट : उन कामों को न करें जो आपकी वर्क प्रोफ़ाइल में शामिल न हो.
टी – टाइम बाउंड : काम ख़त्म करने के लिए समयसीमा निर्धारित करें और उन्हें समय सीमा के भीतर ख़त्म करने में कोई कसर न छोड़े.

अपनी स्मार्ट वर्क प्लानिंग से आप अपनी परफॉरमेंस की ओर अपने सीनियर्स को आकर्षित कर सकते हैं. एथिकल वर्क, और डीटरमिनेशन एक प्रोफेशनल के लिए दूसरों के मन में सम्मान पैदा करते हैं. और अगर आप इन पांच कार्यों को शरूआती 90 दिनों के भीतर पूरा करने में सक्षम हैंतो इस बात की बहुत संभावना है कि आपको संगठन के लिए एक असेट के रूप में देखा जाएगा.

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