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इस साल जॉब पाने के लिए कुछ ऐसे तैयार करें अपना रिज्यूम

चाहे जॉब सीकर्स अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके जॉब की तलाश में निकले फ्रेशर्स हों या एक्सपीरियंस्ड पेशेवर जोकि अपने करियर में बदलाव या नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हों, यह साल किसी भी कैंडिडेट के लिए ज्यादा आशाजनक नहीं कहा जा सकता है.

May 2, 2019 12:52 IST
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Tips to prepare Your Resume to get Job this Year
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अगर लेटेस्ट डाटा की पड़ताल करें तो हम देखते हैं कि भारत में दिसंबर, 2018 में बेरोज़गारी दर 3.53% थी और इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ) के मुताबिक साल 2018 - 2019 में हमारे देश में यह दर 3.5% तक रह सकती है. इसी तरह, इस समय भारत में लगभग 18.9 मिलियन लोग बेरोज़गार हैं. सेंटर फॉर मोनिटरिंग इंडियन इकॉनमी प्राइवेट लि. (सीएमआईई) के मुताबिक फ़रवरी, 2019 में हमारे देश में कुल 400 मिलियन लोगों के नौकरीपेशा होने का अनुमान है और फ़रवरी, 2018 में कुल 406 मिलियन लोग नौकरीपेशा थे. निश्चय ही यह डाटा चौंकाने वाला है.

इस साल नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह साल काफी उतार-चढ़ाव लेकर आया है. चाहे जॉब सीकर्स अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके जॉब की तलाश में निकले फ्रेशर्स हों या एक्सपीरियंस्ड पेशेवर जोकि अपने करियर में बदलाव या नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हों, यह साल किसी भी कैंडिडेट के लिए ज्यादा आशाजनक नहीं कहा जा सकता है. जहां तक रोज़गार भर्ती में गिरावट का मुद्दा है हमारे देश के एचआर प्रोफेशनल्स के मुताबिक इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण किसी भी जॉब प्रोफाइल के लिए  सूटेबल रिज्यूम या सीवी की तलाश करना है.

हर साल, हमारे देश में सभी कंपनियों और संगठनों में विभिन्न जॉब प्रोफाइल्स के मुताबिक जरूरी स्किल्स, जॉब एप्लीकेशन्स और रिज्यूम या सीवी के माध्यम से अपने बारे में जानकारी देने का तरीका भी बदल जाता है और यह साल 2019 भी इससे अलग नहीं है. यदि आप रिज्यूम या सीवी लिखने के पुराने फॉर्मेट और स्टाइल का ही इस्तेमाल कर रहे हैं तो एम्पलॉयर्स से फोन आने की कम संभावना की यह एक खास वजह हो सकती है. इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि एम्पलॉयर्स या उनके एचआर कंसल्टेंट्स आपके रिज्यूम प्राथमिकता दें तो, आपके लिए लेटेस्ट और मॉडर्न स्टाइल वाले रिज्यूम फॉर्मेट्स को अपनाने का यही सही वक्त है.  

यहां लेटेस्ट और मॉडर्न रिज्यूम तैयार करने के कुछ तरीके आपकी सहूलियत के लिए दिए जा रहे हैं जिनके मुताबिक अगर आप अपना रिज्यूम तैयार करते हैं तो आपको इंटरव्यू कॉल आने की काफी संभावना रहेगी.

फाइल का नाम: डिजिटल युग में जीने के कई फायदे हैं लेकिन इन फायदों को हासिल करने के लिए आपको कुछ तकनीकी बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए. यह बात खासकर तब सच होती है जब आप अपने रेज्यूम डॉक्यूमेंट की फाइल का नाम रख रहे होते हैं. इसलिए, अगर आप नौकरी के पोर्टल पर रेज्यूम डॉक्यूमेंट अपलोड करने या किसी एम्पलॉयर को ईमेल के जरिए अपना रेज्यूम डॉक भेजना चाहते हैं तो यह बहुत जरुरी है कि आप उस रिज्यूम फाइल को एक अलग नाम दें. बहुत से जॉब सीकर्स, यहां तक कि अनुभवी व्यक्ति भी, अक्सर यह गलती कर बैठते हैं और अपनी रिज्यूम फाइल को बिना कोई नाम दिए ही अपना रिज्यूम एम्पलॉयर को भेज देते हैं.

अगर आप “résumé.doc" या "coverletter.doc." जैसे सामान्य नाम का प्रयोग करते हैं,  तो अधिक संभावना है कि एचआर किसका रेज्यूम देख रहे हैं, यह वे याद न रख पाएं क्योंकि एक दिन में उनकों सैंकड़ों जॉब एप्लीकेशन्स प्राप्त होते हैं. इसलिए, हमेशा अपने रेज्यूम डॉक्यूमेंट का नाम और कवर लेटर के नाम को पर्सनलाइज करें.

आपका रिज्यूम हो स्कैनेबल: आज के समय में कई टॉप ब्रांड्स और कॉरपोरेट हाउसेज ने रेज्यूम स्कैनिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है, जो सैंकड़ों - हजारों रिज्यूम और सीवी की जांच करता है और कैंडिडेट्स को उनके स्किल्स और अनुभव के आधार पर सूटेबल जॉब्स के साथ मिलान करता है. मशीन स्कैनिंग में पास होने वाले रिज्यूम्स पर ही एचआर गौर करता है. इसलिए, आपके लिए स्कैनेबल रिज्यूम बनाना और सही स्थान पर सही बातों को हाइलाइट करना बहुत जरुरी है.

स्कैनेबल (स्कैन करने योग्य) रिज्यूम क्या है?

कोई स्कैन करने योग्य रिज्यूम कंप्यूटरीकृत इमेजिंग तकनीक में स्कैन किया जा सकता है. यह एम्पलॉयर्स को अपनी विभिन्न जॉब प्रोफाइल्स के लिए निर्धारित स्किल सेट के मुताबिक सूटेबल कैंडिडेट्स को सेलेक्ट करने में सहायता करता है.

अगर हम उक्त मशीनों को एक तरफ रख दें, तो भी आज के समय में एचआर डिपार्टमेंट के पास इतने अधिक जॉब एप्लीकेशन्स रोज़ाना आते हैं कि इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट करने या 'न' कहने वाले हिस्से  में किसी रिज्यूम को फेंकने से पहले उस रिज्यूम को देखने के लिए उन्हें महज 10 से 20 सेकेंड का ही वक्त मिल पाता है. इसलिए, अगर आप मशीन स्कैनिंग के तरीके पर भरोसा नहीं करते, तो भी आपके रिज्यूम को स्कैनेबल बनाने में यह काफी योगदान करता है.

फॉर्मेट और स्टाइल: इस आर्टिकल को लिखने का मकसद आपको लेटेस्ट और पहली नजर में एम्पलॉयर को इम्प्रेस करने वाले रिज्यूम का फॉर्मेट और डिजाइन तैयार करने में मदद करना है. रिज्यूम के फॉर्मेट और स्टाइल के अलावा इन सभी कामों को पूरा करने का बेहतर तरीका क्या है?

परंपरागत रूप से अगर हम बात करें तो, रिज्यूम राइटिंग में ने क्रोनोलॉजिकल राइटिंग स्टाइल का पालन किया जाता है अर्थात:

 

"क्रोनोलॉजिकल” रिज्यूम: जिसमें सारी जरुरी जानकारी (वर्क एक्सपीरियंस, एकेडमिक योग्यता और स्किल्स) कालक्रम के अनुसार अर्थात क्रोनोलॉजिकली प्रस्तुत की जाती हैं जिसमें नए से पुराने क्रम या सबसे सूटेबल से सबसे कम सूटेबल के क्रम का पालन किया जाता है."

आजकल एम्पलॉयर्स आपके स्किल्स और आप उनके संगठन के लिए क्या कर सकते हैं?....इन फैक्ट्स में अधिक रूचि रखते हैं. आपने अपने अतीत में क्या किया है इससे उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है आजकल. इसलिए, रिज्यूम राइटिंग का आजकल नया और लेटेस्ट स्टाइल विकसित हो चुका है और इसे अक्सर  फंक्शनल रिज्यूम फॉर्मेट या कार्यात्मक रिज्यूम प्रारूप कहते हैं.

 

फंक्शनल रिज्यूम फॉर्मेट:  इसमें मुख्य रूप से एप्लिकेंट के स्किल्स पर फोकस किया जाता है बजाय इसके कि उसने इसे कहां से सीखा है. रिज्यूम का यह फॉर्मेट एचआर द्वारा हाल ही में पसंद किया जाने लगा है क्योंकि इसमें एप्लिकेंट का टैलेंट और स्किल्स दिखाई देते हैं जो एप्लिकेंट्स/ कैंडिडेट्स की जॉब की जिम्मेदारियों/ जॉब प्रोफाइल से आसानी से मिलान करने में मददगार साबित होते हैं.

कई एचआर रिक्रूटर्स आजकल उपरोक्त दोनों अप्रोच के संयोजन वाले रिज्यूम्स पसंद करने लगे हैं जिसने नए और लेटेस्ट रिज्यूम स्टाइल को जन्म दिया है. ऐसे रिज्यूम्स किसी कैंडिडेट के पेशेवर और एकेडमिक जीवन के क्रोनोलॉजिकल आस्पेक्ट्स को कवर करते हैं और इस अवधि के दौरान जॉब सर्च करने वाले व्यक्ति द्वारा प्राप्त किए गए स्किल-सेट को भी हाइलाइट करते हैं..

अपने रिज्यूम में चतुराई से करें अपनी तारीफ: चाहे आप सहमत हों या असहमत, लेकिन रिज्यूम मूलतः आपका मार्केटिंग ब्रोशर होता है जिसे किसी जॉब के लिए अप्लाई करने वाला व्यक्ति अपने भावी एम्पलॉयर को प्रभावित करने के लिए तैयार करता है. इसलिए, रिज्यूम में कुछ मात्रा में आकर्षण जरूर होना चाहिए. अपना रिज्यूम तैयार करते समय आपको बहुत सावधान रहना चाहिए ताकि आप अपनी उपलब्धियों और स्किल्स के बारे में बताने के दौरान अपनी जरूरत से ज्यादा तारीफ करने से बच सकें.

यदि आपका रिज्यूम सिर्फ एक ऐसा दस्तावेज है जो आपके एकेडमिक और वर्क एक्सपीरियंस को बताता है तो इसे देखकर एम्पलॉयर दूसरे की बजाय आपको नहीं चुनेंगे. लेकिन एक ऐसा रिज्यूम को आपके स्किल्स और टैलेंट को अच्छी तरह दर्शाता है, आपको मनचाही जॉब दिलवाने में सहायता करेगा.

रिज्यूम में अपने स्किल्स और टैलेंट को जरुर हाइलाइट करें: हमारे देश में आजकल जॉब मार्केट में हर महीने लाखों कैंडिडेट्स अपना भाग्य आजमाते हैं और सिर्फ एक चीज जो आपको अन्य जॉब सीकर्स से अलग करती है, वह है आपका स्किल-सेट और यही वह चीज है जो आपका भावी एम्पलॉयर भी अपने जॉब प्रोफाइल के मुताबिक विभिन्न जॉब एप्लिकेंट्स में तलाश कर रहा है.

इसलिए, आप सबसे पहले तो उन स्किल्स की पहचान करें जिनकी तलाश आपके एम्पलॉयर को है और उन स्किल्स का वर्णन आप अपने रिज्यूम में विशेष रूप से हाइलाइट करें. उदाहरण के लिए, यदि आपका एम्पलॉयर किसी ऐसे किसी व्यक्ति की तलाश कर रहा है जो वेबसाइट बना सकता है, तो यह आपका काम है कि आप अपनी क्षमता वेबसाइट डेवलपर के तौर पर बताएं. ऐसा करने के लिए आप अपने रिज्यूम के एक हिस्से के तौर पर अपना संबंधित पोर्टफोलियो अटैच कर सकते हैं या अपने पिछले काम के लिंक दे सकते हैं. यह आपके भावी एम्पलॉयर को न सिर्फ आपके स्किल्स बल्कि इस क्षेत्र में आपकी क्षमता के बारे में भी सटीक आइडिया देगा.

ये कुछ ऐसे प्वाइंट्स हैं जो आपको लेटेस्ट स्टाइल में अपना रिज्यूम बनाने में सहायता करेंगे. आपका अपडेटेड रिज्यूम न सिर्फ एचआर डिपार्टमेंट को प्रभावित करने और आपको इंटरव्यू कॉल आयेगी बल्कि इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि आपके स्किल्स और टैलेंट को सामने वाले व्यक्ति ने सही तरीके से समझा है. जॉब प्राप्त करने की दिशा में यह आपका पहला कदम साबित होगा जो आपको एक समृद्ध करियर के रास्ते पर ला देगा इसलिए उक्त प्वाइंट्स का ख्याल आपको जीवनभर रखना चाहिए.

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