IAS मुख्य परीक्षा 2017: राजनीति विज्ञान वैकल्पिक विषय 1

यहां हमने IAS मुख्य परीक्षा 2017 के राजनीतिक विज्ञान वैकल्पिक पेपर 1 को प्रदान किया है। IAS मुख्य परीक्षा 2018 के लिए वैकल्पिक पेपर के रूप में राजनीति विज्ञान को चुनने वाले IAS उम्मीदवार UPSC के पैटर्न को जान सकते हैं और इसी पैटर्न को आधार मानकर IAS मुख्य परीक्षा 2018 की तैयारी कर सकते हैं।

Created On: Nov 21, 2017 17:29 IST
IAS Mains Exam 2017 Political Science and International Relations Optional Paper 1
IAS Mains Exam 2017 Political Science and International Relations Optional Paper 1

IAS मुख्य परीक्षा 2018 के लिए वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान का चयन करने वाले UPSC IAS उम्मीदवार पिछले कुछ वर्षों में UPSC द्वारा IAS मुख्य परीक्षा में पूछे गये प्रश्नों का विश्लेषन करने के पश्चात पैटर्न का अंदाजा लगा सकते हैं। यहां हमने IAS मुख्य परीक्षा 2017 में पूछे गये राजनीतिक विज्ञान वैकल्पिक पेपर 1 प्रदान किया है और यह IAS मुख्य परीक्षा 2018 की तैयारी के दौरान IAS उम्मीदवार को बिलकुल इसी पैटर्न को आधार मानकर अपनी तैयारी जारी रखना चाहिए।

IAS मुख्य परीक्षा 2017

राजनीति विज्ञान वैकल्पिक विषय 1

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र के लिए विशिष्ट अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़ें :

इसमें आठ प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में छपे हैं। परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में से प्रत्येक खण्ड से कम-कम-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए है।

प्रश्नों के उत्तर उसी माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए। उल्लिखित

माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है का अनुसरण लिया जाना चाहिए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी। यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशत: दिया गया हो| प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए।

खण्ड A

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी कीजिए :

a. श्री अरविन्द के अनुसार भारत के लिए अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु स्वराज एक आवश्यक शर्त हैं।

b. राज्य का नव-उदारवादी दृष्टिकोण।

c. उत्तरवर्ती-आधुनिकतावाद।

d. पारिस्थितिक (इको)-नारीवाद

e. हॉब्स की राजनीतिक बाध्यता की धारणा।

प्रश्न 2.

a. रॉल्स का न्याय सिद्धांत संविदागत एवं वितरक दोनों ही हैं। परिक्षण कीजिये।

b. असमनता सर्वत्र क्रांति का एक कारण है - अरस्तु। टिप्पणी कीजिये।

c. समाजवाद को परिभाषित कीजिये। फेबियन के समाजवाद की मुख्य विशेषताओं की विवेचना कीजिये।

प्रश्न 3.

a. बहुसंस्कृतिवाद से आप क्या समझते हैं ? बहुसंस्कृतिवाद पर भीखू पारेख के विचारो की विवेचना कीजिये।

b. सहभागिता के बिना विमर्शी लोकतंत्र का महत्त्व नहीं हैं तथा विमर्श के बिना सहभागी लोकतंत्र विशवसनीय नहीं हैं। टिप्पणी कीजिये।

c. स्वतन्त्र और मुक्ति में भेद कीजिये। स्वतंत्रता पर मार्क्स की धरना की विवेचना कीजिये।

प्रश्न 4.

a. राजनीतिक लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता यदि सामाजिक लोकतंत्र उसका आधार न हो - बी.आर.अम्बेडकर। टिप्पणी कीजिये।

b. इतिहास का अंत सम्बन्धी वादविवाद पर एक संक्षिप्त टिपण्णी लिखिए।

c. राजयतंत्र की धारणा से आप क्या समझते हैं ? कौटिल्य द्वारा प्रतिपादित राजयतंत्र के सिद्धांत की विवेचना कीजिये।

खण्ड B

प्रश्न 5. निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी कीजिए :

a. महात्मा गाँधी की सफलता राजनीतिक तथा गैर-राजनीतिक, दोनों ही आंदोलनों को एक एकीकृत राष्ट्रवादी आंदोलन में परिवर्तित करने में सत्रिहित थी।

b. निजता का अधिकार जीवन के अधिकार का अतरंग भाग हैं।

c. भारतीय संघ सहयोगशील संघ से प्रतिस्पर्थी संघ की और अग्रसर हुआ हैं।

d. भारत में चुनावी लोकतंत्र के सशक्तिकरण में राज्य आर्थिक सहायता/निधीयन एक प्रभावी साधन हो सकता हैं।

e. उत्तरवर्ती-उदारीकरण युग में भारतीय राजनीति परंपरागत/श्रेय देने की राजनीती से विकासात्मक राजनीती की और अग्रसर हो रही हैं।

प्रश्न 6.

a. संसदीय सर्वोच्ता तथा संसदीय सम्प्रभुता में अंतर स्पष्ट कीजिए। क्या आप भारतीय संसद को एक संप्रभु संसद मानेंगे? परिक्षण कीजिए।

b. क्या 73वें सांविधानिक संशोधन ने भारत में पंचायतो में महिलाओ को सशक्त किया हैं? विवेचना कीजिये।

c. भारतीय राजनीती में धर्म अभी भी एक महत्वपूर्ण कारक हैं। विवेचना कीजिये।

प्रश्न 7.

a. भारत 'एक-दलीय प्रभावी पद्धति' से 'एक-दाल निर्देशित गठबंधन' की और अग्रसर हुआ हैं। विवेचना कीजिये।

b. भारत का राष्ट्रपति कैसे निर्वाचित होता हैं ? भारतीय राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल की मुख्य विशेषताओ को रेखांकित कीजिये।

c. भारत में अल्पसंख्यको के अधिकारों को संरक्षित,संवर्धित और सुरक्षित रखने में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की भूमिका का परिक्षण कीजिए।

प्रश्न 8.

a. हाल के वर्षो में न्यायपालिका ने विधायिका एवं कार्यपालिका, दोनों की भूमिका को अपना लिया हैं। उपयुक्त उदाहरणों के साथ परिक्षण कीजिए।

b. हरित क्रांति से आप क्या समझते हैं ? क्या आप सोचते हैं कि समकालींन भारत में कृषिक चुनौतियों के पर्याप्त निराकरण हेतु एक द्वितीय हरित क्रांति की आवश्यकता हैं ? परीक्षण कीजिए।

c. उद्देश्यों एवं साधनो की दृष्टि से उदारवादी राष्ट्रवाद और उग्रवादी/युयुत्सु (आतंकवादी) राष्ट्रवाद में अंतर स्पष्ट कीजिए।

 

Comment (0)

Post Comment

4 + 3 =
Post
Disclaimer: Comments will be moderated by Jagranjosh editorial team. Comments that are abusive, personal, incendiary or irrelevant will not be published. Please use a genuine email ID and provide your name, to avoid rejection.