IAS मुख्य परीक्षा 2017: समाजशास्त्र वैकल्पिक विषय 2

समाजशास्त्र वैकल्पिक पेपर के रुप में चयन करने वाले IAS उम्मीदवारों के लिए यहां हमने समाजशास्त्र वैकल्पिक पेपर 2 का प्रश्न-पत्र प्रदान कर रहे हैं। IAS पुर्व परीक्षा में पुछे गए प्रश्नों का अध्ययन करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि अध्ययन के बाद ही IAS उम्मीदवार UPSC के पैटर्न का अंदाजा लगा पायेंगे जो कि सिविल सेवा परीक्षा 2018 की तैयारी के संदर्भ में बहुत महत्वपुर्ण है।

Created On: Nov 21, 2017 16:50 IST
IAS Mains Exam 2017 Sociology Optional Paper 2
IAS Mains Exam 2017 Sociology Optional Paper 2

IAS मुख्य परीक्षा 2017 की समाजशास्त्र वैकल्पिक विषय 2 की परीक्षा 3 नवम्बर, 2017 को आयोजित की गई थी। इस लेख में हमने IAS मुख्य परीक्षा 2017 के समाजशास्त्र वैकल्पिक विषय 2 का प्रश्न-पत्र प्रदान किया है। सिविल सेवा परीक्षा 2017 में पूछे गए प्रश्न-पत्रों के अध्ययन करने तथा ऐसे प्रश्नों का अभ्यास करने से सिविल सेवा परीक्षा 2018 की तैयारी के लिए लाभदायक होगा।

IAS मुख्य परीक्षा 2017: समाजशास्त्र वैकल्पिक विषय 1

IAS उम्मीदवारों को IAS मुख्य परीक्षा के हर विषयों का गहन अध्ययन करना चाहिए और IAS परीक्षा के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए IAS परीक्षा 2018 की तैयारी में जुट जाना चाहिए।

IAS मुख्य परीक्षा 2017

समाजशास्त्र वैकल्पिक विषय 2

निर्धारित समय : तीन घंटे

अधिकतम अंक : 250

प्रश्न-पत्र के लिए विशिष्ट अनुदेश

कृपया प्रश्नों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़ें :

इसमें आठ प्रश्न हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में छपे हैं। परीक्षार्थी को कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

प्रश्न संख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी में से प्रत्येक खण्ड से कम-कम-कम एक प्रश्न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रत्येक प्रश्न/भाग के अंक उसके सामने दिए गए है।

प्रश्नों के उत्तर उसी माध्यम में लिखे जाने चाहिए जिसका उल्लेख आपके प्रवेश-पत्र में किया गया है, और इस माध्यम का स्पष्ट उल्लेख प्रश्न-सह-उत्तर (क्यू.सी.ए.) पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर निर्दिष्ट स्थान पर किया जाना चाहिए। उल्लिखित माध्यम के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम में लिखे गए उत्तर पर कोई अंक नहीं मिलेंगे।

प्रश्नों में शब्द सीमा, जहाँ विनिर्दिष्ट है का अनुसरण लिया जाना चाहिए ।

प्रश्नों के उत्तरों की गणना क्रमानुसार की जाएगी। यदि काटा नहीं हो, तो प्रश्न के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अंशत: दिया गया हो| प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ पृष्ठ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए।

खण्ड A

प्रश्न 1.

(a) स्पष्ट किजिए की समाजशास्त्र किस प्रकार से तर्कबुद्धिवाद व वैज्ञानिक मिनाज पर आधारित एक सुस्पष्ट विषय के रूप में उभर कर आया है।

(b) प्रत्यक्षवाद की मीमांसा के रूप में नजातिप्रणाली वैज्ञानिक और घटनावैज्ञानिक परिप्रेक्ष्यों का परिक्षण कीजिये।

(c) समाज शास्त्रीय अनुसधान में चारो (वेरिएबल्स) के महत्व को, उधारण सहित समझाइये।

प्रश्न 2.

(a) समाज शास्त्र विषय के अन्य सामाजिक विज्ञानो के साथ बदलते हुए समीकरणो पर चर्चा कीजिये।

(b) प्रत्यक्षवाद और उत्तर-प्रत्यक्षवाद के आधारित अभ्युपगमो का परीक्षण कीजिये।

(c) समाजशास्त्र में व्याख्यात्मक परिप्रेक्ष्य के मुख्या सिधान्तो का विस्तृत विवेचना कीजिये।

प्रश्न 3.

(a) ईमाइल दुर्खीम के द्वारा ' आत्महत्या ' के अपने अध्यन में अपने गई सुस्पष्ट समाजशास्त्रीय विधि की चर्चा कीजिये।

(b) हेगेलीय द्वंद्वात्मक पद्धति की मीमांसा के रूप में ऐतिहासिक भौतिकवादिक की मार्क्सवादी संकल्पना का विश्लेषण कीजिए।

(c) सामाजिक अनुसंधान की गुणात्मक विधियों के ज्ञानमीमांसिय आधारों का परीक्षण कीजिए।

प्रश्न 4.

(a) सामाजिक स्तरीकरण के मुख्या मार्क्सवादी अभिप्राय की वेबरिया समालोचन क्या है ?

(b) सामाजिक स्तरीकरण के मुख्य आयामों के रूप में लिंग, नृजातीयता और प्रजाति (रेस) का परिक्षण कीजिए।

(c) असमता पर समाजशास्त्रीय अनुसधान के सन्दर्भ में, विश्वसनीयता और प्रमाणयता की समस्या कोक हम किस प्रकार से हल कर सकते है।

खण्ड B

प्रश्न 5.

(a) 'मजदूरों के अनोपचारीकरण से आप क्या समझते है ? भरत के विशेष सन्दर्भ में, उत्तर लिखिए।

(b) आजादी ले बाद के भारत में राज्य और समाज के बिच बदलते हुए आमना-सामना (इंटरफ़ेस) पर चर्चा कीजिये।

(c) धर्म के समाजशास्त्र में, 'पवीत्र ' और 'लैकिक' के दुर्खीमीय अभिप्राय का एक आकलन प्रतुत कीजिये।

(d) समकालीन भारत में लिंग पर आधारित श्रमविभाजन के रूप में , 'पित्रतंत्रात्मक सोदाकारी " का परीक्षण कीजिये।

(e) सामाजिक परिवर्तनों के एक अभिकर्ता के रूप में , जनसम्पर्कमाध्यम (मास मीडिया ) की भूमिका का आकलन कीजिये।

प्रश्न 6.

(a) पूंजीवादी समाज में , गत वर्षो में श्रम के संगठन की परिवर्तनशील प्रकृति की रूपरेखा प्रतुत कीजिये।

(b) 'नव सामाजिक आंदोलन में नया क्या है ? भारत के विशेष सन्दर्भ में , इसके उत्तर को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिये।

(c) बहुदलीय राजनितिक प्रणाली में, दबाव गुटों की गत्यात्मक की जाँच कीजिये।

प्रश्न 7.

(a) विवाह में समकालीन प्रवृतियों व् परिवार के बदलते रूपो के बीच सम्बन्ध का परिक्षण कीजिये।

(b) भारतीय समाज में, नातेदारी प्रणाली की प्रादेशिक भिन्नताओं पर चर्चा कीजिये।

(c) वर्तमान संदर्भ में, धर्म-निरपेक्षता की संकल्पना में समस्याओं का विश्लेषण कीजिये।

प्रश्न 8.

(a) सामाजिक परिवर्तनों की किन्ही दो थियोरिओं का विस्तारपुरवक परीक्षण कीजिये।

(b) सामाजिक परिवर्तनों का उत्पन्न करने में विज्ञानं व प्रौध्योगिकी की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये।

(c) भारतीय समाज में प्रचलित विभिन्न प्रकारो की धार्मिक रीतियो का विस्तृत वर्णन कीजिए।

अन्य IAS मुख्य परीक्षा 2017 प्रश्नपत्र

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