DU में एडमिशन नहीं होने पर, साइंस स्टूडेंट्स के लिए ये हैं चंद बेहतरीन कोर्स ऑप्शन्स

साइंस स्ट्रीम के ऐसे स्टूडेंट्स, जिन्हें किसी कारणवश इस साल DU में एडमिशन नहीं मिला है, वे बिलकुल भी निराश न हों क्योंकि अभी भी उनके लिए भारत की अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ में अनेक बेहतरीन कोर्स ऑप्शन्स मौजूद हैं.

Created On: May 20, 2021 21:05 IST
If didn’t get Admission in DU, Science Students have these Course Options
If didn’t get Admission in DU, Science Students have these Course Options

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) भारत सहित विदेशों में भी अधिकतर स्टूडेंट्स की पसंदीदा यूनिवर्सिटीज़ है, जहां हर साल विभिन्न अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए देश-विदेश के लाखों स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए के लिए हर साल लिमिटेड सीट्स उपलब्ध होती हैं. साइंस स्ट्रीम के लिए DU के सभी कॉलेजों में इच्छुक स्टूडेंट्स की संख्या की अपेक्षा लिमिटेड सीट्स ही उपलब्ध हैं जिस कारण, लाखों साइंस स्टूडेंट्स को किसी न किसी कारण से DU में एडमिशन नहीं मिल सकता.....फिर भी, साइंस स्ट्रीम से अपनी 12वीं क्लास पास करने वाले स्टूडेंट्स बिलकुल भी निराश न हों क्योंकि इस आर्टिकल में आपके लिए अनेक कोर्स ऑप्शन के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जा रही है. जी हां! दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन न हो पाने पर भी आप भारत के अन्य प्रसिद्ध कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ या इंस्टीट्यूट्स में  मनचाहा कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, अपने लिए सूटेबल और पसंदीदा करियर चुन सकते हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

देश की अन्य यूनिवर्सिटीज़ में ज्वाइन करें अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए हमारे देश के कई कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और इंस्टीट्यूट्स में बीई/ बीटेक, बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर (बीआर्क), बीएससी - साइंस, बीएससी ऑनर्स – (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी), बीएससी - आईटी एंड सॉफ्टवेयर, बीएससी - साइंस (नॉन मैथ सब्जेक्ट्स), बैचलर ऑफ़ फार्मेसी (बीफार्मा) और बीएससी – पोस्ट बेसिक नर्सिंग जैसे अंडरग्रेजुएट कोर्स ऑप्शन्स मौजूद हैं.  

साइंस स्ट्रीम के कुछ प्रमुख अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास स्टूडेंट्स साइंस की फील्ड के उक्त अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के अलावा भी अन्य प्रमुख अंडरग्रेजुएट कोर्सेज कर सकते हैं जैसेकि:

एग्रीकल्चर

हमारे देश के किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी/ कॉलेज या इंस्टीट्यूट से एग्रीकल्चर में बैचलर डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद व्यक्ति एग्रीकल्चर की सभी संबद्ध फ़ील्ड्स में से अपनी पसंद के मुताबिक अपना काम शुरू कर सकते हैं. स्टूडेंट्स एग्रीकल्चर से संबद्ध किसी फर्म या कंपनी में एग्रीकल्चर मैनेजर के तौर पर भी काम कर सकते हैं. इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद लगभग 70% व्यक्ति सेल्फ-एम्पलॉएड होते हैं. 

मोर्चूअरी साइंस

मोर्चूअरी साइंस में बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद व्यक्ति डेडबॉडीज को अंतिम संस्कार या मेमोरियल सर्विसेज/ ब्यूरिअल्स के लिए तैयार करने के लिए टेक्निकल स्किल्स हांसिल कर लेते हैं. यह डिग्री प्राप्त करने के बाद अनुमानतः लगभग 50% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं. आप एक फनरल सर्विस मैनेजर या फनरल डायरेक्टर के तौर पर भी जॉब कर सकते हैं.

इसके अलावा साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स बैचलर डिग्री इन ग्राफ़िक डिजाइनिंग, बैचलर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर ऑफ़ डेंटल सर्जरी (BDS) कोर्स भी कर सकते हैं.

साइंस स्ट्रीम के प्रमुख प्रोफेशनल कोर्सेज

अगर आप अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद कोई जॉब करना चाहते हैं और साइंस की फील्ड से संबंधित किसी अंडरग्रेजुएट कोर्स में आपकी दिलचस्पी नहीं है तो आपके लिए कुछ खास प्रोफेशनल कोर्स ऑप्शन भी उपलब्ध हैं. इन प्रोफेशनल कोर्सेज को पूरा करने के बाद आप संबद्ध प्रोफेशन में अपना करियर शुरू कर सकते हैं या फिर, किसी कंपनी या इंस्टीट्यूट में जॉब भी ज्वाइन कर सकते हैं. ये प्रमुख प्रोफेशनल कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

फ़ूड एंड न्यूट्रीशन/ डायटेटिक्स कोर्स 

इस प्रोफेशनल कोर्स को करने के बाद भारत में शुरू में किसी फ्रेशर को 15 हजार – 20 हजार रुपये मासिक मिलते हैं जो बाद में अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ते जाते हैं. किसी फ़ूड टेक्नोलॉजिस्ट को भारत में लगभग 3-4 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है.

डॉक्टर ऑफ़ वेटरनरी मेडिसिन

डॉक्टर ऑफ़ वेटरनरी मेडिसिन (डीवीएम या वीएमडी) की 4 वर्ष की डिग्री प्राप्त करना आसान नहीं है और इस डिग्री कोर्स में एडमिशन लेने के लिए यह जरुरी है कि आपने साइंस की बैकग्राउंड के साथ अपनी 12 वीं क्लास पास की हो. यह डिग्री प्राप्त करके ये पेशेवर पालतू पेट्स और फार्म एनिमल्स सहित सभी जानवरों की विभिन्न बीमारियों का इलाज कर सकते हैं. ये पेशेवर अपने क्लिनिक्स खोल सकते हैं या वेटरनरी हॉस्पिटल में जॉब कर सकते हैं. यह डिग्री प्राप्त करने के बाद लगभग 17% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं.

डॉक्टर ऑफ़ चिरोप्रेक्टिक (डीसी)

ये डॉक्टर (डीसी) स्पाइनल एडजस्टमेंट की आर्ट में ट्रेंड होते हैं यह डिग्री 4 वर्ष की अवधि की है जिसमें स्टूडेंट्स को चिरोप्रक्टिक टेक्निक्स को प्रैक्टिकल तौर पर इस्तेमाल करना सिखाया जाता है. ये चिरोप्रेक्टर्स आमतौर पर पेशेंट्स की सुविधा के मुताबिक अपॉइंटमेंट फिक्स करते हैं. यह डिग्री प्राप्त करने के बाद लगभग 33% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं.

एक्सरसाइज फिजियोलॉजी

इस विषय में डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट, फिटनेस, सर्टिफाइड क्लिनिकल एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट या रजिस्टर्ड क्लिनिकल एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट के तौर पर जॉब या अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं. यह डिग्री प्राप्त करने के बाद लगभग 50% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं.

साइकोलॉजी में डॉक्टोरल डिग्री

यह डिग्री हासिल करने के बाद व्यक्ति अपना क्लिनिक खोल सकते हैं. यह डिग्री प्राप्त करने के बाद लगभग 33% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं लेकिन इस पेशे के लिए उपयुक्त ऑथोरिटी से लाइसेंस जरुर प्राप्त करना चाहिए. सेल्फ-एम्पलॉएड साइकोलोजिस्ट्स मानसिक रोगों का इलाज करते हैं. इसी तरह, विभिन्न कंपनियों और फर्मों में साइकोलोजिस्ट्स एम्पलॉईज की मानसिक समस्याओं का समाधान करने के साथ ही एम्पलॉईज का मोरेल बढ़ाने की तरकीब करने, एम्पलॉईज को जरुरी सलाह आदि देने जैसे महत्पवूर्ण काम भी करते हैं.

ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन बिग डाटा एंड विज्युअल एनालिटिक्स

एसपी जैन स्कूल ऑफ़ ग्लोबल मैनेजमेंट डाटा साइंस में यह कोर्स ऑफर करता है. इस क्लासरुम कोर्स की अवधि 8 महीने है. इस कोर्स में पाइथन, आर सहित स्टेटिस्टिक्स, एडवांस्ड डाटा स्ट्रक्चर्स, हेडूप, स्पार्क, क्लाउड इंट्रोडक्शन, एसक्यूएल, मार्केटिंग एंड फाइनेंशियल एनालिटिक्स और संबद्ध विषयों सहित इंटर्नशिप शामिल है. इस कोर्स को हरेक 6 महीने में अपडेट किया जाता है. 

वेब डिजाइनिंग कोर्स

हमारे देश में डिजिटल इकॉनमी के लगातार विकास के कारण आजकल यंग प्रोफेशनल्स को रोजगार के कई नए अवसर मिल रहे हैं. आज के इस नए दौर में हर कोई इनटरनेट में अपनी खास पहचान और जगह बनाने के लिए अपनी वेबसाइट बनाना चाहता है. ग्रेजुएट कैंडिडेट्स, जिनके पास कंप्यूटर और लॉजिकल स्किल सेट हो, वेब डिजाइनिंग का शॉर्ट-टर्म कोर्स करके आप नई और प्रोफेशनल वेबसाइट्स बनाने की पूरी जानकारी और स्किल हासिल कर लेंगे. आप इस फील्ड में जॉब करने के अलावा अपना पेशा भी शुरू कर सकते हैं या फिर फ्रीलांसिंग पर काम करके धन कमा सकते हैं. इस फील्ड में जॉब करने पर कैंडिडेट्स को शुरू में एवरेज 20 हजार रुपये मासिक मिलते हैं और कुछ वर्षों के कार्य अनुभव के बाद कैंडिडेट्स 50 हजार रुपये मासिक तक कमा लेते हैं. 

एनीमेशन कोर्स

साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए आजकल पसंदीदा ऑनलाइन कोर्सेज में से एक एनीमेशन का कोर्स है. इस कोर्स को करने के बाद आप एडवर्टाइजिंग कंपनियों. कार्टून और सिनेमा इंडस्ट्रीज के साथ-साथ अन्य डिजिटल फ़ील्ड्स में बड़ी आसानी से अपनी योग्यता के मुताबिक जॉब हासिल करके शुरू में रु. 25 हज़ार मासिक तक कमा सकते हैं. आप अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही इस कोर्स के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस कोर्स को करने के लिए आपके पास क्रिएटिविटी और बेसिक कंप्यूटर स्किल्स होने चाहिए.

IGNOU के अंडरग्रेजुएट कोर्स ऑप्शन्स

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी हमारे देश की सुप्रसिद्ध कॉरेस्पोंडेंस यूनिवर्सिटी है जो नेशनल-इंटरनेशनल लेवल पर सुप्रसिद्ध है. देश-विदेश के लाखों स्टूडेंट्स हर साल इस यूनिवर्सिटी से अपनी मनचाही आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस स्ट्रीम में विभिन्न अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और प्रोफेशनल कोर्सेज करके अपने करियर को नई दिशा देते हैं. हमारे देश के यंगस्टर्स इन दिनों कम उम्र में ही जॉब के साथ अपनी स्टडीज़ भी जारी रखना चाहते हैं. अगर आप भी ऐसे ही एक यंगस्टर हैं जिसने इस साल साइंस स्ट्रीम से अपनी 12वीं क्लास पास की है और आप अपनी स्टडीज़ के साथ कोई जॉब भी ज्वाइन करना चाहते हैं तो आप किसी प्राइवेट कंपनी में ऑफिस एग्जीक्यूटिव या ऑफिस असिस्टेंट की जॉब ज्वाइन करके इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से साइंस स्ट्रीम के विभिन्न अंडरग्रेजुएट कोर्सेज जैसेकि बीएससी जनरल/ ऑनर्स या अन्य संबद्ध अंडरग्रेजुएट कोर्सेज कर सकते हैं. आपके लिए खास  बात तो यह होगी कि आप अपनी स्टडीज़ जारी रखने के साथ अच्छी कमाई भी कर सकेंगे. IGNOU से आप अंडरग्रेजुएट कोर्सेज से लेकर डॉक्टोरल लेवल के डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं.

टॉप इंडियन डिस्टेंस लर्निंग यूनिवर्सिटीज़/ इंस्टीट्यूट्स से करें मनचाहे अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

आपको यह जानकार काफी ख़ुशी होगी कि अब दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसी हमारे देश की कुछ जानी-मानी रेगुअलर यूनिवर्सिटीज़ भी स्टूडेंट्स को डिस्टेंस लर्निंग कोर्सेज उपलब्ध करवा रही हैं. स्टूडेंट्स इन यूनिवर्सिटीज़ से अपनी मन-पसंद साइंस स्ट्रीम में कोई अंडरग्रेजुएट कोर्स कर सकते हैं. स्टूडेंट्स साइंस स्ट्रीम में अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद इन यूनिवर्सिटीज़ से साइंस की फील्ड में डिप्लोमा कोर्सेज भी कर सकते हैं. IGNOU के अलावा हमारे देश की कुछ प्रमुख डिस्टेंस लर्निंग यूनिवर्सिटीज़ निम्नलिखित हैं:

•    दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली  
•    अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, चेन्नई  
•    सिक्किम मनिपाल यूनिवर्सिटी, गंगटोक  
•    मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई  
•    महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक
•    नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी, कोलकोता
•    कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र, हरियाणा

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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