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बिजनेस में जरूरी है सोशल कमिटमेंट

Aug 16, 2018 15:22 IST
Importance of Corporate Social Responsibility for Businesses

विपुल जैन
एमडी एवं सीईओ - एडवांससेल्स

एक सीरियल एंटरप्रेन्योर की पहचान है इनकी, जो शुरुआती चरण में ही बिजनेस की संभावनाओं को परख लेते हैं। 2017 में आयोजित ग्लोबल सीईओ एक्सीलेंस अवॉड्र्स के तहत विपुल जैन को मेडिकल रिसर्च सीईओ का सम्मान एवं इनकी कंपनी ‘एडवांससेल्स’को ‘बेस्ट स्टेम सेल टेक्नोलॉजी रिसर्च एवं डेवलपमेंट कंपनी’ के रूप में पहचान मिल चुकी है। एडवांससेल्स एक रिसर्च लैब कंपनी है, जो स्टेम लाइंस डेवलप करने के साथ ही थेरेपीज के लिए प्रोटोकॉल लिखती है। यह डॉक्टरों को रिजेनेरेटिव मेडिसिन की ट्रेनिंग भी देती है। इस समय कंपनी बोन मैरो, एडिपोज टिश्यू, स्किन, डेंटल पल्प, कॉर्ड टिश्यू, कॉर्ड ब्लड एवं ऑर्गन से जुड़े टिश्यू से विभिन्न सेल लाइंस के विकास में जुटी है। कंपनी के एमडी एवं सीईओ विपुल जैन के अनुसार, इनके सेल लाइंस से न्यूरोलॉजिकल, ऑर्थोपेडिक्स, क्रोनिक हार्ट डिजीज, सीओपीडी एवं फेफड़े जनित रोगों सहित अनेक बीमारियों का इलाज संभव हो पा रहा है। ईमानदारी, नैतिकता, जुनून एवं कड़ी मेहनत को बिजनेस के लिए आवश्यक मानने वाले विपुल जैन कहते हैं कि हर रात इस संतुष्टि का एहसास कि मैं किसी अन्य के जीवन में बदलाव ला सका, यही मेरी सफलता है...

न्यूयॉर्क के रॉचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए करने के बाद मैं परिवार के गार्मेंट एक्सपोर्ट बिजनेस से जुड़ गया। 1999 में मैंने फैब्रिक्स इंपोर्ट एंटरप्राइज की स्थापना की। इस दौरान मैंने कुछ और क्षेत्रों को एक्सप्लोर किया। 2013 में मैंने एडवांससेल्स कंपनी की स्थापना की। यह एक रिसर्च आधारित कंपनी (जीएमपी लैब) है, जो अलग-अलग स्टेम सेल लाइंस का निर्माण करती है। इनका इस्तेमाल पार्टनर हॉस्पिटल्स एवं डॉक्टर्स, मरीजों तक रिजेनेरेटिव थेरेपी पहुंचाने में करते हैं।

स्टेम सेल बिजनेस में काफी संभावनाएं

रिजेनेरेटिव मेडिसिन का केंद्रबिंदु है स्टेम सेल थेरेपी। हमारे शरीर के पास विभिन्न बीमारियों एवं ट्रॉमा से लड़ने उसे रिजेनेरट करने के लिए पर्याप्त स्नोत हैं। विज्ञान कहता है कि अगर उपयुक्त गुणवत्ता वाले सेल्स (कोशिकाएं) सही मात्रा में सही जगह पर पहुंच जाएं, तो उससे अंग-विशेष या टिश्यू को रिजेनेरेट किया जा सकता है। इससे सर्जरी एवं रसायन आधारित मेडिकेशन से बचाव भी होगा। लेकिन अभी इस दिशा में काफी रिसर्च की जरूरत है। वैसे, आइटी के पास यह क्षमता है कि वह ज्यादातर सर्जरियों का विकल्प उपलब्ध करा सकता है। इससे कंपनियों के लिए बिजनेस की संभावनाएं बढ़ेंगी, वहीं इलाज का खर्च भी कम होगा। फिलहाल हम डॉक्टर्स एवं हॉस्पिटल्स के साथ मिलकर काम करते हैं।

नया करना है पसंद

मुझे कुछ नया एवं यूनीक करने की चुनौती लेना पसंद है। इससे कई बार मुश्किल होती है, क्योंकि आपके सामने कोई मानक नहीं होते। लेकिन वही मुझे चुनौती के लिए प्रोत्साहित करते हैं। मैं उन क्षेत्रों में काम करना चाहता हूं, जहां अपनी कंपनी के जरिये एक इंडस्ट्री विकसित कर सकूं।

भरोसे को रखा कायम

बिजनेस और वह भी हेल्थकेयर में, जहां एथिक्स काफी मायने रखता है। ग्राहक हमारे ऊपर विश्वास कर अपनी जिंदगी तक दांव पर लगा देता है। इससे बड़ा भरोसा और क्या हो सकता है। इसलिए हमें काफी सोच-समझ कर फैसला लेना होता है कि उनका भरोसा न टूटे। मेरा यह मानना है कि मुनाफा कमाना गलत नहीं है, लेकिन उसका एक हिस्सा वापस समाज को भी देना होगा, जो बिजनेस की बढ़ोत्तरी में मदद करता है। यह सोशल कमिटमेंट जरूरी है।

जरूरी है फोकस

चुनौतियां कहां नहीं आती हैं? हमें सिर्फ अपने काम पर नजर रखनी होती है। बिजनेस में इस पर फोकस करना होता है कि एंड रिजल्ट यानी परिणाम क्या होगा? उसके ऊपर ही लगातार काम करते रहना होता है।