भारत में इस साल इंडस्ट्रीज के हायरिंग ट्रेंड्स और करियर स्कोप

भारत में इस साल जॉब मार्केट सहित विभिन्न इंडस्ट्रीज़ के हायरिंग ट्रेंड्स और करियर स्कोप  को प्रभावित करने वाले विभिन्न फैक्ट्स के बारे में हम इस आर्टिकल में आपके लिए महत्त्वपूर्ण जानकारी पेश कर रहे हैं.

Created On: May 6, 2021 20:43 IST
Indian Industries in 2019: Career Prospects and Hiring Trends
Indian Industries in 2019: Career Prospects and Hiring Trends

भारत में विभिन्न सरकारी और प्राइवेट सेक्टर्स में  कई करोड़ जॉब्स के लिए भर्ती होती है. एक ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या को भी निरंतर बढ़ाने के लिए प्रयास किये हैं. हमारे देश में इन नई नौकरियों में भर्ती के लिए, जॉब मार्केट की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध करवाना अब समय की मांग बन चुका है.

वैसे तो, हरेक साल देश-दुनिया की जॉब मार्केट और इंडस्ट्रीज़ में कुछ न कुछ बदलाव आता ही रहता है. लेकिन, अगर हम एक जॉब सीकर या फिर, ऐसे यंग प्रोफेशनल हैं जो अपनी जॉब बदलना चाहते हैं तो फिर, आपको अपने देश के नवीनतम हायरिंग ट्रेंड्स और करियर स्कोप के बारे अच्छी जानकारी और समझ हो तो आपके लिए अपने लिए कोई सूटेबल जॉब तलाशना काफी आसान हो जाएगा. इसलिए, जॉब मार्केट के हायरिंग ट्रेंड्स और करियर स्कोप को प्रभावित करने वाले विभिन्न फैक्ट्स के बारे में आइये हम इस आर्टिकल में महत्त्वपूर्ण चर्चा करें:

मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री – निरंतर बदलता है परिवेश

मुख्य बदलाव

मॉडर्न इंडस्ट्रीज जैसेकि शेयर्ड मोबिलिटी, ड्राइवरलेस कार्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स  में प्रगति के साथ-साथ  हमारे काम करने के तरीके लगातार बदल रहे हैं. ऐसे में, कर्मचारियों को नियमित रूप से अपनी इंडस्ट्री के रुझान में आये बदलाव से अपडेटेड रहना चाहिए.

करियर गोल्स

मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में स्किल्स प्राप्त करने के लिए आपको बाहर से अन्दर की ओर सोचने वाले तरीके को अपनाना चाहिए और हमेशा बदलते हुए इंडस्ट्रियल परिवेश से सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए. कर्मचारियों को इस इंडस्ट्री में मौजूद रुकावटों के साथ ही रिसर्च में होने वाले विकास पर ध्यान देना चाहिए. इसके अलावा, डिजिटल नॉलेज में एडवांस्ड सर्टिफिकेट प्राप्त करना जॉब सीकर्स के लिए फायदेमंद रहेगा.

टेलिकॉम – निरंतर बढ़ रहे हैं अवसर

मुख्य बदलाव

कस्टमर्स द्वारा इन सर्विसेज को कंज्यूम करने के तरीके में काफी बदलाव आ रहा है. इसलिए टेलिकॉम इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है, जिससे करियर के अवसर काफी बढ़ गए हैं. यह इंडस्ट्री  अब सेवा के नए मॉडल्स कस्टमर को ऑफर करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे नए स्किल्स  सीखने की मांग भी बढ़ी है.

करियर गोल्स

टेलिकॉम की फ़ील्ड  एनालिटिक्स, बिग डेटा, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की फ़ील्ड्स से बहुत ज्यादा स्किल्ड और टैलेंटेड एम्पलॉईज  को आकर्षित करेगा. इसलिए, भविष्य में जरूरी तकनीकी कौशल में माहिर कर्मचारी आने वाले समय में इस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे. इस दौरान, ग्रामीण इलाकों में लोग डाटा का इस्तेमाल करने के परंपरागत तरीके ही अपनायेंगे.

टेक्नोलॉजी – निरंतर होता रहता है इनोवेशन

मुख्य बदलाव

आजकल टेक्नोलॉजी की फील्ड इंडस्ट्रियल ग्रोथ में सबसे रिस्की फैक्टर के तौर पर जानी जाती है. इस फील्ड में सीखने की तत्परता और ज्ञान की ललक की हमेशा जरूरत रहेगी. इसका कारण यह है कि टेक्नोलॉजी की फील्ड में आजकल बड़ी तेज़ी से लगातार बदलाव आते जा रहे हैं और कर्मचारियों को इस फील्ड में माहिर बनने के लिए क्रॉस-स्किलिंग पर पूरा ध्यान देना चाहिए.

करियर गोल्स

बाजार के रुझान के मुताबिक नई टेक्नोलॉजीज को जानने के लिए कर्मचारियों को लेटेस्ट अपडेट्स की जानकारी जरुर रखनी चाहिए और इसके साथ-साथ सामाजिक और डिजिटल मीडिया की विभिन्न फ़ील्ड्स की कार्यसाधक जानकारी जरुर प्राप्त करना चाहिए. इसके अलावा, कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजीज को सीखने के साथ ही तकनीकी क्षेत्र में ज्यादा गहराई से ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए. मशीन लर्निंग की अच्छी जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आर्टिफीशियल की फील्ड में काम करने के लिए जरुरी स्किल्स भी सीखने चाहिए.

एफएमसीजी – सतर्कता है जरुरी

मुख्य बदलाव

यह फील्ड तेजी से बदल रही है और कर्मचारियों में लेटेस्ट स्किल्स के लिए यह इंडस्ट्री कर्मचारियों से चुस्ती-फुर्ती की उम्मीद रखती है. इस फील्ड में कर्मचारियों को क्रॉस-फंक्शनल स्किल्स के साथ ही कोर एक्सपरटाइज हासिल करने के लिए ईमानदारी से आत्म-निरिक्षण करना चाहिए.

करियर गोल्स

अपना मूल्यांकन करना तथा  उद्देश्य और अपेक्षाओं की सही समझ ऐसे महत्वपूर्ण स्किल्स हैं जो इस फील्ड में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं. इसके अलावा, कर्मचारियों को अपने करियर को इस तरह से प्लान करना चाहिए कि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके वर्किंग गोल्स उनके करियर गोल्स के साथ जुड़े हों.

फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री –रिइन्वेंशन है जरुरी

मुख्य बदलाव

कई रेगुलेशन्स में बदलाव आने के साथ-साथ, फार्मा इंडस्ट्री भी बदलाव और रिइन्वेंशन्स के दौर से गुजर रही है. हाल ही में यूएसएफडीए द्वारा किये गए निरीक्षणों में यह पाया गया कि कर्मचारियों को इस फील्ड में काम करते समय सिंपल कंप्लायंस से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्वालिटी को अपनाना चाहिए.  

करियर गोल्स

इस फील्ड के कर्मचारियों के लिए आधुनिक रिसर्च से सम्बंधित मैनेजमेंट टूल्स और डिजिटल डाटा एनालिटिक्स के साथ अपडेटेड रहना जरुरी है. इस फील्ड में सफल करियर बनाने के लिए केवल अपना रोजमर्रा का काम करने के अलावा भी रिसर्च और विकास पर फोकस रखना और क्वालिटी माइंडसेट का विकास करना बहुत जरूरी है.

बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर – डिजिटल इंटरैक्शन का है नया परिवेश

मुख्य बदलाव

डिजिटल इकोसिस्टम में आये बड़े बदलाव ने भारत में बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर का स्वरूप ही बदल दिया है. अब, कस्टमर्स की संतुष्टि पर ध्यान देने के बजाय कस्टमर्स के आनंद पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.  आजकल एक ही समय पर कई सिस्टम्स पर काम करने के साथ ही कस्टमर सर्विस के लिए तीव्र मॉडलिंग स्ट्रेटेजी उपलब्ध करवाने की जरूरत है.

करियर  गोल्स

बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अब यह बहुत जरुरी हो गया है कि वे बदलते हुए डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल इको सिस्टम के साथ-साथ अपने एक्सपीरियंस, नॉलेज और स्किल सेट को अपडेट करते रहें.

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