म्युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट से पहले आप जरुर पढ़ें यह आर्टिकल

इन दिनों म्युचुअल फंड इन्वेस्टर्स की बचत के लिए, लंबी और छोटी अवधि में बेहतर रिटर्न अर्जित किये जा सकते हैं. लेकिन, अगर आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले इस आर्टिकल को गौर से जरुर पढ़ें.

Created On: Jun 30, 2021 21:47 IST
Know all about Mutual Funds before any Investment
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हमारे देश में म्युचुअल फंड (MF) काफी पसंदीदा फाइनेंशियल ऑप्शन है जिसमें इन्वेस्टर्स से एकत्र धन के  बदले में उन्हें इकाइयां/ यूनिट्स जारी की जाती हैं. इन यूनिट्स की कीमत मुक्त बाजार यानी क्रेताओं और विक्रेताओं की मांग के अनुसार होती है. म्यूचुअल फंड को इसलिए अधिकतर इन्वेस्टर्स पसंद करते हैं क्योंकि, प्रतिभूतियों में इन्वेस्टमेंट करने के लिए उन्हें काफी कम राशि (न्यूनतम 500 रुपये) चाहिए और यह इन्वेस्टमेंट किसी भी राशि तक या AMC द्वारा निर्धारित राशि तक हो सकता है. किसी भी इन्वेस्टर द्वारा इन्वेस्ट किया गया धन व्यापक उद्योगों और क्षेत्रों तक फैला होता है ताकि एक क्षेत्र पर निर्भरता से डिफ़ॉल्ट का जोखिम कम हो जाए. हालांकि, ऐसे MFs को डायवर्सिफाइड MFs के तौर पर जाना जाता है. म्युचुअल फंड के बारे में सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

म्युचुअल फंड

म्युचुअल फंड बाजार में निम्नलिखित शामिल हैं:

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) - यह म्यूचुअल फंड बाजार का सर्वोच्च नियामक, प्रवर्तक, सुविधा प्रदाता है. सेबी हमारे देश का ऐसा शीर्ष निकाय है जो MFs के कारोबार में शामिल पार्टियों/ ग्रुप्स की निगरानी करता है.

एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) - यह मूल रूप से ऐसी कंपनी होती है जो विभिन्न इन्वेस्टर्स के धन को अन्य आकर्षक तरीकों में इन्वेस्ट करने के लिए जमा करती है ताकि बदले में इन इन्वेस्टर्स को समुचित लाभ मिल सके. अगर आप एक्सवाईजेड लिमिटेड का म्यूचुअल फंड खरीदते हैं तो यह कंपनी आपके म्यूचुअल फंड के लिए AMC है.

फंड मैनेजर - ये ऐसे प्रोफेशनल्स होते हैं जो AMC द्वारा इन्वेस्टर्स से एकत्रित धन को मैनेज करता है. फंड मैनेजर हरेक इन्वेस्टमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड रखने के लिए जिम्मेदार होता है.

ब्रोकर - यह पर्सन ऐसा प्राइम प्लेटफॉर्म या एनेबलर होता है जिसके माध्यम से आप म्यूचुअल फंड खरीद पाएंगे. यह आपको एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जिसके माध्यम से MF लेनदेन आसानी से किया जा सकता है. आपको किसी भी MF में अपनी इन्वेस्टमेंट करने के लिए, ब्रोकर के साथ डीमैट अकाउंट खोलना होगा, जिसके लिए वे न्यूनतम फीस लेते हैं. अगर आप एक्सवाईजेड लिमिटेड का MF खरीदते हैं तो आपको पहले किसी ब्रोकर से संपर्क करना होगा.

यूनिट-होल्डर - जो कोई भी इन्वेस्टर यूनिट मूल्य/NAV (जिसे नेट एसेट वैल्यू- NAV के नाम से भी जाना जाता है) का भुगतान करके म्यूचुअल फंड की एक यूनिट खरीदता है, उसे यूनिट होल्डर के नाम से  जाना जाता है जैसेकि, अगर आप एक्सवाईजेड लिमिटेड से म्यूचुअल फंड की 10 यूनिट खरीदते हैं, तो आप उनके यूनिट-होल्डर हैं.

म्यूचुअल फंड के प्रकार

MFs कई प्रकार के होते हैं और किसी भी इन्वेस्टर को MFs में कोई भी इन्वेस्मेंट करने से पहले, बाजार में उपलब्ध MFs के विभिन्न प्रकारों को समझने के बाद ही समुचित निर्णय लेना चाहिए. आइये अब आगे पढ़ें:

ओपन एंडेड योजना

म्यूचुअल फंड की ओपन एंडेड स्कीम इन्वेस्टर्स को किसी भी समय यूनिट खरीदने या बेचने की अनुमति देती है. बैंक FD के विपरीत, इसमें अपने यूनिट्स से पुनः धन हासिल करने के लिए कोई निश्चित परिपक्वता तिथि नहीं है और इसलिए, यह विकल्प बाजार में अधिक लोकप्रिय है.

क्लोज एंडेड योजना

इस प्रकार की म्यूचुअल फंड योजना के लिए इन्वेस्टर्स को धैर्य रखना चाहिए क्योंकि हरेक इन्वेस्टर  केवल शुरुआती लॉन्च अवधि के दौरान ही अपना पैसा लगा सकता है जिसे न्यू फंड ऑफर (NFO) के तौर पर जाना जाता है. इस योजना में कोई भी ऑफर बंद होने के बाद, कोई भी इन्वेस्टर इस योजना में अपना पैसा नहीं लगा सकता है.

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए फ़ॉलो करें ये स्टेप्स

किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना काफी आसान है बशर्ते, आप नीचे दिए गए स्टेप्स फ़ॉलो  करें:

स्टेप 1: किसी ऐसे ब्रोकर से संपर्क करें जो म्युचुअल फंड्स के कारोबार के लिए एक मंच प्रदान करता है.

स्टेप 2: ब्रोकर के साथ अपना डीमैट/ इन्वेस्टमेंट अकाउंट बनाएं.

स्टेप 3: अपना सारा जरुरी व्यक्तिगत विवरण प्रदान करें.

स्टेप 4: अपने बैंक अकाउंट को अपने इस डीमैट अकाउंट से लिंक करें, क्योंकि सभी लेनदेन इसी अकाउंट के माध्यम से किए जाएंगे.

स्टेप 5: अपना KYC करवाएं. अगर आप अपना E-KYC करते हैं तो, मुश्किल से आपका कुछ मिनट का समय लगेगा और आप प्राधिकरण के कार्यालय में जाने की परेशानी से भी बच जायेंगे.

स्टेप 6: अच्छी तरह जानकारी हासिल करने के बाद ही आप अपनी पसंद के म्यूचुअल फंड में इन्वेस्मेंट करें.

*अस्वीकरण - ऊपर दी गई जानकारी केवल आपकी फाइनेंशियल जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है. इसे किसी के द्वारा फाइनेंशियल एडवाइस के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

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