इंडियन प्रोफेशनल्स के लिए मार्केट रिसर्च में जॉब ऑप्शन्स और करियर स्कोप

प्रत्येक मार्केट रिसर्चर का सबसे महत्वपूर्ण काम अपने संगठन या कंपनी को उसके कंज्यूमर्स की पसंद के मुताबिक डायनामिक प्रोडक्ट/ सर्विसेज प्रोफाइल्स ड्राफ्ट करने में मदद करना है ताकि मार्केटिंग और सेल्स के अधिकतम ऑब्जेक्टिव्स हासिल किये जा सकें.

Created On: Apr 19, 2021 19:53 IST
Special Career Options in Market Research
Special Career Options in Market Research

भारत की लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण अर्थव्यवस्था पर बहुत अधिक दबाव और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य कई चुनौतियों के कारण ही भारत के सतत आर्थिक विकास में अनेक रुकावटें लगातार आती ही रहती हैं. लेकिन, सफल बिजनेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता  है अपने सभी कंज्यूमर्स के हमेशा बदलते हुए बिहेवियर को समझना. यह महत्त्वपूर्ण कार्य मार्केट रिसर्च एनालिसिस में सबसे महत्त्वपूर्ण होता है.

दरअसल, सही मायने में मार्केट रिसर्च कंज्यूमर एडवाइस, ओपिनियन्स, व्यूज, टेस्ट्स और कंज्यूमर्स के लगातार बदलते हुए इंटरेस्ट्स के बारे में महत्त्वपूर्ण डाटा कलेक्ट करने की प्रोसेस है. सटीक मार्किट रिसर्च पर ही किसी भी कारोबार की कामयाबी बहुत हद तक निर्भर करती है. अगर आप भी एक ऐसे इंडियन प्रोफेशनल हैं जो मार्केट रिसर्च में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो आप मार्केट रिसर्च के निम्नलिखित पहलू जरुर ध्यानपूर्वक सीख लें:

मार्केट रिसर्च का परिचय  

मार्केट रिसर्च का सबसे प्रमुख पहलू कंज्यूमर बिहेवियर को समझने की कोशिश ही है. अब, क्योंकि कंज्यूमर्स की मांगों की प्रकृति गतिशील होती है, हरेक कंपनी को अपने कंज्यूमर्स के मुताबिक अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी समय-समय पर बदलनी पड़ती है. कई कंपनियों में क्वालिफाइड और अनुभवी मार्केट रिसर्चर्स की बढ़ती हुई मांग के कारण, इस फील्ड में आजकल यंगस्टर्स के लिए करियर के बेहतरीन ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. 

मार्केट रिसर्च प्रोसेस

किसी मार्केट रिसर्चर का सबसे महत्वपूर्ण काम संबद्ध संगठन या कंपनी को उनके कंज्यूमर्स की पसंदों के मुताबिक डायनामिक प्रोडक्ट/ सर्विसेज प्रोफाइल्स ड्राफ्ट करने में मदद करना है. इससे मार्केटिंग और सेल्स टीम्स को अपने ऑब्जेक्टिव्स पाने में मदद मिलती है. इसी तरह, मार्केट रिसर्चर्स पिछले स्टेटिसटिकल सेल्स डाटा को भी एनालाइज करते हैं ताकि भावी सेल्स का अनुमान लगाया जा सके. ऐसा करने के लिए, मार्केट रिसर्च एनालिस्ट्स कई रचनात्मक तरीके अपनाते हैं जैसेकि, वे ग्रुप इंटरव्यूज, सर्वेज और टेलीफोनिक इंटरव्यूज पर ज्यादा फोकस करते हैं ताकि कस्टमर्स से मनचाही जानकारी प्राप्त हो सके. फिर, कलेक्ट किये गए डाटा को सिस्टेमेटिक तरीके से संकलित और संगठित किया जाता है और फिर, क्लाइंट्स को पेश किया जाता है ताकि क्लाइंट्स उस डाटा को ध्यान में रखकर ही बिजनेस संबंधी अपने निर्णय ले सकें. 

टॉप मार्केट रिसर्च इंडियन कंपनीज़

हमारे देश की प्रमुख मार्केट रिसर्च कंपनियों की लिस्ट निम्नलिखित है:

•    आईएमआरबी इंटरनेशनल
•    आरएनबी रिसर्च
•    मार्केट एक्सेल डाटा मैट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड
•    मैजेस्टिक एमआरएसएस
•    टीएनएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
•    हंसा रिसर्च
•    आईडीसी इंडिया
•    आईपीएसओएस इंडिका रिसर्च
•    मिलवार्ड ब्राउन
•    दी नेल्सन

ये कंपनियां अपने गहन मार्केट रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से आपके कारोबार को काफी फायदा पहुंचाती हैं. इन कंपनियों के मार्केट रिसर्च प्रोजेक्ट्स के आधार पर विभिन्न बिजनेस कंपनियां अपने गुड्स एंड सर्विसेज के संबंध में सभी गोल्स तय करके अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजीज तैयार करती हैं.

मार्केट रिसर्चर के लिए जरुरी वर्किंग स्किल्स

मार्केट रिसर्च एनालिस्ट के पास बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स होने चाहिए ताकि क्लाइंट्स के साथ वे असरदार तरीके से डील कर सकें और अपने बिजनेस ऑब्जेक्टिव्स प्राप्त कर सकें. ये पेशेवर डाटा एनालिसिस के लिए एनालिटिकल टूल्स में अवश्य माहिर हों और ट्रेडिशनल एवं टेक्निकल मेथड्स का बेहतर इस्तेमाल करना इन्हें अच्छी तरह से आता हो. इसी तरह, ये पेशेवर डाटा कलेक्शन और प्रोसेसिंग की विभिन्न टेक्निक्स जानते हों ताकि ये पेशेवर अपने कस्टमर्स का व्यवहार अच्छी तरह समझ कर उसके मुताबिक अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजीज तैयार कर सकें.

आपके लिए मार्केट रिसर्च में उपलब्ध हैं ये ख़ास करियर ऑप्शन्स

मार्केट रिसर्च प्रोफेशनल्स अपने इंटरेस्ट, एक्सपर्टाइज और स्किल सेट्स के मुताबिक निम्नलिखित करियर्स अपना सकते हैं:

•    रिसर्च डायरेक्टर – यह मार्केट रिसर्च की फील्ड में सबसे सीनियर पोजीशन है और इस जॉब प्रोफाइल में निर्धारित समय पर मार्केट रिसर्च से संबद्ध सभी प्रोजेक्ट्स को तैयार करने और डिलीवर करने की पूरी जिम्मेदारी आती है.
•    रिसर्च एनालिस्ट – ये पेशेवर डाटा एनालिसिस और डाटा प्रेजेंटेशन के काम के लिए जिम्मेदार होते हैं. इसके अलावा, ये लोग क्वेश्चनेयर रूटिंग की क्वालिटी को टेस्ट करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं.
•    रिसर्च मैनेजर – ये पेशेवर संबद्ध रिसर्च प्रोजेक्ट्स को डिजाइन करने, इम्प्लीमेंट करने और मैनेज करने के लिए जिम्मेदार होते हैं. वे यह सुनिश्चित करते हैं कि रिसर्च प्रोजेक्ट सुचारू रूप से काम करे और जिसके लिए वे ऑपरेशनल डायरेक्टर से बातचीत करते हैं. ये पेशेवर कंपनी और इसके क्लाइंट्स के बीच एक पुल का काम करते हैं.  
•    रिसर्च एग्जीक्यूटिव – रिसर्च एग्जीक्यूटिव्स प्रोजेक्ट्स के शुरुआती डेवलपमेंट में हिस्सा लेते हैं और फर्म के ऑपरेशनल डिपार्टमेंट के साथ भी काम करते हैं. एग्जीक्यूटिव्स रिसर्च मैनेजर और रिसर्च एनालिस्ट के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि रिसर्च डिज़ाइन और डाटा कलेक्शन का ढांचा तैयार किया जा सके. ये पेशेवर फाइनल रिसर्च रिपोर्ट को तैयार करने के काम में भी शामिल होते हैं.
•    स्टेटिसटिशियन/ डाटा प्रोसेसिंग प्रोफेशनल – ये पेशेवर मुख्य रूप से डाटा प्रोसेसिंग के कई कोर एरियाज से संबद्ध सभी कार्य करते हैं जिनमें सर्वेज की स्क्रिप्टिंग, डाटा प्रोसेसिंग टेबूलेशन, स्टेटिसटिकल सैंपलिंग और मार्केट मॉडलिंग से संबद्ध सभी कार्य शामिल हैं.
•    ऑपरेशन डायरेक्टर – ऑपरेशनल डायरेक्टर की पोजीशन मार्केट रिसर्च में सबसे महत्वपूर्ण होती है जिसके तहत सारी जिम्मेदारियां शामिल हैं. ये पेशेवर कई डिपार्टमेट्स का काम देखते हैं जैसेकि, सैंपलिंग, डाटा प्रिपरेशन, डाटा एंट्री, क्वेश्चनेयर स्क्रिप्टिंग, टेबूलेशन्स और टेलीफोनिक यूनिट आदि. ये लोग सुनिश्चित करते हैं कि रिसर्च प्रोजेक्ट निर्धारित समय पर बिना किसी गलती के डिलीवर किया जाये और इस प्रोजेक्ट में सभी कॉस्ट-कंस्ट्रेंट्स या लागत संबंधी मुद्दों  और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा किया गया है.
•    फील्डवर्क मैनेजर – फील्ड मैनेजर्स रिक्रूटमेंट, मैनेजमेंट, ट्रेनिगं और डायरेक्ट तथा टेलीफोनिक इंटरव्यूज के इवैल्यूएशन से संबद्ध सभी कार्य देखते हैं. इसके अलावा, ये पेशेवर उपयुक्त रिसर्च सैंपल्स तैयार करने के साथ ही ट्रेनिंग, क्वालिटी मैनेजमेंट संबंधी कार्य भी करते हैं

इंडियन मार्केट रिसर्चर्स का सैलरी पैकेज

किसी भी कैंडिडेट के जॉब रोल, पोजीशन और अनुभव के आधार पर, किसी भी मार्केटिंग रिसर्च संगठन में रिसर्च प्रोफेशनल्स के लिए सैलरी स्ट्रक्चर अन्य समान संगठनों से अलग होता है. उदाहरण के लिए, किसी फील्ड सर्वे एग्जीक्यूटिव की सैलरी शुरू में रु. 6000/- से रु. 7000/- प्रति माह तक हो सकती है लेकिन किसी सीनियर मैनेजर की सैलरी रु. 900000/- से रु. 1500000/- प्रति वर्ष तक हो सकती है.

अब इसमें कोई दो राय नहीं कि, सही मार्केटिंग रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कोई भी बिजनेस कंपनी अपने बिजनेस के संबंध में स्वॉट – स्ट्रेंथ, वीकनेसेज, ऑपोरचूनिटीज़ और थ्रेट्स के बारे में पहले ही सारी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करके अपने बिजेनस की ग्रोथ के लिए समय रहते सभी जरुरी कदम उठा सकती है. मार्केट रिसर्च की फील्ड सभी तरह की मार्केटिंग प्रॉब्लम्स को बखूबी सुलझा देती है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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