SBI की मैटरनिटी और सबैटिकल लीव पॉलिसी

मातृत्व अवकाश की नीति किसी भी संगठन में अन्य संगठन की तुलना में भिन्न हो सकती है। क्या आप SBI में मिलने वाली मातृत्व अवकाश नीति के बारे जानते हैं? इस बारे में अधिक जानने के लिए इस आर्टिकल का अध्ययन करें।

Created On: May 7, 2018 12:08 IST
SBI: Maternity and Sabbatical Leave Policy
SBI: Maternity and Sabbatical Leave Policy

भारतीय स्टेट बैंक भारत में प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। यह बैंक समय-समय पर अपनी नीतियों में आवश्यक परिवर्तन करके अपने कर्मचारियों का ख्याल रखता है। SBI नियमित रूप से अपनी मौजूदा नीतियों में सुधार करके उसे बेहतर बनाता रहता है। SBI ने कर्मचारियों की उन्नति/ बेहतरी के लिए कई नीतियां लागू की हैं। SBI की एचआर (HR- Human Resources) टीम समय-समय पर यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारियों की जरूरतें पूरी हो सके। इसके लिए एचआर टीम उन्हें दी गई सुविधाओं के आधार पर उनके प्रदर्शन का विश्लेषण भी करती है। कर्मचारियों का बेहतर प्रदर्शन कुछ हद तक व्यक्तिगत कर्मचारियों को दी जाने वाली वैल्यू पर भी निर्भर करता है।

SBI ने मातृत्व अवकाश के लिए स्पष्ट मानदंड जारी कर दिए थे, जो 27 मार्च 2000 से प्रभावी हो गए थे। SBI महिला कर्मचारियों को छह माह का मातृत्व अवकाश प्रदान करता है तथा उनकी पूरी नौकरी के दौरान 12 महीने का मातृत्व अवकाश प्रदान करता है। मातृत्व अवकाश के साथ SBI में महिला उम्मीदवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने कार्य से 2 साल की सबैटिकल लीव (अध्ययन प्रोत्साहन अवकाश) पाने की पात्र होती हैं।

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SBI में मिलने वाली सबैटिकल लीव (अध्ययन प्रोत्साहन अवकाश) के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारतीय स्टेट बैंक की पहली महिला चेयरमैन अरूंधति भट्टाचार्य को बैंक की सबैटिकल लीव पॉलिसी में सुधार करने/ बदलाव करने का श्रेय जाता है।
  • सबैटिकल लीव के तहत  SBI में कार्यरत महिला कर्मचारी बैंक से विभिन्न प्रायोजनों के लिए ब्रेक ले सकती हैं, जैसे- अपने बच्चों की शिक्षा के लिए; अपने बुजुर्ग माता-पिता और ससुराल वालों की देखभाल करने के लिए।
  • भारत सरकार अपने कर्मचारियों को दो साल की सबैटिकल लीव प्रदान करता है और इस प्रकार SBI ने भी सबैटिकल अवकाश की अवधि दो साल तक रखी है ।
  • सबैटिकल लीव एक समय में कम से कम 3 महीने के लिए ही ली जा सकती है और छुट्टी वर्ष में एक से अधिक बार नहीं ली जा सकती।
  • SBI इस लगातार बदलते समाज में सिंगल पैरेंट्स को भी सबैटिकल लीव की सुविधा देने पर विचार कर रहा है। इस तरह के प्रायोजन के लिए SBI, अपने कर्मचारियों की विशेष जरूरतों को समझने के लिए लगातार आवश्यक कार्य कर रहा है।
  • सबैटिकल लीव के लिए आवेदन करने वाली महिला कर्मचारी कम से कम 5 साल की सेवा पूरी कर चुकी होनी चाहिए। (कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर)
  • सबैटिकल लीव छुट्टी, वेतन, भत्ते, और किसी अन्य मौद्रिक या गैर-मौद्रिक लाभ की सुविधा के बिना होगी

SBI में मातृत्व अवकाश के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • मूल भुगतान पर (On substantive payments) SBI में कार्यरत गर्भवती महिला कर्मचारी छह महीने का मातृत्व अवकाश ले सकती हैं।
  • बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अपने संपूर्ण कार्यकाल के दौरान 12 महीने का मातृत्व अवकाश मिलता है। हिस्टरेक्टॉमी (hysterectomy) के मामले में,इन 12 महीनों की कुल अवधि के भीतर अधिकतम 60 दिनों तक छुट्टी देने का प्रावधान है।
  • एक पंजीकृत चिकित्सकीय डॉक्टर / चिकित्सक से वैध प्रमाण पत्र पेश करने पर, महिला कर्मचारी गर्भपात / एमटीपी (Medical Termination of Pregnancy) के मामले में भी छुट्टी प्राप्त कर सकती हैं।
  • वैध चिकित्सकीय दस्तावेजों के समर्थन की सहायता से चिकित्सा जटिलताओं के मामले में यदि अनुरोध किया गया हो तो मातृत्व अवकाश की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
  • परिवीक्षाधीन अवधि अर्थात् प्रोबेशन पीरियड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को 3 महीने का मातृत्व अवकाश दिया जायेगा और ऐसे में उनका प्रोबेशन पीरियड तीन महीने तक बढ़ा दिया जायेगा। बैंक में कन्फर्म होने के बाद उन्हें इस पीरियड की सैलरी दिए जाने का प्रावधान है।   
  • मातृत्व अवकाश का रिकॉर्ड उम्मीदवारों की समग्र छुट्टी रिकॉर्ड में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उनके अगले मातृत्व अवकाश के मामले में इसे कैरी फॉर्वड (आगे बढ़ाया जा सके) किया जा सके।
  • ऐसी महिला कर्मचारी जिनके बच्चे नहीं है; कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेने पर जो कि एक वर्ष से कम आयु का है को भी छह महीने छुट्टी देने का प्रावधान है। यह प्रावधान केवल एक बच्चे को गोद लेने के लिए ही है।

वर्ष 2014 में जब अरुंधति भट्टाचार्य एसबीआई की पहली महिला चेयरमैन बनी थीं तो तब मातृत्व अवकाश और सबैटिकल अवकाश की नीतियों की फिर से समीक्षा की गयी थी। SBI के अस्तित्व में आने के बाद वह पहली ऐसी महिला हैं जो देश के इस बैंक के शीर्ष पद पर पहुंची थी। इस पद पर आसीन होने के तुरंत बाद उन्होंने महिला कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं की फिर से समीक्षा करने की दिशा में तत्काल कदम उठाए थे। वर्ष 2014 में वित्त मंत्रालय ने यह भी अधिसूचना जारी कर कहा था कि महिला उम्मीदवार, चाहे शादीशुदा हो या अविवाहित, उन्हें अपने गृह क्षेत्र में पोस्टिंग दी जाए। इससे SBI जैसे प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महिला कर्मचारियों की स्थिति और भी मजबूत हुई। पूरे विश्व में काम कर रही महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश एक आवश्यक छुट्टी है और इसे एक वर्ष तक आगे बढ़ाए जाने का भी प्रावधान किया जा रहा है। यह अभी विचाराधीन है और यदि एक बार संबंधित प्राधिकरण द्वारा प्रस्ताव पारित हो जाता है तो इससे महिला कर्मचारियों को बहुत मदद मिलेगी।

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