IIMs से MBA: जनरलिस्ट बनाम स्पेशलिस्ट MBA प्रोग्राम और सेकेंड MBA प्रोग्राम पर चर्चा

भारत में किसी IIM से MBA करने पर यकीनन आपका करियर काफी शानदार बन जाता है लेकिन किसी MBA प्रोग्राम में एडमिशन लेने से पहले अक्सर स्टूडेंट्स थोड़ा कंफ्यूज़ हो जाते हैं कि वे जनर्लिस्ट या स्पेशलिस्ट MBA प्रोग्राम में से कौन-सा MBA प्रोग्राम अपने लिए चुनें? इसी तरह, उन्हें सेकेंड MBA प्रोग्राम करने के लिए भी कंफ्यूजन रहता है. इस आर्टिकल में आपके ये कंफ्यूजन्स दूर करने की कोशिश की गई है.

Created On: Sep 26, 2019 18:09 IST
MBA at IIMs: Generalist vs. specialist | Second MBA
MBA at IIMs: Generalist vs. specialist | Second MBA

आज भी हमारे देश में किसी IIM से MBA करना कई MBA आस्पिरेंट्स के लिए एक सपने के सच होने जैसा है. लेकिन, अक्सर स्टूडेंट जब किसी IIM में एडमिशन लेने लगते हैं तो वे अक्सर कंफ्यूज़ हो जाते हैं कि आखिर वे MBA जनर्लिस्ट प्रोग्राम में एडमिशन लें या फिर, MBA स्पेशलिस्ट प्रोग्राम कोर्स करें.  आजकल के इस स्पेशलाइजेशन के दौर में स्टूडेंट्स एक और परेशानी से जूझते हुए देखे जा रहे हैं और वह परेशानी है कि क्या सेकेंड MBA प्रोग्राम करने पर उन्हें अपने करियर में ज्यादा लाभ मिलेगा. आजकल भारत के विभिन्न एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स और IIMs MBA के कोर्स करिकलम में इतने अधिक ऑप्शन्स दे रहे हैं तो स्टूडेंट्स का कंफ्यूज़ हो जाना तो बिलकुल सामान्य-सी बात है.

MBA आस्पिरेंट स्टूडेंट्स के इन सभी कंफ्यूजन्स को दूर करने के लिए ही प्रोफेसर रुना सरकार – डीन एकेडमिक, IIM कलकत्ता एक मैनेजमेंट फैकल्टी होने के नाते  स्टूडेंट्स को यह बताने का प्रयास कर रही हैं कि उनके लिए कौन-सा ऑप्शन बेहतर साबित हो सकता है. इसके साथ ही वे यह भी बतायेंगी कि MBA आस्पिरेंट स्टूडेंट्स की प्रतिभा और रूचि के अनुसार कौन सा MBA उनके लिए उपयुक्त साबित हो सकताहै. ड्यूअल MBA के विषय में जानने से पहले आइये हम उनसे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर जानते हैं:

इंटरव्यू के महत्वपूर्ण अंश

जनर्लिस्ट या स्पेशलिस्ट MBA प्रोग्राम: कौन-सा प्रोग्राम आपके लिए रहेगा बेहतर?

जब हम MBA के जनर्लिस्ट बनाम स्पेशलिस्ट प्रोग्राम्स की बात करते हैं तो इन दोनों के अंतर को हम “अथवा” के रूप में नहीं दिखा सकते हैं. दरअसल इन दोनों ही प्रोग्राम्स को हम “और” के रूप में ही दिखा पाएंगे. हमारे कहने का मतलब यह है कि, ये दोनों ही MBA प्रोग्राम्स वास्तव में एक दूसरे के पर्याय हैं. एक स्पेशलिस्ट प्रोफेशनल बनने के लिए आपको सबसे पहले एक जनर्लिस्ट बनना ही पड़ेगा. लेकिन दूसरी तरफ, यह बिलकुल जरुरी नहीं है कि आपको एक जनर्लिस्ट बनने के लिए स्पेशलिस्ट बनना पड़ेगा या फिर, जनर्लिस्ट बनने के बाद आप स्पेशलिस्ट बनेंगे ही. लेकिन एक MBA स्टूडेंट्स को यह समझना चाहिए कि एक स्पेशलिस्ट बनने से न सिर्फ उनकी नॉलेज बढ़ती है बल्कि उनके करियर में तरक्की की संभावना भी काफी अधिक रहती है.

स्टूडेंट्स के लिए सेकेंड MBA प्रोग्राम करने का निर्णय लेना कहां तक उचित है?

सेकेंड MBA करने का निर्णय लेने से पहले यह सवाल आपको खुद से एक बार पूछ लेना चाहिए कि आखिर आप सेकेंड MBA प्रोग्राम क्यों करना चाहते हैं? ऐसे कई MBA कैंडिडेट्स हैं जो IIM-कलकत्ता से अपना सेकेंड MBA प्रोग्राम कर रहे हैं और उनमें से सभी का कॉमन रिस्पोंस यह है कि उन्हें पता था कि वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन वे यह समझ नहीं पाए कि आखिर वे सेकेंड MBA प्रोग्राम क्यों करना चाहते हैं?

वास्तव में, सेकेंड MBA प्रोग्राम उन स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा अच्छा है जिन्होंने अपने कॉलेज से बाहर किसी MBA प्रोग्राम में एडमिशन लेने का निर्णय लिया है. अपने पहले MBA कोर्स के दौरान, कॉलेज में उन्होंने बहुत सारी ऐसी जानकारी और नॉलेज हासिल की जिसे वे पहले नहीं जानते थे और यह भी नहीं जानते थे कि अपनी प्रोफेशनल लाइफ में उस नॉलेज को किस तरह अप्लाई करें? IIM कलकत्ता जैसे भारत के टॉप MBA कॉलेज से सेकेंड MBA प्रोग्राम, उन्हें विभिन्न किस्म की चीजों को देखने और समझने का एक नया और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है.

सरल शब्दों में अगर हम कहें तो, अगर आपने ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई के तुरंत बाद अपना MBA कोर्स किया है तो अपने MBA प्रोग्राम के दौरान सीखे गए कॉन्सेप्ट्स को अपनी प्रोफेशनल लाइफ में अप्लाई करने का सही तरीका आपको बहुत हद तक मालूम नहीं होता है. लेकिन जब MBA करने के बाद कुछ वर्षों तक आप काम कर लेते हैं और आपको कुछ वर्क एक्सपीरियंस हो जाता है तो आप ऑटोमेटिकली चीजों को काफी बारीकी से समझने लगते हैं. इससे आपको बहुत लाभ मिलता है..... तो क्या, विशेष रूप से IIM कलकत्ता से सेकेंड MBA कोर्स करने से फायदा है?. जी हां! बिलकुल. इससे आपको भविष्य में बहुत फायदा मिलेगा. आपका सकारात्मक दृष्टिकोण तो विकसित होगा ही इससे आपके करियर ग्रोथ की संभावना भी अधिक रहेगी और जीवन के बारे में आपका नजरिया व्यापक हो जायेगा.

एक्सपर्ट के बारे में :

प्रोफेसर रुना सरकार IIM कलकत्ता में डीन एकेडमिक और इकोनॉमिक्स ग्रुप की फैकल्टी मेंबर हैं. एकेडमिक बैकग्राउंड के मामले में वह BITS पिलानी से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं और उन्होंने चैपल हिल नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री प्राप्त की है. एक प्रोफेशनल के रूप में  उन्होंने टाटा स्टील के पर्यावरण और ऊर्जा परामर्श के क्षेत्र से संबंधित एक सहायक कंपनी - टाटा कॉर्प के साथ काम किया है. IIM-कलकत्ता के इकोनोमिक्स ग्रुप में एक फैकल्टी मेंबर के रूप में शामिल होने से पहले, उन्होंने IIT कानपुर में इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में पढ़ाया है.

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