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आईआईएम से एमबीए : स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स

Jan 25, 2019 15:55 IST

आईआईएम  एमबीए स्टूडेंट्स को जीवन में कई अवसर प्रदान करता है और ऐसा ही एक अनूठा अवसर है स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स. आईआईएम कलकत्ता के एक विदेशी छात्र साइमन मुलर ने सीईएमएस प्रोग्राम्स के माध्यम से एमबीए के बारे में अपने अनुभव और विचार शेयर किये हैं और यह बताया है कि बी-स्कूलों के टॉपर्स अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ मिलकर किस तरह से कार्य करते हैं ?

भारत में अनुभव

मैं वास्तव में यहां आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं जहाँ कहीं  भी जाता हूँ पूरा भारत ही मेरे लिए आश्चर्यजनक है. हर जगह कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है. चारो तरफ विविधता देखने को मिलती है. यह विवधताओं से भरा देश है. इस देश की यात्रा करना वास्तव में आनन्द दायक है.

आईआईएम कलकत्ता में अध्ययन

सीईएमएस - ग्लोबल अलायंस इन मैनेजमेंट एजुकेशन, जिसे पहले "द कम्युनिटी ऑफ यूरोपियन मैनेजमेंट स्कूल्स" के नाम से जाना जाता था, दुनिया भर के 30 प्रमुख बिजनेस स्कूलों का एक क्लब है. साथ ही ये बी-स्कूल सीईएमएस एमआईएम (CEMS MIM) प्रोग्राम यानी मास्टर्स इन मैनेजमेंट प्रोग्राम की सुविधा अपने छात्रों को प्रदान करते है. सीईएमएस एमआईएम प्रोग्राम में भाग लेने के लिए छात्रों को अपना एक सेमेस्टर किसी विदेशी मैनेजमेंट स्कूल से पूरा करना होता है.दुनिया भर के 30 प्रीमियर बी-स्कूलों में से मैंने जर्मनी से बहुत दूर भारत का चयन किया. एक विकासशील देश में स्थित होने की वजह से आई आईएम कलकत्ता में आने पर मुझे कई कई तरह की अलग-अलग चीजें और पहलू देखने और सीखने को मिले, जो सामान्यतः मुझे किसी अन्य बी स्कूल में देखने को नहीं मिलते. जर्मनी का होने के कारण मुझे भारतीय बी-स्कूलों के बारे में कुछ भी पता नहीं था. अगर वापस यूरोप की बात करें तो वहां लोग वास्तव में आईआईएम कलकत्ता तथा अन्य भारतीय एमबीए कॉलेजों के बारे में नहीं जानते हैं. इसलिए यहाँ आना मेरे लिए आश्चर्यजनक था. लेकिन मैं लगभग 6 सप्ताह से यहाँ हूँ और आईआईएम कलकत्ता के क्वालिटी एजुकेशन का कायल हो चुका हूँ. मैनेजमेंट एजुकेशन के फील्ड में आईआईएम कलकत्ता उच्च गुणवत्ता वाला संस्थान है. आईआईएम कलकत्ता कैम्पस में संचालित विभिन्न क्लब और सेल हमारे शैक्षणिक अनुभवों को और ज्यादा समृद्ध करते हैं.

आईआईएम कलकत्ता में लिंग विविधता

मुझे आईआईटी, खड़गपुर के छात्रों के साथ कुछ दिनों तक काम करने का अनुभव है और वे सारे पुरष सहपाठी थे. इस बात को लेकर यहाँ आने से पहले मैं बहुत सचेत था. महिला छात्रों की तुलना में यहाँ पुरुष छात्रों की संख्या अधिक है. वैसे आईआईएम कलकत्ता इस सन्दर्भ में संतुलन स्थापित करने के लिए प्रयासरत है. यहाँ अधिकतम संख्या में लड़कियों का दाखिला या महिला फैकल्टी का चयन करने का ट्रेंड है. आपको जानकर हैरानी होगी मुझे पढ़ाने वाली दो फैकल्टी लीना चैटर्जी और स्मिता मिश्रा दोनों महिलाएं है तथा वे अपने सिलेबस को बहुत अच्छे तरीके से कवर करती हैं. इन सभी चीजों को देखकर मुझे बहुत ख़ुशी होती है.

फॉरेन एक्सचेंज स्टूडेंट प्रोग्राम के तहत होने वाली गतिविधियाँ

आईआईएम कलकत्ता में सीईएमएस एमआईएम कार्यक्रम के एक भाग के रूप में  ऑन कैम्पस या ऑफ कैम्पस अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को हर दिन नई चीजों की खोज करने तथा उसके विषय में जानकारी हासिल करने का मौका मिलता है. फॉरेन स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम आपको बहुत सारे अंतर-सांस्कृतिक अनुभव और अंतर्राष्ट्रीय संवेदनशीलता को अनुभव करने का अवसर प्रदान करते हैं. फॉरेन स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेने वाले क्लब्स के बीच एक सीईएमएस क्लब भी है जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए यूनिक गतिविधियों का संचालन करता है. उदाहरण के लिए इन क्लब्स द्वारा आयोजित ऐसी गतिविधियों में से एक गतिविधि के अंतर्गत सीईएमएस क्लब ने ग्रामीण भारत में हेल्थ सर्विस पर एक प्रोजेक्ट करने के उद्देश्य से एक स्थानीय गांव का दौरा किया था. वहां जाने पर मुझे जो अनुभव हुआ  उसे हरगिज मैं अपने जर्मनी में नहीं प्राप्त कर सकता था. फॉरेन स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम छात्रों को बहुत कुछ सीखने का मौका प्रदान करता है.

आईआईएम कलकत्ता में फैकल्टी

आईआईएम कलकत्ता में फैकल्टी की क्वालिटी वाकई टॉप पर है. जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन सहित यूरोप के विभिन्न देशों में अध्ययन करने के बाद अपने अनुभव के आधार पर  मैं यह कह सकता हूं कि आईआईएम  कलकत्ता में फैकल्टी इंटरनेशनल लेवल पर स्वीकार किये गए ग्लोबल एकेडमिक स्टैण्डर्ड को फॉलो करते हैं.

हालांकि, प्रत्येक बी-स्कूल की अपनी संस्कृति और फोकस एरिया होता है और आईआईएम कलकत्ता में क्वांट और हार्डवर्क, बिजनेस आदि विषयों पर बहुत जोर दिया जाता है. इसकी तुलना में यूरोपीय बी-स्कूल सॉफ्टर  बिजनेस विषय पर अधिक जोर देते हैं.लेकिन  जब हम शैक्षणिक मानकों और गुणवत्ता की तुलना करते हैं, तो आईआईएम  कलकत्ता निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा स्वीकार किये जाने वाले स्टैण्डर्ड के अनुकूल कार्य करता है.

आईआईएम कलकत्ता में कैम्पस लाइफ

आईआईएम कलकत्ता में कैंपस लाइफ के संदर्भ में सबसे दिलचस्प मुझे इसका रेसिडेंशियल कैम्पस लगा. ज्यादातर यूरोपीय बी-स्कूलों में  छात्रों को शायद ही कभी रेसिडेंशियल कैम्पस में एक साथ पढ़ने का मौका मिलता है. छात्र एक ही शहर में इधर उधर बिखरे होते हैं. यहाँ नित्य प्रति बहुत सारी गतिविधियाँ होती रहती हैं इसलिए छात्र कैम्पस में रहना ज्यादा पसंद करते हैं.

आईआईएम कलकत्ता में कैम्पस लाइफ के बारे में एक और दिलचस्प पहलू है यहाँ का हॉस्टल लाइफ.आईआईएम कलकत्ता में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए  हॉस्टल की गतिविधियाँ एक महान उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती हैं, जो उन्हें अपने सहपाठियों के साथ सम्बन्ध बनाने और नए दोस्त बनाने में मदद करती है.

एक्सपर्ट के बारे में:

साइमन सीईएमएस इंटरनेशनल प्रोग्राम के तहत एक एक्सचेंज स्टूडेंट हैं. वह आईआईएम कलकत्ता में पीजीपी 2 बैच के स्टूडेंट हैं.