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सीईओ बनने के लिए जरुरी हैं ये डिग्रियां

Mar 5, 2019 17:37 IST
सीईओ

जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना अधिकांश लोग देखते हैं लेकिन सपनो को पूरा करने के लिए सही दिशा में प्रयासरत बहुत कम लोग ही रहते हैं.कार्पोरेट जगत में बहुत सारे ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोफेशनल्स हैं, जो जीवन में कभी न कभी किसी कंपनी के सीईओ के पद तक पहुँचने का सपना देखते है. सीईओ बनने के सपने को पूरा करने के लिए यह जरुरी है कि आप सीईओ के लिए अनिवार्य प्रोफेशनल डिग्री, व्यक्तिगत योग्यता, टेक्नीकल स्किल्स एवं अन्य जरुरी योग्यताओं के विषय में पूर्ण जानकारी रखते हुए उसके अनुरूप अपने व्यक्तिगत और सामाजिक गुणों का विकास करें. अतः प्रोफेशनल्स की सहूलियत के लिए नीचे सीईओ के लिए आवश्यक डिग्री एवं अन्य अनिवार्य स्किल्स का विवरण दिया गया है.

यदि कोई अपने जीवन में सीईओ बनना चाहता है तो उसे अपने प्रोफेशनल लाइफ की शुरुआत बहुत जल्द ही कर देनी चाहिए. एक अच्छी शिक्षा ही वह फाउंडेशन है जिस पर प्रोफेशनल जीवन की महत्वकांक्षाओं की दिवार को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है. एजुकेशन के साथ साथ प्रासंगिक कार्यानुभव टॉप पदों पर नौकरी प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं. किसी भी संगठन में सीईओ का मुख्य कार्य –ऑर्गनाइजेशन के फायनांस का पर्यवेक्षण करना,किसी भी तरह के प्रॉब्लम का समाधान तलाशना तथा टॉप मैनेजमेंट के पदों पर रिक्रूट करना,उनके परफ़ॉर्मेंस आदि पर नजर रखना होता है. इसके अतिरिक्त उनके ऊपर कंपनी के टारगेट को पूरा करने की जिम्मेवारी भी होती है. इसलिए अगर कोई सीईओ बनना चाहता है तो उसे अपने अन्दर इन सभी गुणों के विकास हेतु प्रयत्नशील रहना चाहिए.

किसी कंपनी या ऑर्गनाइजेशन का सीईओ बनने के लिए जरुरी क्वालिफिकेशन या डिग्री

वैसे यह कहना कि एक सफल सीईओ बनने के लिए कौन सी डिग्री बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है थोड़ा मुश्किल है. क्योंकि अलग अलग फील्ड के लिए अलग अलग प्रोफेशनल डिग्रियों की आवश्यकता होती है. उदहारण के लिए अगर आप किसी हेल्थ ऑर्गनाइजेशन या हेल्थ से जुड़े कंपनी में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके पास हेल्थ से जुड़ी डिग्रियां होनी चाहिए. किसी सामान्य स्कूल और कॉलेज की डिग्रियों के वनिस्पत किसी विख्यात स्कूल या प्रीमियर इंस्टीट्यूट की डिग्रियों का सीईओ जैसे पदों के लिए बहुत अधिक महत्व होता है. कारण कि ऐसे इंस्टीट्यूट्स क्वालिटी एजुकेशन पर बहुत अधिक बल देते हैं. इसके अतिरिक्त वे इंडस्ट्री इंटरफेस आदि के जरिये कार्पोरेट वर्ल्ड की गतिविधियों से अपडेटेड भी रहते हैं. आम तौर पर अकाउन्ट्स,बिजनेस,इकोनोमिक्स,फायनांस और मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन की डिग्री सीईओ की सामान्य योग्यता है. टॉप बी स्कूल्स से एमबीए किये हुए ऐसे ग्रेजुएट्स जिन्होंने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया हो सीईओ के लिए एक योग्य उम्मीदवार हो सकते हैं लेकिन उन्हें भी अकाउन्ट्स,बिजनेस,इकोनोमिक्स,फायनांस आदि की पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए. अन्य विषयों के ग्रेजुएट्स भी सीईओ बन सकते हैं लेकिन उन्हें ऊपर दिए गए विषयों की सही समझ अपने अन्दर विकसित करते हुए अपनी योग्यता को साबित करने की जरुरत पड़ती है.

इतना ही नहीं सीईओ को कानूनों और नियमों, टेक्नीकल टूल्स तथा एचआर मैनेजमेंट की भी समुचित जानकारी होनी चाहिए. सॉफ्ट कम्युनिकेशन में तो इन्हें महारत हासिल होना चाहिए.किसी भी अच्छे प्रोफेशनल प्रोग्राम में इंटर्नशिप शामिल होता है और इंटर्नशिप के जरिये स्टूडेंट्स को बिजनेस मैनेजमेंट के व्यावहारिक पहलुओं को सीखाया जाता है.

सीईओ के लिए सामन्य अंडरग्रेजुएट डिग्री
 सीईओ के बीच इंजीनियरिंग और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन सबसे आम डिग्री है. कुछ सर्वे के अनुसार यह पता चलता है कि फॉर्च्यून 500 के लगभग 45 प्रतिशत सीईओ के पास इन दोनों ही फील्ड की डिग्रियां हैं तथा इन्होने दोनों ही फील्ड में काम किया है. इंजीनियरिंग डिग्री के अंतर्गत मुख्य रूप से कम्प्यूटर,केमिकल सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे विविध स्पेशलाइजेशन को ज्यादा महत्व दिया जाता है तथा इन विषयों से ग्रेजुएट इंजीनियर आम तौर पर इंडस्ट्री में काम करते हैं.इसके साथ ही बिजनेस मैनेजमेंट के अलावा अकाउंट्स,इकोनोमिक्स,फाइनांस, मार्केटिंग और सेल्स की स्टडी करने वाले उम्मीदवार भी सीई ओ बनते हैं.वे रचनात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता, संगठनात्मक विकास और नेतृत्व कौशल की कला में निष्णात होते हैं.

लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है कि सिर्फ इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट करने वाले उम्मीदवार ही सी ईओ बनते है. आपको कई ऐसे सीईओ भी देखने को मिलेंगे जिन्होंने हिस्ट्री और पॉलिटिकल साइंस में महारत हासिल की है.

उदाहरण के लिए हम केन चेनॉल्ट, 2001 से 2018 तक अमेरिकन एक्सप्रेस के सीईओ (इनके पास इतिहास में डिग्री है), एचपी के पूर्व सीईओ कार्ली फिओरिना (इन्होंने स्टैनफोर्ड से मध्यकालीन इतिहास और दर्शन में डिग्री अर्जित की), डिज्नी के सीईओ, रॉबर्ट इगर (इनके पास इथाका कॉलेज से कम्युनिकेशन की डिग्री है.) आदि का नाम ले सकते हैं.

सीईओ के लिय टॉप एमबीए प्रोग्राम्स

विश्व भर में कराये जा रहे कुछ टॉप एमबीए प्रोग्राम्स करने वाले उम्मीदवारों में से तकरीबन हर साल एक- दो सीईओ तो बनते ही बनते हैं.बिजनेसरिसर्चगाइड.कॉम के अनुसार टॉप इंस्टीट्यूशंस हैं - हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (फॉर्च्यून 500 फर्मों में पूर्व छात्रों की संख्या: 40), व्हार्टन (13), स्टैनफोर्ड जीएसबी (10), केलॉग (6), केली स्कूल ऑफ बिजनेस (इंडियाना विश्वविद्यालय, 6) ),रॉस (5), कोलंबिया (4), वार्डन (4), रटगर्स (3) और डार्टमाउथ (3) है.

निजी और सार्वजनिक इंस्टीट्यूट्स द्वारा कराये जा रहे एमबीए प्रोग्राम्स करने वाले उम्मीदवारों में से लगभग 100 उम्मीदवार किसी ना किसी कंपनी के सीईओ बनें. जिन इंस्टीट्यूट्स तथा यूनिवर्सिटीज के पूर्व छात्र सीईओ हैं उनमें से कुछ प्रमुख हैं -हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी, टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएस मिलिट्री एकेडमी, यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और मियामी यूनिवर्सिटी.

सीईओ और एमबीए

फॉर्च्यून 100 कंपनियों के सीईओ के प्रोफाइल को अगर हम देखें तो पता चलता है कि उनमें से अधिकांश ने ट्रेडिशनल सब्जेक्ट्स में डिग्री हासिल की थी.मार्च 2017 में प्रकाशित एक अमेरिकी समाचार लेख के अनुसार 39 सीईओ ऐसे थे जिनके पास एमबीए की डिग्री नन एलिट स्कूल्स से थी. जैसे वाल-मार्ट स्टोर्स के सीईओ डग मैकमिलन (कोलिन्स कॉलेज ऑफ बिजनेस, यूनिवर्सिटी ऑफ तुलसा, ओक्लाहोमा) आदि.

डिग्री से हटकर सीईओ में पाए जाने वाले कुछ अन्य लक्षण  

फेसबुक के ओनर मार्क जुकरबर्ग हार्वर्ड विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और कंप्यूटर साइंस के फील्ड में कुछ करना चाहते थे. लेकिन फेसबुक पर काम करने के लिए उन्होंने यूनिवर्सिटी जाना छोड़ दिया. बिल गेट्स ने भी बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी और माइक्रोसॉफ्ट के लिए काम करना शुरू किया.डेल के संस्थापक माइकल डेल ने भी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए कॉलेज छोड़ दिया. उबेर के सीईओ ट्रैविस कलानिक, यूसीएलए में कंप्यूटर इंजीनियरिंग का अध्ययन करने के लिए गए थे, लेकिन सर्च इंजन पर काम करने के लिए उन्होंने ने भी अपना प्रोग्राम बीच में ही छोड़ दिया.

कुछ ग्लोबली सक्सेसफुल लोगों का मानना है कि सिर्फ इंस्टीट्यूट, कॉलेज या यूनिवर्सिटी के स्किल्स मात्र ही एक सीईओ बनने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. हाँ यह बात सच है कि विश्वविद्यालय, नेटवर्किंग के लिए प्रोफेसरों, कंपनियों और नियोक्ताओं के साथ संबंध स्थापित करने के लिए अवसर प्रदान करता है. कॉलेज में बनाये गए कनेक्शन अधिकारियों के लिए बहुत फायदे मंद साबित होता है.इंटर्नशिप छात्रों को कार्य में विशेषज्ञता हासिल करने और शीर्ष अधिकारियों से मिलने का मौका प्रदान करता है.

लेकिन एक सीईओ बनने के लिए इसके अतिरिक्त कई ऐसे गुण हैं जिनकी महती आवश्यकता होती है. उसे मौलिक रूप से एक अच्छा कम्युनिकेटर,एक्स्ट्रोवर्ट,स्ट्रेटजिस्ट तथा दूरदर्शी होना चाहिए. आपको कई ऐसे सीईओ भी देखने को मिलेंगे जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक मैनेजर के रूप में करते हुए अपनी दूरदर्शिता के जरिये सीईओ तक का पद हासिल किया. इसके लिए दृढ इच्छा और संकल्प शक्ति की भी आवश्यकता होती है.

इसलिए अगर आप भी सीईओ बनने का सपना देखते हैं तो इसके लिए अपने चुने हुए सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करें. अगर आप किसी बिजनेस फील्ड से हैं या रूचि रखते हैं तो कोई एमबीए प्रोग्राम करें तथा इंडस्ट्री से जुड़े अनुभव प्राप्त करें. अपने कार्यों तथा योजना से जुड़े संकल्पों के प्रति प्रतिबद्ध रहें.

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