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पर्सनल ब्रांडिंग: खुद को बनाएं ब्रांड

Sep 6, 2018 13:10 IST
Personal Branding: 7 Tips to build a powerful Personal Brand

आज के प्रतिस्पर्धी वातावरण को देखते हुए उम्मीदवार को खुद को एक ऐसे अनूठे निजी ब्रांड के तौर पर विकसित करने का प्रयास करना चाहिए, जो उसे भीड़ से अलग बनाए। इसके लिए प्रोडक्टिविटी और तकनीकी, दोनों स्तर पर गति बनाए रखते हुए कैसे खुद को आगे बढ़ाया जा सकता है, बता रहे हैं होम क्रेडिट इंडिया के सीएचआरओ संदीप मलिक......

भारत में युवाओं की आबादी अभी तक के इतिहास में सबसे अधिक है। जाहिर है इनकी सफलताएं और संघर्ष भी उतने ही विविध हैं, जितना इनका व्यक्तित्व एवं आकांक्षाएं। हाल के वर्षों में करियर के विकल्प भी कई गुना बढ़े हैं। टेक्नोलॉजी, शहरीकरण और तेज आर्थिक विकास ने युवाओं के लिए डाटा साइंस, फिनटेक, रोबोटिक्स, कॉमर्शियल स्पेस एक्सप्लोरेशन और जेनोमिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के नए और बेहतर अवसर पेश किए हैं। वित्तीय साक्षरता बढ़ने से गैर बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां भी रोजगार का प्रमुख इंजन बन गई हैं, जो अच्छा करियर उपलब्ध कराने की स्थिति में हैं। लेकिन इन नौकरियों में फिट होने के लिए कई तरह के कौशल की अपेक्षा की जाती है। यहां बताए कुछ तरीके तेजी से आगे बढ़ने में उपयोगी साबित हो सकते हैं:

बहुमुखी व्यक्तित्व

पहले की तुलना में हायरिंग में आजकल ज्यादा विविधता देखी जा रही है। कंपनियां संभावित कर्मचारियों का इंटरव्यू लेते समय प्रत्येक अभ्यर्थी में तकनीकी कौशल से आगे की संभावना देखती हैं यानी उनमें सार्वभौमिक विशेषता तलाशती हैं, जैसे कि सकारात्मक दृष्टिकोण (जटिलता होने के बावजूद सौंपे गए कार्य को लेकर हमेशा उत्साह से भरपूर रहना), संचार कौशल (कई माध्यमों में स्पष्टता के साथ प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने की योग्यता), टीम भावना से कार्य (लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलकर काम करना), सीखने की क्षमता (भावी स्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता), दृढ़ता( बाधाओं के बावजूद आगे बढ़ते रहने की क्षमता) इत्यादि।

करियर में तरक्की

किसी भी कंपनी में कर्मचारी आज केवल वित्तीय पुरस्कार चाहते हैं, बल्कि करियर में आगे तरक्की भी चाहते हैं। कार्यस्थल भी ऐसा हो, जहां कर्मचारियों को उनके मूल्य का एहसास हो, उनके काम की सराहना की जाए और उनकी बातों को सुना जाए। इसलिए एक ग्रोइंग करियर के लिए यह बड़ा महत्वपूर्ण पहलू है कि जहां आप काम कर रहे हैं, वहां उपयुक्त करियर ग्रोथ है या नहीं। हमने अपने यहां एक ऐसा ही वातावरण तैयार किया है, जहां प्रत्येक कर्मचारी के पास परिणामों के लिए एक कारक जरूर है। पुरस्कार, पहचान और करियर में प्रगति केवल एक मापदंड से जुड़ा है। इससे हर कोई जुड़ा रहता है।

व्यावहारिक विशेषज्ञता

ज्यादातर फर्मों के सामने आज एक बड़ी चुनौती यह है कि लोगों के पास इंडस्ट्री के अनुकूल कौशल नहीं है। परिणामस्वरूप,कंपनियों को या तो नए लोगों को नियुक्त करना पड़ता है या रोबोट एवं मशीनों से काम लेना पड़ रहा है। ऐसे में एक पेशेवर के तौर पर हमारी यह खुद की जिम्मेदारी है कि हम व्यावहारिक विशेषज्ञता की ओर ध्यान दें। यदि उत्पादकता की मांग के साथ हमारे कौशल का स्तर भी बढ़ता रहेगा, तो एक सार्थक नौकरी हासिल करना कभी मुश्किल नहीं होगा।