प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग: जानिए ये हैं इंडियन स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ के लिए हैं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के फायदे

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में विभिन्न प्रोजेक्ट्स में शामिल चुनौतियों और प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के माध्यम से स्टूडेंट्स को अपनी नॉलेज और स्किल्स को निखारने का बेहतरीन अवसर मिलता है. 

Created On: Sep 6, 2021 16:35 IST
Project Based Learning Benefits for Indian Students and Young Trainees
Project Based Learning Benefits for Indian Students and Young Trainees

कुछ दशक पहले तक भारत में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के स्टूडेंट्स के लिए लर्निंग काफी आसान होती थी. इंडियन स्टूडेंट्स अपनी-अपनी क्लासेज में अपने टीचर्स से पढ़ते और सीखते थे और फिर, उन्हें अक्सर हरेक सब्जेक्ट का काफी सारा होमवर्क मिल जाता था. हमारे देश में यही पढ़ने-पढ़ाने का सबसे प्रचलित और प्रभावी तरीका माना जाता था. लेकिन, इंटरनेट और ऑनलाइन एजुकेशन के आने से अब दुनिया के अन्य विकसित देशों की तरह ही हमारे देश में भी एजुकेशन का परिवेश बिलकुल ही बदल गया है. अब भारत में भी ऑनलाइन एजुकेशन का जमाना है और कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण तो अब ऑनलाइन एजुकेशन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा ही बन चुकी है.

इन दिनों देश-दुनिया की अनेक यूनिवर्सिटीज़ और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स अपने स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ को ऑनलाइन एजुकेशन की फैसिलिटी मुहैया करवा रहे हैं. अब भारत सहित पूरी दुनिया में एजुकेशन के प्रैक्टिकल आस्पेक्ट्स को काफी महत्त्व दिया जा रहा है. इसलिए, हमारे देश के अधिकतर छोटे-बड़े स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और अन्य इंस्टीट्यूशन्स आजकल प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को काफी महत्त्व दे रहे हैं ताकि उनके स्टूडेंट्स एकेडमिक क्वालिफिकेशन्स और डिग्रीज़ हासिल करने के साथ-साथ अपने सब्जेक्ट्स की प्रैक्टिकल नॉलेज और फिर, उस नॉलेज के प्रैक्टिकल एप्लीकेशन्स में भी माहिर हो सकें. आइये इस आर्टिकल को पढ़कर जानते हैं इंडियन स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ को मिलने वाले प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के फायदों के बारे में:   

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL)

यह सटीक अर्थों में मात्र विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम करने से कहीं अधिक व्यापक है. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में विभिन्न प्रोजेक्ट्स में शामिल चुनौतियों और प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के माध्यम से स्टूडेंट्स को अपनी नॉलेज और स्किल्स को निखारने का बेहतरीन अवसर मिलता है. इस लर्निंग मेथड में स्टूडेंट्स को रियल वर्ल्ड की चुनौतियों और प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने का काफी उपयोगी अनुभव हासिल हो जाता है. निस्संदेह! किसी भी प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को उस सब्जेक्ट में प्रैक्टिकल और परमानेंट नॉलेज हासिल हो जाती है. साइंस बेस्ड प्रोजेक्ट्स, सोशल स्टडी प्रोजेक्ट्स और यहां तक कि लैंग्वेज बेस्ड प्रोजेक्ट्स भी इन दिनों प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के बेहतरीन उदाहरण हैं.

प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के आवश्यक पहलू और विशेषताएं

वैसे तो प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग विभिन्न प्रोजेक्ट्स और इंस्टीट्यूशन्स के मुताबिक, अपने में काफी व्यापकता और विभिन्नताएं समेटे हुए है, लेकिन सरल शब्दों में हम एक्सपेरिमेंटल लर्निंग को ही प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के तौर पर जानते हैं क्योंकि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में विभिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए हम अपने स्किल्स और टैलेंट के मुताबिक विभिन्न एक्स्पेरेमेंट्स करते हैं और जिनके माध्यम से हमें प्रैक्टिकल नॉलेज और एक्सपीरियंस प्राप्त होते हैं. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  1. यह लर्निंग मेथड इन्क्वेरी बेस्ड है.
  2. इस मेथड में स्टूडेंट्स अपनी मर्जी से विभिन्न प्रोजेक्ट्स को चुनते और पूरा करते हैं.
  3. स्टूडेंट्स को प्रोजेक्ट्स से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों को समझना और सॉल्व करना होता है.
  4. इस लर्निंग मेथड से स्टूडेंट्स अपनी एकेडमिक नॉलेज को अच्छी तरह समझ कर, उसे सटीकता से इस्तेमाल करना सीखते हैं.
  5. स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ हाल ही के वर्षों के लेटेस्ट स्किल्स - क्रिटिकल थिंकिंग, टीम वर्क, क्रिएटिविटी और कम्युनिकेशन - का बखूबी इस्तेमाल करना सीख लेते हैं.
  6. प्रजेक्ट बेस्ड लर्निंग में संबद्ध प्रोजेक्ट्स की प्रॉब्लम्स की पहचान, रिसर्च वर्क और प्रॉब्लम सॉल्व करने के प्रैक्टिकल मेथड्स शामिल होते हैं जिनसे स्टूडेंट्स को परमानेंट नॉलेज मिलती है.
  7. फीड बेक मिलने पर स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ के लिए अपने प्रोजेक्ट्स को इम्प्रूव करना हो जाता है काफी आसान.  

इंडियन स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ को मिलते हैं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के ये विशेष फायदे

अगर हम आज के इस दौर में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से मिलने वाले विभिन्न फायदों पर विचार करें तो हमें निम्नलिखित ऐसे फायदे मिलेंगे जो इंडियन स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ के नॉलेज बेस को बढ़ाने के साथ ही उन्हें अपनी फ्यूचर करियर लाइन के लिए तैयार करेंगे:

  1. प्रॉब्लम बेस्ड लर्निंग स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ को रियल वर्ल्ड वर्क स्टाइल और रियल प्रॉब्लम्स को कारगर तरीके से सॉल्व करने के लिए तैयार करती है.
  2. इस लर्निंग प्रोसेस के दौरान स्टूडेंट्स काफी व्यस्त और क्रिएटिव रहते हैं.
  3. स्टूडेंट्स धीरे-धीरे अपनी एजुकेशन के बारे में पॉजिटिव रवैया विकसित करने लगते हैं.
  4. कम उम्र में ही स्टूडेंट्स विभिन्न प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करना सीख जाते हैं.
  5. स्टूडेंट्स रिसर्च के माध्यम से अपने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का तरीका भी बखूबी सीख लेते हैं.
  6. टीम वर्क स्किल्स हो जाते हैं विकसित.
  7. स्टूडेंट्स और यंग ट्रेनीज़ अपने स्टाइल से प्रोजेक्ट्स को बेहतरीन तरीके से पूरा करना सीख लेते हैं.

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