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राष्ट्रीय एकता दिवस 2019: लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से मिलने वाली स्कॉलरशिप्स

जी हां! भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 550 से अधिक भारतीय स्व-शासित रियासतों को एक भारत के तौर पर एकजुट किया था. भारतीय छात्रों के उत्थान के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर कुछ खास स्कॉलरशिप्स दी जाती हैं. आइये इन स्कॉलरशिप्स के बारे में इस आर्टिकल में पढ़ें. 

Oct 31, 2019 18:18 IST
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Sardar Patel Scholarships for Indian Students
Sardar Patel Scholarships for Indian Students

हमारे देश में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से कौन वाकिफ नहीं है? आजाद भारत को एकजुट करने में उनका योगदान भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा चुका है क्योंकि सरदार पटेल ने लगभग 2 वर्षों के अल्प समय में 550 से अधिक भारतीय रियासतों को आजाद भारत के साथ शामिल कर लिया था. देश की एकता और अखंडता के लिए यह अपने आप में एक अति महत्वपूर्ण कार्य था जो सरदार पटेल ने अपनी सूझ-बूझ और दूरदर्शिता से काफी कम समय में शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कर दिया था और तभी से वे भारत में “लौह पुरुष” के नाम से सुप्रसिद्ध हो गए. भारत के छात्रों को सर्वांगीण विकास के लिए आज हमारे देश में कुछ विशेष स्कॉलरशिप्स सरदार पटेल के नाम पर मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को दी जाती हैं. इस आर्टिकल में पेश है इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी.

सरदार पटेल: मत्वपूर्ण जीवन परिचय

सरदार पटेल का पूरा नाम वल्लभभाई झावेर्भाई पटेल था और इनका जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को ब्रिटिश इंडिया की नडियाद, बॉम्बे प्रेजीडेंसी में हुआ था जो वर्तमान में गुजरात राज्य का एक शहर है. उनकी मां श्रीमती लाड बाई और पिता श्री झावेर्भाई पटेल थे. उनकी धर्मपत्नी श्रीमती झावेरबेन पटेल और 2 बच्चे, मणिबेन पटेल और दह्याभाई पटेल थे. वे पेशे से एक वकील, नेता, एक्टिविस्ट और फ्रीडम फाइटर होने के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य और 15 अगस्त, 1947 से 15 दिसंबर, 1950 तक आजाद भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे. तत्कालीन बॉम्बे में 15 दिसंबर, 1950 को हार्ट अटैक से सरदार पटेल का स्वर्गवास हो गया. भारत में लोग उन्हें सम्मान से ‘सरदार पटेल’ और ‘लौह पुरुष’ के नाम से याद करते हैं. वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया.

भारतीय छात्रों को लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से मिलने वाली स्कॉलरशिप्स  

सरदार पटेल ने हमारे देश भारत का राजनीतिक एकीकरण करके पूरी दुनिया के सामने एक शानदार मिसाल कायम कर दी और उनके सम्मान में आज हमारे देश में कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स और भारतीय छात्रों के उत्थान के लिए स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर कुछ विशेष केटेगरीज़ में भारतीय छात्रों को स्कॉलरशिप्स प्रदान की जा रही हैं जैसेकि:

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  • सरदार पटेल क्राइसिस स्कॉलरशिप प्रोग्राम

यह स्कॉलरशिप ऐसे छात्रों की मदद करने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता प्रदान करती है जो अपने जीवन में किसी संकट से जूझ रहे होते हैं. इस स्कालरशिप के तहत छात्रों को 10 हजार रुपये से 25 हजार रुपये तक फाइनेंशल एड (स्कूल/ कॉलेज/ यूनिवर्सिटी को एकमुश्त में सीधा भुगतान किया जाता है) प्रदान की जाती है.

सरदार पटेल क्राइसिस स्कॉलरशिप के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

इस स्कॉलरशिप के लिए कुछ एलिजिबिलिटी क्राइटेरियाज़ निर्धारित हैं और इन एलिजिबिलिटी क्राइटेरियाज़ को पूरा करने वाले छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं. छात्रों को यह स्कॉलरशिप आमतौर पर 1 वर्ष के लिए प्रदान की जाती है और एजुकेशनल कोर्स के अधिकतम 2 वर्षों तक हासिल की जाती है. इस स्कॉलरशिप के लिए प्रमुख एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया निम्नलिखित है:

  1. छात्र के अभिभावक/ पेरेंट्स सिंगल हों जैसेकि तलाकशुदा/ अडॉप्टेड चाइल्ड/ मृत माता/ पिता आदि.
  2. ऐसे छात्र जो हाल ही में किसी संकट में पड़े हों जैसेकि ऐसा कोई मामला जब छात्र के पेरेंट्स का तलाक या फिर, माता या पिता की मृत्यु 3 साल या उससे कम समय में हुई हो.
  3. किसी प्राइवेट/ सरकारी/ सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में क्लास 6 – 10 तक पढ़ने वाले छात्र.
  4. केंद्र/ राज्य सरकार के नियमों के तहत और AICTE/ UGC द्वारा मान्यताप्राप्त किसी कॉलेज/ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन/ पोस्ट ग्रेजुएशन/ पीएचडी (फुल टाइम/ पार्ट टाइम) करने कोर्सेज वाले छात्र.
  5. ऐसे छात्र जो अपनी 10वीं/ 12वीं क्लास पास करने के बाद डिप्लोमा/ ITI या पॉलिटेक्निक कोर्स कर रहे हों.

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  • सरदार पटेल हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप्स

यह स्कॉलरशिप भी हमारे देश में समाज के कमजोर वर्गों के छात्रों को हायर एजुकेशन हासिल करने में मदद प्रदान करती है. यह स्कॉलरशिप ऐसे छात्रों को प्रदान की जाती है जो मेधावी होते हैं लेकिन किसी न किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने को मजबूर हो जाते हैं. हमारे देश में कम्युनिकेशन मल्टीमीडिया एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (CMAI) द्वारा भारत के छात्रों को हायर एजुकेशन हासिल करने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रदान की जा रही है. यह स्कॉलरशिप NRI स्टूडेंट्स को नहीं दी जाती है. इसी तरह, भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के छात्रों को इस स्कॉलरशिप में वरीयता दी जाती है. इस स्कॉलरशिप को हासिल करने के लिए छात्रों को ऑनलाइन/ ऑफलाइन स्कॉलरशिप एग्जाम देना होता है लेकिन इस टेस्ट में सफल छात्रों को पर्सनल इंटरव्यू नहीं देना पड़ता है. इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को उनकी एजुकेशनल फीस का 10 फीसदी से 100 फीसदी भुगतान किया जाता है. इस स्कॉलरशिप के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया निम्नलिखित है:

  1. ऐसे छात्र जो 12वीं क्लास में पढ़ रहे हैं और अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद लॉ, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर या इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं.
  2. ऐसे छात्र जो इस समय BA, BBA, BCA, BCom या BSc के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर लेने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना चाहते हैं.
  3. छात्र AICTE या UGC से मान्यताप्राप्त किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लें.
  • स्कॉलरशिप प्रोग्राम – सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई यूनिवर्सिटी

यह स्कॉलरशिप सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई यूनिवर्सिटी के द्वारा BE/ BTech कोर्स के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों को प्रदान की जाती है. फाइनल इयर में टॉपर छात्रों को 01 लाख रुपये और 50 हजार रुपये के दो सर्टिफिकेट्स प्रदान किये जाते हैं. इस स्कॉलरशिप के लिए एलिजिबल भारतीय छात्र 15 नवंबर, 2019 तक संबद्ध वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.  

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

इस स्कॉलरशिप को हासिल करने के लिए छात्र ने अपनी को-करीकुलर और एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़ में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ अपने सारे सेमेस्टर एग्जाम्स में 75 फीसदी से अधिक मार्क्स हासिल किये हों.

  • स्कॉलरशिप/ फ़ेलोशिप – सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, गुजरात

सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) द्वारा MSc में कम से कम 65 फीसदी मार्क्स लेने वाले छात्रों को फ़ेलोशिप प्रोग्राम की स्टडीज़ में एडमिशन लेने में सहायता प्रदान करने के लिए ‘इंस्पायर फ़ेलोशिप’ मुहैया करवाई जाती है. इस फ़ेलोशिप के लिए साइंस/ टेक्नोलॉजी/ फार्मेसी या एग्रीकल्चर आदि विषयों से पोस्ट ग्रेजुएशन में यूनिवर्सिटी लेवल पर फर्स्ट रैंक हासिल करने वाले छात्र भी अप्लाई कर सकते हैं.

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भारत के मेधावी और जरूरतमंद छात्र इन सभी स्कॉलरशिप्स के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अप्लाई कर सकते हैं और विभिन्न हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ लेकर अपने करियर गोल्स हासिल कर सकते हैं. आज के भारतीय छात्र ही कल के नये भारत के भाग्य-निर्माता हैं इसलिए भारतीय छात्रों के सर्वांगीण विकास में ही हमारे देश और समाज का विकार निहित है.

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