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आइटी से संबंधित एडवांस शॉर्ट-टर्म कोर्सेज से बढ़ाएं अपनी वैल्यू

Aug 8, 2018 19:56 IST
    Short-term IT courses – Adding value to your professional profile
    Short-term IT courses – Adding value to your professional profile

    12वीं के बाद हायर स्टडी की बजाय जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं, तो इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार शॉर्ट-टर्म कोर्स करना उपयोगी हो सकता है। इसमें सदाबहार आइटी फील्ड से संबंधित एडवांस शॉर्ट-टर्म कोर्स करने के बाद अच्छे पैकेज पर नौकरी पा सकते हैं। ऐसी स्किल रखने वालों के लिए सरकारी से लेकर कॉरपोरेट कंपनियों तक में अच्छी संभावनाएं हैं...

    आज हर छोटी से लेकर बड़ी कंपनी में मल्टी टास्किंग आइटी इंजीनियर्स की डिमांड है यानी ऐसे प्रशिक्षित लोग, जो सिस्टम से लेकर हार्डवेयर नेटवर्किंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, एथिकल हैकिंग और चिप लेवल इंजीनियरिंग जैसे सभी काम जानते हों। आज के समय में कंपनियां भी यही चाह रही हैं कि उनका स्टाफ मल्टीटास्कर हो जो तीन-चार तरह के काम संभाल लें, ताकि उन्हें हर काम के लिए अलग-अलग लोग न रखने पड़ें। इंडस्ट्री की इन्हीं जरूरतों को देखते हुए आजकल मल्टीटॉस्किंग कोर्स के प्रति युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। इस बार जानें कुछ ऐसे ही उपयोगी कोर्सों के बारे में...

    मल्टी टॉस्किंग इंजीनियर

    मल्टी टॉस्किंग इंजीनियर्स की डेल, विप्रो, एचपी, आइबीएम जैसी लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों और यूपीएस/इनवर्टर बनाने वाली माइक्रोटेक जैसी कंपनियों में ज्यादा मांग है, जहां ये आरऐंडडी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर और टेक्निशियन के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं। यह कोर्स करने का एक फायदा यह है कि आपके पास बहुत सारे जॉब के ऑप्शंस खुल जाते हैं यानी आप किसी भी कंपनी में नेटवर्क इंजीनियर, सिस्टम इंजीनियर, चिप लेवल इंजीनियर या सिक्योरिटी (जहां बायोमेट्रिक, सीसीटीवी से संबंधित काम होता है) में से कोई भी नौकरी तुरंत पा सकते हैं।

    कोर्स एवं योग्यता: यह 18 से 20 महीने का एक इंटीग्रेटेड कोर्स होता है, जिसमें सबसे पहले सिस्टम इंजीनियरिंग के बारे में छात्रों को बताया जाता है। अगले मॉड्यूल में सारी तरह की नेटवर्किंग के बारे में सिखाया जाता है। इसी क्रम में आगे सर्वर और क्लाउड की भी ट्रेनिंग दी जाती है। आखिर में प्रोग्रामिंग के बारे में सिखाया जाता है और फिर एथिकल हैकिंग की जानकारी दी जाती है। किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास या ग्रेजुएशन के छात्र यह कोर्स कर सकते हैं। बेरोजगार बीटेक ग्रेजुएट्स के लिए भी यह कोर्स उपयोगी हो सकता है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • कोर्स में दाखिला लेने से पहले किसी भी इंस्टीट्यूट में चार-पांच दिन का ट्रायल क्लास करें और उसकी टीचिंग व्यवस्था को देखें। आजकल लगभग सभी इंस्टीट्यूट यह मौका दे रहे हैं।
    • जिस भी संस्थान से यह कोर्स करें, वहां देखें कि प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त संख्या में फैकल्टी की सुविधा है या नहीं।
    • कोर्स सेंटर्स के हेड ऑफिस से ही करें। फ्रेंचाइजी सेंटर्स से यह कोर्स करने से बचें, क्योंकि वहां ट्रेनिंग की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होती हैं।

    एडवांस हार्डवेयर - नेटवर्किंग

    आइटी सेक्टर में आजकल नेटवर्किंग एक्सपर्ट के लिए भी अच्छे मौके हैं। इस फील्ड की जरूरत आप यूं समझ सकते हैं कि चाहे कोई भी मॉल हो, ऑफिस हो या फिर मिनिस्ट्री, डिफेंस और रेलवे से जुड़े विभाग, सब जगह सैकड़ों की संख्या में कंप्यूटर आपस में नेटवर्क से जुड़े होते हैं, जिससे सारी इंफॉर्मेशन हर जगह सेकंड भर में पहुंच जाती है। इसी नेटवर्किंग को मेनटेन रखने के लिए बड़ी तादाद में ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। आने वाले दिनों में ऐसे कुशल लोगों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

    कोर्स एवं योग्यता: यह 8 से 10 महीने का कोर्स है। कोर्स में सिस्टम और नेटवर्क कॉन्सेप्ट की पूरी डिटेल जानकारी दी जाती है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं है।

    प्रमुख संस्थान

    • एप्टेक लि., दिल्ली/हरियाणा www.aptech-education.com
    • ए-सेट ट्रेनिंग ऐंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नोएडा www.a-set.in
    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हार्डवेयर टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु www.iiht.com

    एथिकल हैकिंग

    देश और दुनिया में हैकिंग की गतिविधियां बढ़ने की वजह से आज तकरीबन हर सरकारी और निजी कंपनी के आइटी डिपार्टमेंट में सिक्योरिटी इंजीनियर की आवश्यकता होती है, जो हैकिंग का काम जानते हैं। ये प्रोफेशनल्स कंप्यूटर, मेल, वेबसाइट या सर्वर में सेंधमारी रोकने और चोरी हुए डाटा की रिकवरी करने में सक्षम होते हैं।

    कोर्स एवं योग्यता: यह भी 3 से 6 माह की अवधि का कोर्स है। 12वीं पास युवा यह कोर्स कर सकते हैं।

    रोबोटिक्स

    रोबोट का इस्तेमाल आज तकरीबन हर फील्ड में होने लगा है। बहुत कम समय में कई काम करने में माहिर होने के कारण ही आज इसकी मांग दुनियाभर में बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में ऐसे ट्रेंड रोबोटिक टेक्निशियन की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो एडवांस्ड मशीनों को कुशलतापूर्वक ऑपरेट कर सकें।

    कोर्स एवं योग्यता: यह छह से आठ माह का कोर्स है। यह कोर्स भी 12वीं, ग्रेजुएट और बीटेक डिग्रीधारी छात्र कर सकते हैं। लेकिन जिन छात्रों को पहले से हार्डवेयर, नेटवर्किंग, चिप लेवल की अच्छी जानकारी है, उन्हें यह ट्रेनिंग लेने कहीं अधिक आसानी होगी।

    स्किल्ड यूथ के लिए हैं ढेरों मौके

    आज के माहौल में इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्स करने का फायदा यह होता है कि आपको तुरंत कंपनियों में स्टार्ट मिल जाता है। वहां धीरे-धीरे अपना कौशल दिखाकर आगे बढ़ने का भी अवसर होता है। इस तरह के शॉर्ट टर्म कोर्सेज खास तौर से उन युवाओं के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं, जिन्हें बीटेक, एमबीए या ग्रेजुएशन कर लेने के बावजूद कहीं जॉब नहीं मिल रही है और जो अपने फ्यूचर को लेकर चिंतिंत हैं।

    उदय कुमार वैश्य
    डायरेक्टर, ए-सेट ट्रेनिंग ऐंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, नोएडा

    चिप लेवल इंजीनियरिंग

    यह हार्डवेयर नेटवर्किंग से संबंधित एडवांस कोर्स है, जिसमें युवाओं को कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के चिप की रिपेयरिंग और रखरखाव की जानकारी दी जाती है।

    कोर्स एवं योग्यता: यह 8 से 10 माह की अवधि का कोर्स है। इसे 12वीं या ग्रेजुएशन के छात्र कर सकते हैं।

    सैलरी

    यह शॉर्ट टर्म कोर्सेज करने के बाद शुरू में किसी भी थर्ड पार्टी कंपनी में 10 से 15 हजार रुपये का स्टाइपेंड आसानी से मिल जाता है। 2 से 4 साल के अनुभव के बाद कंपनियां इन्हें सीधे अपने यहां हायर कर लेती हैं और अच्छी सैलरी भी देती हैं।

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