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सफलता के लिए जरूरी है सॉफ्ट स्किल

Jul 17, 2018 18:00 IST
Soft Skills: Your Ladder to Professional Success
Soft Skills: Your Ladder to Professional Success

आज के समय में कहा जा रहा है कि स्किल्ड प्रोफेशनल्स का अभाव है। हालांकि यह बहुत जरूरी है कि व्यक्ति जिस क्षेत्र में है, वह उसमें पूरी तरह दक्ष व प्रशिक्षित हो, लेकिन लेकिन आज के समय में महज इतना ही पर्याप्त नहीं है। आज अगर आपके अंदर सॉफ्ट स्किल्स नहीं हैं, तो आप अपने काम में सफल नहीं हो सकते। आजकल मैनेजमेंट स्कूलों में भी सॉफ्ट स्किल्स पर काफी ध्यान दिया जाता है...

एक व्यक्ति को एक कंपनी ने इंटरव्यू के बाद अपना एचआर मैनेजर नियुक्त किया। सभी उसकी प्रोफेशनल स्किल्स से बहुत प्रभावित थे, क्योंकि उनका पांच साल का अनुभव होने के साथ-साथ वह टेक्निकली भी बहुत स्ट्रॉन्ग थे। लेकिन यह सब होते हुए भी कुछ ही समय बाद उनकी शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया। एचआर में होते हुए भी उनका बिहैवियर एम्प्लॉयीज के साथ ठीक नहीं था। अक्सर जब कोई एम्प्लॉयी उनके पास किसी जानकारी या किसी काम के लिए जाता, तो उससे उनका व्यवहार ठीक नहीं होता। वह उससे खीझकर बात करते। कंपनी ने ज्यादा शिकायतें आने पर उनसे अपना व्यवहार ठीक करने को कहा, लेकिन उनमें सॉफ्ट स्किल थी ही नहीं, अंतत: कंपनी ने उनके जॉब कॉन्ट्रैक्ट को आगे रिन्यू नहीं किया।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में प्रोफेशनल स्किल्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स का होना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि यदि आपमें सॉफ्ट स्किल्स नहीं हैं, तो आप अपने काम में खुद को स्थापित नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, न तो प्रोफेशन में और न ही अपनी लाइफ में सक्सेस हासिल कर पाएंगे। यही कारण है कि आजकल एंप्लॉयर अपने एम्प्लॉयीज में सबसे पहले इन्हीं स्किल्स को तलाशते हैं। इसलिए अपने रिज्यूमे में अपनी प्रोफेशनल स्किल्स के साथ-साथ अपनी सॉफ्ट स्किल्स को भी संक्षिप्त रूप से दर्ज करना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपमें कौन-सी सॉफ्ट स्किल्स जरूर होनी चाहिए:

शिष्टता से रखें अपनी बात

आपके पास कम्युनिकेशन की स्ट्रॉन्ग एबिलिटी होनी चाहिए। आप चाहे तमाम लोगों के बीच हों या फिर अपने बॉस के सामने या फिर ऑनलाइन, आपके अंदर इतनी काबिलियत होनी चाहिए कि आप अपनी बात को सरलता के साथ समझा सकें और उसके प्रत्युत्तर में कोई कुछ सवाल पूछता है, तो उसका शिष्टता के साथ जवाब दे सकें। वहीं, अगर आप इंटरव्यू बोर्ड के पास जा रहे हैं, तो वहां भी आपको उन्हें अपनी कम्युनिकेशन और प्रजेंटेशन से ही इंप्रेस करना होगा।

एक्टिव और कॉन्फिडेंट दिखें

आपकी बॉडी लैंग्वेज आपकी कार्यशैली का भेद खोल देती है, इसलिए आपको तेज बनना और दिखना होगा। जितनी तेजी से इंडस्ट्रीज में बदलाव आ रहे हैं, आपको उनके अनुसार तेज चलना होगा। तभी आपकी बॉडी लैंग्वेज आपकी एक्टिवनेस दर्शाएगी।  

समझें समय की कीमत

माना जाता है कि अमिताभ बच्चन काम अधिक होने पर भी शूटिंग पर बिल्कुल समय पर पहुंचते हैं। उनकी पंक्चुअलिटी की वजह से सभी लोग उनकी इज्जत करते हैं। अगर आप काम को समय पर पूरा नहीं करते या समय पर वर्कप्लेस पर नहीं पहुंचते, तो इसका मतलब यह है कि समय की रेस में आप पिछड़ जाएंगे। यह एटीट्यूड ठीक नहीं है। लेट होने के तमाम बहाने हो सकते हैं, कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन वजहों को महत्वपूर्ण न मानते हुए समय की पाबंदी को महत्वपूर्ण मानें, तो आप पंक्चुअल हो सकते हैं।

कपड़े भी हैं आपका आईना

आपकी सुस्ती और चुस्ती वाले हर एटीट्यूड को आपका ड्रेसिंग सेंस सबके सामने खोल देता है। अगर आप ढीले-ढाले कपड़े पहनते हैं, तो आप ढीले-ढाले ही लगेंगे। इसलिए कपड़े शालीन, सोबर और चुस्त होने चाहिए ताकि आपकी एक्टिवनेस और आपकी सुरुचि प्रकट हो सके। आप नए फैशन के कपड़े जरूर पहनें, लेकिन वह ऑफिस के एटिकेट्स से अलग न हों।

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