कोविड 19 के दुष्प्रभाव से आपको बचा सकते हैं ये खास रिसेशन प्रूफ एकेडमिक कोर्सेज

इस आर्टिकल में हम आपके लिए कुछ ऐसे खास रिसेशन प्रूफ एकेडमिक कोर्सेज की चर्चा कर रहे हैं जो आपको कोविड 19 महामारी के घातक दुष्प्रभावों से बचा सकते हैं.    

Oct 14, 2020 20:55 IST
 Some Best Recession Proof Academic Courses to beat COVID 19 Pandemic
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दुनिया-भर में कोविड 19 महामारी के अनेक दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं. कोविड 19 महामारी का शिकार बनने की वजह से भारत सहित दुनिया भर में रोज़ाना लाखों लोगों का देहांत हो रहा है. देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था में भी बड़ी गंभीर मंदी की मार पड़ी है. लाखों लोग बेरोज़गार हो गये हैं, कई कारोबार ठप्प हो गये हैं और अधिकतर लोगों के वेतन में भी अच्छी-खासी कटौती हो रही है. ऐसे में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी एजुकेशन पर भी कोविड 19 का दुष्प्रभाव साफ़ दिख रहा है.

यूनाइटेड नेशन्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 5.9% तक मंदी आ सकती है जो अगले साल फिर से अपनी विकास गति हासिल कर लेगी. इसी तरह, इंटरनेशनल मोनिटरी फंड (IMF) के मुताबिक विश्व की अर्थव्यवस्था में वर्ष 2020 में 3% से अधिक गिरावट आने की उम्मीद है जो 1930 के दशक की आर्थिक मंदी के बाद से विश्व अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी मंदी है.

हालांकि, इन दिनों अपने स्टूडेंट्स की एकेडमिक, साइकोलॉजिकल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के लिए देश-दुनिया में अधिकतर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स ऑनलाइन एजुकेशन को बहुत ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं, तो भी इस आर्टिकल में हम आपके लिए मशीन लर्निंग, बिजनेस एनालिटिक्स और डाटा साइंस, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कम्प्यूटिंग, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स के साथ ही साइबर सिक्योरिटी जैसी लेटेस्ट फ़ील्ड्स में देश-दुनिया में ऑफर किये जा रहे रिसेशन प्रूफ एकेडमिक कोर्सेज की चर्चा कर रहे हैं जो आपको कोविड 19 महामारी के घातक दुष्प्रभावों से बचा सकते हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:  

मशीन लर्निंग

आजकल पूरी दुनिया में मशीन लर्निंग के कॉन्सेप्ट का महत्व बहुत बढ़ गया है. मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी में होने वाले लेटेस्ट इन्वेंशन्स इंटरनेट और सेल्फ-एजुकेशन की फ़ील्ड्स में नए आस्पेक्ट्स जोड़ रहे हैं. अपनी डेली लाइफ में हम इन दिनों गूगल वोयस असिस्टेंट, सीरी, अलेक्सा और गूगल मैप  का काफी इस्तेमाल करने लगे हैं जोकि मशीन लर्निंग के लेटेस्ट उदाहरण हैं. अब, फाइनेंस, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज में रोबोट्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जा रहा है क्योंकि ये रोबोट्स हमारे रोज़ाना के मुश्किल काम को आसान बना देते हैं. आजकल ऑटोमेटेड मशीन्स का जमाना है इसलिए अब भारत में भी अधिकतर स्टूडेंट्स/ प्रोफेशनल्स सूटेबल मशीन लर्निंग कोर्सेज करके अपने करियर को नई दिशा दे रहे हैं. 

बिजनेस एनालिटिक्स और डाटा साइंस

देश-दुनिया की तकरीबन सभी बिजनेस फ़ील्ड्स में बिजनेस एनालिटिक्स और डाटा साइंस ने अभूतपूर्व क्रांति की शुरुआत कर दी है. इस फील्ड में अभी हमारे देश में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की बहुत अधिक कमी है. इस फील्ड में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की कमी को देखते हुए दुनिया भर के बहुत सारे इंस्टीट्यूट्स बिजनेस एनालिटिक्स और डाटा साइंस से जुड़े कई बढ़िया कोर्सेज ऑफर कर रहे हैं. 

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के तहत विजूअल परसेप्शन, स्पीच रिकग्निशन, डिसिजन मेकिंग और लैंग्वेज ट्रांसलेशन से संबंधित विभिन्न काम किये जाते हैं. भारत में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल आजकल विशाल डाटा सेट्स को हैंडल करने के लिए भी किया जा रहा है. एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस का स्कोप बड़ी तेज़ी से बढ़ रहा है. इस फील्ड में कैंडिडेट्स के लिए सरकारी और प्राइवेट सेक्टर्स में जॉब और करियर की काफी अच्छी संभावनाएं हैं. ये प्रोफेशनल्स गेम प्रोग्रामिंग, रोबोटिक साइंस, कंप्यूटर साइंस और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अपना योगदान दे सकते हैं. भारत में इस फील्ड में कई बढ़िया एकेडमिक कोर्सेज उपलब्ध हैं.

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)

इंटरनेट ऑफ थिंग्स एक ऐसी नेटवर्किंग है जिसमें हमारे डेली इस्तेमाल के सभी इंस्ट्रूमेंट्स जैसेकि, टेलीविजन, मोबाइल, इलेक्ट्रिकल एप्लायंसेज और एसी इंटरनेट से जुड़ी होती है. अगर आप इंटरनेट ऑफ थिंग्स का इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने डिवाइस से घर और किचन में रखे कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को कमांड देता है.

इस टेकनीक के माध्यम से हम अपनी  डिवाइसेज को विशिष्ट ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ इंटरनेट से जोड़कर, उनसे मनोवांछित कार्य करवा सकते हैं. यह टेक्नोलॉजी हरित क्षेत्र, स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट निर्माण, औद्योगिक निगरानी, कृषि, स्मार्ट शहरों, हेल्थ सर्विसेज, कनेक्टेड हाउसेस, टेलीमैटिक्स और सप्लाई चेन्स,  वन और वन्य जीवन सुरक्षा, व्हीकल्स, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बखूबी इस्तेमाल की जा सकती है. एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2021 तक IoT का कुल वैश्विक कारोबार लगभग 243 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा जिस वजह से इस फील्ड में आकर्षक करियर ऑप्शन्स उपलब्ध रहेंगे.

क्लाउड कम्प्यूटिंग

क्लाउड कम्प्यूटिंग भी एक इंटरनेट आधारित प्रोसेस है जिसमें कम्प्यूटर एप्लीकेशन का प्रयोग किया जाता है. बिजनेस एप्लीकेशन ऑनलाइन उपलब्ध करवाने वाला गूगल एप्स दरअसल, क्लाउड कम्प्यूटिंग का ही एक बेहतरीन उदाहरण है. इंटरनेट सुविधा और इसके सभी फीचर्स क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए ही अपना काम करते हैं. सभी वेब सर्च इंजन्स या वेबसाइट्स क्लाउड कम्प्यूटिंग के माध्यम से ही यूजर तक पहुंच पाते हैं. गूगल सर्च, याहू मेल या फोटो शेयर करने वाली वेबसाइट आदि पर क्लाउड कम्प्यूटिंग के बिना आप कुछ नहीं कर सकते. एक अनुमान के मुताबिक, भारत में आने वाले दिनोने में लगभग 65% फर्म्स और कंपनियों में क्लाउड कंप्यूटिंग एक्सपर्ट्स की डिमांड बढ़ जायेगी. आप अपनी ग्रेजुएशन के बाद क्लाउड कंप्यूटिंग में कोई सूटेबल स्पेशलाइजेशन कोर्स करके इस फील्ड में अपना करियर शुरू कर सकते हैं.

ऑटोमेशन और रोबोटिक्स

मशीन लर्निंग में हमारी निर्भरता बढ़ने के साथ ही रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन में भी हमारी निर्भरता लगातार बढ़ती ही जा रही है. ड्रोन्स और रोबोट्स का हमारी डेली लाइफ में बढ़ता हुआ इस्तेमाल इसके बेहतरीन उदाहरण हैं. पूरी दुनिया में इन दिनों फाइनेंस, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेज में रोबोट्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है क्योंकि ये रोबोट्स हमारे रोज़मर्रा के एक जैसे या मुश्किल काम को काफी आसन बना देते हैं. मशीन्स भी अब मेन्युअली ऑपरेट होने के बजाए ऑटोमेटिक होती जा रही हैं. इसलिए, इस फील्ड में कोई सूटेबल एकेडमिक कोर्स करने पर आपके लिए कई बेस्ट करियर ऑप्शन्स आने वाले दिनों में उपलब्ध रहेंगे.      

साइबर सिक्योरिटी  

आजकल इंटरनेट पर पूरे विश्व की दिनोंदिन बढ़ती हुई निर्भरता के कारण इंटरनेट की दुनिया में साइबर क्राइम्स और हैकिंग का जोखिम काफी बढ़ गया है. विभिन्न देशों की सरकारी वेबसाइट्स हैक होने के साथ-साथ विभिन्न सोशल मीडियाज़ पर साइबर क्राइम्स अब ‘नया नॉरमल’ बन चुका है. साइबर सिक्योरिटी का इस्तेमाल आजकल पॉजिटिव और नेगेटिव तरीकों से किया जा सकता हैं. इल्लीगल हैकर्स इन टेक्नीक्स का दुरूपयोग कर सकते हैं और साइबर सिक्योरिटी फर्म्स या पुलिस और मिलिट्री इन टेक्नीक्स का उपयोग लोक/ देश हित में करते हैं. बेहतरीन साइबर सिक्योरिटी के लिए हमें इन टेक्नीक्स को सुरक्षित रखना होगा. इस फील्ड में आप अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद एक सर्टिफिकेशन कोर्स करके साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बन सकते हैं क्योंकि कोविड-19 के बाद इस फील्ड में आशाजनक ग्रोथ की संभावना है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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