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फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए जरुरी हैं ये खास टिप्स

बचपन से कई स्टूडेंट किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी से अपनी हायर एजुकेशन प्राप्त करना चाहते हैं. एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर साल काफी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स कई देशों की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेते हैं और इस संख्या में लगातार इजाफ़ा हो रहा है.

Nov 22, 2018 10:50 IST
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Some Important Tips for studying in Foreign University
Some Important Tips for studying in Foreign University

ओवरव्यू

बचपन से कई स्टूडेंट्स किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी से अपनी हायर एजुकेशन प्राप्त करना चाहते हैं. एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर साल काफी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स यूएसए, कनाडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, न्यूज़ीलैण्ड, यूके, चीन, जापान सहित कई देशों की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेते हैं और इस संख्या में लगातार इजाफ़ा हो रहा है. अब हमारे मन में एक प्रश्न उठता है कि, आखिर ऐसा क्यों होता है? इसका सबसे बड़ा कारण तो यह है कि, आज भी हमारे देश में फॉरेन एजुकेशन को काफी महत्व दिया जाता है. इसके अलावा अन्य कई कारण हैं जैसेकि,

किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के प्रमुख कारण:

  • आसान एडमिशन प्रोसेस.
  • स्टडी फ़ील्ड्स में हैं अनेक ऑप्शन्स.
  • एक्सीलेंट क्वालिटी ऑफ़ एजुकेशन.
  • रिसर्च के मिलते हैं बेहतर अवसर और सुविधाएं.
  • रिज्यूम बन जाता है काफी आकर्षक.
  • बढ़िया जॉब्स/ करियर प्रोस्पेक्टस
  • इमीग्रेशन का रास्ता खुल जाता है.
  • पढ़ते हुए मिलते हैं ट्रेवलिंग के अनेक अवसर.
  • नए कल्चर, खान-पान और लाइफ-स्टाइल में जीने का मिलता है अवसर.
  • नई भाषा में बन सकते हैं लैंग्वेज-एक्सपर्ट.
  • विभिन्न कस्टम्स और ट्रेडिशन्स की मिलती है अनुभव के साथ – साथ अच्छी जानकारी.
  • विदेशी माहौल में जीने से बढ़ जाता है आत्म-विश्वास.
  • कम्युनिकेशन स्किल्स में आता हैं निखार.
  • स्वतंत्र और पॉजिटिव रवैया होता है विकसित.
  • ग्लोबल बिजनेस वर्ल्ड में काम करने की क्षमता होती है विकसित.

स्टूडेंट्स को किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के निम्नलिखित प्रमुख फायदे मिलते हैं:

अक्सर मनुष्य केवल वही काम करना चाहता है जिसमें उसे कोई फायदा मिले. अब, हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ने पर स्टूडेंट्स को अनके फायदे मिलते हैं जैसेकि,

  • दुनिया के प्रति स्टूडेंट्स अपनाते हैं पॉजिटिव रवैया.
  • स्टूडेंट्स को दुनिया के अलग-अलग देशों में ट्रेवल करने के मौके मिलते ही रहते हैं.
  • रिसर्च और एजुकेशन की मिलती हैं काफी उन्नत सुविधाएं.
  • स्टूडेंट्स को नए कल्चर में एडजस्टमेंट करनी आती है.
  • स्टूडेंट्स को विदेशी माहौल में जीने का फर्स्ट हैंड अनुभव मिलता है.
  • स्टूडेंट्स की लैंग्वेज स्किल्स काफी इम्प्रूव हो जाती हैं.
  • फॉरेन डिग्री मिल जाने के बाद स्टूडेंट्स को करियर के अनेक शानदार अवसर मिलते हैं.
  • स्टूडेंट्स का बेहतरीन पर्सनल डेवलपमेंट होता है.
  • स्टूडेंट्स को विदेशों में भी आजीवन दोस्त बनाने का मौका मिलता है और,
  • स्टूडेंट्स के नए इंटरेस्ट विकसित होते हैं. 

क्या किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में स्टडी काफी महंगी है?

यह एक आम धारणा है कि विदेशी पढ़ाई काफी महंगी होती है लेकिन ऐसा है नहीं. किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ना काफी किफायती भी हो सकता है. स्टूडेंट्स कोई पार्ट टाइम जॉब करके अपनी पढ़ाई का खर्च उठा सकता हैं और ऐसा अधिकांश स्टूडेंट्स करते भी हैं. इसके अलावा, विश्व के अनेक कॉलेज और यूनिवर्सिटीज आजकल स्टडी-कॉस्ट को लेकर काफी सचेत हो गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स उनके कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकें.

फॉरेन यूनिवर्सिटी और स्कॉलरशिप

अधिकतर स्टूडेंट्स केवल कॉस्ट फैक्टर के कारण किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ने से हिचकते हैं क्योंकि उनमें से अधिकतर स्टूडेंट्स को यह पता नहीं होता है कि, टैलेंटेड स्टूडेंट्स को मिलने वाली स्कॉलरशिप के अलावा, स्टूडेंट्स फॉरेन यूनिवर्सिटी में ऑन-कैंपस ‘फाइनेंशियल एड पैकेज’ के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं.

फॉरेन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले और बाद में करें कुछ जरुरी काम

  • स्टूडेंट्स अपनी क्वालिफिकेशन, टैलेंट, स्किल-सेट और इंटरेस्ट के अनुसार सावधानीपूर्वक किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी और कोर्स को सेलेक्ट करें.
  • जिस देश के कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहते हैं, वहां के पासपोर्ट और वीजा के लिए अप्लाई करें.
  • किसी ट्रेवल डॉक्टर से अपनी प्रॉपर मेडिकल जांच करवा लें.
  • ट्रेवल इंश्योरंस के लिए अप्लाई करें.
  • जिस देश में पढ़ने जा रहे हैं, वहां जाने से पहले उस देश के लोकल कस्टम्स, कल्चर और लोगों के बारे में अच्छी तरह रिसर्च कर लें.
  • अपनी लैंग्वेज स्किल्स को बढ़ाएं.
  • धन की समुचित व्यवस्था कर लें.
  • अपने मनपसन्द कोर्स में एडमिशन लेने के बाद मन लगाकर पढ़ें और एक्स्ट्रा लैंग्वेज/ स्किल्स सीखते रहें.
  • अपना खर्च उठाने के लिए पार्ट-टाइम जॉब या फ्रीलांसिंग करें.

फॉरेन कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में अपने लिए स्टूडेंट्स कैसे चुने सही कोर्स?

किसी फॉरेन कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में अपने लिए उपयुक्त कोर्स चुनने से पहले स्टूडेंट्स निम्नलिखित प्वाइंट्स पर पूरा ध्यान दें:

  • एप्लीकेशन प्रोसेस की पूरी जानकारी प्राप्त करें.  
  • एजुकेशन कॉस्ट के बारे में पता करें.
  • उपलब्ध कोर्सेज के बारे में पता करके स्टूडेंट्स अपना मनचाहा कोर्स चुन सकते हैं.  
  • स्टडी मीडियम के तौर पर जो लैंग्वेज लेनी है, उस लैंग्वेज में महारत हासिल करें.  

भारतीय स्टूडेंट्स विभिन्न फॉरेन यूनिवर्सिटीज से करते हैं ये लोकप्रिय कोर्सेज:

आप भी निम्नलिखित कोर्सेज में से अपनी रूचि, क्वालिफिकेशन, टैलेंट और स्किल-सेट के मुताबिक कोई डिप्लोमा, डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स करके अपनी मनपसन्द जॉब प्राप्त कर सकते हैं या फिर, अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं. आइये निम्नलिखित लोकप्रिय कोर्सेज की लिस्ट देखें:

  • बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज
  • इंजीनियरिंग
  • मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटर साइंस
  • सोशल साइंसेज
  • बैंकिंग एंड फाइनेंस
  • लॉ/ लीगल स्टडीज
  • फिजिकल एंड लाइफ साइंसेज
  • कंप्यूटर साइंसेज
  • मेडिकल/ लाइफ साइंसेज/ हेल्थ स्टडीज 
  • हॉस्पिटैलिटी/ होटल मैनेजमेंट
  • लिबरल आर्ट्स
  • आर्ट्स/ ह्यूमैनिटीज
  • फाइन एंड एप्लाइड आर्ट्स

किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए भारत में पास करने पड़ते हैं ये जरुरी एग्जाम्स:

हमारे देश में स्टूडेंट्स निम्नलिखित कॉम्पीटीटिव एग्जाम्स पास करके विभिन्न फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन ले सकते हैं:

  • आईईएलटीएस – इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम
  • टॉफेल/ टीओएफईएल – टेस्ट ऑफ़ इंग्लिश लैंग्वेज
  • जीआरई – ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जाम
  • जीमेट/ जीएमएटी – ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट
  • सैट/ एसएटी – स्कॉलैस्टिक असेसमेंट टेस्ट
  • एसीटी – अमेरिकन कॉलेज टेस्ट –
  • सीएई – कैंब्रिज इंग्लिश: एडवांस्ड
  • एलएसएटी – लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट
  • पीटीई – पीयर्सन टेस्ट ऑफ़ इंग्लिश एकेडेमिक टेस्ट.

किसी फॉरेन यूनिवर्सिटी में स्टडी के दौरान जरुर अपनाएं ये खास सेफ्टी टिप्स

अगर आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में स्टडी करना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित सेफ्टी टिप्स जरुर फॉलो करने चाहिए ताकि विदेश में आपको किसी प्रकार की परेशानी या जान-माल का जोखिम न उठाना पड़े.

  • अपने पास अपनी एकोमोडेशन का पता लिख कर रखें.
  • आपका मोबाइल हर तरह से इस्तेमाल करने लायक हमेशा रहना चाहिए.
  • अपनी ट्रेवल इंश्योरंस करवाने के बाद स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के साथ अवश्य रजिस्टर करें.
  • अंधेरा होने पर बाहर निकलने से बचें.
  • अनजान तथा नॉन-टूरिस्ट एरियाज में कम से कम जायें.
  • अपना कैश और डेबिट/ क्रेडिट कार्ड्स आदि एक से ज्यादा जगहों पर सुरक्षित रखें.
  • अगर आपको लगता है कि कोई आपको फॉलो कर रहा है तो किसी निकट के होटल/ मॉल या रेस्टोरेंट में कुछ देर के लिए जा सकते हैं.
  • किसी खतरनाक स्थिति में घबराएं नहीं और आप आवश्यकता पड़ने पर लोकल पुलिस से हेल्प ले सकते हैं.
  • एक टूरिस्ट के तौर पर अपनी तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने से बचें.
  • अपने एकोमोडेशन/ सामान को लॉक करके सुरक्षित रखें.
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें. 
  • अपने पास लोकल मैप जरुर रखें.
  • ज्वेलरी न पहनें.
  • भरोसेमंद दोस्त बनाएं.
  • नशा करने से बचें और अनजान लोगों से दोस्ती न करें.
  • अपनी इंट्यूशन पर ध्यान दें और हिम्मत रखें. 

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