इंडियन स्टूडेंट्स के लिए सूटेबल कॉलेज और यूनिवर्सिटी चुनने के कारगर टिप्स

प्रत्येक वर्ष लाखों इंडियन स्टूडेंट्स अक्सर अपने ड्रीम कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं. इसलिए, इस आर्टिकल में हमने कुछ उपयोगी टिप्स पेश किये हैं.

Created On: May 31, 2021 21:11 IST
Important Tips for Indian Students to choose their College or University
Important Tips for Indian Students to choose their College or University

हरेक वर्ष लाखों स्टूडेंट्स दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित देश के अन्य कई जाने-माने कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ या एजुकेशनल/ मैनेजमेंट/ टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स में मनचाहा कोर्स ज्वाइन करना चाहते हैं. इस आर्टिकल में इंडियन स्टूडेंट्स के लिए कुछ ऐसे कारगर टिप्स दिए जा रहे हैं जो उन्हें किसी सूटेबल कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए सटीक जानकारी दे सकते हैं. हरेक स्टूडेंट को किसी मनचाहे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले एक बार जरुर इन टिप्स को अच्छी तरह से जानकर समझ  लेना चाहिए ताकि आगे चलकर उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े क्योंकि ‘सही जानकारी सफलता की ओर पहला कदम साबित होती है’. आइये आगे यह आर्टिकल पढ़कर इन कारगर टिप्स को जानें और समझें:

अपने मन पसंद कोर्स का रखें ध्यान

आपके एकेडेमिक कोर्स से ही आपकी करियर लाइन निर्धारित होती है. इसलिए आप साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम में कौन-सा एजुकेशनल कोर्स करना चाहते हैं?..... इसका ध्यान विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के एडमिशन फॉर्म भरते समय जरुर रखें. क्या जिस कॉलेज या यूनिवर्सिटी में आप एडमिशन फॉर्म भर रहे हैं, वहां आपका पसंदीदा एकेडेमिक कोर्स उपलब्ध है? अपने एकेडेमिक कोर्स से संबंधित सारी जानकारी जुटा कर ही आप अपने लिए सूटेबल कॉलेज या यूनिवर्सिटी निर्धारित करें.

करियर गोल के मुताबिक ही चुनें अपना कॉलेज या यूनिवर्सिटी

अक्सर अपनी 9वीं/ 10वीं क्लास से ही स्टूडेंट्स अपने करियर गोल्स के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं और फिर अपनी 11वीं क्लास में आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस स्ट्रीम चुनते हैं. इसी तरह, किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले भी स्टूडेंट्स अपने करियर गोल्स पर फोकस रखकर ही विभिन्न कॉलेजों में एडमिशन एप्लीकेशन फॉर्म भरें ताकि वे अपना मनचाहा करियर बना सकें.  

कटऑफ़ लिस्ट या मेरिट लिस्ट

आजकल किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स के मार्क्स और कट-ऑफ लिस्ट को अनदेखा नहीं किया जा सकता है. इसलिए, स्टूडेंट्स अपने 12वीं क्लास के रिजल्ट के बाद, अपने मार्क्स और विभिन्न कॉलेजों तथा यूनिवर्सिटीज़ की पिछले साल की कट-ऑफ लिस्ट के मुताबिक ही अपने एडमिशन फॉर्म भरें.

भावी कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग, एक्रीडिटेशन और रिकॉग्निशन

स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी यूनिवर्सिटी एजुकेशन उनके शानदार भावी करियर के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है. इसलिए, स्टूडेंट्स के लिए यह काफी बेहतर रहता है कि अगर वे किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले भारत में NIRF द्वारा जारी टॉप कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ की रैंकिंग चेक कर लें. एजुकेशन, एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़, कैंपस फैसिलिटीज़ और प्लेसमेंट्स आदि के क्षेत्र में NIRF देश के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ को उनकी ओवरऑल परफॉरमेंस के आधार पर  रेटिंग देता है.

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के मुताबिक भारत के टॉप कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट:

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बैंगलोर
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • बनारस हिंदी यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  • अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ हैदराबाद, हैदराबाद
  • जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकोता
  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, दिल्ली
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  • मनिपाल एकेडेमी ऑफ़ हायर एजुकेशन, मनिपाल
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकत्ता, कोलकाता
  • पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़

जहां तक एक्रीडिटेशन का इशू है तो भारत में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा स्थापित नेशनल अजेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (NAAC) देश के हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस को अजेस करके एक्रीडिटेशन सर्टिफिकेट प्रदान करती है. आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी के एक्रीडिटेशन लेवल की जांच जरुर कर लें. आप किसी UGC रिकॉग्नाइज्ड कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ही एडमिशन लें अन्यथा आपकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर सकता है क्योंकि किसी अन-रिकॉग्नाइज्ड कॉलेज या यूनिवर्सिटी की डिग्री को दुनिया-भर में कहीं भी वैलिड नहीं माना जाता है.

कॉलेज और यूनिवर्सिटी का फैकल्टी ग्रुप

स्टूडेंट्स के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है कि किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अपने मनचाहे एजुकेशनल कोर्स में एडमिशन लेने से पहले वे उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी की फैकल्टी और कोर्स के टीचिंग और लर्निंग स्टाइल के साथ-साथ स्टूडेंट्स एंड फैकल्टी रेशो के बारे में पता कर लें क्योंकि स्टूडेंट्स का करियर और कामयाबी अपने कॉलेज और/ या यूनिवर्सिटी के एजुकेशन स्टैंडर्ड्स से काफी हद तक प्रभावित होते हैं. अक्सर यह देखा गया है कि हमारे देश सहित दुनिया-भर की टॉप यूनिवर्सिटीज़ से डिग्री होल्डर स्टूडेंट्स जीवन के हरेक कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करते हैं.

स्कॉलरशिप ऑफर्स

हमारे देश के कई मान्यताप्राप्त कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ इंटेलीजेंट स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देते हैं जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई का खर्चा नाममात्र ही रह जाता है. इसलिए, स्टूडेंट्स किसी भी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पूर्व उसकी स्कॉलरशिप पॉलिसी के बारे में जरुर पता कर लें.

एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज़ और एडमिशन प्रोसेस

बहुत बार स्टूडेंट्स स्पोर्ट्स, डांस एंड सॉन्ग्स, म्यूजिक, पेंटिंग, डिबेट कम्पटीशन्स जैसी एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़ के आधार पर अपने मनचाहे कॉलेज में एडमिशन लेते हैं क्योंकि हरेक कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़ के लिए कट-ऑफ लिस्ट में निर्धारित परसेंटेज काफी कम रहता है. लेकिन किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज़ के आधार पर एडमिशन लेने से पहले स्टूडेंट्स को इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि अगले 3 – 4 वर्षों में अपनी कॉलेज स्टडीज़ के दौरान भी उन्हें कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अपने एक्स्ट्रा करीकुलर स्किल्स को निखारने का पूरा मौका और माहौल जरुर मिले.  

स्पोर्ट्स फैसिलिटीज़

जी हां! स्पोर्ट्स लवर्स और स्पोर्ट्स पर्सन्स के लिए अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपस में बेहतरीन स्पोर्ट्स फैसिलिटीज़ जैसे जिम, प्लेग्राउंड, इनडोर स्पोर्ट्स कोर्ट्स आदि बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि आने वाले कुछ वर्षों में ये स्पोर्ट्स पर्सन्स अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी स्पोर्ट्स फील्ड जैसेकि, हॉकी, बेडमिंटन, बास्केटबाल, क्रिकेट, वोलीबॉल, चेस, एथलेटिक्स आदि में परफॉरमेंस निखार कर स्टेट/ नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के प्लेयर बन सकते हैं.

कैंपस में उपलब्ध फैसिलिटीज़

आप किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले ही वहां स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशनल फैसिलिटीज़ जैसेकि लाइब्रेरी, साइंस लैब्स के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण फैसिलिटीज़ जैसेकि, म्यूजिक रुम या कल्चरल एक्टिविटीज़ क्लब, डिजाईन/ इंजीनियरिंग/ मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स से संबंधित फैसिलिटीज़ आदि के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें. इसके अलावा, हॉस्पिटल, बुक शॉप, कंविनियेंस/ जनरल स्टोर आदि भी यूनिवर्सिटी कैंपस में होने चाहिए.

कॉलेज या यूनिवर्सिटी का हॉस्टल

हमारे देश के कई कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ आजकल स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल फैसिलिटी उपलब्ध करवा रहे हैं ताकि देश-विदेश के स्टूडेंट्स उनके कैंपस परिसर में आराम से पढ़ सकें. आजकल स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ सभी लेटेस्ट फैसिलिटीज़ के साथ मॉडर्न स्टेट-ऑफ़-दी-आर्ट हॉस्टल बिल्डिंग्स की व्यवस्था कर रहे हैं. इन हॉस्टल्स में स्टूडेंट्स के लिए मेस, जिम, लाइब्रेरी, क्लब, कॉमन रुम, 24x7 वाईफाई और इंटरनेट के साथ ट्रेवलिंग और शॉपिंग फैसिलिटीज़ भी होती हैं.

कैंपस डिस्टेंस और लोकेशन

आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले अपने घर या स्टूडेंट हॉस्टल से उसका डिस्टेंस और लोकेशन जरुर अच्छी तरह चेक कर लें. अपने कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक आने-जाने की ट्रेवलिंग फैसिलिटीज़ पर भी आप अच्छी तरह पहले से ही गौर कर लें क्योंकि बहुत बार कॉलेज आने-जाने में ही स्टूडेंट्स का काफी समय बरबाद हो जाता है.

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में उपलब्ध इंटर्नशिप्स एंड प्लेसमेंट फैसिलिटी

आजकल हमारे देश के तकरीबन सभी कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स अपने स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट फैसिलिटीज़ मुहैया करवाते हैं. इस संबंध में स्टूडेंट्स अपने एडमिशन से पहले यह अवश्य जांच लें कि देश के बड़े ब्रांड्स में उनके भावी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से कितने स्टूडेंट्स को हर वर्ष प्लेसमेंट मिला है. आजकल काफी कॉलेज अपने ब्रोशर और वेबसाइट्स में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट फैसिलिटीज़ का इम्प्रेसिव ब्यौरा जरुर देते हैं.

अगर आप ऊपर दिए गए सभी टिप्स का ध्यान रखकर ही मोस्ट सूटेबल कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेंगे तो आप क्वालिटी एजुकेशन प्राप्त करने के साथ-साथ अपना संपूर्ण व्यक्तित्व विकास करके अपना करियर गोल और कामयाबी जरुर हासिल कर लेंगे.

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