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ऑड आवर्स में स्टडी: फायदे और चुनौतियां

Sep 3, 2018 11:50 IST
Studying at odd hours: Advantages and challenges
Studying at odd hours: Advantages and challenges

अधिकांश स्टूडेंट्स अक्सर दो श्रेणियों में आते हैं – एक तो वे स्टूडेंट्स जो रात को देर तक पढ़ते हैं और दूसरे वे स्टूडेंट्स जो सुबह बहुत जल्दी उठकर पढ़ाई करते हैं. यह जानकारी बहुत कम ही लोगों को होगी कि उक्त दोनों श्रेणियों के स्टूडेंट्स के लिए खास नाम भी हैं जैसेकि देर रात तक जागकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ‘रात का उल्लू’ या ‘नाईट आउल’ कहा जाता है और सुबह जल्दी उठकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ‘भोर का पंछी’ या ‘अर्ली राइजर्स’ कहा जाता है.

एक आम धारणा है कि रात को देर तक जागकर पढ़ना काफी नुकसानदायक होता है और निम्न कहावत इस बात की पुष्टि करती है: रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना मनुष्य को स्वस्थ, धनी और बुद्धिमान बनाता है. लेकिन इस टॉपिक पर किये गए कई अध्ययनों से यह पता चलता है कि वास्तव में धन और अक्ल का आपकी नींद से कोई लेना-देना नहीं होता है. इसके ठीक विपरीत, ‘हेल्दी’ शब्द को उक्त दोनों श्रेणियों में सबूत के साथ जोड़ा जाता है.

 

अगर आप सुबह 5 बजे जागकर पढ़ाई करने के बजाए, देर रात तक जागकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स में से एक है जो देर रात को 3 बजे तक जागकर अपनी पढ़ाई करता है तो आपको अपनी इस आदत के बारे में ज्यादा जानकारी इस आर्टिकल के माध्यम से हासिल कर लेनी चाहिए.

देर रात को जागकर पढ़ने के फायदे

1. देर रात को पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के पास होती है अलर्ट रहने और कंसन्ट्रेट करने की अच्छी क्षमता

अगर आपको रात को देर तक जागने और काम करने की आदत है तो आप सुबह जागकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की तुलना में ज्यादा देर तक अपनी पढ़ाई अच्छी तरह कर सकेंगे. यूनिवर्सिटी ऑफ़ लीज द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार, अर्ली राइजर्स जागने के बाद केवल 10 घंटे तक ही अलर्ट और एक्टिव रह सकते हैं और इसके बाद वे मानसिक तौर पर थकने लगते हैं. फिर, वे काफी धीमी गति से अपना काम करते हैं क्योंकि ऐसे लोग नींद का प्रेशर झेल नहीं पाते हैं.

2. इनफॉर्मेशन को रख सकते हैं लंबे समय तक याद

यूनिवर्सिटी ऑफ़ नोट्रे डेम द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप रात को सोने से पहले पढ़ते हैं तो आप अच्छी तरह से जानकारी को याद रख सकते हैं. अगर आप रात में कुछ पढ़ कर सो जायें तो आपको वह जानकारी बहुत अच्छी तरह से याद रहती है. अगर आप पढ़ाई करने के बाद सारा दिन जागकर अन्य कई काम करते हैं तो शायद आपको वह जानकारी बहुत अच्छी तरह याद न रह पाए. ‘रेट्रोएक्टिव इंटरफेरेंस’ की यहां पर काफी अहम भूमिका है. असल में, अगर आप सुबह जल्दी जागकर पढ़ते हैं तो लगातार विभिन्न बातों की तरफ ध्यान भटकने और कई नई जानकारियों की वजह से आप सुबह पढ़े हुए टॉपिक्स को अच्छी तरह से याद नहीं रख सकते हैं. इसलिए, सुबह जो भी आप पढ़ते या याद करते हैं, उसे भूल सकते हैं.

3. एग्जाम स्ट्रेस से होता है बचाव

ब्रिटिश रिसर्चर्स ने यह जानकारी दी है कि रात को देर से सोने वाले लोगों की तुलना में अर्ली राइजर्स का स्ट्रेस हार्मोन – कॉर्टिसोल काफी ज्यादा होता है. अर्ली राइजर्स का कॉर्टिसोल लेवल केवल सुबह ही नहीं बल्कि पूरा दिन ज्यादा ही रहता है. इसका मतलब यह है कि रात को देर तक जागने वाले स्टूडेंट्स की तुलना में अर्ली राइजर्स को अपने एग्जाम्स का ज्यादा स्ट्रेस रहता है. क्योंकि, रात में देर तक जागने वाले स्टूडेंट्स ज्यादा तनावमुक्त और शांत होते हैं इसलिए वे ज्यादा कुशलता के साथ अपना काम कर सकते हैं और उन्हें घबराहट नहीं होती है.

देर रात को जागकर पढ़ने की चुनौतियां या नुकसान

1. आप रात को पढ़ा हुआ टॉपिक सुबह भूल जाते हैं

टेक्सास यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, आप रात को देर तक जागकर जो भी याद करते हैं, वह वास्तव में आपकी शॉर्ट-टर्म मेमोरी में स्टोर होता है. यह मेमोरी टाइप ज्यादा देर तक किसी भी जानकारी को याद नहीं रख सकती है और वास्तव में आप अपना लर्न किया हुआ टॉपिक जल्दी ही भूल जाते हैं. अगर आप कुछ देर पहले पढ़ी हुई जानकारी का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उस जानकारी को आप कुछ मिनटों या कुछ घंटों में भूल जाते हैं. इसलिए, अगर आप रात को देर तक नये चैप्टर्स याद करने की कोशिश करते हैं तो यह सारी जानकारी आपको शॉर्ट-टर्म मेमोरी से लॉन्ग-टर्म मेमोरी में नहीं जा पाती है. आपको अपने एग्जाम्स के लिए लंबे समय तक अपने स्टडी टॉपिक्स को याद रखना पड़ता है लेकिन आप रात में देर तक पढ़ कर अपने चैप्टर्स को लंबे समय तक याद नहीं रख सकते.

2. पूरी नींद न लेने से आपके दिमाग की कुशाग्रता होती जाती है कम

रात को जितने घंटे आप जागते रहते हैं उतनी देर तक आपका शरीर और दिमाग थकता रहता है. टेक्सास ए एंड एम मेडिकल कॉलेज द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार, यह देखा गया कि, रात में देर तक पढ़ने से आपकी लर्निंग और मेमोरी की क्षमता पर काफी गहरा और खराब असर पड़ता है. सुबह और दिन के समय हमारी समझने की क्षमता काफी अच्छी होती है और रात को देर तक जागकर पढ़ने से हम अपनी बॉडी-क्लॉक के खिलाफ व्यवहार करते हैं.

3. स्कूल में आप पूरी तरह फोकस्ड नहीं रह पाते हैं

चाहे आप एक अर्ली राइजर हों या फिर रात को देर तक जागकर पढ़ते हों, आपको अपने स्कूल का टाइमटेबल फॉलो करना पड़ता है. आपको सुबह एक निश्चित समय पर जागकर अपने स्कूल जाने के लिए तैयार होना पड़ता है. स्कूल का समय आमतौर पर रोजाना 6-7 घंटे होता है. अगर आप रात को देर तक पढ़ते हैं तो आपको अगले दिन क्लास में अलर्ट रहने में काफी दिक्कत होगी. अगर आप किसी तरह जगे भी रहते हैं तो आपका दिमाग अपनी पूरी क्षमता से जानकारी प्राप्त नहीं कर सकेगा. आपके दिमाग को रिबूट होने के लिए रात में काफी समय नहीं मिला था जिसका मतलब यह है कि जब क्लास में नए टॉपिक्स पढ़ाये जायेंगे तो आप अच्छी तरह से फोकस नहीं कर पायेंगे. इससे अपने संबद्ध स्टडी टॉपिक को लेकर आपके संदेह बने ही रहेंगे और फिर आपके लिए सेल्फ-स्टडी और भी ज्यादा मुश्किल हो जायेगी.

चाहे आप एक अर्ली राइजर हों या फिर रात को देर तक जागकर पढ़ते हों, आपको अपनी पढ़ाई अच्छी तरह से करने के लिए उचित नींद लेनी होगी. एग्जाम से पहले एक रात देर तक जागकर पढ़ने से कोई फायदा नहीं होता है. इसका यह मतलब भी नहीं है कि आप दिन भर पढ़ते ही रहें और बीच-बीच में ब्रेक्स बिलकुल न लें. आप केवल अपनी पढ़ाई उसी समय करें, जब आप खुद को चुस्त और अलर्ट महसूस करके शांतिपूर्वक पढ़ सकें.

लेखक के बारे में:

मनीष कुमार ने वर्ष 2006 में आईआईटी, बॉम्बे से मेटलर्जिकल एंड मेटीरियल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. उसके बाद इन्होंने जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, यूएसए से मेटीरियल्स साइंस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की और फिर इंडियन स्कूल फाइनेंस कंपनी ज्वाइन कर ली, जहां वे बिजनेस स्ट्रेटेजीज एंड ग्रोथ के लिए जिम्मेदार कोर टीम के सदस्य थे. वर्ष 2013 में, इन्होंने एसईईडी स्कूल्ज की सह-स्थापना की. ये स्कूल्स भारत में कम लागत की के-12 एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार लाने पर अपना फोकस रखते हैं ताकि क्वालिटी एजुकेशन सभी को मुहैया करवाई जा सके. वर्तमान में ये टॉपर.कॉम के प्रोडक्ट – लर्निंग एंड पेडागॉजी विभाग में वाईस प्रेसिडेंट हैं.

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