Positive India: तेलंगाना के इस शख्स ने पेट्रोल की बढ़ती कीमत से परेशान हो कर बनाई बैटरी संचालित साइकिल, प्रति माह बचाते हैं 5 हज़ार रूपए किराया

पेट्रोल पर अपने खर्चों को कम करने के लिए, तेलंगाना के राजकुमार मुप्पारापु ने अपनी पुरानी साइकिल को दस दिनों के भीतर केवल 20 हज़ार के खर्च में बैटरी चालित साइकिल में बदल दिया। इस साइकिल से राजकुमार रोज़ अपने काम पर जाते हैं और महीने के पाँच हज़ार रूपए बचा लेते हैं। 

Created On: Apr 19, 2021 18:34 IST
Telangana Man Rajkumar Mupparapu Builds Battery-Operated Solar Bicycle story in hindi
Telangana Man Rajkumar Mupparapu Builds Battery-Operated Solar Bicycle story in hindi

वारंगल के गोपालपुरम गांव के रहने वाले राजकुमार मुप्पारापु को रोज़ाना अपने कार्यालय तक पहुंचने के लिए 20 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। इस लंबी दूरी को तय करने के लिए वह अपनी बाइक का इस्तेमाल करते थे। हालांकि हाल ही में बढ़ती पेट्रोल की कीमतों ने मामले को बदतर बना दिया था और उनका मासिक खर्च बढ़ता जा रहा था। इस मुसीबत से निजात पाने के लिए राजकुमार ने वो कर दिखाया जिसे करने की कल्पना काम ही लोग करते हैं। अपने पिता से इस बारे में बात करने के बाद उनके दिमाग में बैटरी संचालित साइकिल बनाने का आईडिया आया और केवल 10 ही दिन में उन्हीने इस आईडिया को हकीकत में बदल दिया। 

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इलेक्ट्रीशियन पिता की मदद से बनाई साइकिल 

विज्ञान में ग्रेजुएट, राजकुमार कहते हैं कि अपने पिता के साथ चर्चा के दौरान उन्हें बैटरी से चलने वाली साइकिल बनाने का ख्याल आया। राजकुमार के पिता राजमाल्ली एक इलेक्ट्रीशियन हैं और उन्होंने अपने बेटे को साइकिल बनाने में गाइड किया। राजकुमार बताते हैं “साइकिल बनाने में पैसा एक समस्या थी, और मैं व्यावसायिक रूप से एक नया उत्पाद खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकता था। इसलिए, मैंने अपने दोस्तों और पिता से कुछ पैसे उधार लिए। फरवरी 2021 में, मैंने 8000 रुपये में एक साइकिल खरीदी और 12 वोल्ट की दो बैटरी, एक 40 वाट का सोलर पैनल, एक नियंत्रक और अन्य ज़रूरी सामान ख़रीदा। इस सब का खर्च लगभग 20000 रूपए था।"

राजकुमार का कहना है कि उन्होंने बैटरी को चार्ज करने के लिए वाहक के दाईं ओर सौर सोलर पैनल संलग्न किया।

गाँव के अन्य लोगो के लिए भी बनाते हैं बैटरी साइकिल 

राजकुमार बताते हैं कि सोलर पैनल से चलने वाली उनकी साइकिल ना केवल पैसे बचाती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करती है। उनकी इस साइकिल को देख गाँव के अन्य लोगो ने भी उनसे वैसी ही साइकिल बनाने का आग्रह किया। राजकुमार अब तक 6 अन्य लोगों के लिए सोलर साइकिल बना चुके हैं। इसके लिए वह केवल 10 हज़ार रूपए लेते हैं जिसमे केवल एक हज़ार प्रॉफिट रखते हैं। 

राजकुमार कहते हैं कि वे इन कार्यों को रोक रहे हैं क्योंकि उनकी कार्यशाला भार को संभालने के लिए बहुत छोटी है, और उनके पास केवल दो तकनीशियन हैं जो उनके लिए काम कर रहे हैं। “मैं संचालन का विस्तार करने और इसे व्यवसाय में बनाने पर काम कर रहा हूं। अगर मुझे सरकार या स्थानीय प्रशासन से कोई वित्तीय या तकनीकी सहायता मिलती है, तो साइकिल 6,000 रुपये में बनाई जा सकती है।" 

 

 

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