Positive India: भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक गीतांजलि राव बनीं Time Magazine की पहली 'किड ऑफ द ईयर' - जानें कौन हैं ये 15 वर्षीय युवती

भारतीय-अमेरिकी नागरिक गीतांजलि राव एक युवा वैज्ञानिक और आविष्कारक हैं। अमेरिका की टाइम पत्रिका ने उनके दूषित पेयजल से लेकर ओपियोड की लत और साइबरबुलिंग जैसे मुद्दों का सामना करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए "किड ऑफ़ द ईयर" टाइटल से नवाज़ा है। 

Created On: Dec 4, 2020 19:16 IST
Modified On: Dec 4, 2020 19:27 IST
Time Magazine Kid of the Year 2020 Geetanjali Rao Story in hindi
Time Magazine Kid of the Year 2020 Geetanjali Rao Story in hindi

अमेरिका के कोलोराडो से पंद्रह वर्षीय भारतीय-अमेरिकी गीतांजलि राव को टाइम मैगज़ीन ने  'किड ऑफ़ द ईयर' का नाम दिया है। राव एक युवा वैज्ञानिक और आविष्कारक हैं और उन्हें 5,000 से अधिक प्रत्याशियों में से चुना गया है। टाइम मैगज़ीन के इस एडिशन को 14 दिसंबर 2020 के कवर पर देखा जा सकता है। गीतांजलि को प्रौद्योगिकी के उपयोग से सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए चुना गया है। 

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टेक्नोलॉजी के माध्यम से लाना चाहती हैं समाज में बदलाव 

एक वैज्ञानिक और आविष्कारक के रूप में अपनी यात्रा की शुरुआत के बारे में बताते हुए गीतांजलि कहती हैं, “मेरा हर रोज़ का लक्ष्य था बस किसी को खुश करना और यह जल्द ही एक पर्पस में बदल गया। जब मैं दूसरी या तीसरी कक्षा में थी तो मैंने यह सोचना शुरू किया कि हम सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे कर सकते हैं।”

“Kindly” नामक App की आविष्कारक हैं गीतांजलि 

काइंडली एक ऐप और क्रोम एक्सटेंशन है जो साइबर इंटेलिजेंस का पता लगाने के लिए Artificial Intelligence का उपयोग करता है। यह एप लोगों को साइबर बुलिंग से बचाता है। "अवलोकन, मंथन, अनुसंधान, निर्माण, संवाद" के प्रमुख पर काम करते हुए, राव ने ग्रामीण स्कूलों, एसटीईएम संगठनों की महिलाओं, दुनिया भर के संग्रहालयों और शंघाई अंतर्राष्ट्रीय युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी समूह और रॉयल अकादमी जैसे बड़े संगठनों के साथ सहयोग किया है। 

"अगर मैं कर सकती हूँ तो कोई भी कर सकता है" 

अपनी इस उपलब्धि के बारे में कहती हैं,"अगर मैं कर सकती हूँ तो कोई भी कर सकता है।" वह आगे कहती हैं, "हमारी पीढ़ी कई समस्याओं का सामना कर रही है जो पहले कभी नहीं देखी। लेकिन इसके साथ ही हम पुरानी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जो अभी भी मौजूद हैं। जैसे हम एक नए वैश्विक महामारी के बीच में यहाँ बैठे हैं और हम अभी भी मानवाधिकार के मुद्दों का सामना कर रहे हैं। ऐसी समस्याएं हैं जो हमने पैदा नहीं कीं लेकिन अब हमें हल करना होगा, जैसे कि जलवायु परिवर्तन और प्रौद्योगिकी की शुरुआत के साथ साइबर बुलिंग।" 

गीतांजलि की इस उपलब्धि के बारे में टाइम मैगज़ीन ने कहा "दुनिया उन लोगों की है जो इसे आकार देते हैं। हालांकि अनिश्चितता है कि दुनिया एक निश्चित समय पर महसूस कर सकती है और आश्वस्त वास्तविकता यह प्रतीत होती है कि प्रत्येक नई पीढ़ी अधिक उत्पादन करती है जो इन बच्चों ने सकारात्मक प्रभाव, सभी आकारों में पहले ही हासिल कर ली है।“

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