मॉडर्न कॉर्पोरेट ऑफिस के वर्कर्स कुछ यूं कायम करें वर्क-लाइफ बैलेंस

वर्किंग प्रोफेशनल्स इन दिनों काफी चिंता, तनाव और डर का शिकार बन रहे हैं क्योंकि आजकल के माहौल में जॉब सिक्यूरिटी काफी कम देखने को मिल रही है. हम इस आर्टिकल में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस कायम करने के कुछ इफेक्टिव पॉइंट्स शेयर कर रहे हैं.

Created On: Apr 16, 2021 20:40 IST
Tips to maintain Work-life Balance in Modern Corporate Work Format
Tips to maintain Work-life Balance in Modern Corporate Work Format

इस कोरोना काल में अपनी जॉब्स के बारे में वर्किंग प्रोफेशनल्स में चिंता, तनाव और डर एक सामान्य-सी बात बन गई है. इस आधुनिक युग में अनेक रिसर्चेस से यह बात साबित हो गई है कि तनाव और अवसाद हरेक वर्किंग प्रोफेशनल की प्रोडक्टिविटी पर काफी बुरा असर डालते हैं. इसलिए, अब सभी वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए यह बहुत जरुरी हो गया है कि वे स्वस्थ, संपन्न और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस जरुर कायम करें.

वर्किंग प्रोफेशनल्स अगर अपने काम में ज्यादा प्रोडक्टिव बने रहना चाहते हैं तो, उनके लिए पॉजिटिव थिंकिंग, प्रॉपर रेस्ट और अपने ऑफिस वर्क से बीच-बीच में ब्रेक लेना काफी जरुरी होता है. प्रॉपर ब्रेक्स के बिना,  प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. लेकिन इन दिनों जबकि, 24 x 7 वर्क-फॉर्मेट मॉडर्न कॉर्पोरेट वर्ल्ड में फ़ॉलो किया जा रहा है तो, अधिकतर वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए अपने काम से ब्रेक लेना लगभग असंभव हो गया है. इस आर्टिकल में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए  कुछ सरल और कारगर टिप्स की चर्चा कर रहे हैं जिन्हें फ़ॉलो करके ये प्रोफेशनल्स मॉडर्न कॉर्पोरेट वर्क फॉर्मेट में भी अपना वर्क-लाइफ बैलेंस कायम करके, एक कामयाब प्रोफेशनल्स बन सकते हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

अपनी काबिलियत के मुताबिक ही चुनें अपना जॉब प्रोफाइल

हरेक व्यक्ति का काम करने का अपना तरीका और काबिलियत होती है. अगर आप कोई भी जॉब ज्वाइन करने या फिर, कोई करियर शुरू करने से पहले अपनी काबिलियत को अच्छी तरह पहचान लें तो फिर आप अपनी जॉब या कारोबार में अवश्य सफलता हासिल कर लेंगे. यह सच है कि आपको अपने कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना आराम का समय या पर्सनल लाइफ दांव पर लगा दें. वास्तव में यदि आप काम से ब्रेक नहीं लेते हैं तो आपकी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी दोनों प्रभावित हो सकती है. इसलिए, अपनी काबिलियत को समझ कर ही अपने ऑफिस में काम की जिम्मेदारी लें. यदि आपका मैनेजर आपकी काबिलियत से अधिक  काम, प्रोजेक्ट्स या असाइनमेंट की जिम्मेदारी आपको देता है तो विनम्रतापूर्वक उसे समझाने की कोशिश करें. इससे ब्रेक के लिए आपको काफी समय मिल जाएगा जिसका आपकी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ेगा.

अपने ऑफिस वर्क को अच्छी तरह समझें

किसी भी जॉब को ज्वाइन करने के बाद आप सबसे पहले अपने जॉब प्रोफाइल के मुताबिक अपना वर्क रोल अच्छी तरह समझ लें क्योंकि अपने केआरए अर्थात की रिस्पोंसिबिलिटी एरियाज को पूरा करना केवल आपकी ही जिम्मेदारी है. इसलिए आपको अपना पूरा फोकस अपने केआरए में दिए गए काम को पूरा करने की तरह जरुर होना चाहिए. अक्सर पेशेवर तरक्की पाने के लिए अपने केआरए के अलावा ऑफिस के अन्य काम पूरे करने की तरफ अपना पूरा फोकस और शक्ति लगा देते हैं और फिर, कुछ समय बाद यह एक्स्ट्रा काम भी इन पेशेवरों के रोजाना के काम का हिस्सा बन जाता है. लेकिन, सबसे पहले तो आप अपने केआरए के तहत शामिल सभी कामों के लिए पूरी तरह जवाबदेह हैं. इसलिए, ऑफिस में किसी भी एक्स्ट्रा काम की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने से पहले आप इस बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर लें. अगर आप इन एक्स्ट्रा कामों के लिए समय नहीं निकाल सकते हैं तो तुरंत अपने कलीग्स और मैनेजर को जरुर सूचित करें. यह स्टेप आपको अपना वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने में काफी मदद करेगा.

डेली रूटीन फ़ॉलो करना भी होता है बहुत जरुरी

ऑफिस के बाहर और घर परिवार में भी हरेक इंसान की अपनी लाइफ होती है और अपनी इस निजी लाइफ में बैलेंस कायम रखने के लिए आपके लिए यह बहुत जरुरी है कि आप अपने डेली रूटीन को जरुर फ़ॉलो करें अर्थात सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक आप अपने डेली रूटीन जैसेकि, ब्रेकफास्ट, एक्सरसाइज, मैडिटेशन, सोशल मीडिया एक्टिविटी आदि सहित सभी छोटे-बड़े कामों को व्यस्थित रूप से पूरा करते रहें ताकि आप स्वस्थ और तनावमुक्त रहें. कल्पना करें कि एक दिन अधिक सोने के कारण आपको पाने ऑफिस पहुचने में देर हो जाती हैं. संभव है उस दिन आपको अपना काम ख़त्म करके घर वापस पहुचने में भी देर हो जायेगी. इससे आपका वर्क-लाइफ बैलेंस बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा जो आपकी प्रोडक्टिविटी, हेल्थ और पर्सनल लाइफ के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसलिए, अपने डेली रूटीन को जरुर फ़ॉलो करें.

अपना रुटीन ऑफिस वर्क जरुर पूरा करें

बहुत बार वर्किंग प्रोफेशनल्स अपने एक दिन के काम को अगले दिन पर टाल देते हैं. पेशेवरों के ऐसा करने के पीछे कई बार कुछ बहुत जरुरी कारण हो सकते हैं. अगर कोई खास वजह तो ऐसा करने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन अगर आप अक्सर ऐसा करने लग जाएं तो इससे आपका वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ जाएगा. आमतौर पर हरेक ऑफिस या कंपनी में प्रोफेशनल्स को हर दिन के लिए नया काम सौंपा जाता है. यदि आप अपने असाइन किये गये काम को रोजाना अगले दिन के लिए टालते जाएं तो एक समय बाद आपके पास लंबित कार्यों का ढेर लग जाएगा. इससे आपकी परफॉरमेंस पर काफी बुरा असर पडेगा और आपका वर्क-लाइफ बैलेंस भी समाप्त हो जाएगा. इसलिए, आप अपने ऑफिस में रोज़ के काम को अवश्य पूरा करें.

आपके लिए वर्क-लाइफ बैलेंस का है बहुत महत्त्व

अगर आप एक खुशहाल और वैभवयुक्त जीवन जीना चाहते हैं तो आप अवश्य ही अपने वर्क-लाइफ में बैलेंस कायम करें. अगर आप अपनी काबिलियत को पहचान कर, ऑफिस में अपने जॉब प्रोफाइल के मुताबिक रोजाना अपना काम पूरा करेंगे तो आप अपनी लाइफ और वर्क में उपयुक्त संतुलन कायम करने में सफल हो जाएंगे. यह समुचित वर्क-लाइफ बैलेंस आपके स्वस्थ, संपन्न और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए बहुत आवश्यक है.

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