भारत में आर्ट रेस्टोरेशन के टॉप कोर्सेज

मानव सभ्यता की शुरुआत से ही आर्ट मानव संस्कृति/ कल्चर का एक अभिन्न हिस्सा है और भारत एक समृद्ध कल्चर और आर्कियोलॉजिकल हेरिटेज वाला देश है.

Created On: Aug 6, 2018 15:45 IST
Top Courses in Art Restoration in India
Top Courses in Art Restoration in India

मानव सभ्यता की शुरुआत से ही आर्ट मानव संस्कृति/ कल्चर का एक अभिन्न हिस्सा है और भारत एक समृद्ध कल्चर और आर्कियोलॉजिकल हेरिटेज वाला देश है. भारतीय राजाओं और सम्राटों ने आर्ट के विभिन्न रूपों के विकास में अपना काफी योगदान दिया है. पूरे भारत के म्यूजियम्स में बहुत ज्यादा ऐतिहासिक और कल्चरल महत्व की ऐसी पेंटिंग्स मौजूद हैं जो सैंकड़ों साल पहले बनाई गई थीं. आज भी जब आप उन पेंटिंग्स को देखें तो वे पेंटिंग्स ऐसी दिखती हैं, मानो कल ही पेंट की गई हों. लेकिन, समय बीतने के साथ ही हमारे कल्चरल हेरिटेज के ये सुंदर अवशेष/ रेलिक नष्ट होने लगते हैं और इसलिये इन आर्टिफैक्ट्स को रिस्टोर करने की आवश्यकता होती है. इन पुराने आर्टिफैक्ट्स और पेंटिंग्स को आर्ट कंजर्वेटर्स और रेस्टोरेशन एक्सपर्ट्स द्वारा नया जीवन दिया जाता है और उनके वास्तविक रूप में कायम रखने की कोशिश की जाती है.

क्या आप आर्ट कंजर्वेशन के क्षेत्र में अध्ययन करना चाहते हैं? आइये जानें कि भारत में कौन से टॉप आर्ट रेस्टोरेशन कोर्सेज ऑफर किये जाते हैं और एक क्वालिफाइड आर्ट कंजर्वेशनिस्ट बनने में ये कोर्सेज कैसे आपकी मदद कर सकते हैं?

आर्ट रेस्टोरेशन क्या है?

आर्ट रेस्टोरेशन एक ऐसी प्रोसेस है जिसके माध्यम से किसी क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए आर्टवर्क को साफ़, रिपेयर और रिस्टोर करने के लिए प्रोफेशनल्स को ट्रेंड किया जाता है. इन आर्टवर्क्स के तहत पेंटिंग्स, मूर्तियां और मैन्युस्क्रिप्ट्स भी शामिल किये जाते हैं. इसके तहत आर्ट के मूल स्वरूप को रिस्टोर करने पर फोकस किया जाता है ताकि समय बीतने के साथ वह आर्टवर्क कम क्षतिग्रस्त या कम पुराना दिखे.

आर्ट रेस्टोरेशन का कोर्स क्यों करें?

देश में अच्छे आर्ट रिस्टोर्स की कमी है. आर्ट रेस्टोरेशन और कंजर्वेशन कोई आसान काम नहीं है और इस काम को पूरी कुशलता के साथ करने के लिए व्यक्ति के लिए उपयुक्त ट्रेनिंग लेना जरुरी है. इसके अलावा, भारतीय आर्ट मार्केट में हाल ही के वर्षों में काफी विकास हुआ है जिससे स्टूडेंट्स के लिए कई नये और आकर्षक अवसर उपलब्ध हुए हैं. यह एक बहुत लोकप्रिय फील्ड भी नहीं है जिसका यह मतलब है कि अन्य मेनस्ट्रीम करियर्स की तुलना में इस फील्ड में एक आर्ट कंजर्वेशनिस्ट की जॉब निकलने पर कॉम्पिटीशन काफी कम है. इसलिये, जो लोग वास्तव में देश के पुराने कल्चरल हेरिटेज को सुरक्षित रखने में इंटरेस्टेड हैं, वे विभिन्न आर्ट रेस्टोरेशन कोर्सेज करके इस फील्ड में अपना शानदार करियर बना सकते हैं.

भारत में आर्ट रेस्टोरेशन के कौन-कौन से कोर्सेज उपलब्ध हैं?

भारत में आर्ट रेस्टोरेशन और कंजर्वेशन की फील्ड अभी अपने शुरुआती दौर में है. लेकिन, इसके बावजूद भारत में कई उच्च शिक्षा संस्थान हैं जो एफआरईएससीओ में स्पेशलाइज्ड कोर्सेज और ट्रेनिंग उपलब्ध करवाते हैं. आइये अब हम भारत में उपलब्ध प्रसिद्ध आर्ट रेस्टोरेशन कोर्सेज के बारे में चर्चा करें:

  • सर्टिफिकेट लेवल
  • लियोन लेवी फाउंडेशन सेंटर फॉर कंजर्वेशन स्टडीज, नागपुर – ये कोर्सेज संरक्षण/ कंजर्वेशन के लिए विभिन्न जांच उपायों को कवर करते हैं और कंजर्वेशन एक्टिविटीज और असेस्मेंट्स की एक व्यापक कड़ी  के लिए जानकारी और टूल्स के साथ कंजर्वेटर्स को लैस करते हैं. उक्त कोर्सेज शुरू करने की डेट्स आमतौर पर जनवरी से अप्रैल माह के बीच आती है.
  • नेशनल रिसर्च लेबोरेटरी फॉर कंजर्वेशन ऑफ़ कल्चरल प्रॉपर्टी - कंजर्वेशन ऑफ़ कल्चरल प्रॉपर्टी  (6 महीने का कोर्स,  आवेदन की समय-सीमा 7 मई, 2018)
  • पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल
  • नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली): एमए कंजर्वेशन
  • दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज रिसोर्सेज एंड मैनेजमेंट, दिल्ली (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से संबद्ध): कंजर्वेशन, प्रिजर्वेशन एंड हेरिटेज मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री
  • उत्कल यूनिवर्सिटी ऑफ़ कल्चर, उड़ीसा: कल्चरल हेरिटेज एंड कंजर्वेशन में एमए
  • नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट ऑफ हिस्ट्री ऑफ़ आर्ट, कंज़र्वेशन एंड म्यूजियोलॉजी (एनएमआईएचएसीएम): कंजर्वेशन में एमए
  • पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल डिप्लोमा
  • रीजनल कंजर्वेशन लेबोरेटरी, मैसूर के सहयोग सहित कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़: कंजर्वेशन एंड हेरिटेज मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा
  • छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रामलय, मुंबई: म्यूजियोलॉजी एंड कंजर्वेशन में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट: पीएचडी (कंजर्वेशन).
  • डॉक्टरेट लेवल  

उक्त प्रोफेशनल कोर्सेज के अलावा, पूरे भारत में विभिन्न आर्ट इंस्टीट्यूट्स द्वारा कई शॉर्ट-टर्म स्पेशलाइज्ड कोर्सेज ऑफर किये जाते हैं. कुछ प्रमुख शॉर्ट-टर्म कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

  • नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली –
  • समय-समय पर 3 महीने के शॉर्ट-टर्म कोर्सेज करवाये जाते हैं.
  • बुक्स, रिकॉर्ड्स और मैन्युस्क्रिप्ट्स की केयर और कंजर्वेशन - 8 सप्ताह का कोर्स (जुलाई-अगस्त में आयोजित)
  • रिकॉर्ड्स की सर्विसिंग और रिपेयर: 6 सप्ताह का कोर्स (मई-जून तथा सितंबर-अक्टूबर माह में आयोजित)
  • वर्कशॉप्स: आईएनटीएसीएच द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाती हैं.
  • नेशनल आर्काइव्ज ऑफ़ इंडिया
  • इंडियन काउंसिल ऑफ़ कंजर्वेशन इंस्टीट्यूट्स (आईसीसीआई), आईएनटीएसीएच

कौन से स्टूडेंट्स आर्ट रेस्टोरेशन का अध्ययन कर सकते हैं?

आर्ट रेस्टोरेशन की फील्ड में काम करने के लिए, स्टूडेंट्स के लिए सबसे पहली और महत्वपूर्ण आवश्यकता यह है कि वे देश की हिस्ट्री, कल्चर और हेरिटेज में इंटरेस्टेड हों. दूसरे, अच्छा रहेगा यदि कैंडिडेट्स के पास ऑब्जरवेशन, डिटेल के लिए पैनी दृष्टि, एस्थेटिक एप्प्रीसिएशन, पेशेंस, वर्क एक्सपीरियंस, कई घंटे लगातार काम करते रहने की क्षमता और आर्टिस्ट्स के लिए रिस्पेक्ट होने के साथ ही साइंटिफिक आउटलुक हो.

कैंडिडेट को विभिन्न आर्ट फॉर्म्स, आर्टिस्ट्स और प्रमुख स्कूल ऑफ़ आर्ट की भी काफी अच्छी जानकारी होनी चाहिए. इनोवेटिव माइंड और क्रिएटिव सॉल्यूशन्स की क्षमता वाले कैंडिडेट्स इस फील्ड में काफी तरक्की कर सकते हैं. 

आर्ट रेस्टोरेशन में कोर्सेज ऑफर करने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स 

भारत में आर्ट रेस्टोरेशन का बहुत-सा काम नेशनल म्यूजियम सेंटर्स या इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (आईएनटीएसीएच), आर्ट कंजर्वेशन सेंटर में किया जाता है. इसके अलावा, आर्ट रेस्टोरेशन कोर्सेज ऑफर करने वाले कुछ टॉप इंस्टीट्यूशन्स निम्नलिखित हैं:     

• नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली

• मैसूर यूनिवर्सिटी, क्रॉफर्ड हॉल, मैसूर

• इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश

• कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा

भारत में आर्ट रेस्टोरेशन के विभिन्न कोर्सेज में एडमिशन कैसे लें?

आर्ट रेस्टोरेशन के किसी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स के पास:

  • बैचलर डिग्री – आर्कियोलॉजी, एन्शियेंट एंड मिडिवल हिस्ट्री, वर्ल्ड हिस्ट्री, स्टूडियो आर्ट, फाइन आर्ट, आर्ट हिस्ट्री आदि विषयों में स्पेशलाइजेशन सहित.
  • किसी प्रमुख इंस्टीट्यूशन में एडमिशन लेने के लिए अच्छा स्कोर या परसेंटेज जरुरी है.
  • इंटर्नशिप एक्सपीरियंस – अंडरग्रेजुएट स्टडी के दौरान उपयुक्त इंटर्नशिप्स और फील्ड एक्सपीरियंस से ज्यादा लाभ मिलेगा.

आर्ट कंजर्वेटर के तौर पर आपके करियर प्रॉस्पेक्ट्स

इस फील्ड में आपका करियर किसी प्रमुख रिस्टोर्र के अधीन एक अपरेंटिस के तौर पर शुरू होगा. इस फील्ड में सीखने के लिए काफी कुछ है, विशेष रूप से प्रैक्टिकल फील्ड लर्निंग आपको बाद में ही प्राप्त हो सकती है. आपके पास उपयुक्त अनुभव, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और जानकारी होनी चाहिए ताकि आप एक विश्वसनीय आर्ट रिस्टोर्र के तौर पर अपनी साख बना सकें. 

आर्ट रिस्टोर्स के लिए कुछ लोकप्रिय करियर ऑप्शन्स में निम्नलिखित को शामिल किया जाता है:

  • मोनुमेंट्स और अन्य हिस्टोरिकल प्लेसेज में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के साथ रेस्टोरेशन वर्क
  • इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (आईएनटीएसीएच, नई दिल्ली) में काम – यह प्राइवेट कलेक्टर्स और इंस्टीट्यूशन्स को कंजर्वेशन सर्विसेज ऑफर करता है
  • नेशनल म्यूजियम सेंटर्स में काम – इनके पास सरकारी आर्ट कलेक्शन्स होती हैं और ये सेंटर्स अपने आर्टवर्क्स के साथ-साथ कई बार अन्य स्टेट म्यूजियम्स के आर्टवर्क्स की देखभाल भी करते हैं
  • कुछ आर्ट रिस्टोर्स अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं
  • टीचर बनें – आप स्टूडेंट्स को जर्नलिज्म, आर्ट, आर्कियोलॉजी, आर्ट डीलिंग और अन्य विषय पढ़ा सकते हैं.

इसलिये, अब आप इस फील्ड में कुछ भी कर सकते हैं! अगर आप आर्ट को पसंद करते हैं और आपके मन में पुराने आर्ट वर्क्स को उनके मूल रूप में लाने की सहज इच्छा उत्पन्न होती है तो एक आर्ट कंजर्वेटर के तौर पर कार्य करना आपके लिए उपयुक्त पेशा हो सकता है.

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