यूनिक MBA स्पेशलाइजेशन्स और सेक्टोरल बी स्कूल्स के बारे में खास जानकारी

भारत में भी कई ऐसे मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स हैं जहां से कोई खास MBA कोर्स करने के अपने ही कुछ फायदे या सक्सेस क्राइटेरिया है. अगर आप भी अपने MBA कोर्स को लेकर चिंतित हैं तो हम यहां आपके लिए अपने देश के कुछ चुनिंदा बी-स्कूल्स की जानकारी पेश कर रहे हैं जो अपने कोर एकेडेमिक प्रोग्राम के तौर पर यूनिक MBA प्रोग्राम्स ऑफर करते हैं.

Created On: Sep 18, 2019 15:10 IST
Unique MBA Specializations and Sectoral B-schools which offer them
Unique MBA Specializations and Sectoral B-schools which offer them

बहुत बार अपना CAT, MAT, XAT या SNAP एंट्रेंस एग्जाम देने से पहले ही स्टूडेंट्स अपने MBA कोर्स के बारे में निश्चय कर लेते हैं लेकिन फिर, एंट्रेंस एग्जाम को क्रैक करने के बाद वे थोड़ा कंफ्यूज़ हो जाते हैं कि आखिर अपना मनचाहा MBA कोर्स किस एजुकेशनल या मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से करें? लेकिन इस बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे देश के टॉप बी-स्कूल्स अपने कोर एकेडेमिक प्रोग्राम के तौर पर आजकल यूनिक MBA स्पेशलाइजेशन्स ऑफर कर रहे हैं. दरअसल, अगर आपको पहले से ऐसे विशेष बी-स्कूल्स और उनके द्वारा ऑफर किये जा रहे यूनिक MBA कोर्सेज के बारे में अच्छी जानकारी हो तो आपको अपने मनचाहे इंस्टीट्यूट में फटाफट एडमिशन लेने में काफी आसानी रहेगी. इसलिए, आइये इस आर्टिकल में कुछ विशेष बी-स्कूल्स द्वारा ऑफर किये जा रहे यूनिक MBA प्रोग्राम्स के बारे में जानकारी हासिल करें.   

आखिर सेक्टोरल बी स्कूल्स ही क्यों ?

सबसे महत्वपूर्ण सवाल तो यह है कि MBA स्पेशलाइजेशन्स के लिए हमें सेक्टोरल बी स्कूल्स की आवश्यकता क्यों है?

इसका उत्तर देने के लिए, हमें मैनेजमेंट की प्रकृति को एजुकेशनल डोमेन के रूप में समझना होगा. एक क्षेत्र के रूप में मैनेजमेंट का उद्देश्य जटिल मुद्दों और किसी भी क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली समस्याओं को हल करना होता है. इसलिए, किसी भी डोमेन या इंडस्ट्री में मैनेजर और मैनेजेरियल प्रोफाइल वाली नौकरी की आवश्यकता होती ही है. इसके साथ-साथ इसमें यह भी जरूरी है कि प्रत्येक डोमेन में MBA प्रोग्राम के तहत एक व्यक्तिगत विशेषज्ञता (इंडिविजुअल स्पेशलाइजेशन) ऑप्शन भी होना चाहिए. हालांकि, जब रूरल मैनेजमेंट और एग्रिकल्चर मैनेजमेंट जैसे कुछ विशिष्ट स्पेशलाइजेशन ऑप्शन्स की बात आती है तो ऐसे डोमेन के मैनेजरों के लिए विशेष और फोकस्ड ट्रेनिंग की जरुरत होती है. इसलिए, मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स को ऐसे सेक्टोरल बी-स्कूलों की आवश्यकता है, जो मैनेजर्स को मैनेजमेंट टेक्नीक्स और सिद्धांत सीखने में मदद कर सकते हैं तथा उन्हें इस तरह के विशिष्ट डोमेन/ इंडस्ट्री की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार करते हैं. आइए कुछ यूनिक MBA स्पेशलाइजेशन और टॉप सेक्टोरल MBA कॉलेजों या इंस्टीट्यूट्स के बारे में आगे जानकारी हासिल करते हैं:

  • MICA अहमदाबाद में डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स है खास

पूरी दुनिया में डिजिटल युग की शुरुआत होने के कारण डिजिटल मार्केटिंग आज स्टूडेंट्स के बीच एक लोकप्रिय करियर ऑप्शन के रूप में उभरा है. हालांकि, मार्केटिंग को ट्रेडिशनल MBA स्पेशलाइजेशन ऑप्शन के रूप में जाना जाता है, डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसी फील्ड है जिसमें स्पेशलाइजेशन भारत के बहुत कम कॉलेज या इंस्टीट्यूट में उपलब्ध है. इसलिए जब भारत में डिजिटल मार्केटिंग के बारे में बात की जाती है तब MICA, अहमदाबाद का नाम लिस्ट में सबसे ऊपर होता है. शुरुआत में भारत की प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों में से एक - मुद्रा द्वारा इस इंस्टीट्यूट का प्रचार किया गया था. MICA, अहमदाबाद से MBA के छात्र डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन या पीआर में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं. एक सेक्टोरल बी-स्कूल होने के नाते, MICA से पास होने वाले ग्रेजुएट मैनेजर्स का स्वागत टॉप मीडिया हाउसेज, विज्ञापन एजेंसियों, पीआर कंपनियों, कंटेंट राइटिंग एजेंसियों और MNCs के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन द्वारा किया जाता है.

  • IITTM, ग्वालियर से करें ट्रैवेल मैनेजमेंट

भारत में यात्रा और पर्यटन एक और क्षेत्र है जिसमें ट्रेंड मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की हाई डिमांड होती है. सरकार और प्राइवेट सेक्टर्स द्वारा किये गए प्रोमोशन के कारण इस क्षेत्र में बहुत ग्रोथ हुआ है. यदि आप ट्रेवेल और टूरिज्म के क्षेत्र में मैनेजेरियल प्रोफाइल पर काम करना चाहते हैं तो, IITTM, ग्वालियर आपके लिए एक आदर्श बी-स्कूल साबित होगा. भारतीय ट्रेवेल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, केंद्र सरकार की ट्रेवेल एंड टूरिज्म मिनिस्ट्री के तहत एक नोडल इंस्टीट्यूट सेटअप है. इस इंस्टीट्यूट के ग्वालियर, नेल्लोर, भुवनेश्वर, नोएडा और गोवा में कैम्पस हैं. लेकिन IITTM, ग्वालियर को ही ट्रेवेल और टूरिज्म के लिए प्रमुख MBA कॉलेज माना जाता है. IITTM, ग्वालियर के छात्र ट्रेवेल, लेजर, टूरिज्म और ऑनलाइन इंटरनेशनल प्लेटफार्मों सहित विभिन्न प्रोग्राम्स में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं. IITTM, ग्वालियर से पास स्टूडेंट्स टूरिज्म बोर्ड, होटल, बुकिंग हाउसेज, ट्रैवल एजेंसियों और ई-मार्केटर्स में कार्य कर सकते है. ये पेशेवर अपनी एजेंसी खोलकर इंटरप्रेन्योर भी बन सकते हैं.

  • MANAGE, हैदराबाद से करें एग्रिकल्चर मैनेजमेंट

भारत मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान देश है. इसलिए, यह स्वाभाविक है कि एग्रिकल्चर मैनेजर्स की आवश्यकता यहां अधिक होगी. इसके विपरीत यहां के अधिकतर छात्र इस विषय में ज्यादा रूचि नहीं लेते हैं. लेकिन, बदलते समय के साथ कृषि अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण के कारण अब हमारे देश में भी MBA कैंडिडेट्स ने एग्रिकल्चर मैनेजमेंट को व्यावहारिक करियर ऑप्शन के रूप में देखना शुरू कर दिया है. यही वह जगह है जहां ‘मैनेज’ शब्द का सही मायने में इस्तेमाल किया जाता है. द मिनिस्ट्री ऑफ एग्रिकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर द्वारा देश में एग्रिकल्चरल मैनेजमेंट के आधुनिकीकरण के लिए द नेशनल सेंटर फॉर मैनेजमेंट ऑफ एग्रिकल्चरल एक्सटेंसन का सेटअप किया गया है. यह इंस्टीट्यूट युवा मैनेजर्स को ट्रेंड करता है और भारत के कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली समस्याओं को हल करने के लिए उन्हें विशेषज्ञता प्रदान करता है. इस मैनेजमेंट कोर्स का मुख्य लक्ष्य किसानों के जीवन में सुधार, फसल उपज में वृद्धि और कृषि प्रथाओं की स्थिरता बनाए रखना है. इसके अलावा, ये बी-स्कूल सरकार या सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए परामर्श एजेंसी के रूप में भी कार्य करते हैं.
हैदराबाद के अलावा - MBA कैंडिडेट्स जयपुर में स्थित NIAM (कृषि विपणन संस्थान) में भी शामिल हो सकते हैं. यह इंस्टीट्यूट भी एग्रिकल्चर मैनेजमेंट में इसी तरह के प्रोग्राम ऑफर करता है.

  • IRMA, आनंद में रूरल मैनेजमेंट का कोर्स है खास

ऐसा कहा जाता है कि 'हमारा भारत गांवों में बसता है' और जब तक गांव विकसित नहीं होंगे, भारत का विकास नहीं होगा. भारत में चल रही कई सरकारी परियोजनाओं का विषय भी मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ही आधारित होता है. हालांकि, कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स की तरह ही इन परियोजनाओं को प्रशिक्षित और कुशल मैनेजर्स की आवश्यकता होती है जो परियोजनाओं के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित सकें और निर्धारित लक्ष्य को समय रहते हासिल कर सकें. इस काम में मैनेजर्स को परफेक्ट बनाने का कार्य IRMA या ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद सफलतापूर्वक करता है.

IRMA इंस्टीट्यूट रूरल मैनेजमेंट के क्षेत्र में मैनेजर्स को ट्रेंड करने के लिए पूरी तरह समर्पित है. यह इंस्टीट्यूट रूरल मैनेजमेंट के लिए सरकार और निजी योजनाओं के जमीनी निष्पादन की तकनीकों और प्रबंधन सहित ग्रामीण प्रबंधन की बारीकियों के बारे में मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स को प्रशिक्षित करता है. रूरल मैनेजमेंट के विशेषज्ञ या मैनेजर्स को गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहे संगठन, सरकारी एजेंसियों और अन्य महत्वपूर्ण रिक्रूटर्स हायर करते हैं.  

  • IIFM, भोपाल से कर सकते हैं फॉरेस्ट मैनेजमेंट का कोर्स

फॉरेस्ट मैनेजमेंट एक और खास डोमेन है जो हाल के कुछ वर्षों से MBA कैंडिडेट्स को आकर्षित कर रहा है. पर्यावरण और टिकाऊ विकास की ओर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ फॉरेस्ट मैनेजमेंट एजुकेशन की भी अब डिमांड बढ़ गयी है. भारत में फॉरेस्ट मैनेजमेंट एजुकेशन का चैम्पियन IIFM, भोपाल है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ भोपाल विभिन्न स्पेशलाइजेशन के साथ कई मैनेजमेंट प्रोग्राम्स ऑफर करता है. यह इंस्टीट्यूट इनवायरमेंट, डेवलपमेंट, कंजर्वेशन और आजीविका जैसे क्षेत्रों में सुपर-स्पेशलाइजेशन कोर्स करवाता है. IIFM, भोपाल से ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को डेवलपमेंट सेक्टर, सरकारी परियोजनाओं और एजेंसियों, अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संगठनों, एनजीओ, पेपर और टिम्बर इंडस्ट्री, इको टूरिज्म और माइक्रो फाइनेंस से जुड़े क्षेत्रों में काम कर रहे संगठनों द्वारा हायर किया जाता है.

  • IIHMR, जयपुर से करें हेल्थ मैनेजमेंट का कोर्स

अब भारतीय स्वास्थ्य को लेकर बहुत सचेत हो रहे हैं तथा भारत सरकार भी आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से भारतीयों को प्रीमियर हेल्थ सर्विस प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. हेल्थ मैनेजमेंट की फील्ड भारतीय अर्थ व्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. भारत में क्वालिफाइड हेल्थ मैनेजर्स की डिमांड को देखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, जयपुर कई स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम ऑफर करता है. यह इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट स्टूडेंट्स को हेल्थ सेक्टर से जुड़े प्रोफेशन्स तथा ऑर्गनाइजेशन को मैनेज करने के लिए जरुरी स्किल्स की जानकारी प्रदान करता है. इस इंस्टीट्यूट में प्रैक्टिस बेस्ड स्टडी पर ज्यदा फोकस किया जाता है.  इससे स्टूडेंट्स को  अपने मैनेजीरियल स्किल्स को और अधिक विकसित करने में मदद मिलती है. IIHMR की दिल्ली और बैंगलोर में भी शाखाएं हैं.

ये सारे यूनिक MBA स्पेशलाइजेशंस हैं जो भारत में काफी लोकप्रिय हैं और टॉप बी स्कूल्स द्वारा ऑफर किये जाते हैं. विशिष्ट डोमेन में टॉप सेक्टोरल बी-स्कूलों में सुपर-स्पेशलिटी स्किल्स और ट्रेनिंग MBA कैंडिडेट्स के लिए सफल करियर के साथ ही सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं.

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