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UP Board कक्षा 12वीं का भौतिक विज्ञान सिलेबस 2018-2019

छात्रों को UP Board कक्षा 12 के भौतिक विज्ञान का सत्र 2018-2019 का सिलेबस यहाँ उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि छात्र अच्छी तरह अपने बदले हुवे NCERT सिलेबस से अच्छी तरह परिचित होकर अभी से अपने आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार कर सकें.

Jan 14, 2019 17:32 IST
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UP Board Class 12th Physics Syllabus
UP Board Class 12th Physics Syllabus

UP Board कक्षा 12वीं के भौतिक विज्ञान का सत्र 2018-2019 का सिलेबस हम यहाँ उपलब्ध करा रहे हैं. UP Board कक्षा 12 में NCERT सिलेबस लागु करने के बाद अब छात्रों को इस विषय से सम्बंधित सबसे बड़ा फायदा यह है कि भौतिक विज्ञान का केवल एक ही पेपर पढ़ना होगा तथा अब न्यू सेशन से छात्रों को पहले ही तरह भौतिक विज्ञान प्रथम तथा भौतिक विज्ञान द्वितीय का अलग-अलग एग्जाम देने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी. दरअसल जहाँ पहले छात्रों को 35, 35 अंकों का दो प्रश्न पत्र हल करना पड़ता था तथा 30 अंक का प्रयोगात्मक होता था, अब उसकी जगह केवल एक प्रश्न पत्र 70 अंकों का हल करना होगा तथा 30 अंक का प्रयोगात्मक होगा.

छात्रों को UP Board कक्षा 12 के भौतिक विज्ञान का सत्र 2018-2019 का सिलेबस यहाँ उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि छात्र अच्छी तरह अपने बदले हुवे सिलेबस से अच्छी तरह परिचित होकर अभी से अपने आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार कर सकें.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद्इलाहाबाद
कक्षा-12 भौतिक विज्ञान
पाठ्यक्रम तथा पाठ्यपुस्तकें

इसमें 70 अंकों के दो प्रश्न-पत्र एवं 30 अंकों का प्रयोगात्मक होगा.

खण्ड (क):

इकाई

शीर्षक

 अंक

1.

स्थिर विद्युतकी

 08

2.

धारा विद्युत

 07

3.

धारा का चुम्बकीय प्रभाव तथा चुम्बकत्व

 08

4.

वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण तथा प्रयवर्ती धारा

 08

5.

वैद्युत चुम्बकीय तरंगे

 04



कुल अंक- 35

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खण्ड (ख):

इकाई

शीर्षक

 अंक

1.

प्रकाशिकी

 13

2.

द्रव्य और द्वैत प्रकृति

 04

3.

परमाणु तथा नाभिक

 06

4.

इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ

 08

5.

संचार व्यवस्था

 04



कुल अंक- 35

खण्ड (क):

इकाई 1. स्थिर विद्युतिकी (08 अंक)
वैद्युत् आवेशः आवेश का संरक्षण, कुलॉम-नियम-दो बिन्दु आवेशों के बीच बल, बहुत आवेशों के बीच बल, अध्यारोपण सिद्धान्त तथा सतत् आवेश वितरण.
विद्युत् क्षेत्र, विद्युत् आवेश के कारण वैद्युत् क्षेत्र, विद्युत् क्षेत्र रेखायें वैद्युत् द्विध्रुव, द्विध्रुव के कारण वैद्युत क्षेत्र, एक समान वैद्युत् क्षेत्र में द्विधुव पर बल आघूर्ण, वैद्युत् फ्लक्स.
गाउस नियम का प्रकथन तथा अनन्त लम्बाई के एक समान आवेशित सीधे तार, एक समान आवेशित अनन्त समतल चादर तथा एक समान आवेशित पतले गोलीय खोल (के भीतर तथा बाहर) विद्युत् क्षेत्र ज्ञात करने में इस नियम का अनुप्रयोग, वैद्युत् विभव, विभवान्तर, किसी बिन्दु आवेश, वैद्युत् द्विध्रुव, आवेशों के निकाय के कारण वैद्युत् विभव, समविभव पृष्ठ, किसी स्थिर वैद्युत् क्षेत्र में दो बिन्दु आवेशों के निकाय तथा वैद्युत् द्विध्रुव की स्थिर वैद्युत् स्थितिज ऊर्जा, चालक तथा विद्युत् रोधी, किसी चालक के भीतर मुक्त आवेश तथा बद्ध आवेश, परावैद्युत् पदार्थ तथा वैद्युत् ध्रुवण, संधारित्र तथा धारिता, श्रेणीक्रम तथा समान्तर क्रम में संधारित्रों का संयोजन, पट्टिकाओं के बीच परावैद्युत् माध्यम होने अथवा न होने पर किसी समान्तर पट्टिका संधारित्र की धारिता, संधारित्र में संचित ऊर्जा, वानडे ग्राफ जनित्र.

इकाई 2. धारा विद्युत् (07 अंक)
विद्युत् धारा, धात्विक चालक में वैद्युत् आवेशों का प्रवाह, अपवाह वेग (Drift Velocity), गतिशीलता तथा इनका विद्युत् धारा से सम्बन्ध, ओम का नियम, वैद्युत् प्रतिरोध V-I अधिलक्षण (रैखिक तथा अरैखिक) विद्युत् ऊर्जा और शक्ति, वैद्युत् प्रतिरोधकता तथा चालकता, कार्बन प्रतिरोधक, कार्बन प्रतिरोधकों के लिये वर्ण कोड, प्रतिरोधकों का श्रेणी तथा पाश्र्व क्रम संयोजन, प्रतिरोध की ताप निर्भरता, सेलों का आन्तरिक प्रतिरोध, सेल का वि०वा०बल (e.m.f.) तथा विभवान्तर, सेलों का श्रेणीक्रम तथा पाश्र्वक्रम संयोजन, द्वितीयक सेल की प्रारम्भिक धारणा, किरचॉफ का नियम तथा इसके अनुप्रयोग व्हीटस्टोन सेतु मीटर सेतु, विभवमापी-सिद्धान्त, विभवान्तर एवं दो सेलों के विद्युत् वाहक बल (e.m.f.) की तुलना करने के लिये इसका अनुप्रयोग, किसी सेल के आन्तरिक प्रतिरोध की माप.

इकाई 3. विद्युत् धारा का चुम्बकीय प्रभाव तथा चुम्बकत्व (08 अंक)

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चुम्बकीय क्षेत्र की संकल्पना, ओस्र्टेड का प्रयोग, बायोसेवर्ट नियम तथा धारावाही लूप में इसका अनुप्रयोग, ऐम्पियर का नियम तथा इसका अनन्त लम्बाई के सीधे तार में अनुप्रयोग, सीधी तथा टोराइडी परिनालिकायें, एक समान चुम्बकीय तथा वैद्युत् क्षेत्रों में गतिमान आवेशों पर बल, साइक्लोट्रॉन, एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल, दो समान्तर धारावाही चालकों के बीच बल-एम्पियर की परिभाष-एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही लूप द्वारा बल आघूर्ण का अनुभव, चल-कुण्डली गैल्वेनोमीटर इसकी धारा सुग्राह्यता तथा इसका अमीटर तथा वोल्टमीटर में रूपान्तरण, धारा लूप चुम्बकीय द्विध्रुव के रूप में तथा इसका चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण, किसी परिभ्रमण करते इलेक्ट्रॉन तथा चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण, चुम्बकीय द्विध्रुव (छड़ चुम्बक) के कारण इसके अक्ष के अनुदिश तथा अक्ष के अभिलम्बत् चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता, एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय द्विध्रुव (छड़ चुम्बक) पर बल आघूर्ण, तुल्यांकी परिनालिका के रूप में छड़ चुम्बक, चुम्बकीय क्षेत्र रेखायें, पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र तथा चुम्बकीय अवयव अनुचुम्बकीय, प्रतिचुम्बकीय तथा लौह चुम्बकीय पदार्थ उदाहरणों सहित, विद्युत् चुम्बक तथा इनकी तीव्रताओं को प्रभावित करने वाले कारक, स्थायी चुम्बक.

इकाई 4. वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण तथा प्रत्यावर्ती धारायें (08 अंक)

वैद्युत् चुम्बकीय प्रेरण-फैराडे के नियम, प्रेरित e.m.f. तथा धारा, लेंज का नियम, भेंवर धारायें, स्वप्रेरण तथा अन्योन्य प्रेरण, प्रत्यावर्ती धारा, प्रत्यावर्ती धारा तथा वोल्टता के शिखर तथा वर्गमाध्यमूल मान, प्रतिघात तथा प्रतिबाधा, LC दोलन (केवल गुणात्मक विवेचना) श्रेणीबद्ध LCR परिपथ अनुनाद, AC परिपथों में शक्ति, वाटहीन धारा, AC जनित्र तथा ट्रान्सफार्मर.

इकाई 5. वैद्युत् चुम्बकीय तरंगे (04 अंक)
विस्थापन धारा की आवश्यकता, वैद्युत् चुम्बकीय तरंगें, तथा इनके अभिलक्षण (केवल गुणात्मक संकल्पना) वैद्युत् चुम्बकीय तरंगों की अनुप्रस्थ प्रकृति, वैद्युत् चुम्बकीय स्पेक्ट्रम (रेडियो तरंगे, सूक्ष्म तरंगे, अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी, X किरणें, गामा किरणें) इनके उपयोग के विषय में मौलिक तथ्यों सहित.

खण्ड (ख):

इकाई 1. प्रकाशिकी (13 अंक)
प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पण, दर्पण सूत्र, प्रकाश का अपवर्तन, पूर्ण आन्तरिक परावर्तन तथा इसके अनुप्रयोग, प्रकाशिक तन्तु, गोलीय पृष्ठों पर अपवर्तन, लेंस, पतले लेंसों का सूत्र, लेंस मेकर सूत्र, न्यूटन का सम्बन्ध, विस्थापन विधि द्वारा प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात करना (संयुग्मी बिन्दु), आवर्धन, लेंस की शक्ति, सम्पर्क में रखें पतले लेंसों का संयोजन, लेंस और दर्पण का संयोजन, प्रिज्म से होकर प्रकाश का अपवर्तन तथा परिक्षेपण.
प्रकाश का प्रकीर्णन- आकाश का नीला वर्ण, सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय आकाश में सूर्य का रक्ताभ दृष्टिगोचर होना, रमन प्रभाव का प्रारम्भिक अवधारणा. प्रकाशिक यंत्र-मानव नेत्र, प्रतिबिम्ब बनना तथा समंजन क्षमता, लेंसों द्वारा दृष्टि दोषों का संशोधन (निकट दृष्टिदोष, दूर-दृष्टि दोष, जरा दूर दृष्टि दोष, अबिन्दुकता) सूक्ष्मदर्शी तथा खगोलीय दूरदर्शक (परावर्ती तथा अपवर्ती) तथा इनकी आवर्धन क्षमतायें तरंग प्रकाशिकी-तरगांग्र तथा हाइगेन्स का सिद्धान्त, तरंगाग्रों के उपयोग द्वारा समतल तरंगों का समतल पृष्ठों पर परावर्तन तथा अपवर्तन, हाइगेन्स सिद्धान्त के उपयोग द्वारा परावर्तन तथा अपवर्तन के नियमों का सत्यापन, व्यतिकरण, यंग का द्विझिरी प्रयोग तथा फ्रिज चौड़ाई के लिये व्यंजक, कला संबद्ध स्रोत तथा प्रकाश का प्रतिपालित व्यतिकरण, एकल झिरी के कारण विवर्तन, केन्द्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई, सूक्ष्मदर्शी तथा दूरदर्शकों की विभेदन क्षमता, ध्रुवण, समतल ध्रुवित प्रकाश, ब्रस्टर का नियम, समतल ध्रुवित प्रकाश तथा पोलरॉयडों का उपयोग.

इकाई 2. द्रव्य तथा विकिरणों की द्वैत प्रकृति (04 अंक)
विकिरणों की द्वैत प्रकृति, प्रकाश विद्युत् प्रभाव, हर्ट्ज तथा लेनार्ड प्रेक्षण, आइस्टीन प्रकाश वैद्युत् समीकरण, प्रकाश की कणात्मक प्रकृति द्रव्य तरंगे-कणों की तरंगात्मक प्रकृति, दे-ब्रॉग्ली सम्बन्ध, डेविसन तथा जर्मर प्रयोग (प्रायोगिक विवरण न दिया जाय केवल निष्कर्ष की व्याख्या की जाय).

इकाई 3. परमाणु तथा नाभिक (06 अंक)
एल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग, परमाणु का रदरफोर्ड मॉडल, बोर मॉडल, ऊर्जा-स्तर, हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम, सतत् तथा अभिलाक्षणिक (Characteristics) X किरणें, नाभिकों की संरचना एवं आकार, परमाणु द्रव्यमान समस्थानिक, समभारिक, समन्यूट्रॉनिक, रेडियोऐक्टिविटी, एल्फा, बीटा तथा गामा कण/किरणें और इनके गुण, रेडियोऐक्टिव क्षय -नियम, द्रव्यमान-ऊर्जा सम्बन्ध, द्रव्यमान क्षति, बंधन ऊर्जा प्रति न्यूक्लिऑन तथा द्रव्यमान संख्या के साथ इसमें परिवर्तन, नाभिकीय विघटन और संलयन.

इकाई 4. इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ (08 अंक)
ठोसों में ऊर्जा बैन्ड, चालक, कुचालक तथा अर्धचालक, अर्धचालक डायोड-I-V अभिलाक्षणिक (अग्रदिशिक तथा पश्चदिशिक वायसन में) (In forward and reverse bias) डायोड दिष्टकारी के रूप में, LED के अभिलाक्षणिक, फोटोडायोड, सौर सेल तथा जेनर डायोड, वोल्टता नियंत्रक के रूप में जेनर डायोड, संधि ट्रांजिस्टर, ट्रांजिस्टर क्रिया, ट्रांजिस्टर के अभिलाक्षणिक, ट्रांजिस्टर प्रवर्धक के रूप में (उभयनिष्ट उत्सर्जक विन्यास) तथा ट्रांजिस्टर दोलित्र के रूप में, लॉजिक गेट (OR, AND, NAND तथा NOR) ट्रांजिस्टर स्विच के रूप में.

इकाई 5. संचार व्यवस्था (04 अंक)
संचार व्यवस्था के अवयव (केवल ब्लॉक आरेख), सिग्नलों की बैंड चौड़ाई (Band Width) (वाक्, TV अंकीय आँकड़े) प्रेषण माध्यम की बैन्ड चौड़ाई वायुमण्डल में वैद्युत् चुम्बकीय तरंगों का संचरण, व्योम तथा आकाश तरंगों का संचरण, मॉडुलन की आवश्कता, आयाम माडुलित तरंगों का उत्पादन तथा संसूचन.

प्रयोगात्मक
प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक विभाजन निम्नवत् होगा-

भौतिक विज्ञान
अधिकतम अंक-30
न्यूनतम उत्तीर्णाक अंक-10 अंक
समय-04 घण्टे

  • वाह्य मूल्यांकन
    1. कोई दो प्रयोग (2 ×5). (10)
    2. प्रयोग पर आधारित मौखिकी. (05)
  • आंतरिक मूल्यांकन
    1. प्रयोगात्मक रिकॉर्ड. (04)
    2. प्रोजेक्ट कार्य व उस पर आधारित मौखिकी. (08)
    3. सत्रीय कार्य-सतत् मूल्यांकन. (03)
  • प्रत्येक प्रयोग के 05 अंक का वितरण निम्नवत् होगा-
    1. क्रियात्मक कौशल (आवश्यक सावधानियाँ सहित) उपकरण का सामंजस्य व प्रेक्षण कौशल (शुद्ध प्रेक्षण). (01)
    2. प्रेक्षणों की पर्याप्त संख्या तथा उचित सारणीय. (01)
    3. गणनात्मक कौशल अथवा ग्राफ बनाना. (01)
    4. परिणाम/निष्कर्ष का शुद्ध मात्रक सहित कथन. (01)
    5. आरेख (परिपथ, किरण आरेख, सैद्धान्तिक आरेख). (01)

नोट:- व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के रिकॉर्ड व सत्रीय कार्य के अंकों के स्थान पर प्रोजेक्ट कार्य में 15 अंक होंगे. छात्रों का मूल्यांकन आन्तरिक तथा वाह्य परीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा. सतत् मूल्यांकन में विषय अध्यापक प्रत्येक छात्रों द्वारा किये गये प्रयोगों की सूची बनाकर वाह्य परीक्षक के सम्मुख प्रस्तुत करें तथा किये गये प्रयोगों की संख्या के आधार पर ही अंक दिये जायेंगे.

व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा हेतु जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये जायेंगे, उन विद्यालयों के सम्बन्धित विषयों के अध्यापक/प्रधानाचार्य द्वारा आन्तरिक परीक्षक रूप में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को पचास प्रतिशत अंक प्रदान किये जायेंगे, शेष पचास प्रतिशत अंक वाह्य परीक्षक द्वारा देय होंगे.

SC/ST/OBC छात्रों के लिए बिहार स्टेट पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 2018

प्रयोग सूची

  1. चल-सूक्ष्मदर्शी द्वारा कांच के गुटके का अपवर्तनांक ज्ञात करना.
  2. समतल दर्पण तथा उत्तल लेंस द्वारा किसी द्रव की अपवर्तनांक ज्ञात करना.
  3. अवतल दर्पण के प्रकरण में u के विभिन्न मानों के लिये v का मान ज्ञात करके अवतल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात करना.
  4. अमीटर तथा वोल्टमीटर द्वारा ओम के नियम का सत्यापन कना तथा तार के पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध ज्ञात करना.
  5. उत्तल लेंस का उपयोग करके उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात करना.
  6. u तथा v अथवा 1/u तथा 1/v के बीच ग्राफ खींचकर किसी उत्तल लेंस की फोकस दूरी ज्ञात करना.
  7. उत्तल लेंस का उपयोग करके अवतल लेंस की फोकस दूरी ज्ञात करना.
  8. दिये गये प्रिज्म के लिये आपतन कोण तथा विचलन कोण के बीच ग्राफ खींचकर न्यूनतम विचलन कोण ज्ञात करना तथा प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक ज्ञात करना.
  9. मीटर सेतु द्वारा किसी दिये गये तार का प्रतिरोध ज्ञात करके उसके पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध ज्ञात करना.
  10. मीटर सेतु द्वारा प्रतिरोधकों के (श्रेणी/पाश्र्व) संयोजनों के नियमों का सत्यापन करना.
  11. वोल्टमीटर तथा प्रतिरोध बॉक्स की सहायता से किसी सेल का आन्तरिक प्रतिरोध ज्ञात करना.
  12. विभवमापी द्वारा दो दिये गये प्राथमिक सेलों की विद्युत् वाहक बलों की तुलना करना.
  13. विभवमापी द्वारा दिये गये प्राथमिक सेल का आन्तरिक प्रतिरोध ज्ञात करना.
  14. किसी उभयनिष्ठ-उत्सर्जक pnp अथवा npn ट्राँजिस्टर के अभिलाक्षणिकों का अध्ययन करना तथा धारा एवं वोल्टता लब्धियों के मान ज्ञात करना.
  15. विस्थापन विधि से उत्तल लेंस की फोकल दूरी ज्ञात करना.

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