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UPSC कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट प्रीलिम्स परीक्षा 2020 से होगी ऑनलाइन

संघ लोक सेवा आयोग ने सरकार (खनन मंत्रालय, नोडल मंत्रालय) के परामर्श से कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम को संशोधित करने का निर्णय लिया है। 2020 से कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट प्रीलिम्स परीक्षा ऑनलाइन होगी।

Feb 6, 2019 14:47 IST
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UPSC Geoscientist exam online from 2020
UPSC Geoscientist exam online from 2020

संघ लोक सेवा आयोग ने सरकार (खनन मंत्रालय, नोडल मंत्रालय) के परामर्श से कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम को संशोधित करने का निर्णय लिया है। 2020 से कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट प्रीलिम्स परीक्षा ऑनलाइन होगी।

इस परीक्षा की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

(i) इस परीक्षा का नाम "कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एंड जियोलॉजिस्ट परीक्षा " के स्थान पर "कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट परीक्षा" कर दिया गया है।

(ii) परीक्षा तीन स्तरीय होगी जिसमें (i) स्टेज- I: प्रीलिम्स परीक्षा, (ii) स्टेज- II: मुख्य परीक्षा और (iii) स्टेज- III: व्यक्तित्व परीक्षण एवं इंटरव्यू

(iii) प्रीलिम्स परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

(iv) प्रीलिम्स परीक्षा ऑब्जेक्टिव होगी जिसमें दो पेपर होंगे:

पेपर- I: सामान्य अध्ययन (100 अंक)

पेपर- II: जियोलॉजी / हाइड्रोलॉजी (300 अंक)

नोट: इस परीक्षा में प्राप्त अंकों को मेरिट तय करने के लिए माना जाएगा अर्थात प्रीलिम्स परीक्षा केवल क्वालीफाइंग नहीं है।

(v) प्रीलिम्स परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी अर्थात परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी।

(vi) मुख्य परीक्षा में तीन पेपर होंगे और सभी पेपर डिस्क्रिप्टिव होंगे। य़े हैं:

पेपर- I: जियोलॉजी (200 अंक)

पेपर- II: जियोलॉजी (200 अंक)

पेपर- III: जियोलॉजी (200 अंक)

नोट: इस परीक्षा में प्राप्त अंकों को मेरिट तय करने के लिए गिना जाएगा।

(vii) मौजूदा जनरल इंग्लिश का पेपर अब परीक्षा में नहीं होगा।

(viii) परीक्षा का नया पैटर्न और पाठ्यक्रम 2020 से प्रभावी होगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, UPSC के चेयरमैन ने कहा कि परीक्षा को ऑनलाइन करने के पीछे मुख्य वजह यह है कि छात्रों में तनाव कम हो और परीक्षा की पूरी प्रक्रिया उम्मीदवार के अनुकूल हो। प्रतियोगी परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है इसलिए पेपर-आधारित परीक्षाओं में मूल्यांकन में कुछ चुनौतियाँ हैं।

उम्मीदवार इन परिवर्तनों के लिए तैयार रहें और उनका स्वागत करें। ऑनलाइन परीक्षा होने पर परिणाम की घोषणा जल्द हो सकेगी और परीक्षा प्रक्रिया में लगने वाले समय को भी कम करेगी।

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