इंडियन कॉल सेंटर्स में आपके लिए उपलब्ध हैं जॉब के कई आकर्षक ऑप्शन्स

पूरी दुनिया में मौजूद काल सेंटर सर्विसेज अपने क्लाइंट ऑर्गेनाइजेशन के कस्टमर्स की क्वेरीज को सॉल्व करती हैं. भारत में भी अब कॉल सेंटर्स में काफी आकर्षक करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं.

Created On: Oct 14, 2020 16:20 IST
Various Job Options for you in Call Centers
Various Job Options for you in Call Centers

किसी कॉल सेंटर के रिप्रेजेन्टेटिव्स ऐसे पेशेवर होते हैं जिनसे आप अपने लिए कोई नया स्वेटर आर्डर करते समय, एयरलाइन रिजर्वेशन्स के समय या फिर, बैंक में कॉल करते समय बात करते हैं. ये प्रोफेशनल्स टेलीमार्केटिंग कॉल्स, कस्टमर सर्विस के साथ ही सभी कस्टमर क्वेरीज और कम्प्लेंट्स के संबंध में लोगों की हर संभव सहायता करते हैं.

इन दिनों देश-दुनिया में यंगस्टर्स के बीच कॉल सेंटर्स में उपलब्ध आकर्षक जॉब ऑफर्स को लेकर काफी क्रेज है जिसका सबसे प्रमुख कारण इन कॉल सेंटर्स द्वारा ऑफर किया जाने वाला आकर्षक सैलरी पैकेज ही है. इंडियन कॉल सेंटर्स हर साल यंगस्टर्स को अपने यहां विभिन्न जॉब्स के काफी आकर्षक ऑफर्स देते हैं. भारत में कॉल सेंटर इंडस्ट्री का सालाना कुल कारोबार 6 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक है और अनेक कॉल सेंटर्स पिछले कई वर्षों से हमारे देश में अपना कारोबार सफलतापूर्वक चला रहे हैं. भारत के अधिकतर अफोर्डेबल कॉल सेंटर्स नॉएडा में स्थित हैं. इसी तरह, भारत में कई कॉल सेंटर्स डोमेस्टिक और इंटरनेशनल लेवल पर काम कर रहे हैं और ये कॉल सेंटर्स भारत के तकरीबन सभी बड़े शहरों से अपना कारोबार चला रहे हैं. अगर आप भी एक ऐसे यंगस्टर हैं जो भारत में स्थित किसी कॉल सेंटर से अपना करियर शुरू करना चाहता है या फिर, आप एक ऐसे पेशेवर हैं जो कॉल सेंटर्स के जॉब ऑफर्स में इंटरेस्टेड हैं, तो यह आर्टिकल जरुर पढ़ें ताकि आपको इंडियन कॉल सेंटर्स के बारे में सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी हासिल हो सके.

कॉल सेंटर के बारे में जानकारी

यह एक ऐसा ऑफिस होता है जहां बहुत बड़ी संख्या में टेलीफोन कॉल्स को हैंडल किया जाता है. विशेष रूप से ये कॉल सेंटर्स किसी बड़े ऑर्गेनाइजेशन को उसके विभिन्न कस्टमर सर्विस फंक्शन्स से संबद्ध अपनी सेवायें प्रदान करते हैं. काल सेंटर सर्विसेज अपने क्लाइंट ऑर्गेनाइजेशन के कस्टमर्स की क्वेरीज को सॉल्व करती हैं और उन क्वेरीज के लिए जरुरी समाधान पेश करती हैं. किसी कॉल सेंटर में आमतौर पर कंप्यूटर्स और टेलीफोनिक सर्विसेज की मदद से कस्टमर्स और अन्य टेलीफोनिक कॉल्स को हैंडल किया जाता है. विभिन्न कंपनियां अपने आने वाले प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के संबंध में कंज्यूमर्स और कस्टमर्स को जरुरी इनफॉर्मेशन मुहैया करवाती हैं.

भारत में कार्यरत हैं ये प्रमुख कॉल सेंटर्स

  • इनबाउंड कॉल सेंटर्स इन कॉल सेंटर्स में काम करने वाले एजेंट्स लोगों से आने वाली फ़ोन कॉल्स रिसीव करते हैं. इनका सबसे अच्छा उदाहरण टोल-फ्री नंबर पर कस्टमर कॉल्स हैं.
  • आउटबाउंड कॉल सेंटर्स आउटबाउंड कॉल सेंटर्स में लोगों की एक लिस्ट पर आउटगोइंग कॉल्स की जाती है. लोग कई बार गलत समझ लेते हैं कि इन कॉल सेंटर्स में हमेशा टेलीमार्केटिंग या सेल्स का काम होता है. लेकिन बहुत बार विभिन्न कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की डिटेल्स और इनफॉर्मेशन नए कस्टमर्स तक पहुंचाने के लिए भी इन कॉल सेंटर्स की सेवायें लेती हैं. ऐसी कॉल्स को ‘वेलकम कॉल’ कहा जाता है. इसके अलावा, बिल एक्सप्लेनेशन या कलेक्शन रिलेटेड कॉल्स भी इन कॉल सेंटर्स से आती हैं. 
  • डोमेस्टिक कॉल सेंटर्स ये कॉल सेंटर्स अपने देश के भीतर रहने वाले लोगों से ही फ़ोन कॉल्स रिसीव करते हैं अर्थात भारत में स्थापित इन कॉल सेंटर्स में केवल भारत में रहने वाले लोग ही फ़ोन कॉल्स कर सकते हैं.
  • इंटरनेशनल कॉल सेंटर्स इन कॉल सेंटर्स की क्लाइंट इंटरनेशनल कंपनियां होती हैं जैसेकि भारत में कार्यरत कॉल सेंटर को किसी ओवरसीज क्लाइंट की तरफ से इंटरनेशनल कॉल्स रिसीव होती हैं या वह कॉल सेंटर अपने क्लाइंट्स के लिए इंटरनेशनल फ़ोन कॉल्स कर सकता है.
  • वेब-एनेबल्ड कॉल सेंटर्स आजकल सभी कॉल सेंटर्स केवल टेलीफोनिक कॉल्स से संबद्ध कार्य ही नहीं करते हैं बल्कि इंटरनेट और ऑनलाइन कम्युनिकेशन भी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर होता है. कंपनी की वेबसाइट पर रियल-टाइम चैट्स और ईमेल कम्युनिकेशन इसके अच्छे उदाहरण हैं.

कॉल सेंटर के प्रमुख काम

  • कस्टमर सर्विस उपलब्ध करवाना
  • कस्टमर क्वेरीज हैंडल करना
  • कस्टमर्स को डिटेल्ड इनफॉर्मेशन मुहैया करवाना
  • कस्टमर-कम्प्लेंट्स और उनके सोल्यूशन से जुड़े काम
  • प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की सेल से संबद्ध विभिन्न काम
  • कस्टमर रिसर्च से जुड़े विभिन्न काम
  • रिजल्ट ओरिएंटेड क्लाइंट/ कस्टमर सेटिस्फेक्शन.

कॉल सेंटर प्रोफेशनल्स के लिए जरुरी बेसिक स्किल्स

  • गुड लिसनर
  • गुड कम्यूनिकेटर
  • संवेदनशील/ एम्पथेटिक एजेंट
  • प्रॉब्लम सॉल्वर
  • दोस्ताना अंदाज़ में बातचीत करने का स्किल
  • परिस्थिति और/ या केस के मुताबिक काम करने और निर्णय लेने का गुण
  • कस्टमर आस्पेक्ट्स की बढ़िया जानकारी और समझ.

भारत के कॉल सेंटर में उपलब्ध हैं ये आकर्षक जॉब ऑप्शन्स

  • कॉल सेंटर एडवाइजर – ये पेशेवर एंट्री लेवल पर कॉल सेंटर या क्लाइंट कंपनी की तरफ से टेलीफोनिक कॉल्स को हैंडल करते हैं ताकि कस्टमर्स की सभी जरूरतें पूरी हो सकें. ये लोग फ़ोन कॉल्स के अलावा, ईमेल, वेब-चैट्स और पोस्ट के माध्यम से भी कस्टमर्स के साथ कम्यूनिकेट करते हैं. इन लोगों के काम में कस्टमर सर्विसेज मुहैया करवाना, प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की सेल और कस्टमर रिसर्च से संबद्ध सभी काम शामिल किये जा सकते हैं. इन पेशेवरों के स्किल सेट में क्लियर कम्युनिकेशन स्किल्स और बढ़िया लिसनिंग एबिलिटी प्रमुख हैं.
  • टीम लीडर/ मैनेजर/ सुपरवाइजर – इन पेशेवरों का प्रमुख काम विभिन्न टारगेट्स के संबंध में हरेक एडवाइजर/ एजेंट की परफॉरमेंस पर नजर रखना और ट्रेनिंग/ कोचिंग के जरिये टीम की परफॉरमेंस में निरंतर सुधार लाना होता है. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल्स में मल्टी टास्किंग, कस्टमर फोकस्ड फंक्शन्स, प्रोडक्ट/ सर्विस की अच्छी जानकारी, क्लियर कम्युनिकेशन, डिपेंडेबिलिटी आदि शामिल हैं.
  • कॉल सेंटर मैनेजर – आमतौर पर ये पेशेवर कॉल सेंटर के विभिन्न डिपार्टमेंट्स जैसेकि, एचआर, आईटी, सेल्स एंड मार्केटिंग आदि के साथ मिलकर काम करते हैं क्योंकि ये लोग कॉल सेंटर की ओवरऑल परफॉरमेंस और बजट के लिए जिम्मेदार होते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल्स में बेहतरीन कम्युनिकेशन सेल्फ-मोटिवेशन, टेक-सेवी, बढ़िया रिपोर्ट राइटिंग के साथ लीडरशिप स्किल्स शामिल हैं.
  • कॉल सेंटर हेड – ये पेशेवर विभिन्न किस्म के ऑपरेशन्स लीड करते हैं और हरेक उपलब्ध चैनल के माध्यम से कस्टमर एक्सपीरियंस में लगातार सुधार लाने की कोशिश करते हैं. ये पेशेवर अपने कॉल सेंटर के कस्टमर सर्विसेज डायरेक्टर या मैनेजिंग डायरेक्टर को रिपोर्ट करते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल सेट में पीपल मैनेजमेंट, बजट मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन, कॉम्प्लेक्स डाटा एनालिसिस, प्रॉब्लम सॉल्विंग और टीम लीडिंग स्किल्स शामिल हैं.
  • कस्टमर सर्विस डायरेक्टर – हरेक कॉल सेंटर में कस्टमर सर्विस डायरेक्टर का काम महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक और ऑपरेशनल लीडरशिप प्रदान करना होता है. ये पेशेवर कस्टमर सर्विस में लगातार सुधार लाने के लिए जिम्मेदार होते हैं. ये लोग वर्किंग कॉस्ट को भी कम करने का लगातार प्रयास करते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल-सेट में रिलेशनशिप बिल्डिंग एंड मैनेजमेंट, नेगोशिएशन स्किल्स, मोटिवेशन, कोलैबोरेशन, कस्टमर फोकस्ड स्ट्रेटेजीज तैयार करना शामिल है.
  • डिजिटल कांटेक्ट डायरेक्टर – इन पेशेवरों का प्रमुख काम डिजिटल सर्विस लाइन में डिजिटल चैनल्स और कस्टमर कॉन्टेक्ट टेक्ट एफिशिएंसी की देखभाल करना होता है. ये लोग डिजिटल कॉन्टेक्ट स्ट्रेटेजी और डिजाइन्स को तैयार करते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल्स हैं – डिजिटल डिजाइन्स और स्ट्रेटेजी, टेक-सेवी तथा प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स.
  • ऑपरेशनल मैनेजर – ये पेशेवर बड़े कॉल सेंटर्स में होने वाले सभी ऑपरेशनल एलेमेंट्स को मैनेज करते हैं. ये लोग वर्कर्स की परफॉरमेंस के संबंध में टीम लीडर्स और कॉल सेंटर मैनेजर्स से लगातार बातचीत करते रहते हैं. ये लोग आईटी डिपार्टमेंट और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर अपना काम करते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल्स हैं – क्रिटिकल थिंकिंग, मोटिवेशन, पीपल मैनेजमेंट और बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट.
  • रिसोर्स प्लानिंग मेनेजर – इन पेशेवरों का प्रमुख काम वर्कफोर्स के बेहतरीन इस्तेमाल, प्लानिंग, फोरकास्टिंग और वर्क शेड्यूलिंग के साथ-साथ टीम को लीड करना होता है. ये पेशेवर अपनी टीम की परफॉरमेंस को रिव्यु और एनालाइज करते हैं और इफेक्टिव शिफ्ट पैटर्न्स निर्धारित करते हैं. ये पेशेवर कॉल सेंटर के रिसोर्सेज को मैनेज करने के साथ ही सॉफ्टवेयर रिकमेन्डेशन्स भी ऑफर करते हैं. इन पेशेवरों के लिए जरुरी स्किल्स हैं – डाटा मैनेजमेंट, एनालिटिकल स्किल, फोरकास्टिंग, पीपल मैनेजमेंट, टेक-सेवी और कोऑर्डिनेशन.
  • ह्यूमन रिसोर्सेज इन पेशेवरों का मुख्य काम अपने कॉल सेंटर के लिए रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग और स्टाफ की सैलरी, रिवार्ड्स. इंसेंटिव्स, लीव्स, रिजाइन आदि से जुड़े सभी मामलों की देखभाल करना होता है.
  • ट्रेनर कई कॉल सेंटर्स में टीम के एक अनिवार्य हिस्से के तौर पर ट्रेनर को भी नियुक्त किया जाता है ताकि नये स्टाफ के साथ-साथ वर्किंग स्टाफ को भी समय-समय पर जरुरी ट्रेनिंग दी जा सके.
  • कोच बड़े कॉल सेंटर्स में टीम लीडर के अलावा हरेक टीम में एक टीम कोच भी हो सकता है जो अपनी टीम को वर्क सपोर्ट और टेक्निकल नॉलेज उपलब्ध करवाता है.

भारत के कॉल सेंटर्स में मिलता है यह सैलरी पैकेज

हमारे देश में एक कॉल सेंटर और कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव शुरू में एवरेज रु.189,943 से रु. 202,379 सालाना कमाता है. बढ़ते वर्क-एक्सपीरियंस के साथ इन पेशेवरों की सैलरी बढ़ती जाती है. विभिन्न कॉल सेंटर्स में बढ़ते हुए पदक्रम से टॉप लेवल तक सैलरी पैकेज काफी आकर्षक हो जाता है. आमतौर पर इस फील्ड में लोगों के पास 10 वर्ष से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस नहीं होता है और लोग उम्र बढ़ने के साथ कोई अन्य कारोबार या पेशा अपना लेते हैं.  

भारत के प्रमुख कॉल सेंटर्स

निम्नलिखित हैं:

  • जेनपैक्ट लिमिटेड
  • डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज
  • 3आई इन्फोटेक
  • टीसीएस बीपीओ
  • आईबीएम दक्ष
  • 24/7 ग्राहक प्राइवेट लिमिटेड
  • एजिस लिमिटेड
  • इंफोसिस बीपीओ
  • फर्स्टसोर्स सोल्यूशन्स
  • विप्रो बीपीओ

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