UP PCS में किस रैंक पर मिलता है SDM और DSP पद? - पढ़ें विस्तार से

UP PCS परीक्षा के माध्यम से विभिन्न पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को इस लेख में विस्तार से समझाया है। यह पद केवल उत्तर प्रदेश राज्य से सम्बंधित हैं और अन्य राज्यों में इन पदों को दूसरे नाम से भी जाना जाता है।

Created On: May 25, 2021 10:46 IST
 UP PCS में किस रैंक पर मिलता है SDM और DSP पद? - पढ़ें विस्तार से
UP PCS में किस रैंक पर मिलता है SDM और DSP पद? - पढ़ें विस्तार से

भारत में प्रत्येक राज्य विभिन्न राज्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए PCS एग्जाम आयोजित करता है जिसके तहत चुने गए अधिकारियों को उनके रैंक के आधार पर SDM, DSP इत्यादि पद आवंटित किये जाते हैं। यह पद उम्मीदवारों द्वारा एग्ज़ाम में स्कोर किये गए नंबर के आधार पर ही दिए जाते हैं। हर राज्य में विभिन्न पदों के लिए स्टेट PCS एग्जाम आयोजित कर अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा आयोजित की जाने वाली UP PCS परीक्षा के माध्यम से विभिन्न पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों को विस्तार से समझाया है। यह पद केवल उत्तर प्रदेश राज्य से सम्बंधित हैं और अन्य राज्यों में इन पदों को दूसरे नाम से भी जाना जाता है। तो आइये जानते हैं कि UP PCS परीक्षा पास कर एक अभ्यर्थी किन किन पदों के लिए चुना जा सकता है। 

SDO और SDM में क्या अंतर होता है? 

सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM)

यदि स्टेट PCS परीक्षा में उम्मीदवार मेरिट में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं तो उन्हें SDM का पद मिलता है। अमूमन मेरिट लिस्ट में 1 से 20 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को SDM के पद पर नियुक्त किया जाता है। हालांकि यह उस साल की वैकेंसी पर भी निर्भर करता है। SDM का पद राज्य प्रशासनिक सेवा में वरीयता में सबसे अधिक है। SDM उप जिला अधिकारी यानि (Sub District Magistrate) होता है। राज्य सेवा आयोग के अंतरगर्त आने वाला यह पद भी एक DM की तरह ही होता है। SDM का पद जिम्मेदारी से भरा होता है। इस पद में कोई निश्चित कार्य समय नहीं है क्योंकि अधिकारी को हर समय ड्यूटी के लिए तैयार रहना पड़ता है।

पुलिस उपाधीक्षक (DSP) 

SDM के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय पद है DSP का। परन्तु इस पद में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को ना केवल PCS परीक्षा पास करनी होती है बल्कि उम्मीदवारों को कुछ शारीरिक पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है। इसमें उम्मीदवार की लम्बाई, सीने की चौड़ाई इत्यादि शामिल है। जो उम्मीदवार इन सभी मापदंडों को सफलतापूर्वक पार करते हैं वही DSP पद पर चुने जाते हैं। 

खंड विकास अधिकारी (BDO)

खंड विकास अधिकारी ब्लॉक का आधिकारिक प्रभारी होता है। खंड विकास अधिकारी योजना और ब्लॉकों के विकास से संबंधित सभी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की निगरानी करते हैं। SDM और DSP के बाद यह पद उम्मीदवारों के बीच सबसे लोकप्रिय है। यह पद भी रैंक के आधार पर मेरिट लिस्ट में चुने गए उम्मीदवारों को उनकी रैंक के हिसाब से मिलता है। ज़्यादातर 70 से 100 पाने वाले उम्मीदवारों को BDO पद के लिए चुना जाता है। 

यही नहीं प्रत्येक प्रदेश में मौजूदा रिक्तियों और पदों के आधार पर कई अन्य ग्रेड A और B पदों पर भी स्टेट PCS एग्जाम के द्वारा नियुक्ति की जाती हैं। इनमे से कुछ पद हमने आपकी जानकारी के लिए नीचे दिए हैं:

सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी,

सहायक आयुक्त (वाणिज्यिक कर),

जिला कमांडेंट होमगार्ड,

ट्रेजरी अधिकारी / लेखा अधिकारी (ट्रेजरी),

गन्ना निरीक्षक और सहायक चीनी आयुक्त आदि।

जानें UPSC और स्टेट PSC में क्या अंतर है?



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