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करियर में सफलता के लिए जीवन भर बने रहें स्टूडेंट

Sep 6, 2018 13:17 IST
    Why do successful people always stay a student?
    Why do successful people always stay a student?

    चेन्नई के तीन एक्स-बैंकर्स ने मिलकर 2012 में फिनटेक स्टार्टअप ‘क्रेडिटमंत्री’ की नींव रखी, ताकि ग्राहक अपने के्रडिट का बेहतर प्रबंधन कर सकें। कर्ज लेने का सही निर्णय ले सकें। आज लाखों यूजर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी के सह-संस्थापक एवं सीईओ रंजीत पुंजा बड़े सपने देखने की सलाह देते हैं। कहते हैं कि जो करना पसंद है, उसमें खुद को समर्पित कर दें। जीवन भर स्टूडेंट बने रहें और निरंतर खुद को अपडेट करते रहें। इनके अनुसार, जीतने में जो खुशी मिलती है, वह हारने के डर से कहीं अधिक होती है......

    मैंने चेन्नई के लॉयला कॉलेज से कॉमर्स से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका की विसकॉन्सिन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 25 वर्ष से अधिक बैंकिंग सेवा को दिए। इसमें करीब 23 वर्ष सिटी बैंक में वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका में रहा। यहां अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लैंडिंग बिजनेस से लेकर अमेरिका के काड्र्स कलेक्शन बिजनेस को संभाला। पांच साल पहले इंडियन स्टार्ट अप इकोसिस्टम में विकास की असीम संभावनाएं नजर आईं। फिर कई रातों की चर्चा के बाद हमने ‘क्रेडिटमंत्री’ शुरू करने का फैसला लिया।  

    क्रेडिट दिलाने में मददगार

    शुरुआती वर्षों में विकास की दर धीमी रही। हमने खुद से पूंजी निवेश किया था। लेकिन जैसे ही इसे डिजिटल मोड पर डाला, ग्रोथ बढ़ती गई। आज हमारी कंपनी डाटा एवं टेक्नोलॉजी की मदद से क्रेडिट की सुविधा उपलब्ध कराती है। प्लेटफॉर्म पर एक बार कस्टमर का प्रोफाइल क्रिएट हो जाने पर वे आसानी से लेंडर्स से क्रेडिट प्रोडक्ट्स (कर्ज, क्रेडिट कार्ड आदि) एक्सप्लोर कर सकते हैं, अपनी मौजूदा वित्तीय लेनदारी का खर्च आदि का हाल निकाल सकते हैं।

    इनोवेशन के साथ बढ़ते हैं आगे

    यह सही है कि आज अनेक पूर्व बैंकर्स उद्यमिता में आ रहे हैं। बैंकिंग सेवा एवं ग्राहकों की जरूरतों की बेहतर समझ होने के कारण वे काफी प्रभावशाली भी साबित हो रहे हैं। हाल के दिनों में फिनटेक कंपनियों की विकास दर इसकी गवाही देती हैं। जहां तक हमारी बात है, तो हम इनोवेशन, सर्वश्रेष्ठ टीम निर्माण एवं ग्राहकों का ख्याल रखते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। प्रतिस्पर्धा का हम स्वागत करते हैं, क्योंकि यह अपना सर्वोत्तम देने को प्रेरित करती है।

    हर परिस्थिति में संतुलन जरूरी

    बिजनेस हो या सर्विस सेक्टर, विपरीत परिस्थितियां आती रहती हैं। हमें उसी में संतुलन बनाकर चलना होता है। शुरू में मैं सभी परेशानियों को समेटने की कोशिश करता हूं। दौड़ने निकल जाता हूं या फिर साइकलिंग करने निकल पड़ता हूं। इससे तनाव खत्म हो जाते हैं और अधिक स्पष्टता से सोच पाता हूं।

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