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एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में करियर

Dec 10, 2018 14:41 IST

Aeronautical Engineering

एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग क्या है?

एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह फील्ड है जिसमें एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करने की टेक्निक्स या फ्लाइट-केपेबल मशीन्स की स्टडी, डिज़ाइन और विकास से संबद्ध कार्य शामिल होते हैं. यह कोर्स छात्रों को कमर्शियल या मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स, मिसाइल्स और स्पेसक्राफ्ट्स के कंस्ट्रक्शन, डिजाइनिंग, टेस्टिंग और एनालिसिस से संबद्ध प्रशिक्षण देता है. एयरोनॉटिक इंजीनियरिंग में प्रोपल्शन, मेटीरियल्स साइंस, एवियोनिक्स और एरोडायनामिक्स से संबद्ध टॉपिक्स शामिल होते हैं.

इस कोर्स में कमर्शियल एविएशन, डिफेंस सिस्टम्स और स्पेस एक्सप्लोरेशन में नई टेक्नोलॉजीज के विकास का अध्ययन भी शामिल होता है.

एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स क्या करते हैं?

एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स एयरक्राफ्ट, एयरोस्पेस इक्विपमेंट, स्पेसक्राफ्ट, सैटेलाइट्स और मिसाइल्स के डिज़ाइन, रिसर्च और प्रोडक्शन से संबद्ध कार्य करते हैं.

इन इंजीनियर्स के कार्यों में एयरक्राफ्ट और मिसाइल्स के रिसर्च और विकास कार्य, टेस्टिंग, पार्ट्स असेंबली से संबद्ध कार्य और मेंटेनेंस कार्य शामिल हैं. कुछ एयरोनॉटिक इंजीनियर्स एनवायरनमेंट पर एयरक्राफ्ट के प्रभाव, नई एयरक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के संभावित जोखिम और फ्यूल एफिशिएंसी संबंधी विषयों की स्टडी में महारत हासिल करते हैं. एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के तहत ही कोई व्यक्ति एयरक्राफ्ट सिस्टम्स को डिज़ाइन करने पर भी फोकस कर सकता है और इस काम को एवियोनिक्स के नाम से भी जाना जाता है.

एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स सुपरसोनिक जेट्स, हेलीकॉप्टर्स, स्पेस शटल्स, सैटेलाइट्स और रॉकेट सर्च एवं सिलेक्शन से संबद्ध एक्स्ट्राऑर्डिनरी टेक्नोलॉजीज के विकास और डिज़ाइन से संबद्ध कार्य भी करते हैं.

एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनने के लिए एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स

जो छात्र एक एयरोनॉटिकल इंजीनियर के तौर पर अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने हाई स्कूल के दिनों से ही साइंस और मैथमेटिक्स में अपना पूरा फोकस रखने के साथ ही अपने करियर के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दें. जिन छात्रों ने पीसीएम/ पीसीबी विषयों के साथ सफलतापूर्वक 12वीं क्लास पास कर ली है या समान योग्यता प्राप्त कर ली है, वे बीटेक कोर्स के तहत एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के लिए एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. अधिकांश एंट्रेंस एग्जाम्स के लिए आपको कम से कम 60% मार्क्स चाहिए.

जो छात्र अभी 12वीं क्लास का एग्जाम दे रहे हैं, वे भी टेस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं लेकिन, उन छात्रों को एडमिशन के समय अपने क्वालीफाइंग सर्टिफिकेट्स जमा करवाने होंगे. 

जिन छात्रों की आयु 17 से 25 वर्ष के बीच है, केवल वे ही टेस्ट्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं. आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है.

एमटेक कोर्सेज के लिए, उम्मीदवारों के पास डिग्री लेवल पर सभी विषयों में कुल मिलाकर मिनिमम पास परसेंटेज के साथ बीटेक की डिग्री होनी चाहिए.

अन्य प्रोग्राम्स

कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज कोआपरेटिव प्रोग्राम्स या इंटर्नशिप के अवसर ऑफर करते हैं जो छात्रों को उनके डिग्री प्रोग्राम्स पूरे होने तक कामकाजी अनुभव प्रदान करते हैं. एंट्री लेवल की इंजीनियरिंग पोजीशन्स के लिए कोई लाइसेंस जरुरी नहीं है; हालांकि, हायर लेवल पोजीशन्स के लिए इंजीनियर्स के पास प्रोफेशनल इंजीनियर्स के तौर पर लाइसेंस होना चाहिए.

एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में एंट्रेंस एग्जाम्स की लिस्ट

ग्रेजुएट लेवल (बीई/ बीटेक) के लिए एंट्रेंस एग्जाम्स

• ऑल इंडिया इंजीनियरिंग/ आर्किटेक्चर एंट्रेंस एग्जाम (एआईईईई)

• दी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एरोनाटिक्स (आईआईए) एंट्रेंस एग्जाम

• आईआईएसएटी एडमिशन टेस्ट (आईआईएसटी, तिरुवनंतपुरम)

• दिल्ली यूनिवर्सिटी कंबाइंड एंट्रेंस एग्जाम (सीईई)

• हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम (एचआईटीएसईई)

• एसआईएलईटी एंट्रेंस एग्जाम (एसईटी)

• आईआईटीज द्वारा आयोजित जेईई (जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम)

• एसआरएम इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम (एसआरएम ईईई) एडमिशन्स

पोस्टग्रेजुएट लेवल (एमई/ एमटेक) के लिए एंट्रेंस टेस्ट्स

• सैथीबामा यूनिवर्सिटी एमई एंट्रेंस एग्जाम

• पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम

• इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (गेट)

उक्त एग्जाम्स में हिस्सा लेने वाले इंस्टिट्यूट्स

• गुरू ग्राम इंस्टिट्यूट ऑफ एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गुड़गांव

• इंजीनियर्स ट्रेनिंग सेंटर (ईटीसी), त्रिशूर

• गुरु ग्राम इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नागपुर

• अधियमान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, होसूर

• गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज, हैदराबाद

• फ्लाईटेक एविएशन एकेडेमी, सिकंदराबाद

• हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी, केलंबक्कम (तमिलनाडु)

• इंडियन इंस्टिट्यूट और एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, देहरादून

• हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर (तमिलनाडु)

• इंडियन इंस्टिट्यूट फॉर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पुणे (महाराष्ट्र)

• हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एचआईसीईटी), कोयंबटूर

• हिंदुस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टैक्नोलॉजी (एचआईईटी), चेन्नई

• इंस्टिट्यूट ऑफ़ एयरोनॉटिकल एंड मैरीन इंजीनियरिंग, बैंगलोर (कर्नाटक)

• भारत इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग और टैक्नोलॉजी (बीआईईटी), हैदराबाद

• जैन यूनिवर्सिटी, बैंगलोर (कर्नाटक)

• कर्पागम इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, कोयंबटूर

• कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टैक्नोलॉजी, कोयंबटूर

• एमएलआर इंस्टिट्यूट और टेक्नोलॉजी, हैदराबाद

• जया इंजीनियरिंग कॉलेज, तिरुवल्लूर

• एमवीजे इंजीनियरिंग कॉलेज, बैंगलोर

• एमएनआर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, हैदराबाद

• मोहम्मद सेठक इंजीनियरिंग कॉलेज, रामानाथापुरम

• मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मणिपाल

• नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी (एनआईईटी), कोयंबटूर

• नेहरू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर, त्रिशूर

• पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़

• पार्क कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

• साई फ्लाईटेक एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर

• स्कूल ऑफ़ एयरोनॉटिक्स, द्वारका (गुजरात)

• सिद्धार्थ इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बैंगलोर (कर्नाटक)

• सैथीबामा यूनिवर्सिटी, चेन्नई (तमिलनाडु)

• आरवीएस (रत्नावेल सुब्रह्मण्यम) कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी

• टैगोर इंजीनियरिंग कॉलेज (टीईसी), चेन्नई

• वेल्ल टेक इंजीनियरिंग कॉलेज, चेन्नई (तमिलनाडु)

• राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग साइंस, कोटा

• इंस्टिट्यूट और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट्स एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एकेडेमी, पुणे (महाराष्ट्र)

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएस), बैंगलोर

• वीएसएम इंस्टिट्यूट ऑफ़ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बैंगलोर

● हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी

● आईआईटी (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी), मुंबई

● इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट’स एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एकेडेमी, पुणे

बीटेक प्रोग्राम के टेस्ट के लिए एग्जाम पैटर्न

ग्रेजुएशन लेवल कोर्स के लिए, टेस्ट में निम्नलिखित सब्जेक्ट्स से प्रश्न पूछे जाते हैं:

  • फिजिक्स
  • केमिस्ट्री
  • मैथमेटिक्स

पूछे जाने वाले प्रश्न ऑब्जेक्टिव किस्म के होते हैं और छात्रों को हरेक प्रश्न के साथ दिए गए 4 ऑप्शन्स में से सही उत्तर चुनना होता है. इस एग्जाम की अवधि 3 घंटे होती है.

एंट्रेंस टेस्ट के लिए कैसे करें अप्लाई?

उम्मीदवार अपने एप्लीकेशन्स ऑनलाइन या ऑफलाइन मेथड्स से सबमिट कर सकते हैं. वे यूनिवर्सिटी की ऑफिशल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं और अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं या फिर, ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर, उस फॉर्म को अच्छी तरह भरकर संबद्ध पते पर सभी जरुरी दस्तावेजों के साथ भेज सकते हैं. ये फॉर्म्स एडमिशन काउंटर पर खुद जाकर या डाक द्वारा भी प्राप्त किये जा सकते हैं.

एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स के लिए उपलब्ध जॉब्स

अब हमारे पास यह जानकारी है कि एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स उच्च स्तर की टेक्निकल प्रिसिशन और सुरक्षित ऑपरेशन्स सुनिश्चित करने के लिए एयरक्राफ्ट्स को डिज़ाइन, डेवलप और मेनटेन करने से संबद्ध कार्य करते हैं. वे एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स और फ्लाइट मेंटेनेंस टीम्स के साथ मिलकर काम करते हैं. भारत में, अधिकतर एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स को निम्नलिखित सरकारी संगठन जॉब्स मुहैया करवाते हैं:

● सिविल एविएशन डिपार्टमेंट

● सरकारी स्वामित्व वाली एयर सर्विसेज

● नेशनल एयरोनॉटिकल लेबोरेटरी

● डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेट्रीज (डीआरडीओ) और

● हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)

● इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन)

● रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार

उक्त गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन्स के अलावा, एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स कई सेक्टर्स में अपना करियर शुरू कर सकते हैं. ये सेक्टर्स हैं:

  • एयरलाइन्स
  • कॉरपोरेशन्स
  • फ्लाइंग क्लब्स
  • प्राइवेट एयरलाइन्स
  • एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट ऐस्टैब्लिशमेंट्स 
  • एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर्स
  • एयरोनॉटिकल लैबोरेट्रीज

कुछ जॉब इंटरनेशनल गवर्नमेंट एजेंसीज़ जैसे नासा भी ऑफर करती हैं. नासा में कार्यरत इंजीनियर्स और टेक्निकल प्रोफेशनल्स में से काफी लोग भारतीय हैं. यूएसए, फ्रांस, यूके और जर्मनी जैसे देशों में भी एयरोनॉटिकल इंजीनियर्स के लिए जॉब के बहुत से अवसर उपलब्ध हैं.

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