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बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन में करियर

Sep 6, 2018 14:23 IST

Business Administration

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन क्या है?

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स उम्मीदवारों को विशेष रूप से कॉर्पोरेट दुनिया के मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रवेश करने की कला सिखाता है.यह डिग्री बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजेरियल फंक्शन को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए आवश्यक स्किल्स प्रदान करती है. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के अंतर्गत ही बीबीए और एमबीए जैसे आकर्षक प्रोफेशनल कोर्सेज किये जाते हैं और इन कोर्सेज के जरिये विभिन्न तरह के जॉब के ऑप्शन मिलते हैं. इस फील्ड में अच्छा करने के लिए स्टूडेंट्स में लीडरशिप क्वालिटी,डिसीजन मेकिंग स्किल्स और प्रभावी कम्युनिकेशन स्किल अवश्य होना चाहिए.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

यदि स्टूडेंट्स  जिस इंस्टीट्यूट में एडमिशन चाहते हैं उस इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं, तो उन्हें उस इंस्टीट्यूट का एंट्रेंस एग्जाम देना जरुरी है.तो आइए उन सामान्य नियमों और शर्तों को जानने की कोशिश करते हैं जिसे उम्मीदवार द्वारा विभिन्न लेवल  पर बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने के लिए पूरा करना होगा.

ग्रेजुएशन

बीबीए में एडमिशन के लिए  उम्मीदवार को अनिवार्य विषय के रूप में अंग्रेजी के साथ कुल 50 % अंकों (एससी / एसटी / डब्ल्यूडब्ल्यू / शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण श्रेणियों के लिए 45%)  सहित 10 + 2 या समतुल्य परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए

पोस्ट ग्रेजुएशन

यदि उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से न्यूनतम 50% कुल प्रतिशत के साथ ग्रेजुएशन या बीबीए की डिग्री है तो वे पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स यानी एमबीए के लिए आवेदन कर सकते हैं.

डॉक्टरेट कोर्स

डॉक्टरेट की डिग्री के लिए उम्मीदवार के पास प्रासंगिक विषय में कम से कम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन एंट्रेंस एग्जाम

एंट्रेंस एग्जाम  कॉलेज / इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने की दिशा में उम्मीदवार का पहला कदम होता है. नीचे कुछ एग्जाम की सूची दी गई है जिसमें अपनी योग्यता,इच्छा तथा आवश्यकता के अनुरूप उम्मीदवार भाग ले सकते हैं-

अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए :

•आईपीएम एप्टीट्यूड टेस्ट : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर इंटिग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट
•एनएमएटी (यूजी) : एनएमआईएमएस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट अंडर ग्रेजुएट
•जीजीएसआईपीयू सीईटी : गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
•डीयू जेट : दिल्ली यूनिवर्सिटी ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट
•सेट : सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम
•यूजीएटी-एआईएमए : अंडर ग्रेजुएट एटिट्यूड टेस्ट- एआईएमए

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए:

•कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीएटी)
•कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीएमएटी)
•इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड एग्जाम (आईआईएफटी)
•एआईएमए मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट  (एमएटी)
•कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीएमएटी)
•एनएमआईएमएस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (एनएमएटी)
•जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएटी)
•आईबीएस एप्टीट्यूड टेस्ट (आईबीएसएटी) 2018
•इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद सोशल अवेयरनेस (आईआरएमएएसएटीएटी)

पीएचडी कोर्सेज के लिए

•डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज आईआईटी दिल्ली एंट्रेंस एग्जाम
•मैनेजमेंट डेवेलपमेंट इंस्टीट्यूट एंट्रेंस एग्जाम
•यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली,फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम
•नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम
•नर्ससी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम

 

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के कोर्सेज

10 + 2 के सफल समापन के बाद बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स किया जा सकता है. यह स्ट्रीम उम्मीदवारों में किसी ऑर्गनाइजेशन को चलाने के लिए सभी आवश्यक स्किल्स की जानकारी प्रदान करने के साथ साथ मार्केट को समझने की अंतर्दृष्टि प्रदान करता है. इसके अंतर्गत निम्नांकित कोर्सेज कराये जाते हैं.

अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन स्ट्रीम में अंडरग्रेजुएट की डिग्री को बीबीए या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के ग्रेजुएट्स के रूप में जाना जाता है. इस डिग्री की अवधि अधिकतम तीन वर्ष है और इसे छह सेमेस्टर में विभाजित किया गया है.

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन डोमेन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री / डिप्लोमा को मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) के रूप में जाना जाता है. इस डिग्री की अवधि अधिकतम 2 वर्ष है और इसे 4 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है.एमबीए एक बहुत ही लोकप्रिय पाठ्यक्रम है जो उम्मीदवार को अन्य स्पेशलाइजेशन जैसे फायनांस, ऑपरेशन मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मार्केटिंग मैनेजमेंट जैसे विषयों में अपनी रूचि के अनुसार आगे पढ़ने का मौका प्रदान करता है.

डॉक्टरेट प्रोग्राम्स

बिजनेस मैनेजमेंट के फील्ड में डॉक्टरेट प्रोग्राम को पीएचडी के रूप में जाना जाता है. बिजनेस स्टडीज में विभिन्न मैनेजमेंट यूनिवर्सिटीज इस प्रोग्राम्स को तीन से पांच साल के समय में कराती हैं.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन सब्जेक्ट्स और सिलेबस

जहां तक बिजनेस मैनेजमेंट स्पेशलाइजेशन का संबंध है, हर इंस्टीट्यूट इसके लिए विभिन्न मॉड्यूल या विषयों की पेशकश करते है, लेकिन आम तौर पर कुछ सामान्य मॉड्यूल होते हैं जिन्हें सामान्यतः विभिन्न यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों के सिलेबस में शामिल किया जाता है.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन स्पेशलाइजेशन के अंतर्गत पढ़ाये जाने वाले विषयों की सूची

  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट
  • इंटरनेशनल बिजनेस
  • मार्केटिंग
  • फायनांस
  • सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • इंटरप्रेंयोरशिप एंड इनोवेशन मैनेजमेंट
  • कॉर्पोरेट रिस्पोंसिबिलिटी

भारत के टॉप बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कॉलेज

संपूर्ण एडमिशन के दौरान किसी ऐसे आदर्श बी-स्कूल का चुनाव करना जो करियर के विकास में उनका पथ प्रदर्शक बन सके,वास्तव में बहुत कठिन निर्णयों में से एक है. भारत के विभिन्न बी-स्कूल तथा यूनिवर्सिटी बिजनेस स्टडी स्पेशलाइजेशन का कोर्स कराते हैं. नीचे भारत के कुछ टॉप बिजनेस स्कूल्स की लिस्ट दी गयी है.

• आईआईएम, अहमदाबाद
• आईआईएम, बैंगलोर
• आईआईएम, कलकत्ता
• आईआईएम, लखनऊ
• एक्सएलआरआई, जमशेदपुर
• आईआईएफटी, दिल्ली
• सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी
• आईसीएफएआई,यूनिवर्सिटी
• जेबीआईएमएस, मुंबई
• एनएमआईएमएस, मुंबई

बिजनेस स्टडीज में करियर

इंडस्ट्री में बिजनेस स्टडीज ग्रेजुएट्स के लिए कई करियर विकल्प मौजूद हैं. चाहे वह बैंकिंग क्षेत्र, फायनांस, मार्केटिंग, स्टॉक एक्सचेंज या फिर बीपीओ हों, प्रत्येक इंडस्ट्री में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोफेशनल्स के लिए अवश्य ही कोई न कोई वेकेंसी रहती ही है.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी के अवसर

योग्यता के स्तर और इंडस्ट्री  में प्राप्त अनुभव के आधार पर बिजनेस स्टडीज प्रोफेशनल्स निम्नांकित  जॉब कर सकते हैं.

अंडर ग्रेजुएट लेवल के बाद उपलब्ध नौकरी प्रोफाइल

• मार्केट एनालिस्ट
• टीचर और लेक्चरर
• मैनेजर
• कंसल्टेंट
• बिजनेस एनालिस्ट
• अकाउंटेंट

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल

• बिजनेस डेवेलपमेंट मैनेजर
• फायनांस मैनेजर
• अकाउंटिंग हेड
• मैनेजमेंट कंसल्टेंट

पीएचडी के बाद उपलब्ध नौकरी प्रोफाइल

• सीईओ
• बिजनेस कंसल्टेंट्स
• सीएफओ
• सीएमओ
• स्ट्रेटेजिक बिजनेस हेड

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेजुएट्स के लिए टॉप रिक्रूटर्स

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों से भारत में कुछ ऐसे लोकप्रिय ब्रांड हैं जो बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोफेशनल्स को आकर्षक नौकरी का अवसर प्रदान करते हैं. उनमें से कुछ हैं:

  • कैपजेमिनी
  • आदित्य बिड़ला ग्रुप
  • टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज
  • टेक महिंद्रा
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज
  • नेस्ले
  • रेकिट बेंकिजर
  • डेलॉयट
  • बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेजुएट्स की सैलरी

किसी भी करियर का चुनाव करते समय सैलरी एक मुख्य फैक्टर होता है. अगर करियर के रूप में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की बात की जाय तो इस फील्ड में काम के आधार पर बहुत अच्छा पैकेज मिलता है. प्रारंभिक अवस्था में फ्रेशर को प्रति वर्ष लगभग 2 लाख 34 हजार से 2 लाख 75 हजार रुपये औसतन मिलते हैं. 5-9 वर्ष तक अनुभव वाले बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेजुएट्स प्रति वर्ष लगभग 5 लाख 10 हजार से 5 लाख 71 हजार रुपये औसतन कमा सकते हैं.पोस्ट ग्रेजुएट्स उम्मीदवार प्रति वर्ष 3 से 4 लाख औसत वेतन की उम्मीद कर सकते हैं. इस इंडस्ट्री में 5-9 वर्ष का अनुभव प्राप्त करने के बाद प्रति वर्ष 7-10 लाख तक की कमाई की जा सकती है.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स क्यों करना चाहिए

आज के समय में हम जो भी बिजनेस देखते हैं, हर बिजनेस या फर्म या कंपनी में फायनांस, मार्केटिंग ह्यूमन रिसोर्स और लॉजिस्टिक जैसे कई विभाग कार्य करते हैं तब जाकर कोई बिजनेस सुचारू रूप से चलता है.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स का उद्देश्य इन विभागों के चालने के लिए आवश्यक स्किल्स तथा योग्यताओं की समझ उम्मीदवारों में विकसित करना है. जब उम्मीदवार कार्पोरेट जगत में अपना कदम रखे तो वहां की हर मेकेनिज्म का उसे पता हो. वह कोई भी कार्य बिना किसी कठिनाई तथा परेशानी के पूरा कर सके और अपने करियर में ग्रोथ करे.बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बिजनेस ऑपरेशंस और संबंधित क्षेत्र की निगरानी के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है. इससे बिजनेस में होने वाले लाभ तथा उसके विकास पर डायरेक्ट तथा इनडायरेक्ट प्रभाव पड़ता है.

एक बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका

एक बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटर का प्राथमिक कार्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी फर्म आवंटित संसाधनों के अनुसार कुशलता पूर्वक तथा प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है या नहीं. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटर टॉप मैनेजमेंट और लोवर लेवल के एम्प्लॉयी के बीच एक लिंक का कार्य करते हैं. वे इस बात की निगरानी करते हैं कि कोई भी बिजनेस या कंपनी निर्धारित समय पर अपने उद्देश्यों तथा लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हैं या नहीं.

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