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पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद करियर विकल्प

Dec 10, 2018 11:59 IST

Different Fields After Post-Graduation

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद करियर ऑप्शन्स

आजकल के काफी सख्त मार्केट कम्पटीशन में, आपके पास पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना बहुत जरुरी हो गया है. आजकल, मार्केट डिमांड्स बड़ी तेज़ी से बढ़ रही हैं. नतीजतन, एक कम्पीटीटिव वर्कफ़ोर्स का माहौल बन गया है जहां केवल अति-विशेष एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स वाले स्कॉलर कर्मचारी ही सरवाइव कर सकते हैं और अपनी मनचाही जॉब्स प्राप्त कर सकते हैं. इसके बावजूद, यह देखा गया है कि कोई पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होने पर भी यह जरुरी नहीं है कि आपको अपनी ड्रीम जॉब और पसंदीदा करियर मिल ही जाए.

क्या आप पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद भी अपने करियर के बारे में संतुष्ट नहीं हैं और आपका कन्फ्यूजन बरकरार है? चिंता न करें! पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद आपके पास ढेरों ऐसे ऑप्शन्स हैं जो आप अपने करियर को प्रमोट करने के लिए अपना सकते हैं. अंत में, आपका करियर और जॉब के सम्बन्ध में आपका अंतिम चयन, आपके इंटरेस्ट और पैशन के साथ ही पोस्ट ग्रेजुएशन में आपके स्टडी विषय पर निर्भर करेगा. 

 

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद मिलने वाले करियर ऑप्शन्स

मौजूदा करियर में सुधार

चाहे आप अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद इस समय कहीं काम कर रहे हैं या अपनी पहली जॉब की तलाश कर रहे हैं, अपनी पसंद की फील्ड में कोई शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स जरुर कर लें. इससे न केवल वर्तमान संगठन में आपका दर्जा बढ़ेगा बल्कि, आपको एक आकर्षक सैलरी पैकेज के साथ अपनी पहली नौकरी प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी.

सबसे खास बात तो यह है कि, अपने नये सर्टिफिकेट के बारे में ह्यूमन रिसोर्स टीम को जरुर बताएं और जब आप किसी जॉब के लिए अप्लाई करें तो कवर लेटर में इसका विवरण अवश्य दें. मार्केट ट्रेंड्स के अनुसार उपयुक्त एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स और लेटेस्ट सर्टिफिकेट्स वाले कैंडिडेट्स को कंपनियां जनरल मैनेजमेंट और पीपल मैनेजमेंट प्रोफाइल्स के लिए, अन्य कैंडिडेट्स की तुलना में ज्यादा महत्व देती हैं. इसके अतिरिक्त, किसी जॉब के लिए अप्लाई करते समय अपना इरादा स्पष्ट रखें क्योंकि इससे आपका फाइनेंशल और प्रोफेशनल तौर पर निरंतर विकास होगा.

कैंपस रिक्रूटमेंट का महत्व

तकरीबन हरेक प्रसिद्ध कॉलेज और विश्वविद्यालय पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज ऑफर करने के साथ ही जॉब प्लेसमेंट्स और कैंपस रिक्रूटमेंट की गारंटी देता है. यद्यपि कॉलेजों में कोई प्लेसमेंट सेल (शायद ही यह मुद्दा हो) नहीं होता है, फिर भी आप, भावी रिक्रूटर्स का ध्यान इंडस्ट्री विजिट्स और पोस्ट ग्रेजुएशन स्टडी के दौरान इंटर्नशिप्स के जरिये अपनी ओर खींच सकते हैं.  

आप अपनी तरफ से यह पूरी तरह सुनिश्चित कर लें कि आप क्लास में अटेंटिव रहेंगे, अपने प्रोजेक्ट्स टाइम पर पूरे करेंगे और कैंपस इंटरव्यू के लिए बहुत सावधानीपूर्वक तैयारी करेंगे. यह आकर्षक सैलरी पैकेज वाली जॉब प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका है. इसी दौरान, आप लिंकडीन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना प्रोफेशनल नेटवर्क भी बना सकते हैं. लिंकडीन भावी रिक्रूटर्स और आपकी मनचाही फील्ड में कार्य करने वाले लोगों के साथ संपर्क कायम करने का एक बहुत बढ़िया प्लेटफॉर्म है.

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद पब्लिक सेक्टर और गवर्नमेंट जॉब्स

इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि तकरीबन हरेक इंसान के लिए सरकारी जॉब एक ड्रीम जॉब होती है. सरकारी जॉब्स में बहुत बढ़िया सैलरी पैकेज के साथ मिलने वाली सुरक्षा और स्टेबिलिटी के कारण ही सरकारी जॉब्स कैंडिडेट्स के बीच बहुत पोपुलर हो गई हैं.

पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए गवर्नमेंट सेक्टर जॉब पर्पस के लिए विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम्स आयोजित करता है. कोई भी पोस्ट ग्रेजुएट बैंकिंग सेक्टर की जॉब्स प्राप्त करने के लिए आईबीपीएस द्वारा आयोजित एग्जाम्स के साथ ही पब्लिक सेक्टर के बैंकों द्वारा निजी आधार पर अलग से आयोजित करवाये जाने वाले एग्जाम्स भी दे सकता है. इसके अलावा, पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स एलआईसी (लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन), पीसीएस (पब्लिक एंड कमर्शियल सर्विस), आईएएस (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) और रेलवे में भी जॉब प्राप्त करने के लिए अप्लाई कर सकता है. इसी तरह, पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेट्स पोस्टल सर्विस, पुलिस, मेडिसिन और डिफेंस में भी जॉब प्राप्त करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

हरेक व्यक्ति के मन में यह गलत धारणा समाई हुई है कि गवर्नमेंट एग्जाम्स पास करना काफी मुश्किल काम है. हालांकि, पॉजिटिव अप्रोच, रेगुलर प्रैक्टिस और सही कोचिंग से कोई भी कैंडिडेट पब्लिक सेक्टर के एग्जाम्स बड़ी आसानी से पास कर सकता है. अपना शानदार भविष्य बनाने और कोई गवर्नमेंट एग्जाम पास करने के लिए आपको अपने स्किल्स को निरंतर विकसित और अपडेटेड करना होगा. इसलिये, आप आजकल मौजूद विभिन्न कोचिंग सेंटर्स और स्टडी मेटिरियल्स में से अपने लिए उपयुक्त सेट चुन सकते हैं.   

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स

आजकल के युवा प्राइवेट या कॉरपोरेट जॉब्स करना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि ये जॉब्स उनकी बहुमुखी काबिलियत और स्वभाव के ज्यादा अनुकूल हैं. इसके अलावा, सैलरी पैकेज, प्रोफेशनल डेवलपमेंट और खुले वर्क कल्चर के संबंध में प्राइवेट जॉब्स विकास के ज्यादा अवसर उपलब्ध करवाती हैं. प्राइवेट जॉब्स कैंडिडेट्स को अपने व्यक्तित्व और बिहेवियर संबंधी ट्रेट्स को निखारने में भी मदद करती हैं. पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद विभिन्न जॉब-सेक्टर्स में आपके पास निम्नलिखित ऑप्शन्स मौजूद हैं:

आईटी इंडस्ट्री में करियर:

आईटी इंडस्ट्री पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेट्स के लिए काफी आकर्षक करियर ऑप्शन्स ऑफ़र करती है. अगर आपने कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है तो आपको पीपल मैनेजर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर्स, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और प्रोडक्ट मैनेजर्स के तौर पर हायर किया जा सकता है. आईटी फील्ड में आपको जिस प्रमुख स्किल में महारत हासिल करनी होगी, वह स्किल है - ऑफ़-शोर और ऑन-शोर लोकेशन्स में बड़ी टीम्स को मैनेज करने की काबिलियत.  

बैंकिंग सेक्टर में करियर:

अगर आपने फाइनेंस और एकाउंटेंसी में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की है तो आप बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर बना सकते हैं. आजकल, हर देश में बैंकिंग सेक्टर का विकास चौगुणी रफ्तार से हो रहा है और बैंकिंग सेक्टर के व्यापक ऑपरेशन्स के लिए अच्छे क्वालिफाइड एम्पलॉईज  की जरूरत हमेशा बनी रहती है. बैंकिंग सेक्टर में आप ऑपरेशन मैनेजर, लोन मैनेजर, कैशियर, प्रोबेशनरी ऑफिसर, ब्रांच मैनेजर, सेल्स मैनेजर और मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर जॉब कर सकते हैं.

सेल्स और मार्केटिंग में करियर:

सेल्स और मार्केटिंग सेक्टर का विकास भी काफी तेज़ गति से हो रहा है. हरेक कंपनी को मार्केट में अच्छी तरह काम करने के लिए इस डिपार्टमेंट की जरूरत होती है. जिन लोगों ने एमबीए की डिग्री प्राप्त की है, उनके लिए यह एक बहुत आकर्षक करियर ऑप्शन है. टेलिकॉम और एफएमसीजी में मशहूर कंपनियां केवल उन कैंडिडेट्स के नामों पर विचार करती हैं, जिन कैंडिडेट्स ने किसी प्रसिद्ध इंस्टिट्यूट से एमबीए की डिग्री के साथ अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की हो. अन्य जॉब सेक्टर्स की तुलना में, इस क्षेत्र में कंपनियां बहुत बढ़िया सैलरी पैकेज ऑफर करती हैं. इस सेक्टर में करियर का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने बढ़िया और सफल मार्केटिंग स्ट्रेटेजिस्ट हैं?

डिजिटल मार्केटिंग में करियर:

पिछले 5 वर्षों में, डिजिटल मार्केटिंग पोस्ट ग्रेजुएट्स के लिए सबसे बढ़िया करियर ऑप्शन के तौर पर उभरी है क्योंकि इसने मार्केटर्स के लिए रोज़गार के विभिन्न नये अवसर उपलब्ध करवाये हैं. जो लोग डेस्क जॉब को पसंद करते हैं और अपने जीवन में एक्साइटमेंट भी चाहते हैं; उनके लिए डिजिटल मार्केटिंग सबसे बढ़िया सेक्टर है. यह फील्ड विभिन्न जॉब अवसर जैसेकि, एसईओ मैनेजर, ईमेल-मार्केटिंग मैनेजर, पीपीसी मैनेजर, डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव और डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर्स एवं अन्य संबद्ध जॉब्स के अवसर उपलब्ध करवाती है. अगर आप पोस्ट ग्रेजुएट हैं और डिजिटल मार्केटिंग की फील्ड में एक्सेल करना चाहते हैं तो आप किसी इंस्टिट्यूट से इंटरनेट मार्केटिंग में तुरंत सर्टिफिकेट कोर्स कर लें और अपने करियर को एक नया आयाम दें.

फाइनेंस ऑपरेशन्स में करियर:

प्रत्येक कंपनी में कैपिटल और ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर के लिए एक डिपार्टमेंट होता है. किसी भी संगठन का विकास और रिवेन्यु पूरी तरह एक प्रभावी और मजबूत फाइनेंस टीम पर निर्भर करता है. इसलिये, CS/CA/CFA/CWA में फाइनेंस डिग्री सहित पोस्ट ग्रेजुएट्स की आजकल इस क्षेत्र की जॉब्स में बहुत ज्यादा मांग है.  

ह्युमन रिसोर्सेज में करियर:

यह भी बहुत लोकप्रिय करियर ऑप्शन है जो टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल संगठनों में काम करने की काबिलियत के साथ आपके करियर को स्टेबिलिटी भी प्रदान करता है. एक एचआर मैनेजर के तौर पर कार्य करने के लिए कैंडिडेट के पास किसी प्रसिद्ध एमबीए इंस्टिट्यूट से ह्यूमन रिसोर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स ट्रेनिंग मैनेजर्स, रिक्रूटमेंट मैनेजर्स, लर्निंग एंड डेवलपमेंट मैनेजर्स के तौर पर काम कर सकते हैं. अगर आप लोगों को मैनेज करने में कुशल हैं और आपके पास यूजर बिहेवियर की अच्छी समझ है, तो यह पेशा आपके लिए बिलकुल उपयुक्त पेशा है.

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद डॉक्टरेट की डिग्रीज

अगर आप अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और जॉब करने के बजाय रिसर्च फील्ड में जाना चाहते हैं तो आपके पास अगला ऑप्शन डॉक्टरेट की डिग्री या पीएचडी करना है. इन कोर्सेज की अवधि आमतौर पर 2 से 3 वर्ष की होती है. इंजीनियरिंग, लॉ और मेडिसिन में अंडरग्रेजुएट डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स किसी डॉक्टरेट डिग्री के लिए एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए सीधे अप्लाई कर सकते हैं. पीएचडी लेवल पर कोर्स में एडमिशन हमेशा एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होता है.