आंध्र प्रदेश सरकार ने सौर और पवन ऊर्जा नीति में सुधार को मंजूरी दी

आंध्र प्रदेश सरकार ने सौर और पवन ऊर्जा नीतियों में सुधार को मंजूरी प्रदान की. यह मंजूरी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 2 फ़रवरी 2015 को दी गई.

Created On: Feb 6, 2015 12:54 ISTModified On: Feb 6, 2015 13:00 IST

आंध्र प्रदेश सरकार ने सौर और पवन ऊर्जा नीतियों में सुधार को मंजूरी प्रदान की. यह मंजूरी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 2 फ़रवरी 2015 को दी गई.
नई नीति के अनुसार एकल खिड़की प्रणाली प्रस्तावित की गयी है जो पवन ऊर्जा और ऊर्जा पार्क की सुविधाओं के लिए अनुमोदन प्रदान करेंगी, एकल खिड़की प्रणाली के साथ आसान अनुमति और स्वीकृति इस नीति की मुख्य विशेषता हैं.

नीतियों का मुख्य आकर्षण
• वर्ष 2020 तक आंध्र प्रदेश को सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में अग्रणी स्थान पर पहुँचाना.
• वर्ष 2020 तक 5000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करना, इस समय आंध्र प्रदेश सरकार 127 मेगावाट सौर उर्जा उत्पादित कर रही है.
• आंध्र प्रदेश सरकार वर्तमान में 897 मेगावाट पवन उर्जा का उत्पादन कर रही है. इस उत्पादन क्षमता को वर्ष 2020 तक 40,000 मेगावाट तक पहुँचाना.
• नीतियों के क्रियान्वयन के लिए आंध्र प्रदेश गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (एनईडीसीएपी) नोडल एजेंसी होगी.
• एकल खिड़की प्रणाली पवन ऊर्जा और ऊर्जा पार्क की सुविधाओं के लिए अनुमोदन प्रदान करेंगी.
• भूमि संबंधी अनुमतियों को उपक्रम स्थापित करने के लिए आसानी से अनुमोदन प्रदान किया जाएगा. नव स्थापित सौर एवं पवन ऊर्जा उपक्रम द्वारा राज्य के भीतर बिजली बेचने पर कोई अधिभार नहीं लगाया जायेगा.
• जिला कलेक्टर को पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित करने का अधिकार प्रदान किया गया है.
• कडप्पा, कुरनूल और अनंतपुर जिलों में 2500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए पहले से ही कदम उठाए जा चुके हैं.

 

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