इराक के मोसुल शहर से 40 भारतीय कामगार लापता

इराक के मोसुल शहर से 17 जून 2014 को 40 भारतीय कामगारों के लापता होने की सूचना मिली.

Created On: Jun 19, 2014 17:09 ISTModified On: Jun 19, 2014 17:25 IST

मोसुल: 40 भारतीय कामगार लापता

इराक के मोसुल शहर से 17 जून 2014 को 40 भारतीय कामगारों के लापता होने की सूचना मिली. कामगारों के समूह मोसुल में एक सरकारी निर्माण परियोजना पर काम कर रहे थे.
इराक में पूर्व राजदूत सुरेश रेड्डी को भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इराक के मोसुल भेजा गया.

इराक के मोसुल शहर में अगवा हुए 40 भारतीय नागरिकों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. हालांकि अगवा हुए लोग जिस कंपनी में काम करते थे उसके प्रवक्ता ने बताया है कि सभी लोग सुरक्षित हैं और कुर्दों के शहर इरबिल जा चुके हैं जहां कोई खतरा नहीं है. अगवा लोगों के परिजनों ने भारत सरकार से जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाने की मांग की है.

गौरतलब है कि इराक के मोसुल में जिन 40 भारतीयों को अगवा किया गया है वो सभी मोसुल में एक भारतीय कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे. इसके पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने बताया कि यह खबर भारतीयों के लिए अच्छी नहीं है कि ईराक में जारी गृहयुद्ध में फंसे 40 भारतीयों को अगवा कर लिया गया है. अकबरुद्दीन ने पुष्टि की है कि भारत सरकार के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि आतंकियों ने अगवा किए लोगों को कहां रखा है.

विदित है कि प्रधानमंत्री नूरी अल मिलकी के नेतृत्व वाली ईराकी सरकार के खिलाफ तालिबानी संगठन आईएसआईएस द्वारा शुरू किए हिंसक प्रदर्शन ने गृहयुद्ध जैसी परिस्थितियां पैदा कर दीं हैं. आईएसआईएस ने पिछले सप्ताह अपने नेता अब्दुल रहमान अल बिलावी की हत्या के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू किए थे. आईएसआईएस ने मौजूदा जंतांत्रिक सरकार को शिया समर्थक सरकार और सुन्नी विरोधी सरकार करार देते हुए सुन्नी बाहुल मोसुल शहर को अपने कब्जे में ले लिया था. आईएसआईएस को स्थानीय लोगों से मिले समर्थन के बाद ईराकी सेना पीछे हटती गई. ताजा जानकारी के मुताबिक आईएसआईएस के आतंकियों ने अब तक एक हजार से ज्यादा ईराकी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है.

24 घंटे काम कर रहा भारतीय कंट्रोलरूम
मोसुल, तिकरित बाकूबा आदि आतंकवादियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में सौ से कुछ अधिक भारतीय हैं जिनमें से अधिकतर भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में इराक के घटनाक्रम को लेकर प्रवासियों के परिजनों को मदद एवं पूरी सूचना मुहैया कराने के लिए 24 घंटे एक कंट्रोलरूम काम कर रहा है. मंगलवार शाम से करीब 60 फोन काल आए हैं तथा ये काल केरल एवं तेलंगाना क्षेत्र से आए हैं. उन्होंने बताया कि स्वराज इराक के घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है. इराक में राजदूत रह चुके वरिष्ठ राजनयिक सुरेश रेड्डी को इराक में फंसे भारतीयों की मदद के लिए भेजा गया.

मोसुल के बारे में
मोसुल इस्लामी राज्य इराक का एक शहर और उत्तरी इराक में सीरिया नियंत्रित हिस्सा है. मोसुल उत्तर पश्चिम में बगदाद से 400 किमी दूर स्थित है. मोसुल बगदाद के बाद इराक का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. मोसुल नीनवे प्रांत की राजधानी है. यह शहर दजला नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है. मोसुल अरब बहुल शहर है.

 

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