केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण की दो अतिरिक्त बेंच के सृजन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 फ़रवरी 2015 को अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) की दो अतिरिक्त बेंचों के सृजन को मंजूरी दे दी है.इस प्राधिकरण की यह दो अतिरिक्त बेंच नई दिल्ली और मुंबई में स्थापित की जाएगी.

Created On: Feb 26, 2015 04:58 ISTModified On: Feb 27, 2015 15:13 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 फ़रवरी 2015 को अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) की दो अतिरिक्त बेंचों के सृजन को मंजूरी दे दी है.इस प्राधिकरण की यह दो अतिरिक्त बेंच नई दिल्ली और मुंबई में स्थापित की जाएगी.

इन दो बेंच के लिए उच्च प्रशासनिक ग्रेड में दो उपसभाध्यक्षों के साथ चार अन्य(राजस्व के दो सदस्यों और कानून के दो सदस्यों) पदों का सृजन किया जाएगा.

इसके अलावा आयकर आयुक्त के स्तर पर सचिव के दो पद या संयुक्त सचिव के पद का भी सृजन किया जाएगा.

मंत्रिमडल ने इन दो अतिरिक्त बेंचों के सृजन के लिए 7.48 करोड़ रुपए के व्यय और 6.61 करोड़ रुपए के अतिरिक्त वार्षिक आवर्ती व्यय को मंजूरी दे दी है.

अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण की दो अतिरिक्त बेंच का महत्व
प्राधिकरण की इन दो अतिरिक्त बेंच के निर्माण से लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी. इससे सरकार और करदाताओं को लाभ होगा.
यह करदाताओं के लिए अग्रिम सत्तारूढ़ की सुविधा को लागू करेगा. कुछ स्थितियों में कर स्पष्टता प्राप्त करने में करदाताओं को सुविधा होगी.

अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) के बारे में
 अनिवासी की आयकर देनदारी का पता लगाने के लिए एडवांस रूलिंग की एक योजना को आयकर अधिनियम 1961 के अध्याय XIX-बी में शामिल किया गया.अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) का गठन 1996 में किया गया था.
 अनिवासी और कुछ श्रेणियों के निवासी कानून या किसी भी लेन-देन से उत्पन्न तथ्य के सवाल पर प्राधिकरण से बाध्यकारी फैसले प्राप्त कर सकते हैं जो उनके कर दायित्व का निर्धारण करने के लिए प्रासंगिक हैं.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 फ़रवरी 2015 को अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) की दो अतिरिक्त बेंचों के सृजन को मंजूरी दे दी है.इस प्राधिकरण की यह दो अतिरिक्त बेंच नई दिल्ली और मुंबई में स्थापित की जाएगी.

इन दो बेंच के लिए उच्च प्रशासनिक ग्रेड में दो उपसभाध्यक्षों के साथ चार अन्य(राजस्व के दो सदस्यों और कानून के दो सदस्यों) पदों का सृजन किया जाएगा.

इसके अलावा आयकर आयुक्त के स्तर पर सचिव के दो पद या संयुक्त सचिव के पद का भी सृजन किया जाएगा.

मंत्रिमडल ने इन दो अतिरिक्त बेंचों के सृजन के लिए 7.48 करोड़ रुपए के व्यय और 6.61 करोड़ रुपए के अतिरिक्त वार्षिक आवर्ती व्यय को मंजूरी दे दी है.

अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण की दो अतिरिक्त बेंच का महत्व

प्राधिकरण की इन दो अतिरिक्त बेंच के निर्माण से लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी. इससे सरकार और करदाताओं को लाभ होगा.

यह करदाताओं के लिए अग्रिम सत्तारूढ़ की सुविधा को लागू करेगा. कुछ स्थितियों में कर स्पष्टता प्राप्त करने में करदाताओं को सुविधा होगी.

अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) के बारे में

अनिवासी की आयकर देनदारी का पता लगाने के लिए एडवांस रूलिंग की एक योजना को आयकर अधिनियम 1961 के अध्याय XIX-बी में शामिल किया गया.अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) का गठन 1996 में किया गया था.

अनिवासी और कुछ श्रेणियों के निवासी कानून या किसी भी लेन-देन से उत्पन्न तथ्य के सवाल पर प्राधिकरण से बाध्यकारी फैसले प्राप्त कर सकते हैं जो उनके कर दायित्व का निर्धारण करने के लिए प्रासंगिक हैं.


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